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फ‍िर डराने लगा कोरोना, महाराष्ट्र में लॉकडाउन की वापसी, जमावड़ों पर रोक, पुणे में स्कूल कॉलेज बंद

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र और केरल में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू की वापसी करा दी है। हालांकि, अभी इन सख्त उपायों का दायरा सीमित ही है, लेकिन पिछले पांच दिनों से नए मामलों में जिस तरह से वृद्धि हो रही है, उसको देखते हुए बड़े स्तर पर ऐसे कदम उठाए जाने की संभावना से इन्कार भी नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र के मंत्री ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 14 हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं और सक्रिय मामलों की संख्या डेढ़ लाख के करीब पहुंच गई है।

अमरावती जिले में लॉकडाउन

महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वाडेत्तीवार ने रविवार को कहा कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सरकार रात का कर्फ्यू लगाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नागपुर, अमरावती, यवतमाल में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और इन जिलों में रात का कर्फ्यू लगाने पर जल्द ही फैसला किया जाएगा। वहीं अमरावती जिले में सोमवार तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है।

पुणे में स्कूल कॉलेज बंद

पुणे में स्थानीय प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज कोचिंग सेंटरों को 28 फरवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। रात 11 से सुबह छह बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर जिले में हर तरह की गतिविधियों पर रोक रहेगी। अखबारों के हाकर, सब्जी बेचने वालों और अस्पताल जाने वालों को ही घरों से बाहर निकलने की छूट होगी। होटल, बार और रेस्तरां भी रात 11 बजे तक ही खुलेंगे। शनिवार को पुणे मंडल में करीब एक हजार नए संक्रमित मिले थे।

केरल के अलप्पुझा जिले में 10.7 फीसद हुई संक्रमण दर

केरल के अलप्पुझा जिले में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां साप्ताहिक संक्रमण की दर बढ़कर 10.7 फीसद हो गई है। इस दौरान 2,833 मामले भी सामने आए हैं। इसके अलावा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से मामले बढ़ रहे हैं।

आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने के निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र और केरल से बढ़ते मामलों को देखते हुए आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है। केंद्र ने कहा कि रैपिड एंटीजेन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो, उनकी अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाए। इसके साथ ही वायरस की संरचना में हो रहे बदलाव पर भी लगातार नजर रखने का सुझाव दिया है। इन राज्यों से प्रभावित जिलों में सख्त निगरानी और कंटेनमेंट के उपायों को भी लागू करने को कहा गया है।

लोगों की लापरवाही से बढ़ रहे मामले

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही के चलते महाराष्ट्र एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आते नजर आ रहा है। इनका कहना है कि लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की शारीरिक दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है।

यह दूसरी लहर नहीं

पिछले साल अप्रैल में गठित कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक ने कहा कि राज्य में बढ़ते मामले को महामारी की दूसरी लहर नहीं कहा जा सकता, लेकिन लोग पाबंदियों और निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। महाराष्ट्र के प्रधान स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने कहा कि लोगों की अनुशासनहीनता और लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में मामलों के दूना होने की दर 600 दिनों से घटकर 393 दिन पर आ गई है। 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र में छह हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं।

सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 1,45,634 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.32 फीसद है। इस दौरान 14,264 नए मामले मिले हैं और 90 लोगों की मौत हुई है। कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ नौ लाख 91 हजार से अधिक हो गया है। इनमें से एक करोड़ छह लाख 89 हजार मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,56,302 लोगों की जान भी जा चुकी है।

शनिवार को 6.70 लाख टेस्ट

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के मुताबिक कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए शनिवार को देशभर में 6.70 लाख नमूनों की जांच की गई। इनको मिलाकर अब तक कुल 21.09 करोड़ नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।

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खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

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