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सिवनी में मशाल रैली: पहलगाम हिंदू नरसंहार के विरोध में 25 अप्रैल शाम 6:30 शुक्रवारी से निकलेगी आक्रोश रैली

सिवनी: विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं सकल हिंदू समाज के संयुक्त नेतृत्व में पहलगाम में हुए हिंदू नरसंहार के खिलाफ एक ऐतिहासिक मशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली न सिर्फ सनातन समाज की आस्था और एकता का प्रतीक बनेगी, बल्कि यह एक चेतावनी भी है—उन ताकतों के लिए जो भारत की धार्मिक सहिष्णुता और सनातन संस्कृति को क्षति पहुंचाना चाहते हैं।

रैली का आयोजन स्थल और समय

दिनांक: 25 अप्रैल 2025
समय: शाम 6:30 बजे
एकत्रीकरण स्थल: शुक्रवारी चौक, सिवनी

यह मशाल रैली शुक्रवारी चौक से प्रारंभ होकर, गणेश चौक, बड़ा मिशन, होते हुए कचहरी चौक पर पुतला दहन के साथ संपन्न होगी। यह रैली न सिर्फ शहरवासियों के लिए एक प्रेरणा बनी, बल्कि देशभर के सनातनियों को एकजुट होने का आह्वान भी किया गया।

क्यों जरूरी थी यह मशाल रैली?

पहलगाम में हिंदुओं की निर्मम हत्या ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है। यह नरसंहार केवल निर्दोष लोगों की हत्या नहीं था, बल्कि यह सनातन संस्कृति पर हमला था। जब तक हम सड़क पर उतरकर अपनी एकता का परिचय नहीं देंगे, तब तक ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाएंगी।

इस रैली का उद्देश्य सिर्फ न्याय की मांग नहीं था, बल्कि यह एक राष्ट्रीय चेतना का जागरण भी है। हर मशाल, हर नारा, हर पग—उस संकल्प का प्रतीक है जिसमें सनातनी समाज ने अपने भाइयों के बलिदान को व्यर्थ न जाने देने का प्रण लिया।

रैली में शामिल प्रमुख संगठन और वक्ता

इस रैली में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, सकल हिंदू समाज, और स्थानीय धार्मिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

जनता से अपील : सोशल मीडिया से सड़कों तक आएं

सभी सनातन अनुयायियों से विशेष अपील की गई कि देशभक्ति और संवेदना केवल फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की सीमित दुनिया में न दिखाएं। समय आ गया है जब हम सड़कों पर उतरकर, अपनी आस्था और एकता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करें। इस रैली ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि—अब चुप रहना विकल्प नहीं है। हमें न्याय की मांग के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

कचहरी चौक पर पुतला दहन : विरोध का प्रतीक

रैली के समापन पर कचहरी चौक में पुतला दहन किया जाएगा। यह पुतला पहलगाम नरसंहार के दोषियों और उनकी विचारधारा का प्रतीक होगा। पुतला दहन के समय नारों की गूंज, मशालों की लौ और लोगों की आंखों में दिखता आक्रोश—सब कुछ इस बात का संकेत रहेगा कि हिंदू समाज अब अन्याय को सहन नहीं करेगा।

सनातनियों से आग्रह : मौन नहीं, मुखर बनें

अगर हम इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ खुलेआम, सार्वजनिक रूप से विरोध नहीं करेंगे, तो भविष्य में हमारी अगली पीढ़ियां हमें दोष देंगी कि हमने उनके लिए सुरक्षित भारत नहीं छोड़ा। अब समय है—उठ खड़े होने का, एकजुट होने का और अपने धर्म, संस्कृति और अस्तित्व के लिए संघर्ष करने का। अगर आप चाहते हैं कि ऐसी रैलियों के पीछे का संदेश और दूर तक पहुंचे, तो इसे अधिक से अधिक शेयर करें, समर्थन करें और स्वयं सड़क पर उतरें।

सिवनी के समीर गुहा कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद

सिवनी: – सिवनी के मूल निवासी एवं केंद्रीय सेवा में कार्यरत प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी समीर गुहा का जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में दुखद निधन हो गया। हमले के दौरान आतंकियों द्वारा गोली मारे जाने से समीर गुहा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

उनकी पार्थिव देह देर रात कोलकाता पहुंचेगी और वहीं रात्रि में अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह दुखद घटना पूरे सिवनी जिले के लिए गहरा आघात है।

