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One Nation One Election: एक राष्ट्र एक चुनाव के पक्ष मे 269 वोट, लोकसभा मे विधेयक हुआ पास

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One Nation One Election: एक राष्ट्र एक चुनाव के पक्ष मे 269 वोट, लोकसभा मे विधेयक हुआ पास . संसद शीतकालीन सत्र मे एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। प्रस्ताव के पक्ष में 269 वोट पड़े, जबकि 198 सदस्यों ने इसका विरोध किया।

एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक लोकसभा में स्वीकृत, 269 सांसद पक्ष में, 198 विपक्ष में

एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक लोकसभा में स्वीकार कर लिया गया है, जिसके पक्ष में 269 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 198 ने इसके विरोध में मतदान किया। 

सिवनी: कत्ल खानें ले जा रहे 42 गौ-वंश को कराया गया मुक्त, सिवनी पुलिस का गौ-वंश तस्करों पर प्रहार…

गौ-वंश तस्करी का मुद्दा आजकल देशभर में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय बन चुका है। तस्करी से जुड़ी घटनाओं ने समाज के विभिन्न वर्गों को परेशान कर दिया है। ऐसे में, कोतवाली पुलिस का हालिया कदम तस्करों के खिलाफ एक सख्त और निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस टीम ने न केवल गौ-वंश की तस्करी को रोकने में सफलता हासिल की, बल्कि तस्करों के खिलाफ अपनी दृढ़ता और तत्परता को भी साबित किया है।

गौवंश तस्करी और पुलिस का कड़ा रुख

गौवंश तस्करी एक गंभीर अपराध है, जिसे रोकने के लिए कई सरकारी और गैर-सरकारी प्रयास किए जा रहे हैं। गौ-वंश को अवैध तरीके से विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाता है, जहां उनका वध किया जाता है। यह कार्य न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि यह हमारे समाज और सांस्कृतिक धरोहर के खिलाफ भी है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार सक्रिय कदम उठाए गए हैं, और इसमें कोतवाली पुलिस का योगदान अत्यधिक सराहनीय रहा है।

हालिया घटना का विवरण

दिनांक 16 दिसंबर 2024 को कोतवाली पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली, जिसके अनुसार गौ-वंश तस्कर मवेशियों को एक ट्रक में लोड कर नागपुर के कत्लखाने ले जा रहे थे। यह सूचना एक विश्वसनीय मुखबीर द्वारा दी गई थी। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छिंदवाड़ा ब्रिज के पास वाहन का पीछा किया। इसके बाद, उन्होंने तस्करों के ट्रक को रुकवाया, हालांकि तस्कर मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

मुक्त किए गए 42 गौ-वंश

पुलिस ने 42 गौ-वंश को सुरक्षित रूप से मुक्त किया। यह मवेशी ट्रक में भरे हुए थे और इन्हें अवैध तरीके से नागपुर के कत्लखाने ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षा के लिए दयोदय गौशाला में भेज दिया, जहां उनकी उचित देखरेख और चारा-पानी की व्यवस्था की गई।

जप्त की गई संपत्ति और तस्करों की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई के तहत जो संपत्ति जप्त की, वह निम्नलिखित है:

  1. एक टाटा ट्रक (MH40CD1595), जिसकी कीमत लगभग 10,00,000 रुपये है।
  2. 42 गौ-वंश, जिनकी कुल कीमत 2,20,000 रुपये आंकी गई है।

तस्कर घटना के बाद मौके से फरार हो गए, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। यह कार्रवाई गौ-वंश तस्करी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरी ऑपरेशन में कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निरीक्षक सतीश तिवारी के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस टीम ने तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। साथ ही, अशोक बघेल, देवेन्द्र जयसवाल, नितेश राजपूत, सुधीर डहेरिया, मुकेश चौरिया, अभिषेक डहेरिया, खिलेश्वर बोहने, रुपये हिंगवे, अजय मिश्रा, और इरफान खान की भूमिका भी अत्यधिक महत्वपूर्ण रही। इन सभी ने इस बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

गौवंश तस्करी पर पुलिस की सतत निगरानी

कोतवाली पुलिस द्वारा गौ-वंश तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस के आला अधिकारियों जैसे कि पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गुरूदत्त शर्मा, और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन अधिकारियों की पहल और निर्देशन से यह सुनिश्चित किया गया है कि तस्करी के मामलों पर सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

