साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच सिवनी पुलिस का ‘सेफ क्लिक अभियान 2.0’ लगातार लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है। अभियान के 12वें दिन जिले के 981 गांवों में कोटवारों की मुनादी के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया, जबकि कान्हीवाड़ा स्थित पीएम श्री नवोदय विद्यालय में 550 छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य बातें (Highlights)
- ● Safe Click 2.0 अभियान के 12वें दिन ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
- ● जिले के 981 गांवों में साइबर सुरक्षा की मुनादी
- ● करीब 7.94 लाख ग्रामीणों तक पहुंचा जागरूकता अभियान
- ● पीएम श्री नवोदय विद्यालय, कान्हीवाड़ा में 550 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण
- ● एसपी कृष्ण लालचंदानी ने जागरूकता को साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार बताया
गांव-गांव पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में संचालित ‘सेफ क्लिक अभियान 2.0’ के तहत सिवनी पुलिस ने 5 जुलाई को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में जिले के सभी 981 गांवों में ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई गई। इस दौरान ग्रामीणों को साइबर ठगी, फिशिंग, फर्जी कॉल, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।
पुलिस के अनुसार इस अभियान के माध्यम से लगभग 7,94,870 ग्रामीण नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा।
कोटवारों को पहले दिया गया विशेष प्रशिक्षण
मुनादी अभियान से पहले जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ग्राम कोटवारों की बैठक आयोजित की गई। इसमें उन्हें साइबर फ्रॉड के नए तरीकों, फर्जी निवेश योजनाओं, बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई, ताकि वे ग्रामीणों तक सही और प्रभावी संदेश पहुंचा सकें।
साथ ही ग्रामीणों को साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की जानकारी भी दी गई।
नवोदय विद्यालय में 550 विद्यार्थियों को मिला साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण
अभियान के तहत पीएम श्री नवोदय विद्यालय, कान्हीवाड़ा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम और साइबर क्विज का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में एसडीओपी केवलारी आशीष भराड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, साइबर सेल, विद्यालय प्रबंधन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर 550 छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश, ऑनलाइन ठगी, डेटा सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
गांवों में पुलिस ने किया सीधा जनसंवाद
सिवनी पुलिस की टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद किया। ग्रामीणों को समझाया गया कि—
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP, UPI PIN और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- संदिग्ध कॉल और संदेशों से सतर्क रहें।
- ऑनलाइन लेनदेन से पहले जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।
सरल उदाहरणों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधियों के नए तरीकों से भी अवगत कराया गया।
एसपी कृष्ण लालचंदानी की अपील
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने आसपास कम से कम 10 लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ‘सेफ क्लिक अभियान 2.0’ का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी, फिशिंग, फर्जी निवेश, सोशल मीडिया फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी के प्रति लोगों को जागरूक करना है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी इलाकों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता का विस्तार डिजिटल ठगी के मामलों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोटवारों और विद्यार्थियों को जोड़कर चलाया गया यह अभियान समाज के हर वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
सिवनी पुलिस का ‘सेफ क्लिक अभियान 2.0’ केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल रूप से सुरक्षित समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि नागरिक सतर्क रहें और पुलिस द्वारा बताए गए सुरक्षा उपाय अपनाएं, तो साइबर ठगी के अधिकांश मामलों से बचा जा सकता है।