सिवनी से कोलकाता तक का सफर

11 अक्टूबर 1970 को सिवनी में जन्मे समीर गुहा की प्रारंभिक शिक्षा महात्मा गांधी स्कूल में हुई थी। इसके बाद उन्होंने मिशन उच्चतर माध्यमिक शाला से छठवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की और फिर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी से बीएससी की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा में उन्होंने अंग्रेज़ी विषय में स्नातकोत्तर किया।

समीर गुहा का चयन केंद्र सरकार के नेशनल सेंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन (एनएसएसओ) में हुआ था, जहाँ वे कोलकाता में प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

हर साल करते थे परिवार संग भ्रमण

परिवारिक सूत्रों ने बताया कि समीर हर साल गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार के साथ भ्रमण पर निकलते थे। इस बार भी वह इसी सिलसिले में पहलगाम पहुंचे थे, जहां आतंकवादियों ने उनसे पहचान पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।

सिवनी में बीता बचपन

समीर गुहा का बचपन गणेश चौक से बरघाट रोड स्थित विंध्यवासिनी मंदिर के पास के मकान में बीता। बाद में उनका परिवार बारापत्थर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मरहाई माता मंदिर के सामने रहने लगा।

उनके पिता स्व. अजीत वरन गुहा ने सत्तर के दशक तक होटल पथिक का संचालन किया, जो भारतीय स्टेट बैंक के सामने स्थित थी और सिवनी की प्रमुख होटलों में से एक मानी जाती थी। इसके अलावा वे 1990 के दशक में जबलपुर से प्रकाशित एक प्रमुख समाचार पत्र के विशेष प्रतिनिधि भी रहे।

परिवार में गम का माहौल

समीर गुहा के परिवार में दो चाचा और तीन बुआ हैं, जिनमें से एक चाचा का निधन हो चुका है। उनकी एक बुआ महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जबकि दूसरी सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षिका रह चुकी हैं। उनके बड़े भाई महाराष्ट्र बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं.

सिवनी की अनुप्रिया दिल्ली में मुक्कों से करेगी वार: सिवनी समेत मध्यप्रदेश का बढ़ा रही गौरव

सिवनी: सिवनी की धरती एक बार फिर खेल के मैदान में अपना परचम लहराने जा रही है। द अल्टीमेट फाइटर्स एकेडमी सिवनी की होनहार खिलाड़ी अनुप्रिया कौरव ने 68वीं राज्य स्तरीय शालेय बॉक्सिंग प्रतियोगिता, जबलपुर में बालिका सीनियर अंडर-19 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर ना केवल अपने जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है।

अब वह राष्ट्रीय शालेय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए दिल्ली रवाना हो चुकी हैं, जहाँ वह 30 अप्रैल से 5 मई 2025 तक आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेंगी।

राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में भी दिखा रही दम

प्रतियोगिता की तैयारी को लेकर अनुप्रिया कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। वह 23 अप्रैल से 27 अप्रैल तक ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर अपनी तकनीक और दमखम को और भी धार दे रही हैं। उनकी यह प्रतिबद्धता स्पष्ट दर्शाती है कि वे केवल भाग लेने नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक के साथ लौटने का संकल्प लेकर दिल्ली पहुँची हैं।

अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास का त्रिवेणी संगम: अनुप्रिया की सफलता का राज

अनुप्रिया की सफलता कोई संयोग नहीं बल्कि लगातार अभ्यास, अद्वितीय अनुशासन और गहन आत्मविश्वास का परिणाम है। वे किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, सिवनी में सहायक संचालक श्री पवन कौरव की सुपुत्री हैं, जिन्होंने हमेशा बेटी को प्रोत्साहित किया है।

उनका प्रशिक्षण कर रहे हैं सिवनी के प्रतिष्ठित मार्शल आर्ट प्रशिक्षक सेंसेई निकेश पद्माकर, जिनकी टीम ने सैंकड़ों युवाओं को आत्मरक्षा, कराटे और बॉक्सिंग में प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है।

द अल्टीमेट फाइटर्स एकेडमी: सशक्तिकरण की मिसाल

द अल्टीमेट फाइटर्स एकेडमी सिवनी, एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में न केवल खेल प्रशिक्षण दे रहा है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बालिकाओं और महिलाओं को आत्मरक्षा सिखाकर सशक्त कर रहा है। इस संस्था के प्रशिक्षक निशुल्क प्रशिक्षण देकर प्रतिभाशाली बच्चों को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर रहे हैं।

