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सिवनी: पी.जी. कॉलेज में शिक्षक पर्व पर हुआ शिक्षकों का अभिनंदन; समस्या नहीं समाधान का हिस्सा बनें –  प्राचार्या डाॅ श्रीवास्तव

seoni: P.G. Teachers were felicitated on Teacher's Day in the college; Be a part of the solution, not the problem - Principal Dr. Srivastava

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सिवनी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और उच्च शिक्षा विभाग के  निर्देश पर, पीजी काॅलेज में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक पर्व’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। विद्यार्थियों  ने  काॅलेज के सभी प्रोफेसर्स, अतिथि विद्वानों और जनभागीदारी शिक्षकों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रोफेसर रविशंकर नाग ने भारतीय ज्ञान परंपरा में महान शिक्षकों के योगदान का उल्लेख किया। कहा कि शिक्षक शिक्षा की अलख जगाये रखता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाॅ मंजू सराफ ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों की भूमिका भी बदल रही है। भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए ज्ञान आयोग के पूर्व अध्यक्ष सैम पित्रोदा के योगदान को याद करते हुए कहा कि अब शिक्षकों के लिए तकनीकी को अपनाना ज़रूरी हो गया है।

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सिवनी: पी.जी. कॉलेज में शिक्षक पर्व पर हुआ शिक्षकों का अभिनंदन; समस्या नहीं समाधान का हिस्सा बनें –  प्राचार्या डाॅ श्रीवास्तव

अब्राहम लिंकन के पत्र का हुआ वाचन

शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को अभिप्रेरित करने के निर्देश के तहत प्रोफेसर सत्येन्द्र कुमार शेन्डे ने अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के उस ऐतिहासिक पत्र का वाचन किया, जो लिंकन ने अपने बेटे के शिक्षक को लिखा था।

प्रोफेसर शेन्डे ने कहा कि यह पत्र सभी शिक्षकों,  विद्यार्थियों,  अभिभावकों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को पढ़ना चाहिए। कहा कि  लिंकन का यह पत्र हमेशा प्रासंगिक रहेगा। पत्र वाचन ने सभी शिक्षकों को भावुक कर दिया। 

प्राचार्य डाॅ संथ्या श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षकों को समाज और राष्ट्र की तरक्की के लिए नई चुनौतियों स्वीकार करते हुए काम करना होगा। कहा कि हमें  महान शिक्षाशास्त्री डाॅ राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा । कहा कि शिक्षा से ही परिवर्तन संभव है। युवा विद्यार्थियों से कहा कि हम समस्या नहीं,  समाधान का हिस्सा बनें।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रोफेसर सत्येन्द्र कुमार शेन्डे ने कहा कि शिक्षक ज्ञानदीप बनकर शिक्षा का उजियारा फैलाते हुए राष्ट्र का भविष्य गढ़ता है। कहा कि शिक्षक देश के लिए नींव का पत्थर बनकर अपना काम निस्वार्थ भाव से करते हैं।

कार्यक्रम में सभी शिक्षकों, लाइब्रेरियन तथा क्रीड़ाधिकारी सहित विधि महाविद्यालय के शिक्षकों का भी विद्यार्थियों ने तिलक लगाकर श्रीफल, उपहार तथा कलम देकर अभिनंदन  किया।  शिक्षा पर्व के आयोजन में संयोजक डाॅ सविता मसीह, सेवानिवृत प्रोफेसर डाॅ डीपी नामदेव, डाॅ आशुतोष सिंह गौर,  डाॅ सीमा भास्कर,  डाॅ एके वाजपेयी,  डाॅ ज्योत्स्ना नावकर, डाॅ रविन्द्र दिवाकर, प्रो रचना सक्सेना, प्रो अनिल बिंझिया,  लाइब्रेरियन सीएल अहिरवार सहित सभी शिक्षक, काॅलेज के सभी स्टाॅफ तथा पीजी एवं अन्य कक्षाओं के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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