Seoni Barghat News: मध्यप्रदेश सरकार की CM हेल्पलाइन 181 का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान करना है। लेकिन सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत धारनाकला से सामने आए एक मामले ने इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि खेत तालाब योजना में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर करीब 300 दिन तक जांच नहीं हुई और बाद में शिकायत को “स्पेशल क्लोज” करने की सिफारिश कर दी गई।
मुख्य बातें
- ग्राम पंचायत धारनाकला में खेत तालाब योजना में कथित अनियमितताओं का आरोप।
- शिकायतकर्ता ने CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
- दावा है कि करीब 300 दिन तक शिकायत पर जांच नहीं हुई।
- शिकायत को बाद में “स्पेशल क्लोज” किए जाने पर सवाल उठे।
- जिला पंचायत सीईओ ने निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
खेत तालाब योजना में अनियमितताओं के आरोप
सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धारनाकला में खेत तालाब योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि योजना के तहत ऐसे खेत तालाबों के नाम पर भी शासकीय राशि का भुगतान किया गया, जिनके निर्माण का दावा विवादों के घेरे में है।
आरोपों के अनुसार, इस कार्य में कथित रूप से फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए और ऐसे लोगों के नाम पर भी मजदूरी दर्शाई गई, जिन्होंने काम नहीं किया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
300 दिन तक जांच नहीं, फिर शिकायत स्पेशल क्लोज
शिकायतकर्ता ने इन कथित अनियमितताओं को लेकर CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के लगभग 300 दिन बाद भी संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू नहीं की।
इसी बीच शिकायत को “स्पेशल क्लोज” करने की सिफारिश किए जाने से शिकायतकर्ता ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिना जांच के शिकायत बंद करने का प्रयास किया गया।
जनपद पंचायत बरघाट की भूमिका पर उठे सवाल
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने जनपद पंचायत बरघाट के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायत की विधिवत जांच होती तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती थी।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और संबंधित विभाग की विस्तृत जांच अभी बाकी है।
जिला पंचायत सीईओ ने क्या कहा?
इस मामले में जिला पंचायत सिवनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अंजुली शाह ने कहा कि जनपद पंचायत बरघाट द्वारा शिकायत को स्पेशल क्लोज करने की सिफारिश भेजी गई थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिकायत पर जांच नहीं हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने CM हेल्पलाइन 181 की शुरुआत नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की थी। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि निर्धारित समयसीमा में शिकायतों का निराकरण हो और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सके।
ऐसे मामलों में यदि बिना जांच शिकायतों के निराकरण को लेकर सवाल उठते हैं, तो इससे शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता पर भी बहस शुरू हो जाती है।
यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो खेत तालाब योजना के तहत हुए कार्यों की विस्तृत जांच हो सकती है। साथ ही शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा संभव है। वहीं यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो इससे प्रशासनिक पक्ष भी स्पष्ट हो जाएगा।
धारनाकला पंचायत का यह मामला केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायत निवारण व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।


