Safe Click 2.0: मध्यप्रदेश पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा को लेकर जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। प्रदेशभर में स्कूलों, कॉलेजों, गांवों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य बातें (Highlights)
● प्रदेशभर में ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत नवाचारपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम।
● स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, रेलवे स्टेशनों और बाजारों में चलाए गए अभियान।
● सोशल मीडिया पर रील, वीडियो और पोस्ट के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश।
● इंदौर में 6 हजार लोगों की साइबर जागरूकता मैराथन।
● भोपाल, उज्जैन, विदिशा, खंडवा, टीकमगढ़, सिंगरौली, कटनी, ग्वालियर समेत सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम।
● साइबर ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन और Cyber Crime Portal पर शिकायत की अपील।
जनभागीदारी से जनआंदोलन बन रहा है ‘सेफ क्लिक 2.0’
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक संचालित राज्यव्यापी ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां लगातार साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं।
अभियान का उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करना और ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड एवं अन्य साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ाना है।
स्कूलों, कॉलेजों और गांवों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारी नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा, सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन, फर्जी लिंक से बचाव और साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की जानकारी दे रहे हैं।
इंदौर में 6 हजार लोगों ने दौड़कर दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने अभियान के तहत 6 हजार से अधिक नागरिकों की भागीदारी के साथ विशाल साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित की।
“सेफ क्लिक, सुरक्षित जीवन” थीम पर आयोजित इस मैराथन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पुलिस अधिकारियों ने भाग लेकर साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया।
भोपाल में मेडिकल छात्रों को बताया साइबर फ्रॉड से बचने का तरीका
भोपाल कमिश्नरेट के थाना रातीबड़ ने आरडी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में करीब 1,500 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, फर्जी निवेश, यूपीआई और QR कोड फ्रॉड से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 पर कॉल करने एवं राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
रेलवे स्टेशन, पंचायत और धार्मिक स्थलों पर भी चला अभियान
अभियान के तहत—
जीआरपी भोपाल ने रेलवे स्टेशन खंडवा पर ध्वनि प्रसारण के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया।
जीआरपी जबलपुर और जीआरपी इंदौर ने रेलवे स्टेशनों पर साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी।
कटनी पुलिस ने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर एवं पंपलेट वितरित किए।
टीकमगढ़, भोपाल ग्रामीण, खंडवा, राजगढ़, अनूपपुर सहित कई जिलों में पंचायतों और शासकीय कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्थानीय नवाचारों से अभियान को मिली नई पहचान
प्रदेश के विभिन्न जिलों ने स्थानीय स्तर पर अनूठे प्रयोग भी किए।
सिवनी के 981 गांवों में गूंजी साइबर सुरक्षा की मुनादी, 7.94 लाख ग्रामीणों तक पहुंचा ‘Safe Click 2.0’ अभियान
विदिशा में साइबर जागरूकता के साथ मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
सिंगरौली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित हुए।
सीधी में लोक कलाकारों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया।
ग्वालियर में रन क्लब के प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।
छिंदवाड़ा में सामाजिक सम्मान समारोह के साथ साइबर जागरूकता कार्यक्रम जोड़ा गया।
सोशल मीडिया बना जागरूकता का बड़ा माध्यम
प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन रील, वीडियो, पोस्टर और जनहित संदेश साझा कर रही हैं।
छतरपुर पुलिस स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और स्थानीय भाषा में तैयार वीडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंच रही है, जबकि गुना पुलिस निजी फोटो और वीडियो साझा करने से जुड़े साइबर जोखिमों पर जागरूकता रील तैयार कर रही है।
मध्यप्रदेश पुलिस की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
OTP, UPI PIN और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने सेफ क्लिक 2.0 अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य तकनीकी जागरूकता बढ़ाकर नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना और साइबर सुरक्षा को सामाजिक अभियान का स्वरूप देना है।
स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सोशल मीडिया के माध्यम से चल रहा यह अभियान डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और साइबर अपराधों के मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जनभागीदारी बढ़ने से साइबर सुरक्षा को लेकर समाज में स्थायी जागरूकता विकसित होने की उम्मीद है।
‘सेफ क्लिक 2.0’ अब केवल पुलिस का अभियान नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने की व्यापक पहल बन चुका है। यदि नागरिक पुलिस द्वारा बताए गए सुरक्षा उपायों का पालन करें और साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, तो ऑनलाइन ठगी के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।