सेंसेई पद्माकर का मानना है, “हमारा उद्देश्य सिर्फ खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा इंसान बनाना है जो जीवन की हर चुनौती को आत्मविश्वास से मुकाबला कर सके।”

प्रशिक्षण की तकनीक से बदली किस्मत

अनुप्रिया जैसी खिलाड़ी, जो ग्रामीण परिवेश से आती हैं, उन्होंने जिस प्रकार अपने प्रदर्शन से प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है, वह प्रशिक्षण प्रणाली की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। द अल्टीमेट फाइटर्स एकेडमी में खिलाड़ियों को स्पीड, टेक्निक, डिफेंस और माइंड सेट पर विशेष फोकस के साथ प्रशिक्षण दिया जाता है।

समाज और अधिकारियों से मिला भरपूर समर्थन

अनुप्रिया की इस उपलब्धि पर सिवनी विधायक श्री दिनेश राय, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस. एस. कुमरे, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्रीमती जस्सी थॉमस, श्री वीरेंद्र सिंह ठाकुर, श्री संतोष अग्रवाल, श्री अजय पांडे, श्री अनुराग चौबे, श्री परमजीत सिंह सहित कई गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। यह दर्शाता है कि जब खिलाड़ी को समाज का साथ मिलता है, तो वह चमत्कार कर सकता है।

मीडिया का भी सराहनीय योगदान

अनुप्रिया की कहानी को जन-जन तक पहुँचाने में सिवनी के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अहम भूमिका रही है। द अल्टीमेट फाइटर्स एकेडमी ने पत्रकारों और मीडिया संस्थानों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने इस सफलता को प्रेरणा का स्रोत बनाकर प्रस्तुत किया।

भविष्य की उम्मीदें और राष्ट्रीय मंच पर जीत की आशा

अनुप्रिया का लक्ष्य स्पष्ट है—मध्यप्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतना। वह हर दिन घंटों अभ्यास कर रही हैं, और उनकी तैयारी इस बात की गवाही देती है कि वह दिल्ली के मुक्केबाज़ी रिंग में विरोधियों पर वार करने को पूरी तरह तैयार हैं।

उनकी यात्रा सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक प्रेरणा की कहानी है, जो सिखाती है कि परिश्रम, समर्पण और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

खिलाड़ियों को मिले सम्मान और संसाधन

सेंसेई पद्माकर कहते हैं, “जब एक खिलाड़ी जीतता है, तो उसके पीछे केवल उसका परिश्रम नहीं, बल्कि एक पूरा तंत्र होता है जो उसे संवारता है। हम सभी से अपेक्षा करते हैं कि खिलाड़ियों को केवल तालियाँ ही नहीं, बल्कि अवसर और संसाधन भी मिले, ताकि वे देश का गौरव बन सकें।”

अनुप्रिया का जोश बना प्रेरणा

सिवनी की अनुप्रिया अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि हर उस युवा खिलाड़ी की प्रेरणा बन चुकी हैं जो छोटे शहरों से निकलकर बड़ा सपना देखते हैं। उनकी इस सफलता की गूंज केवल दिल्ली के बॉक्सिंग रिंग तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वह सिवनी से लेकर मध्यप्रदेश और भारत भर के युवाओं को साहस और समर्पण की नई परिभाषा बताएगी।

सिवनी के दीपक और दिनेश आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार: छिंदवाड़ा के ओशिन थाई स्पा सेंटर में देह व्यापार का पर्दाफाश

सिवनी: छिंदवाड़ा जिले के परासिया रोड पर स्थित एक स्पा सेंटर में देह व्यापार का घिनौना धंधा सामने आने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस द्वारा की गई अचानक रेड कार्रवाई में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।

स्पा की आड़ में देह व्यापार: पुलिस को मिली गुप्त सूचना

पुलिस को कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थीं कि ओशिन थाई स्पा सेंटर में गैरकानूनी गतिविधियां चल रही हैं। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों और मुखबिर की पक्की जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रेड की योजना बनाई। योजना के तहत पुलिसकर्मियों ने ग्राहक बनकर स्पा सेंटर में प्रवेश किया और मौके पर जो कुछ देखा, वह हैरान कर देने वाला था।