सार्वजनिक जागरूकता और पुलिस के प्रयास

गौवंश तस्करी को रोकने में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि समाज का भी बड़ा योगदान है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे तस्करी के मामलों के बारे में जानकारी प्राप्त करें और यदि किसी को संदेह हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। गौ-वंश की सुरक्षा केवल एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है। समाज को इस दिशा में अपनी भूमिका निभानी होगी, ताकि हम सब मिलकर इस घिनौनी प्रथा को खत्म कर सकें।

गौ-वंश तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता

कोतवाली पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि गौवंश तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का यह प्रयास न केवल गौ-वंश के लिए, बल्कि हमारे समाज और संस्कृति के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे अभियानों के द्वारा पुलिस न केवल तस्करी को रोक रही है, बल्कि लोगों को भी यह संदेश दे रही है कि इस प्रकार की गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब समय आ गया है कि हम सभी इस दिशा में अपना योगदान दें और एक बेहतर समाज की ओर कदम बढ़ाएं, जहां गौ-वंश की सुरक्षा सर्वोपरि हो। पुलिस प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से प्रेरणादायक है और हमें भी ऐसे अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।

ठप्प पड़ा फार्मर रजिस्टरी पोर्टल का सर्वर: CSC VLE से लेकर किसानों को रजिस्ट्रेशन में आ रही समस्या

भारत में किसानों के लिए सरकारी योजनाओं और सहायता प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल एक महत्वपूर्ण टूल बन चुका है। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलता है। साथ ही, यह पोर्टल किसानों को अपनी भूमि, फसल और अन्य संबंधित जानकारी रजिस्टर करने की सुविधा देता है। इसके माध्यम से किसानों को अपनी पहचान प्रमाणित करने, रजिस्ट्रेशन करने और CSC VLE (कॉमन सर्विस सेंटर विजिटिंग लोकल एंटरप्रेन्योर) से जुड़ने में सहूलत होती है।

मध्य प्रदेश में पोर्टल के सर्वर में समस्याएं

हालाँकि, इस पोर्टल की महत्ता को देखते हुए कई राज्यों में यह ठीक से काम कर रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश के किसानों को इस पोर्टल का उपयोग करने में भारी समस्याएं आ रही हैं। यहाँ के किसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में जूझ रहे हैं, क्योंकि पोर्टल का सर्वर स्थिर नहीं है और अक्सर डाउन रहता है। यह समस्या खासकर CSC VLE कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जो किसानों को पोर्टल से जोड़ने और उनके डेटा को अपडेट करने का कार्य करते हैं।

किसान रजिस्ट्री पोर्टल में आने वाली समस्याओं के कारण

  1. सर्वर का धीमा होना
    एक प्रमुख समस्या जो किसानों को फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल में आती है, वह है सर्वर की गति। कई बार सर्वर धीमा होने के कारण रजिस्ट्रेशन या अन्य कार्यों को करना असंभव हो जाता है। यह समस्या मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में अधिक देखी जा रही है, जहाँ किसानों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है।
  2. डेटा अपलोडिंग में समस्याएं
    कभी-कभी किसानों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए डेटा को सही से अपडेट नहीं किया जाता। इससे किसान असमंजस में पड़ जाते हैं क्योंकि उनका रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो पाता है, और वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते।
  3. जवाबदारी का अभाव
    कई बार जब किसानों या CSC VLE से जुड़े कार्यकर्ता पोर्टल में आने वाली समस्याओं के बारे में शिकायत करते हैं, तो कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिलता। इससे किसान और सेवा केंद्र के कार्यकर्ता दोनों ही निराश हो जाते हैं।
  4. नेटवर्क की अस्थिरता
    नेटवर्क की समस्याएं भी एक प्रमुख कारण बन रही हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। जब नेटवर्क कमजोर होता है, तो पोर्टल में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया या डेटा अपडेट करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

मध्य प्रदेश में क्यों हैं ये समस्याएं?

