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भूख हड़ताल के बीच कृषि कानूनों के समर्थन में आए 10 किसान संगठन, नरेंद्र तोमर से मिले

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नई दिल्ली। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन पिछले 18 दिनों से जारी है। आज आंदोलन का 19वां दिन है। किसानों ने अपना प्रदर्शन तेज कर दिया है और आज वे भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। कृषि कानूनों के समर्थन में देशभर के 10 किसान संगठनों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मीटिंग की है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने इसकी जानकारी दी है। ये संगठन उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के हैं और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति से जुड़े हैं। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह से नरेंद्र सिंह तोमर ने मुलाकात की। बता दें कि केंद्र सरकार चाहती है कि नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध बातचीत के माध्यम से खत्म किया जाए, लेकिन किसान इसकी वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन बात नहीं बन पाई है।

LIVE Farmers Protest Updates

>> कृषि कानूनों के समर्थन में देशभर के 10 किसान संगठनों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मीटिंग की है। ये संगठन उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के हैं और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति से जुड़े हैं।

>> कृषि कानूनों के खिलाफ जयसिंहपुर खेड़ा (राजस्थान-हरियाणा) बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पपेट शो आयोजित किया। पपेट कलाकार ने बताया, “कठपु​लती के माध्यम से मैं किसानों की बात कहना चाहता हूं कि तीनों कानूनों को खत्म करो

>>  उत्तर प्रदेश: कृषि कानूनों के​ खिलाफ भारतीय किसान यूनियन ने बुलंदशहर में कलेक्टर ऑफिस ​के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

>> दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले दिन से किसानों के आंदोलन के समर्थन में है। हमने दिल्ली में स्टेडियम को जेल बनने से रोका, किसानों की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को हाउस अरेस्ट किया गया लेकिन हमारी लड़ाई और समर्थन जारी रहेगा।

>> दिल्ली: गाजीपुर (दिल्ली-यूपी) बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग -24 को  ब्लॉक कर दिया। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि ऐसा फिर नहीं होगा। सामान्य लोग प्रभावित नहीं होंगे। हम चाहते थे कि वे एक बार महसूस करें कि कुछ मिनट भी कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

>> दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर पंजाब के कांग्रेस सांसदों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बताया, “किसान जो भी आंदोलन करेंगे हम उसमें भाग लेंगे। जितनी देर किसान भूख हड़ताल पर हैं उतनी देर मैं और विधायक कुलबीर जीरा भी भूख हड़ताल पर हैं।

>> केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, ‘ मैं किसानों से  कि कृषि कानूनों  से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए सरकार के साथ बातचीत के लिए अपील करता हूं। यदि किसान इन बिलों में कुछ जोड़ना चाहते हैं, तो यह संभव है, लेकिन  पूरी तरह से ‘हां या नहीं’ नहीं हो सकता है। बातचीत से समाधान निकल सकता है।

>> गृह मंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहुंचे हैं। दोनों ने कल (रविवार)  भी मुलाकात की थी।

>> सुप्रीम कोर्ट 16 दिसबंर को प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली की सीमाओं से हटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ, लॉ स्टूडेंट ऋषभ शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगी। याचिका में कहा गया है कि यात्रियों को प्रदर्शन के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कोरोना के मामलों में भी इजाफा हो सकता है।

>> दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जवाब देते हुए कहा कि वे किसानों के समर्थन में शुरुआत से ही खड़े हैं। एक ट्वीट में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा, कैप्टन जी शुरू से ही मैं किसानों के साथ खड़ा हूं। मैंने केंद्र के साथ उनके लिए लड़ा और अब दिल्ली के स्टेडियमों को जेल नहीं बनने दिया। मैं किसानों की सेवा कर रहा हूं।’ इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) के चुनावी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किसानों के चल रहे आंदोलन का फायदा उठाने का केजरीवाल पर आरोप लगाया था

>> भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चादुनी ने कहा कि केंद्र उतनी ही मात्रा में फसल खरीदता रहेगा, जितना पहले खरीदता था। उनके लिए ‘एमएसपी पर खरीद’ का मतलब यही है। लेकिन हम अब उस पर जीवित नहीं रह सकते। केंद्र सभी राज्यों से एमएसपी पर फसल नहीं खरीद रहा है। सरकार एमएसपी पर सभी को गुमराह कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर की बैठक के दौरान हमसे कहा  कि वे एमएसपी में सभी 23 फसलों को नहीं खरीद सकते, क्योंकि इसकी लागत 17 लाख करोड़ रुपये है।

>> भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण) के नेताओं, जिन्होंने पिछले सप्ताह जेलकर्मियों की रिहाई की मांग के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था। उन्होंने सोमवार को पंजाब के 32 किसान यूनियनों द्वारा दी गई एक दिवसीय भूख हड़ताल से दूरी बनाने का फैसला किया है। बीकेयू एकता उग्रहण के पंजाब महासचिव सुखदेव सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआइ से कहा कि उग्रहण के नेता उपवास नहीं करेंगे।

>> राजस्थान: जयसिंहपुर- खेड़ा बॉर्डर (राजस्थान-हरियाणा) के पास शाहजहांपुर में धरना-प्रदर्शन आज दूसरे दिन भी जारी। सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

>> बीकेयू (पंजाब) के जनरल सेक्रेटरी हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि हम सरकार को जगाना चाहते हैं। इसलिए, हमारे संयुक्त किसान मोर्चा के 40 किसान नेता आज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच दिल्ली की सभी सीमाओं पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इनमें से 25 सिंघू बॉर्डर पर, 10 टिकरी बॉर्डर पर और 5 यूपी बॉर्डर पर बैठेंगे।

>> दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत सहित किसान नेता गाजीपुर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) पर सुबह 8 बजे से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

केजरीवाल का उपवास

किसानों के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज उपवास रखेंगे। केजरीवाल ने रविवार को कहा कि वह किसानों के साथ उपवास करेंगे। उन्होंने कहा ‘मैं किसानों के विरोध के समर्थन में कल एक दिन का उपवास रखूंगा। मैं AAP के कार्यकर्ताओं से इसमें शामिल होने की अपील करता हूं। केंद्र को विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों की सभी मांगों को तुरंत स्वीकार करना चाहिए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिए एक विधेयक लाना चाहिए।

भानु में फूट

नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के बीच भारतीय किसान यूनियन (भानु) में फूट की खबरें आ रही हैं। नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता खोले जाने से नाराज होकर के राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह चौरोली के अलावा राष्ट्रीय प्रवक्ता सतीश चौधरी और एक महिला किसान नेता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

कुंडली बॉर्डर पर प्रदर्शन से क्षेत्र का व्यापार और खेती प्रभावित 

कुंडली बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण क्षेत्र का व्यापार और खेती प्रभावित हो रही है। व्यापारियों के साथ-साथ यहां सब्जी व अन्य नकदी फसलों की खेती करने वाले किसान भी परेशान हैं। इसको लेकर रविवार को क्षेत्र के किसान और प्रबुद्ध लोगों ने राई विश्राम गृह में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने की। बैठक में लोगों ने आंदोलन का विरोध नहीं किया, लेकिन उनका कहना था कि बॉर्डर पर इस तरह से धरना देने से कुंडली व आसपास के लोग पूरी तरह बंधक बनकर रह गए हैं। उन्होंने किसानों से यहां के लोगों की परेशानियों को समझने का अनुरोध करते हुए एक तरफ का रास्ता खोलने का अनुरोध किया।

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खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

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