स्पा सेंटर में घुसते ही पुलिस को मिला आपत्तिजनक नजारा

पुलिस टीम जब स्पा सेंटर के भीतर दाखिल हुई तो उन्होंने वहां आपत्तिजनक स्थिति में युवक-युवतियों को पाया। इस दृश्य को देखकर पुलिसकर्मी भी कुछ क्षणों के लिए स्तब्ध रह गए। जैसे ही पुलिस ने अपनी पहचान उजागर की, अंदर मौजूद लोग हड़बड़ा गए और भागने की कोशिश करने लगे।

सिवनी के युवक आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार

रेड के दौरान पुलिस ने 2 युवक और 2 युवतियों को आपत्तिजनक अवस्था में हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि ये सभी सिवनी जिले के निवासी हैं और मसाज के नाम पर शारीरिक सेवाओं का लाभ उठा रहे थे। जिनमे सिवनी के दीपक चौधरी तथा दिनेश भगत सिवनी शामिल है।

स्पा सेंटर का मालिक जयपुर निवासी रामगोपाल मीना

इस पूरे रैकेट का संचालन जयपुर निवासी रामगोपाल मीना द्वारा किया जा रहा था। वहीं, स्पा सेंटर के मैनेजर पर भी मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री, कंडोम, नगद राशि और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

स्थानीय निवासियों की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया था

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्पा सेंटर के खिलाफ लंबे समय से चर्चा थी। कई बार अनौपचारिक रूप से पुलिस को जानकारी दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार, जब शिकायतों का सिलसिला नहीं थमा, तो पुलिस ने रेड करने का फैसला लिया।

रेड के बाद पुलिस जुटी जांच में, बड़ा गिरोह होने की आशंका

पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट का नेटवर्क कितना बड़ा है और यह किन-किन शहरों तक फैला हुआ है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि और कौन-कौन लोग इस गिरोह में शामिल हैं। पकड़े गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

टीआई गोविंद राजपूत की अगुवाई में हुई कार्रवाई

इस कार्रवाई का नेतृत्व टीआई गोविंद राजपूत ने किया। उन्होंने मीडिया को बताया कि इस स्पा सेंटर के खिलाफ पहले से सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए सटीक रणनीति के तहत रेड की गई। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

स्पा सेंटर की आड़ में वेश्यावृत्ति: समाज के लिए बड़ा खतरा

स्पा जैसे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बने प्रतिष्ठानों की आड़ में जब वेश्यावृत्ति जैसे घिनौने कृत्य होते हैं, तो यह न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक मूल्यों के लिए भी खतरा बन जाते हैं। इससे न केवल क्षेत्र की शांति भंग होती है बल्कि युवा पीढ़ी पर भी गलत प्रभाव पड़ता है।

पुलिस की सख्ती से अन्य रैकेट्स पर भी लग सकती है लगाम

अगर इस प्रकार की संगठित गतिविधियों पर समय रहते लगाम न लगाई जाए, तो ये शहर की छवि को धूमिल करने का काम करती हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि हर ऐसी सूचना की गहराई से जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी सतर्कता से ही समाज को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाया जा सकता है।

छिंदवाड़ा के ओशिन थाई स्पा सेंटर में छिपे इस देह व्यापार के धंधे का खुलासा एक बड़े रैकेट की ओर इशारा करता है। पुलिस की सतर्कता और स्थानीय लोगों की जागरूकता से यह संभव हो सका है। अब आवश्यकता इस बात की है कि ऐसे सभी स्पा और सेंटरों की सघन जांच की जाए, ताकि समाज को इस गंभीर अपराध से मुक्त किया जा सके।

सिवनी: कोतवाली में पदस्थ SI अशोक बघेल की सड़क हादसे में मृत्यु

सिवनी: सिवनी जिले के थाना कोतवाली में पदस्थ उप निरीक्षक (SI) अशोक बघेल की एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह हादसा 20 अप्रैल 2025 की रात ड्यूटी समाप्ति के बाद हुआ, जब वे अपने क्वार्टर लौट रहे थे।

दुर्घटना का विवरण

रात्रि 10 बजे से सुबह 9 बजे तक ड्यूटी करने के बाद एसआई अशोक बघेल अपने निवास स्थान की ओर लौट रहे थे, तभी अचानक एक चार पहिया वाहन गलत दिशा से आकर उनसे टकरा गया। इस टक्कर में उन्हें गंभीर रूप से सिर और दाहिने पैर में चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें सिवनी जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें नागपुर रेफर किया गया। लेकिन उपचार के दौरान नागपुर में उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस विभाग में गहरा शोक