मध्य प्रदेश भारत के कृषि प्रधान राज्यों में से एक है, जहाँ की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। यहाँ के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल का उपयोग करना अनिवार्य हो गया है। हालांकि, पोर्टल का सर्वर स्थिर न होने के कारण किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

मध्य प्रदेश में यह समस्या अधिक है क्योंकि यहाँ के ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी ठीक से नहीं है। इसके अलावा, कई बार पोर्टल पर तात्कालिक बग्स या सर्वर डाउन होने से किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करना अत्यंत कठिन हो जाता है।

CSC VLE के लिए चुनौती

CSC VLE यानी कॉमन सर्विस सेंटर के कार्यकर्ताओं की भूमिका किसानों को रजिस्ट्री करने और पोर्टल से जोड़े रखने में अहम होती है। ये कार्यकर्ता किसानों को पोर्टल की सुविधाओं से परिचित कराते हैं और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मदद करते हैं।

लेकिन जब पोर्टल में तकनीकी समस्याएं आती हैं, तो CSC VLE कार्यकर्ताओं के लिए यह कार्य बहुत चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कई बार CSC VLE को शिकायतें मिलती हैं कि पोर्टल सही से काम नहीं कर रहा और यह किसानों के लिए एक निराशाजनक स्थिति पैदा करता है।

समाधान की दिशा में कदम

  1. सर्वर की क्षमता बढ़ाना
    सबसे पहली आवश्यकता है पोर्टल के सर्वर की क्षमता को बढ़ाना, ताकि यह अधिक यूजर्स को संभाल सके और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।
  2. नेटवर्क कनेक्टिविटी में सुधार
    ग्रामीण इलाकों में बेहतर इंटरनेट नेटवर्क की आवश्यकता है। जब तक नेटवर्क कनेक्टिविटी मजबूत नहीं होगी, तब तक किसानों को पोर्टल का सही तरीके से इस्तेमाल करना संभव नहीं हो पाएगा।
  3. ऑनलाइन हेल्प डेस्क और समर्थन
    यदि किसानों या CSC VLE कार्यकर्ताओं को पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो एक ऑनलाइन हेल्प डेस्क या सहायता केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए, जहां पर तुरंत समाधान मिल सके।
  4. तकनीकी अपग्रेडेशन
    पोर्टल के सॉफ़्टवेयर और सर्वर का नियमित रूप से तकनीकी उन्नयन किया जाना चाहिए ताकि यह सभी प्रकार की समस्याओं से मुक्त रहे।

किसानों के लिए क्या किया जा सकता है?

  1. किसान जागरूकता
    किसानों को पोर्टल के सही तरीके से इस्तेमाल के बारे में जागरूक करना जरूरी है। सरकारी एजेंसियों और CSC VLE कार्यकर्ताओं को मिलकर किसानों को इस तकनीकी प्रक्रिया में मदद करनी चाहिए, ताकि वे आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकें।
  2. विकल्पों का निर्माण
    यदि पोर्टल पर समस्या आ रही हो, तो किसानों के लिए अन्य विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जैसे कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा। इससे किसानों को राहत मिल सकती है और वे बिना तकनीकी बाधाओं के अपनी जानकारी पंजीकरण करवा सकते हैं।

फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सर्वर और नेटवर्क से संबंधित समस्याओं के कारण इसका सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा। इसे सुधारने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को तकनीकी बुनियादी ढांचे में सुधार करना चाहिए। साथ ही, CSC VLE कार्यकर्ताओं को पोर्टल का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। इस दिशा में कदम उठाए जाने से किसानों को बेहतर सेवा मिल सकेगी और वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा पाएंगे।

सिवनी: बॉम्बे ट्रेड फ़ेयर प्रदर्शनी में आज खुलेगा पहला लकी ड्रा, 20 फ्रिज और 20 टीवी के साथ कई आकर्षक उपहार

सिवनी। जिला मुख्यालय के ज्यारत इलाके में चल रहे बॉम्बे ट्रेड फ़ेयर मेले में आज, 14 दिसंबर 2024 को, पहले लकी ड्रा का आयोजन किया जाएगा। यह ड्रा शाम 6:30 बजे प्रदर्शनी स्थल पर खोला जाएगा। इस लकी ड्रा में 20 फ्रिज, 20 टीवी, और कई अन्य आकर्षक उपहार शामिल हैं।

बॉम्बे ट्रेड फ़ेयर में न सिर्फ़ मेले की रंगीनियां देखने को मिल रही हैं, बल्कि लोगों को 50% डिस्काउंट कूपन और लकी ड्रा कूपन का भी लाभ दिया गया है। इस प्रदर्शनी ने ज़िले के नागरिकों के बीच खासा उत्साह पैदा कर दिया है।

