सिवनी। शहर में पिछले कुछ दिनों से मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन अब कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस मामले का बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो विधि विवादित किशोरों को अभिरक्षा में लेकर करीब 6 लाख 30 हजार रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में राहत की सांस ली जा रही है, वहीं पुलिस टीम की सराहना भी हो रही है।
कैसे खुला चोरी का राज?
पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी श्री संजीव परते के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
मंदिरों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय पूछताछ और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
इन मंदिरों को बनाया गया निशाना
काली मंदिर
- चांदी की पायल चोरी
- कीमत लगभग ₹9,000
हनुमान मंदिर (भैंरोगंज-प्रतापुर रोड)
- चांदी का मुकुट
- 4 नग चांदी के आभूषण
- नकदी ₹1,920
- कुल कीमत करीब ₹6,000
राधाकृष्ण मंदिर परिसर
- मंदिर का ताला तोड़कर नकदी चोरी
- ₹12,000 की चोरी
चौंकाने वाला खुलासा – पहले भी कर चुके थे वारदात
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने 14 जनवरी की रात छपारा क्षेत्र के एक सूने मकान से दो कैमरे भी चोरी किए थे, जिनकी कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस की रणनीति बनी सफलता की कुंजी
- घटनास्थल के आसपास सघन जांच
- स्थानीय लोगों से पूछताछ
- तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना
- संदिग्धों की पहचान कर हिरासत
पुलिस ने दोनों किशोरों को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका
थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी सहित पूरी टीम – सर्जन जसवंत ठाकुर, आरक्षक मनोज पाल, लक्ष्मी बागड़े, सिद्धार्थ दुबे, सतीश इवांती, राजेंद्र राजपूत, रविशंकर सोनी और चालक इरफान – की मेहनत से यह सफलता मिली।
शहर में फिर लौटी सुरक्षा की भावना
लगातार हो रही मंदिर चोरी से परेशान श्रद्धालुओं के लिए यह खबर राहत लेकर आई है। पुलिस की तत्परता ने साबित कर दिया कि अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।