एसआई अशोक बघेल की इस आकस्मिक मृत्यु से सिवनी पुलिस विभाग में शोक की लहर है। साथी अधिकारी और कर्मचारी उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और मिलनसार अधिकारी के रूप में याद कर रहे हैं।

सेवा पृष्ठभूमि

अशोक बघेल ने अपनी पुलिस सेवा की शुरुआत 07 मार्च 1986 को आरक्षक (Constable) के पद पर की थी। इसके बाद वे पदोन्नत होते हुए उप निरीक्षक (SI) बने। उन्होंने धनोरा थाना के सुनवारा चौकी प्रभारी और घंसौर के किंदरई थाना प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। 1 सितंबर 2023 से वे थाना कोतवाली सिवनी में पदस्थ थे।

व्यक्तिगत जानकारी

अशोक बघेल का मूल निवास ग्राम खिरसाडोह, कॉलेज रोड, थाना परासिया, जिला छिंदवाड़ा में है। परिवार में उनकी पत्नी जूनिया बाई, बड़ा बेटा अश्वनी बघेल और छोटा बेटा उमेश बघेल हैं।

अंतिम संस्कार

उनका पार्थिव शरीर नागपुर से उनके गृह ग्राम खिरसाडोह लाया गया, जहां सोमवार शाम को उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

एसआई अशोक बघेल की कर्तव्यनिष्ठ सेवा और उनका जीवन सदा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

सिवनी में धान उपार्जन में बड़ा घोटाला: मिलर्स, समितियाँ और निगम अधिकारी मिलकर शासन को लगा रहे चूना

सिवनी: 2024-25 के धान उपार्जन में मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से एक बड़े घोटाले की जानकरी आपको देते है। यह घोटाला नागरिक आपूर्ति निगम के अंतर्गत कार्यरत मिलर्स, समितियाँ, और विभिन्न सरकारी अधिकारियों के बीच मिलीभगत के कारण हुआ है और कई वर्षों पहले से चला आ रहा है। इस घोटाले में करोड़ों रुपये की काली कमाई की जा रही है, और सरकार के राशन वितरण तंत्र में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। सरकारी निर्देशों के अनुसार, मिलर्स को समितियों से सीधे धान उठाकर उसकी मिलिंग कर फोर्टीफाइड चावल के रूप में गोदामों में जमा करना था, लेकिन हकीकत में ये कार्य पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त होकर हो रहे हैं।

समिति और मिलर्स के बीच मिलीभगत

धान उपार्जन में समिति/समूह का अहम भूमिका होती है: लेकिन इस मामले में ये समितियाँ अपनी जिम्मेदारी से दूर हो गईं और भ्रष्टाचार के मार्ग पर चल पड़ीं। मिलर्स को रिलीज ऑर्डर (RO) के बदले समितियाँ बाजार दर से 100-150 रुपये कम पर धान देने की बजाय नकद पैसा प्राप्त करती हैं। इसके बाद, ये समितियाँ फर्जी तरीके से अपने रिश्तेदारों के नाम पर धान जमा करती हैं, और सरकार से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के तहत भुगतान प्राप्त करती हैं। इसके बदले उन्हें हर आरो पर ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक का मुनाफा होता है।

मिलर्स की घातक चालाकी

मिलर्स ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए बिहार और ओड़िशा जैसे राज्यों से सड़ा-गला चावल खरीदा, और उसे फोर्टीफाइड चावल के रूप में पेश करके नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में जमा कर दिया। इस प्रक्रिया से उन्हें प्रति आरो ₹2.5 से ₹3 लाख तक का मुनाफा हुआ। इसके अलावा, धान परिवहन और बारदाना खर्च को भी बचा लिया जाता है, और इस बचत का लाभ फर्जी बिलों के माध्यम से और अधिक कमाया जाता है।

निगम के केंद्र प्रभारी और रिश्वतखोरी

सड़े हुए चावल की लॉट को गोदाम में स्वीकार करने के लिए निगम के केंद्र प्रभारी बड़ी मात्रा में रिश्वत लेते हैं। वे प्रति लॉट ₹50,000 तक की राशि मिलर्स से लेते हैं, और यह रकम बाद में जिला प्रबंधक के साथ बांट ली जाती है। रिश्वतखोरी के इस खेल में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता से घोटाला और भी बढ़ जाता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका और फर्जी सेटिंग्स