लाइव प्रसारण की सुविधा

जिन लोगों ने लकी ड्रा कूपन लिए हैं, वे शाम 6:30 बजे प्रदर्शनी स्थल पहुंचकर विजेताओं की घोषणा देख सकते हैं। इसके अलावा, बॉम्बे ट्रेड फ़ेयर प्रदर्शनी की ओर से लाइव प्रसारण की सुविधा भी दी गई है। लोग अपने घर बैठे ही यूट्यूब चैनल पर लकी विजेताओं के नाम देख सकते हैं।

प्रदर्शनी में खरीदारी पर आकर्षक ऑफर्स

मेले में विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां घरेलू उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, गहने, और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर विशेष छूट दी जा रही है। प्रदर्शनी के आयोजकों ने बताया कि यह मेला 50% तक की छूट और लकी ड्रा जैसे अनूठे ऑफर्स के कारण नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

ध्यान दें: लकी ड्रा में भाग लेने वालों से अनुरोध है कि वे समय पर प्रदर्शनी स्थल पहुंचे या ऑनलाइन लाइव प्रसारण के माध्यम से विजेता की घोषणा देखें।

सिवनी: स्विफ्ट कार में हो रही थी गांजा तस्करी, 3 किलो से अधिक गांजा के साथ परसराम बघेल पुलिस की गिरफ्त में

सिवनी जिले में कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के नेतृत्व में और एएसपी श्री गुरुदत्त शर्मा एवं सीएसपी श्रीमती पूजा पांडेय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। इस विशेष अभियान में पुलिस ने परसराम बघेल नामक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी स्विफ्ट डिजायर कार से 3.233 किलो गांजा जप्त किया है।

मुखबिर की सूचना से मिली बड़ी कामयाबी

दिनांक 10 दिसंबर 2024 को कोतवाली पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मठ मंदिर के आसपास ग्राउंड में गांजा लेकर आने वाला है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने तत्काल टीम गठित की और घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा।

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान परसराम बघेल (47 वर्ष) निवासी ग्राम परासपानी, थाना केवलारी, जिला सिवनी के रूप में हुई। आरोपी अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (MP-22-CA-5279) में गांजा ले जाकर बिक्री करने की कोशिश कर रहा था।

जप्त किया गया सामान

इस कार्रवाई में पुलिस ने निम्नलिखित सामान जप्त किया:

  1. गांजा: 3.233 किलोग्राम, जिसकी अनुमानित कीमत ₹33,000।
  2. स्विफ्ट डिजायर कार: नंबर MP-22-CA-5279, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5,00,000।
  3. वीवो कंपनी का एंड्रॉइड मोबाइल: कीमत ₹15,000।

कुल मिलाकर, जप्त किए गए सामान की कुल कीमत ₹5,48,000 आंकी गई है।

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कोतवाली सिवनी में मामला अपराध क्रमांक 926/24 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में पंजीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही, गांजा के स्रोत और इसके नेटवर्क की जांच जारी है।

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

गौरतलब है कि आरोपी परसराम बघेल के खिलाफ वर्ष 2019 में थाना बरघाट, जिला सिवनी में भी अवैध गांजा रखने का मामला दर्ज किया जा चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि यह आरोपी गांजा तस्करी के मामले में पहले से सक्रिय था।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:

  • निरीक्षक सतीश तिवारी
  • सहायक उप निरीक्षक रामअवतार डहेरिया
  • आरक्षक नितेश राजपूत
  • आरक्षक अमित रघुवंशी
  • आरक्षक प्रतीक बघेल
  • आरक्षक शिवम बघेल
  • महिला आरक्षक फरहीन
  • महिला आरक्षक मंजू
  • चालक आरक्षक इरफान खान

इन सभी पुलिसकर्मियों के समर्पण और त्वरित कार्रवाई से यह सफलता हासिल हो सकी।

सिवनी पुलिस का प्रतिबद्ध रुख

सिवनी जिले के पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके तहत जिले में पहले भी स्मैक, एमडी पाउडर, और गांजा के खिलाफ कई कार्रवाइयां की गई हैं।

यह हालिया कार्रवाई पुलिस की तत्परता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे अभियान न केवल अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाते हैं, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी हैं।

आगे की जांच और कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में यह जानकारी मिलने की संभावना है कि वह गांजा कहां से लाता था और इसे किन-किन स्थानों पर सप्लाई करता था। इसके साथ ही, पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी पहचान करने का प्रयास कर रही है।

करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए 19वीं किस्त के 1250 रु जारी: अब जनवरी में आएगी Ladli Behna Yojana की अगली किस्त

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। हाल ही में 11 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना के तहत 1.28 करोड़ लाभार्थी बहनों के खातों में 19वीं किस्त के 1,572 करोड़ रुपये की राशि जमा की। साथ ही गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 350 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी अंतरित की गई। आइए, इस योजना से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से समझें।

क्या है लाड़ली बहना योजना?

