मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने ग्रामीण विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत चौरापाठा में श्मशान घाट पर टीन शेड नहीं होने के कारण मूसलाधार बारिश के बीच परिजनों को तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मुख्य बातें (Highlights)
- ● मामला केवलारी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चौरापाठा का
- ● श्मशान घाट पर टीन शेड नहीं होने से बारिश में हुई परेशानी
- ● परिजनों ने तिरपाल के नीचे किया अंतिम संस्कार
- ● घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
- ● ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई
बारिश ने उजागर की श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था
केवलारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चौरापाठा में एक अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट की अव्यवस्था सामने आई। लगातार हो रही बारिश के बीच श्मशान स्थल पर टीन शेड नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
इस दौरान मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों ने लगाए उपेक्षा के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर टीन शेड और अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उनका आरोप है कि कई बार मांग रखने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले। पहली ही तेज बारिश में व्यवस्थाओं की कमी साफ दिखाई दे गई।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत सुविधा भी यदि सम्मानजनक तरीके से उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, इस मामले में संबंधित पंचायत या प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि श्मशान घाट पर जल्द से जल्द टीन शेड, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी कठिन परिस्थिति का सामना न करना पड़े।
ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत टीन शेड, पहुंच मार्ग, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है। हालांकि कई गांवों में अब भी ऐसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, जिससे बारिश या अन्य मौसम की परिस्थितियों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
यदि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन संज्ञान लेता है, तो ग्राम पंचायत चौरापाठा के श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाओं के विकास का रास्ता खुल सकता है। साथ ही अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के श्मशान घाटों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा होने की संभावना है।
चौरापाठा की यह घटना केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को भी सामने लाती है। अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील व्यवस्था के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना स्थानीय प्रशासन और पंचायतों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