फर्जी मिलिंग और स्टॉक एंट्री को संभालने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटरों का भी हाथ है। ये ऑपरेटर प्रति आरो ₹20,000 से ₹30,000 तक का भुगतान लेते हैं और फर्जी सॉफ्टवेयर एंट्री, धान की कटौती, चावल जमा पत्रक आदि की सेटिंग करते हैं। ऑपरेटरों की सेटिंग के कारण यह घोटाला और भी जटिल हो जाता है, और इसे उजागर करना और कठिन हो जाता है।

जिला प्रबंधक की मुख्य भूमिका

पूरे घोटाले का संचालन जिला प्रबंधक के अधीन होता है। मिलर्स, समितियाँ, गोदाम मालिक, केंद्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर — सभी से मोटा हिस्सा जिला प्रबंधक को मिलता है। यह घोटाला सरकारी धन के नुकसान के अलावा राशन वितरण प्रणाली में अनियमितता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। अगर उच्चस्तरीय जांच होती है, तो कई बड़े अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हो सकती है।

सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं

सरकार के द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं हो रहा है, और हर स्तर पर भ्रष्टाचार और घोटाले हो रहे हैं। केंद्र प्रभारी, मिलर्स, समितियाँ और निगम के अन्य अधिकारी मिलकर सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यदि उच्च स्तर की जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो यह घोटाला और भी बढ़ सकता है और जनता के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।

आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए?

सरकार को जांच अगेंसियों को इस मामले में गंभीरता से गहरी जांच करवानी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलवानी चाहिए। उच्चस्तरीय जांच और सही तरीके से कार्रवाई करके ही इस बड़े घोटाले को रोका जा सकता है।

सिवनी जिले के इस घोटाले ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी तंत्र में गहरी जड़ें जमा चुकी भ्रष्टाचार की जड़ों को उखाड़ने की आवश्यकता है। यह घोटाला न केवल सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती है, बल्कि आम जनता के खाद्य सुरक्षा अधिकारों को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। यदि सही समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और भी विकराल हो सकती है।

सिवनी में सुज़ुकी मोटर्स द्वारा भर्ती: आईटीआई कैंपस में प्लेसमेंट ड्राइव 24 अप्रैल को

शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) छिड़िया पलारी चुना भट्टी, सिवनी में एक विशेष एक दिवसीय कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन गुरुवार, 24 अप्रैल 2025 को प्रातः 10:30 बजे से किया जाएगा। यह आयोजन देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी “सुज़ुकी मोटर्स” के सहयोग से किया जा रहा है। इस अवसर पर आईटीआई प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलेगा।

पात्रता एवं योग्यता – जानिए कौन कर सकता है आवेदन

इस कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लेने हेतु उम्मीदवारों को कुछ विशेष शैक्षणिक योग्यताओं और मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। प्राचार्य द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित पात्रता आवश्यक हैं:

  • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता:
    10वीं (नियमित) पास होना अनिवार्य है।
  • आईटीआई प्रमाणन:
    एनसीवीटी / एससीवीटी से मान्यता प्राप्त आईटीआई ट्रेड में प्रमाण पत्र अनिवार्य है। निम्नलिखित ट्रेड्स मान्य हैं:
    • फिटर
    • डीजल मैकेनिक
    • मैकेनिक मोटर व्हीकल (एमएमवी)
    • टर्नर
    • मशीनिस्ट
    • इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक
    • वायरमैन
    • वेल्डर
    • इलेक्ट्रीशियन
    • पेंटर जनरल
    • ट्रैक्टर मैकेनिक
    • टूल एंड डाई मेकर
    • शीट मेटल
    • पीपीओ, सीओई (ऑटोमोबाइल)
  • शैक्षणिक अंकदर्जा:
    • 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40% अंक
    • आईटीआई में न्यूनतम 50% अंक
  • आयु सीमा:
    18 से 26 वर्ष के बीच के अभ्यर्थी ही पात्र होंगे।

चयन प्रक्रिया – लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार

इस भर्ती प्रक्रिया में चयन दो चरणों में किया जाएगा:

  1. लिखित परीक्षा
  2. प्रत्यक्ष साक्षात्कार (इंटरव्यू)

