देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच प्रदेश को वायरस से बचाने के लिए हिमाचल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरे हिमाचल को अनिश्चितकाल के लिए लॉकडाउन कर दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में एलान के बाद सरकार ने दोपहर में ही हिमाचल के लॉकडाउन की अधिसूचना जारी कर दी।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 2, 3 और 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश एपीडैमिक डिजीज (कोविड-19) रेग्यूलेशन, 2020 और उपर्युक्त नियमों के क्लॉज 3 के अधीन पूरे प्रदेश में आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन अधिसूचित किया है।
इन पर पाबंदी नहीं
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश में अभी तक सिर्फ दो पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। ऐसे में कोशिश यह है कि एक-दूसरे को किसी तरह संक्रमण से बचाया जाए। इससे पहले केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सिर्फ कांगड़ा जिले को लॉकडाउन किया गया था। अब अगले आदेश तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी भी अन्य सेवा से जुड़े व्यक्ति को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
जारी आदेशों के अनुसार सभी सरकारी कार्यालय, मॉल, फैक्ट्रियां, सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवा बंद रहेगी। इस मियाद के दौरान सिर्फ दूध, ब्रेड, फल-सब्जी, मीट, अन्य कच्चा खाद्य पदार्थ व राशन बेचने वाली दुकानें, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, साबुन बनाने वाले उद्योग व उनके परिवहन, पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस सप्लाई व उनके गोदाम व उनके परिवहन, दवाओं की डिलीवरी, दवा व सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों के लिए कच्चे माल का परिवहन हो सकेगा।
इसमें भी कोशिश यह करनी है कि अगर आस-पड़ोस का कोई व्यक्ति दुकान गया हो और जानकारी में हो तो कुछ देर बाद निकला जाए। इसके अलावा समय-समय पर जिलों के उपायुक्त जरूरत के अनुसार अनुमति दे सकते हैं।
घरों में ही रहेंगे 9 मार्च के बाद आए लोग
आदेश के अनुसार नौ मार्च या उसके बाद विदेश से आए सभी लोगों को सख्ती के साथ घरों में ही रहने को कहा है। ऐसे लोगों को जिला सर्विलांस अफसर या 104 पर कॉल कर अपने आने की सूचना दर्ज करानी होगी। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
इन 12 सेवाओं पर भी नहीं होगा लॉकडाउन
12 तरह की सेवाओं और उनमें लगे लोगों को बाहर निकलने की छूट होगी। इनमें कानून व्यवस्था व न्यायिक ड्यूटी के अलावा, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, अग्निशमन, पुलिस व सैन्य व अर्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य सेवा, ट्रेजरी, बिजली, पानी व नगर निकाय, पोस्टल सेवा, टेलीकॉम व इंटरनेट सेवा और सप्लाई चेन व संबंधित परिवहन हो सकेगा।
समाचार पत्र वितरण और परिवहन पर रोक नहीं
प्रदेश सरकार ने जिन इमरजेंसी सेवाओं को लॉकडाउन के दौरान जारी रखने के निर्देश जारी किए हैं उनमें समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया भी शामिल है। आदेश के अनुसार यह भी कहा गया है कि इन सेवाओं के वितरण और परिवहन में भी किसी तरह की रोकटोक नहीं है।
यह व्यवस्था महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 2, 3 और 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश एपीडेमिक डिजीज (कोविड-19) रेग्यूलेशन, 2020 और उपर्युक्त नियमों के क्लॉज 3 के अधीन पूरे प्रदेश में आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन की अधिसूचना में किया गया है।
समाचार पत्र के अलावा 11 तरह की सेवाओं और उनमें लगे लोगों को बाहर निकलने की छूट होगी। इनमें कानून व्यवस्था और न्यायिक ड्यूटी के अलावा, बैंक और एटीएम, अग्निशमन, पुलिस, सैन्य और अर्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य सेवा, ट्रेजरी, बिजली, पानी और नगर निकाय, पोस्टल सेवा, टेलीकॉम, इंटरनेट सेवा इसमें शामिल हैं।
हिमाचल लॉकडाउन की सूचना से राशन की दुकानों में भीड़, पेट्रोल पंपों में लगीं कतारें
प्रदेश विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जैसे ही हिमाचल के लॉकडाउन किए जाने की घोषणा की तो यह सूचना सोशल मीडिया के जरिये पूरे प्रदेश में जंगल की आग की तरह फैल गई। इस सूचना के फेसबुक, वाट्सएप और ट्विटर के जरिये पहुंचने के साथ ही हिमाचल पुलिस ने प्रदेश और जिलों की सीमाओं को सील कर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी। यही नहीं, पुलिस कर्मियों ने वाहनों को वापस लौटाना भी शुरू कर दिया। वहीं, लोगों को काम से जाने के दौरान घर जाने की दलील के बीच दस्तावेज दिखाकर अपने गंतव्य की ओर जाने को मिला।
पुलिस प्रशासन ने कई जिलों में राशन की दुकानों के अलावा खुली दुकानों को भी बंद करा दिया। मुख्यमंत्री के एलान के बाद राशन की दुकानों पर लगी भीड़ दोगुनी हो गई। लोगों में दवाओं और रोजमर्रा की जरूरत के सामान को खरीदने की होड़ भी दिखी। सरकार ने भले ही स्पष्ट किया है कि राशन, दवा जैसी रोजमर्रा के सामान की दुकान खुली रहेंगी। लेकिन लोग बंदी के चलते सामान स्टॉक करने में जुट गए। कई जगह दुकानों में सामान खत्म होने की वजह से दुकानदार ताला लगाकर भी चले गए।