लाड़ली बहना योजना को मई 2023 में तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार ने शुरू किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत पहले प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जिसे अगस्त 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये कर दिया गया। अब महिलाएं हर साल कुल 15,000 रुपये तक की राशि प्राप्त कर रही हैं।

लाड़ली बहना योजना की नवीनतम खबरें

  • 19वीं किस्त जारी:
    11 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 1.28 करोड़ बहनों के खातों में 1,572 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की।
  • गैस सिलेंडर सब्सिडी:
    इस योजना के तहत बहनों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 350 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।
  • 20वीं किस्त:
    योजना की अगली किस्त जनवरी 2025 में जारी होगी।

लाड़ली बहना योजना की प्रमुख विशेषताएं

1. लाभार्थियों के लिए राशि में वृद्धि की संभावना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि योजना की राशि को भविष्य में बढ़ाया जा सकता है। राज्य सरकार ने अपनी आमदनी बढ़ाने के उपायों पर भी जोर दिया है ताकि योजना का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

2. आर्थिक सुरक्षा का आश्वासन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाड़ली बहना योजना या इससे जुड़ी किसी भी अन्य योजना को बंद नहीं किया जाएगा। यह महिलाओं के लिए एक दीर्घकालिक योजना है।

योजना के तहत पात्रता और नियम

पात्रता:

  1. मध्य प्रदेश की निवासी महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
  2. महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  3. विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं पात्र हैं।
  4. महिला या उसके परिवार में कोई सदस्य टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए।
  5. परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

नियम:

  • संयुक्त परिवार में 5 एकड़ से अधिक जमीन नहीं होनी चाहिए।
  • परिवार में कोई सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य नहीं होना चाहिए।
  • लाभार्थी महिला के परिवार के पास ट्रैक्टर या चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए।
  • जिनके परिवार में कोई सदस्य सांसद, विधायक, या सरकारी पद पर हो, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

कैसे चेक करें योजना में अपना नाम?

लाड़ली बहना योजना में अपना नाम चेक करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  1. लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. आवेदन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें।
  4. कैप्चा कोड भरें और ओटीपी वेरिफिकेशन करें।
  5. “सर्च” बटन पर क्लिक करने के बाद आपकी भुगतान स्थिति स्क्रीन पर दिखेगी।

लाड़ली बहना योजना: महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव

इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके जीवन में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर खर्च कर रही हैं। योजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

भविष्य की संभावनाएं और सरकार की प्रतिबद्धता

नए साल में सरकार इस योजना की राशि में वृद्धि कर सकती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि यह योजना महिलाओं के कल्याण के लिए जारी रहेगी। राज्य सरकार इस योजना के संचालन के लिए अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था कर रही है।

MP Weather Update: पहाड़ों की बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन कड़ाके की ठंड का कहर

मध्य प्रदेश में इस सप्ताह ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। आज शुक्रवार को 13 दिसंबर को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और उमरिया सहित एक दर्जन जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। बढ़ती ठंड को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत की हवाओं का असर

उत्तर-पश्चिम भारत में जेट स्ट्रीम और बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र का असर मध्य प्रदेश में देखा जा रहा है। पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं का रुख उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में ठंड चरम पर है।

किन जिलों में है शीतलहर का प्रभाव

आज जबलपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल और डिंडौरी में शीतलहर का असर रहेगा। भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, नीमच, विदिशा, मंदसौर और बैतूल में कोल्ड-डे की स्थिति है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

शीतलहर और कोल्ड-डे की परिभाषा

मौसम विभाग के अनुसार:

  • जब न्यूनतम तापमान 10°C से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5°C कम हो, तो कोल्ड-डे होता है।
  • जब अधिकतम तापमान सामान्य से 6.4°C कम हो, तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
  • जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 5°C कम हो, तो कोल्ड वेव यानी शीतलहर चलती है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि दिसंबर के अंत से जनवरी तक करीब 20 से 22 दिन शीतलहर और घने कोहरे का प्रभाव रहेगा। इस दौरान यात्रियों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटे का तापमान

मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे रहा।

  • शहडोल (कल्याणपुर): 3.1°C
  • शिवपुरी (पिपरसमा): 3.3°C
  • नर्मदापुरम (पचमढ़ी): 3.4°C
  • छतरपुर (नौगांव): 4°C
  • अनूपपुर (अमरकंटक): 4.4°C

भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान क्रमशः 23.4°C, 23.9°C, 24.8°C और 26°C दर्ज किया गया।

स्कूलों और कार्यालयों के समय में बदलाव

कड़ाके की ठंड को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। सुबह की शिफ्ट देर से शुरू हो रही है, ताकि छात्रों को ठंड से राहत मिल सके।

ठंड से बचाव के उपाय

  1. गर्म कपड़ों का उपयोग करें और शरीर को ढककर रखें।
  2. घर में हीटर या ब्लोअर का प्रयोग करें।
  3. बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
  4. यात्रा के दौरान अतिरिक्त गर्म कपड़े साथ रखें।
  5. सर्दी के मौसम में गरम पेय पदार्थों का सेवन करें।

सिवनी : मिशन स्कूल कॉम्प्लेक्स में अवैध शराब का काला कारोबार; प्रमोद नेमा के खिलाफ मामला दर्ज

सिवनी जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और विक्रय के मामलों पर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के नेतृत्व में और जिला आबकारी अधिकारी श्री विनोद खटीक के निर्देशन में, आबकारी विभाग द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।

हाल ही में, मिशन स्कूल कंपाउंड के पास स्थित प्रमोद इंटरप्राइजेज नामक सीमेंट की दुकान पर छापा मारा गया। दुकान के संचालक प्रमोद नेमा पर अवैध शराब बेचने का आरोप है। इस कार्रवाई में आबकारी विभाग के दल ने बड़ी मात्रा में शराब जप्त की और आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।

अवैध शराब बरामदगी: कार्रवाई का पूरा विवरण

छापेमारी की प्रक्रिया

आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि मिशन स्कूल कॉम्प्लेक्स स्थित सीमेंट की दुकान में देशी और विदेशी शराब का विक्रय किया जा रहा है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग के अधिकारियों ने दुकान पर छापा मारा।

जप्त की गई शराब

कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित शराब की बोतलें जप्त की गईं:

  • रॉयल स्टैग व्हिस्की: 5 बोतलें
  • ऑफिसर्स च्वाइस व्हिस्की: 5 बोतलें
  • सिग्नेचर व्हिस्की: 4 बोतलें
  • मैकडॉवेल रम: 6 बोतलें
  • देशी प्लेन शराब: 17 पाव

इन सभी को मौके पर ही जप्त कर लिया गया। कुल बरामद शराब की मात्रा 18 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹20,000 है।

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

संचालक प्रमोद नेमा, पुत्र थून्नुलाल (उम्र 63 वर्ष), के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) (क) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

संदिग्ध गतिविधियां

दुकान की तलाशी के दौरान शराब के विभिन्न ब्रांड की खाली बोतलें और गिलास भी बरामद किए गए। ऐसा अनुमान है कि आरोपी न केवल शराब बेचता था, बल्कि दुकान में शराब परोसने का कार्य भी करता था।

आबकारी विभाग की टीम और योगदान

इस छापेमारी में विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। टीम के प्रमुख सदस्य थे:

  • सहायक जिला आबकारी अधिकारी: प्रणय श्रीवास्तव
  • आबकारी उप निरीक्षक: राजेश सिंघल और सुश्री खुशबू प्रिया मरावी
  • मुख्य आरक्षक: तीरथ सनोडिया
  • अन्य स्टाफ: लेखसिंह टेकाम, संतराम मरावी, आनंद मरावी, सेवक राम भलावी, मुकेश अहिरवार, अर्चना इनवाती

इनकी सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते इस मामले को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

अवैध शराब के खिलाफ सख्त कदम

प्रशासन की सतर्कता

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन और जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे न केवल अवैध व्यापार पर अंकुश लगेगा, बल्कि समाज में अपराध और नशे की समस्या को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

आबकारी विभाग की रणनीति

आबकारी विभाग की टीम नियमित रूप से गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्यवाही करती है। इस मामले में भी सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई हुई, जिससे बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई।