यह दोनों प्रक्रियाएं आयोजन स्थल पर ही 24 अप्रैल को आयोजित की जाएंगी। प्रतिभागियों को समय पर उपस्थित रहना अत्यंत आवश्यक है।

आवश्यक दस्तावेज – ये कागजात साथ लाना अनिवार्य है

सभी इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों को आयोजन स्थल पर निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा:

  • 10वीं एवं आईटीआई पास प्रमाण पत्र (मूल एवं दो फोटोकॉपी)
  • आधार कार्ड
  • 4 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • बायोडाटा / सीवी / रिज़्यूमे
  • सभी प्रमाणपत्रों की दो-दो स्वप्रमाणित छायाप्रतियां (फोटोकॉपी)

वेतन और अन्य लाभ – जानिए चयनित अभ्यर्थियों को क्या मिलेगा

जो अभ्यर्थी इस प्लेसमेंट ड्राइव में चयनित होंगे उन्हें सुज़ुकी मोटर्स द्वारा निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएंगे:

  • प्रारंभिक मासिक वेतन ₹24,550/-
  • अन्य भत्ते और लाभ कंपनी की शर्तों पर आधारित होंगे
  • यह एक पूर्णकालिक औद्योगिक पद होगा, जिसमें भविष्य में पदोन्नति की संभावना भी होगी

महत्वपूर्ण निर्देश – ये बातें ध्यान में रखें

  • यह प्लेसमेंट ड्राइव पूरी तरह निःशुल्क है।
  • कोई मार्ग व्यय या भत्ता नहीं दिया जाएगा, अभ्यर्थियों को अपने स्तर पर यात्रा की व्यवस्था करनी होगी
  • कंपनी से जुड़ी शर्तों एवं कार्य की विस्तृत जानकारी साक्षात्कार के समय प्राप्त की जा सकेगी
  • सभी उम्मीदवारों से अनुरोध है कि समय पर उपस्थित होकर प्रक्रिया को सफल बनाएं।

संपर्क सूत्र – किसी भी जानकारी हेतु संपर्क करें

इस आयोजन के बारे में अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

  • 📞 9997844111
  • 📞 7990875595
  • 📞 7017180883

इन नंबरों पर कॉल करके पात्रता, समय, स्थान और अन्य विवरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

आईटीआई छात्रों के लिए सुनहरा अवसर

सुज़ुकी मोटर्स द्वारा सिवनी में आयोजित यह कैंपस ड्राइव उन युवाओं के लिए एक उत्कृष्ट करियर अवसर है जो आईटीआई कर चुके हैं और प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी की तलाश कर रहे हैं। यह आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने का एक प्रयास है। हम सभी योग्य अभ्यर्थियों से निवेदन करते हैं कि इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और समय पर उपस्थित होकर अपना भविष्य उज्ज्वल बनाएं

सिवनी: कस्टम मिलिंग गडबडी की जांच में जुटी संयुक्त टीम, आवश्यकता से अधिक धान खरीदी करने वाले केंद्र की भी हो जांच

सिवनी: सिवनी जिले में धान उपार्जन के बाद से चल रही सतत जांच में कस्टम मिलिंग और स्लॉट बुकिंग की आड़ में हो रही भारी गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की सक्रियता और जिला कलेक्टर के निर्देश पर अब संयुक्त जांच दल मिलर्स और उपार्जन केंद्रों की बारीकी से छानबीन कर रहा है।

कस्टम मिलिंग राईस मिलों में धान व चावल की कमी उजागर

संयुक्त जांच टीमों की पड़ताल में कई राइस मिलों में धान और चावल की भारी शार्टेज सामने आई है। अनुबंधित मिलों में जो धान भेजा गया था, वह या तो अधूरी मात्रा में चावल में बदला गया या फिर उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे साफ है कि मिलिंग प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं।

स्लॉट बुकिंग के नाम पर पंजीकृत किसान कोड का दुरुपयोग

धान उपार्जन केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग की सुविधा किसानों के लिए लाभदायक होनी चाहिए थी, लेकिन इसका फायदा कुचिया व्यापारियों ने उठाया। किसानों के नाम पर पंजीयन और बोगस कोड डालकर, बिना अनाज लाए ही बिक्री की प्रविष्टि पोर्टल पर कर दी गई। इससे स्पष्ट होता है कि फर्जी बिक्री और भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

