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सिवनी: मंदिरों में चोरी करने वाला शातिर चोर मयंक सनोड़िया पुलिस की गिरफ्त में, चोरी का सामान बरामद

सिवनी, मध्यप्रदेश। कोतवाली पुलिस ने रात्रि के समय मंदिरों में ताले तोड़कर चोरी करने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के पास से दानपेटी, एम्पलीफायर और तांबे की गुण्डी समेत अन्य सामान बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पाण्डेय के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस द्वारा चोरी की दो घटनाओं का खुलासा किया गया है।

मंदिरों में ताले तोड़कर करता था चोरी

दिनांक 13 जुलाई 2025 को प्रार्थी जितेन्द्र बघेल निवासी भैरोगंज, सिवनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि भैरोगंज स्थित हनुमान मंदिर का ताला किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तोड़कर दानपेटी चोरी कर ली गई है। वहीं, 14 जुलाई 2025 को प्रार्थी दिलीप राय निवासी आर्चीपुरम, सिवनी ने बताया कि शिव मंदिर का ताला तोड़कर मंदिर में रखे दो एम्पलीफायर और तांबे की गुण्डी चोरी कर ली गई।

दोनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

कोतवाली पुलिस द्वारा गठित टीम ने जब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक संदिग्ध युवक की पहचान हुई। आरोपी की पहचान मयंक सनोड़िया निवासी मंगलीपेठ, एफसीआई रोड, सिवनी के रूप में हुई। पूछताछ में मयंक ने दोनों चोरी की घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया।

आरोपी ने बताया कि उसने चोरी का सामान छिंदवाड़ा बायपास के पास झाड़ियों में छुपा दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।

बरामद माल

  • प्रकरण क्रमांक 590/2025 धारा 331(4), 305(A) बीएनएस के तहत:
    🔹 02 एम्पलीफायर
    🔹 01 तांबे की गुण्डी
    🔹 कुल कीमत: ₹9300
  • प्रकरण क्रमांक 589/2025 धारा 331(4), 305(A) बीएनएस के तहत:
    🔹 लोहे की दो खंड वाली दानपेटी
    🔹 उसमें रखी ₹409 नकद राशि

गिरफ्तार आरोपी का विवरण:

नाम: मयंक सनोड़िया
पिता का नाम: राकेश सनोड़िया
उम्र: 18 वर्ष
निवासी: मंगलीपेठ, एफसीआई रोड, सिवनी
थाना: कोतवाली, जिला सिवनी

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक श्री किशोर वामनकर एवं उनकी टीम में शामिल प्र.आर. मनोज पाल, चन्द्रप्रकाश अड़मे, आरक्षक सतीश इनवाती, अजेन्द्र पाल, अमित रघुवंशी, प्रतीक बघेल, अंकित देशमुख, इरफान खान एवं चीता स्टाफ की विशेष भूमिका रही।

पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पुलिस का संदेश: आम जनता से अपील है कि अपने आस-पास किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आपकी सतर्कता से अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है।

सिवनी: OCMS बैंक में बंपर भर्ती, फ्रेशर्स और अनुभवी दोनों के लिए सुनहरा मौका

OCMS BANK SEONI : सिवनी जिला मुख्यालय के बारापत्थर क्षेत्र में OCMS बैंक का भव्य शुभारंभ हो चुका है। इस अवसर पर बैंक ने बंपर भर्ती प्रक्रिया की भी घोषणा की है, जिसमें फ्रेशर्स से लेकर अनुभवी उम्मीदवारों तक सभी को नौकरी का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।

बैंक प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। यह इंटरव्यू 17 जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। स्थान रहेगा — बारापत्थर स्थित चतुर्वेदी काम्प्लेक्स, जो पंजाब नेशनल बैंक के पास, ग्रामोद्योग के बाजू में स्थित है।

कौन कर सकता है आवेदन?

OCMS बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • यदि आपके पास कोई अनुभव नहीं है तो भी आप आवेदन कर सकते हैं।
  • यदि आप किसी बैंकिंग या फाइनेंस सेक्टर में अनुभव रखते हैं, तो आपको वरीयता दी जाएगी।
  • फ्रेश ग्रेजुएट्स, कॉलेज स्टूडेंट्स, रिटायर्ड प्रोफेशनल्स एवं महिलाएं भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
  • मिनिमम क्वालिफिकेशन 10th पास.

