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MP पुलिस ने दोहराई हाथरस जैसी बर्बरता, यौन शोषण पीड़िता का शव ले गई श्मशानघाट

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भोपाल: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित प्यारे मियां मामले में यौन शोषण पीड़ित एक नाबालिग बच्ची के साथ भी यूपी के हाथरस जैसा घटनाक्रम दोहराया गया। बच्ची की मौत के बाद जहां परिजन उसके अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करते रहे वहीं पुलिस बच्ची के शव को सीधा श्मशानघाट ले गए और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस केस में सवाल यह है कि नाबालिग न तो आरोपी थी और न ही अपराधी। वह केवल पीड़िता और फरियादी थी तो फिर पुलिस ने ऐसा क्यों किया।

जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में बच्ची की मौत के बाद से ही पीड़िता के चाचा और पिता ने शव उन्हें सौंपने की अपील की थी। लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और शव को पुलिस हमीदिया अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले गई। बताया जा रहा है कि बैरागढ़ एसडीएम मनोज उपाध्याय ने हमीदिया पहुंचकर परिजनों को  2 लाख रुपए का चेक दिया। इसके बाद हबीबगंज सीएसपी भूपेंद्र सिंह ने पिता और चाचा को शव वाहन में बैठाकर विश्राम घाट रवाना कर दिया। वही बताया यह भी जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की टीम नाबालिग के घर गई और कुछ और महिलाओं को विश्राम घाट ले आई।

बच्ची की मां हुई बेसुध
बुधवार को बच्ची की मौत की खबर मां को नहीं दी गई थी ताकि उन्हें सदमा न लग जाए। लेकिन जब गुरुवार को अचानक बेटी का शव आंखों के सामने देखा तो वह बेसुध हो गई। उसकी आंखे फटी की फटी रह गई। पीड़िता की मां ने रो रोकर महिला थाना प्रभारी अजिता नायर, बाल कल्याण समिति के कृपा शंकर चौबे और बालिका गृह की अधीक्षिका एंटोनिया पर अपनी बेटी को जबरन गोलियां खिलाने का आरोप लगाया है। साथ ही मामले की मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग भी की है।

बता दें कि प्यारे मियां यौन शोषण मामले में 5 फरियादी बालिका गृह में रह रही हैं। उनमें से एक नाबालिग को नींद की गोलियां खा लेने के कारण सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि बालिका गृह में बच्ची को जानबूझ कर नींद की गोलियां दी गई है। बताया जा रहा है इसी बच्ची ने प्यारे मियां के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

गौरतलब है कि भोपाल में अखबार चलाने वाले प्यारे मियां को जुलाई 2020 में श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था। प्यारे मियां पर आरोप था कि वह नाबालिग बच्चियों को नशा देकर यौन शोषण करता था। ये वहीं 5 नाबालिग बच्चियां थी जो नशे की हालत में भोपाल पुलिस ने पकड़ी थी। जिसके बाद पुलिस ने प्यारे मियां की गिरफ्तारी के लिए 30 हजार रुपए इनाम रखा गया और उसे ढूंढने के लिए स्पेशल टीम भी बनाई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए थे। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर डिपार्टमेंट ने पीड़िताओं को शेल्टर होम में रखने को कहा था, ताकि उनपर किसी तरह का खतरा ना हो। वही प्यारे मिंया पर भी कई तरह के शिकंजे कसे गए। उसकी अवैध संपत्तियों पर भी बुल्डोजर चलाए गए।

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खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

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