अत्यधिक धान खरीदी करने वाले केंद्रों की जांच अनिवार्य

जिले के कुछ उपार्जन केंद्र जैसे कल्याणपुर, गुर्रा, पाठा, खामी, पिपरिया, लुहारा में औसत 35–40 हजार क्विंटल के बजाय 70–80 हजार क्विंटल तक धान की खरीदी दिखाना, संदेह पैदा करता है। ऐसे केंद्रों पर निश्चित ही भ्रष्ट तंत्र और सांठगांठ से कार्य हो रहा है।

महिला स्व-सहायता समूह के नाम पर चला ठेकेदारी खेल

महिला स्व सहायता समूहों को सरकार ने धान खरीदी का जिम्मा सौंपा था, लेकिन कुचिया व्यापारियों ने इन समूहों के नाम पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। बरघाट विकासखंड में कई केंद्रों पर महिलाएं सिर्फ नाममात्र की प्रभारी रहीं, जबकि पूरा कार्य ठेके पर चलाया गया। महिलाओं को यहां तक नहीं मालूम कि कितनी मात्रा में धान खरीदी हुई।

कुचिया व्यापारी को मिली VIP सुविधाएं

कुचिया व्यापारी को खाली बारदाने के बंडल घर पर पहुंचाना, हाथ सिलाई की बोरी में अनाज तौल कर सीधे केंद्र पर भेजना, पूर्व में पोर्टल एंट्री कर लेना, ये सभी सुविधाएं साफ तौर पर सिस्टम की मिलीभगत दर्शाती हैं। कल्याणपुर केंद्र पर बिना टेग लगे बोरियों का मामला भी धूल झोंकने जैसा साबित हुआ।

हम्माल और मजदूरों का हुआ शोषण

प्रत्येक क्विंटल पर 15–16 रुपये हम्माल, टैग, सिलाई हेतु खर्च के लिए मिलते हैं, लेकिन जब अनाज केंद्र पर आया ही नहीं, और घर से सिलाई की बोरियां पहुंच गईं, तो मजदूरों और हम्मालों को कुछ भी भुगतान नहीं मिला। इस धनराशि का गबन सहकारी समितियों और समूहों द्वारा किया गया।

उपार्जन केंद्रों की खरीदी में भारी असंतुलन

जहां कुचिया व्यापारी प्रभावी थे, वहां खरीदी 50 हजार क्विंटल पार कर गई, वहीं अन्य केंद्रों पर 20 हजार क्विंटल भी नहीं पहुंचे। उदाहरण स्वरूप, आष्टा केंद्र जहां 50 हजार क्विंटल का रिकॉर्ड था, वह 20 हजार तक सीमित रहा, जबकि पिपरिया जैसे केंद्र, जो आष्टा समिति के अधीन है और जहाँ कुचिया व्यापारी प्रभावी था, 70 हजार क्विंटल का आंकड़ा पार कर गया।

मिलर्स को जारी डिलीवरी ऑर्डर (ARO) में नगदी खेल

जब खरीदी केंद्र पर अनाज उपलब्ध नहीं था, तो डिलीवरी ऑर्डर (ARO) जारी कर, नगद भुगतान कर मामला बंद किया गया। इस तरह कागजों पर ही धान की खरीदी दिखा कर, ARO का नकदी लेन-देन में इस्तेमाल किया गया।

प्रभावित हुए अन्य उपार्जन केंद्र

ऐसे केंद्र जिन पर पूर्ण पारदर्शिता रही, वे इस गड़बड़ी से प्रभावित हुएस्लॉट बुकिंग के चलते वहां किसानों की खरीदी सीमित रही, जिससे वे समय पर उपज बेच नहीं पाए। यह परिस्थिति किसानों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हुई है और प्रशासन को इसके प्रति सजग होने की आवश्यकता है।

संयुक्त जांच दल की जांच से निकल सकती हैं बड़ी अनियमितताएं

जिला कलेक्टर के निर्देश पर चल रही संयुक्त जांच टीमों की कार्यवाही से आने वाले समय में कई बड़े नाम और घोटाले सामने आ सकते हैं। कस्टम मिलिंग, फर्जी पंजीयन, बोगस स्लॉट बुकिंग, ARO का दुरुपयोग जैसे मामलों में यदि जांच निष्पक्ष रही, तो कई दोषी सलाखों के पीछे भी पहुंच सकते हैं।