Saturday, February 27, 2021

रिश्तों का कत्लः पत्नी का टॉवेल से गला घोंट कर हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास

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Shubham Sharmahttps://khabarsatta.com
Editor In Chief : Shubham Sharma
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सिवनी। पति-पत्नी के पवित्र रिश्तो के बीच दहेज रूपी दानव जब लालच के रूप में आ जाए तो उस घर खुशियां, सकून पूरी तरह से समाप्त तो होता ही है वही दहेज लोभीओं को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला उगली थाना अंतर्गत सामने आया था जहां दो बच्चों की मां का शव उसके ही ससुराल में मिला।

मृतिका की चाची के द्वारा उगली थाना में रिपोर्ट किए जाने और जांच में दहेज मामले को लेकर हत्या कर देने की बात सामने आई।

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जिला सिवनी के माननीय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान सुनील कुमार मिश्र की अदालत ने मंगलवार को पत्नी की हत्या के मामले उसके पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसके बारे में मीडिया प्रभारी मनोज सैयाम द्वारा बताया गया कि यह मामला जिला सिवनी के थाना उगली के अंतगर्त ग्राम रेचना की है। रेचना निवासी अर्जुन बिसेन का विवाह नेहा ठाकरे निवासी ग्राम पोंडी के साथ वर्ष 2016 में हुआ था और इनके दो बच्चे भी थे।

03 मई 2019 को नेहा बिसेन अपने ससुराल में मृत अवस्था में बिस्तर पर मिली थी। इस तरह अचानक खत्म होने पर मृतिका की चाची को शंका होने पर उसने थाना ऊगली में रिपोर्ट लिखाई थी। जिसकी जांच एव अन्वेषण एसडीपीओ के0 आर0 कर्वेती के द्वारा की गई जिसमें मृतिका नेहा की मौत उसके पति अर्जुन बिसेन के द्वारा टॉवेल से गला घोंटकर हत्या करने के कारण होना पाया गया ।

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और हत्या में मृतिका के पति अर्जुन बिसेन, उसके जेठ-जेठानी, सास और ससुर को भी हत्या में शामिल होना पाया था, जिनके विरुद्ध हत्या, दहेज हत्या की धारा-304 बी, धारा-302, 34 भादवी के अंतर्गत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

जिसकी सुनवाई उपरोक्त माननीय न्यायालय में कई गयी। जिसमें शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक श्रीमति उमा चौधरी के द्वारा मृतिका के परिवाजनों पुलिस, डॉक्टर एव अन्य गवाहों की गवाही एव सबूतों को पेश किया गया।

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पेश किए गए सबूतों के मद्देनजर मृतिका नेहा की हत्या अर्जुन बिसेन के द्वारा करने के अपराध में दोषसिद्धि करते हुये उसे धारा -302 भादवी के अपराध में आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है । शेष आरोपीगणों के द्वारा अपराध करना न पाए जाने से उन्हें दोषमुक्त किया गया है।

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