सिवनी / घंसौर, उमेश श्रीवास्तव: बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में एक महिला की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मुख्य बातें (Highlights)
● घंसौर थाना क्षेत्र के खमरिया बाजार की घटना
● रविवार देर रात जहरीले सांप ने महिला को काटा
● सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान हुई मौत
● पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद कराया पोस्टमार्टम
● स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश पर अंधविश्वास से बचने की अपील की
घंसौर में सर्पदंश से महिला की मौत
सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत खमरिया बाजार निवासी मुन्नी बाई की सर्पदंश के बाद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात लगभग 11 बजे घर पर मौजूद रहने के दौरान उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया।
घटना के बाद परिजनों ने समय गंवाए बिना उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद घंसौर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सोमवार, 29 जून 2026 की सुबह लगभग 10 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। पुलिस मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
क्षेत्र में शोक का माहौल
मुन्नी बाई की असमय मौत से खमरिया बाजार और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले?
बारिश के दौरान बिलों और खेतों में पानी भरने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों और आबादी वाले इलाकों की ओर निकल आते हैं। इसी वजह से मानसून में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार रात के समय बिना रोशनी के बाहर निकलने, खेतों या झाड़ियों में सावधानी नहीं बरतने से जोखिम और बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें। मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सकीय उपचार कराना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।
सर्पदंश जैसी घटनाएं मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर चुनौती बन जाती हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने और अंधविश्वास से बचने के प्रति जागरूकता बढ़ाकर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
घंसौर में हुई यह दुखद घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बारिश के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है। सर्पदंश की स्थिति में त्वरित चिकित्सा ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।