सिवनी: ट्रेन से टकराने से एक व्यक्ति की मौत, छिंदवाड़ा रोड रेलवे फाटक के पास हुआ हादसा

सिवनी। नगर के छिंदवाड़ा रोड क्षेत्र स्थित शनि मंदिर रेलवे फाटक पर बुधवार रात लगभग 8:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक व्यक्ति ट्रेन से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुई जब ट्रेन स्टेशन की तरफ से जा रही थी और फाटक बंद थे उसी समय व्यक्ति फाटक बंद होने के बाद भी ट्रैक पार कर रहा था और उसी समय ट्रेन आगई और व्यक्ति ट्रेन से टकरा गया जिससे उसकी मौक़े पर मौत हो गई . मृतक की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार उस समय वहाँ एक व्यक्ति और था जो घायल बताया जा रहा है घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। रेलवे और पुलिस विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और रेलवे प्रशासन से रेलवे फाटकों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

यह घटना एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर करती है।

भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 39वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप: मध्यप्रदेश के एथलीट विनोद सिंह ने रचा इतिहास

भुवनेश्वर में 7 से 11 दिसंबर 2024 तक आयोजित 39वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के एथलीटों ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए नए इतिहास रच दिए। इस चैम्पियनशिप में विनोद सिंह ने बालक अंडर-20 वर्ग के 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर और नया मीट रिकॉर्ड बनाकर अपने राज्य का मान बढ़ाया।

विनोद सिंह का ऐतिहासिक प्रदर्शन

विनोद सिंह ने इस प्रतियोगिता में 14:12.67 मिनट के समय के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। यह केवल एक पदक नहीं था, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से नई मीट रिकॉर्ड भी स्थापित की। विनोद की इस उपलब्धि ने न केवल मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण और मेहनत से बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

विकास कुमार बिंद का सराहनीय प्रयास

इसी इवेंट में मध्यप्रदेश के विकास कुमार बिंद ने भी अपनी उत्कृष्टता साबित की। उन्होंने 14:13.52 मिनट का प्रदर्शन किया और चौथा स्थान हासिल किया। यह समय पिछले मीट रिकॉर्ड से बेहतर था, जो पहले मध्यप्रदेश के ही एथलीट सुनील डावर के नाम था। सुनील ने 14:13.95 मिनट का समय दर्ज किया था। विकास की यह उपलब्धि दिखाती है कि राज्य के युवा एथलीट निरंतर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं।

राज्य एथलेटिक्स अकादमी की उत्कृष्टता

मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही है। यह सफलता एथलीटों के समर्पण और उनके प्रशिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। एस.के. प्रसाद और संदीप सिंह जैसे प्रशिक्षकों ने एथलीटों को सही दिशा दी और उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया।

खेल मंत्री की प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस शानदार प्रदर्शन पर एथलीटों और उनके प्रशिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा:

“यह प्रदर्शन प्रदेश के खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ता है। राज्य एथलेटिक्स अकादमी के एथलीटों की इस उपलब्धि से हमें अपार गर्व हुआ है।”

मंत्री जी ने यह भी कहा कि यह सफलता राज्य में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए ठोस कदमों का परिणाम है।

5000 मीटर दौड़: एथलीटों की तैयारी और संघर्ष

5000 मीटर दौड़ जैसे चुनौतीपूर्ण इवेंट के लिए गहन प्रशिक्षण और सही रणनीति की आवश्यकता होती है। राज्य एथलेटिक्स अकादमी के कोचों ने एथलीटों को

  • स्टेमिना बढ़ाने के लिए विशेष अभ्यास करवाए।
  • स्पीड ट्रेनिंग और ताकत बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।
  • मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार करने के लिए मोटिवेशनल सेशन आयोजित किए।

विनोद सिंह और विकास कुमार बिंद की सफलता इन्हीं तैयारियों का परिणाम है।

मध्यप्रदेश के खेलों का उज्ज्वल भविष्य

मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • उन्नत सुविधाएं और उपकरण
  • विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की टीम
  • स्पोर्ट्स साइंस और पोषण पर ध्यान

यह सभी तत्व मिलकर मध्यप्रदेश को भारत के खेल मानचित्र पर सबसे आगे रख रहे हैं।

खेल जगत के लिए प्रेरणा

विनोद सिंह और विकास कुमार बिंद की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। यह सफलता हमें यह सिखाती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से कुछ भी असंभव नहीं है।