भोपाल: मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान ने एक बार फिर बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 28 से 30 जून तक चले राज्यव्यापी अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 करोड़ 6 लाख 51 हजार 737 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई।
मुख्य बातें (Highlights)
● 28 से 30 जून तक चला राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान
● प्रदेशभर में 1,06,51,737 बच्चों को पिलाई गई पोलियो की खुराक
● बूथों के साथ घर-घर जाकर भी बच्चों को दी गई वैक्सीन
● छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें भी कराया गया टीकाकरण
● उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अभियान की सफलता पर जताई खुशी
मध्यप्रदेश में सफल रहा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान
मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल संचालन 28 से 30 जून तक किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 करोड़ 6 लाख 51 हजार 737 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक पिलाई गई।
अभियान के सफल संचालन में प्रदेश के सभी जिलों ने बेहतर समन्वय, प्रभावी सूक्ष्म योजना, मजबूत मॉनिटरिंग और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बूथ से लेकर घर-घर तक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमें
स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं कीं। पोलियो बूथों के संचालन के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर भी बच्चों को वैक्सीन पिलाई।
इसके अलावा अभियान के दौरान जिन बच्चों को किसी कारणवश पहले खुराक नहीं मिल सकी थी, उन्हें चिन्हित कर विशेष प्रयासों के माध्यम से टीकाकरण कराया गया।
दुर्गम क्षेत्रों में भी पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं
अभियान के दौरान दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक विशेष टीमें भेजी गईं ताकि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इस उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने समन्वित रूप से कार्य किया।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जताई संतुष्टि
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की सफलता पोलियो उन्मूलन के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता, स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत और आम जनता के सहयोग का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।
जनप्रतिनिधियों और समुदाय की रही सक्रिय भागीदारी
अभियान की शुरुआत विभिन्न स्थानों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा पोलियो बूथों का उद्घाटन कर की गई। अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य जन्म से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक उपलब्ध कराकर इस गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित करना है। भारत को वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को रोका जा सके।
इस खबर का असर
प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर चलाया गया यह अभियान बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। व्यापक टीकाकरण से पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफल संचालन स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। प्रत्येक पात्र बच्चे तक वैक्सीन पहुंचाने की यह पहल भविष्य में भी बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी।