साथ लाना होगा रिज्यूमे

इंटरव्यू में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को अपना रिज्यूमे (Resume) साथ लाना अनिवार्य है। साथ ही, यदि आपके पास कोई शैक्षणिक या अनुभव प्रमाणपत्र है, तो वह भी साथ लाएं।

लोकेशन डिटेल:

📍 चतुर्वेदी काम्प्लेक्स, बारापत्थर, सिवनी
📍 पंजाब नेशनल बैंक के पास, ग्रामोद्योग के बाजू में

यह भर्ती सिवनी जैसे उभरते शहर के युवाओं के लिए रोज़गार का सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। स्थानीय निवासियों के लिए यह बैंक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

👉 अगर आप नौकरी की तलाश में हैं, तो इस मौके को हाथ से ना जाने दें और 17 जुलाई को अपने दस्तावेज़ों के साथ इंटरव्यू के लिए ज़रूर पहुँचे।

नोट: अधिक जानकारी के लिए OCMS बैंक के ऑफिस में संपर्क करें या इंटरव्यू स्थल पर सीधे पहुँचें।

सिवनी: भीमगढ़ डेम का जलस्तर बढ़ा, कल प्रातः 8 बजे खोलें भीमगढ़ बांध के तीन गेट खोलें जाएंगे

सिवनी, 15 जुलाई 2025 — जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते भीमगढ़ डेम का जलस्तर बढ़कर 517.10 मीटर तक पहुंच गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कार्यपालन यंत्री पी.एन. नाग ने बताया कि जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए 16 जुलाई की सुबह 8 बजे डेम के क्रमांक 5, 6 एवं 7 नंबर के गेट खोले जाएंगे। इन गेटों से लगभग 20,000 घन फीट प्रति सेकंड (क्यूसेक) की दर से अतिरिक्त जल बैनगंगा नदी में प्रवाहित किया जाएगा।

इस जल प्रवाह के कारण बैनगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नदी के किनारों, घाटों तथा निचले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि नदी के पास अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं और सतर्कता बरतें, जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

प्रशासन की अपील:

  • नदी किनारे न जाएं
  • घाटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
  • बच्चों एवं बुजुर्गों को नदी क्षेत्र से दूर रखें
  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकतानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। आमजन से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचना स्रोतों पर ही भरोसा करें।

ध्यान दीजिए सीएम साहब: सिवनी में 38 करोड़ की लागत के सांदीपनि विद्यालय में सैकड़ों विद्यार्थी टाट-पट्टी पर बैठने को मजबूर

सिवनी, छपारा: जब सरकारें शिक्षा में क्रांति का दावा करती हैं और आधुनिक विद्यालय की परिकल्पना पर करोड़ों रुपये खर्च करती हैं, तब आम जनता की उम्मीदें और भी बढ़ जाती हैं। लेकिन जब हकीकत इसके एकदम उलट हो, तो वह न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी आईना दिखाती है।

38 करोड़ की लागत, फिर भी बच्चे फर्श पर

मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले के छपारा नगर में तैयार किया गया सांदीपनि विद्यालय, जिसे प्रदेश सरकार ने सीएम राइज स्कूल के रूप में प्रचारित किया, आज अपने ही दावों को झुठला रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस विद्यालय पर लगभग 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्कूल को नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए विकसित किया गया है, और इसमें 2000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस भव्य इमारत के भीतर 600 से अधिक छात्र अब भी टाट-पट्टी पर फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह स्थिति सवाल खड़े करती है — क्या सरकार ने केवल ईंट-पत्थरों पर ध्यान दिया और बच्चों की मूलभूत आवश्यकताओं को नजरअंदाज कर दिया?

फर्नीचर के अभाव में प्रभावित होती पढ़ाई

सरकारी दस्तावेजों और शिक्षा विभाग के बयानों में इस विद्यालय को “आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त” बताया गया है, लेकिन कक्षाओं में बेंच-डेस्क की भारी कमी इसका दूसरा चेहरा उजागर करती है। छठवीं, सातवीं और नवमीं कक्षा के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हैं। वे रोज़ाना घंटों तक फर्श पर बैठने को विवश हैं, जिससे न केवल उनका शारीरिक विकास प्रभावित होता है बल्कि उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता भी बाधित होती है।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर

फर्श पर बैठकर पढ़ाई करना बच्चों की रीढ़ की हड्डी, आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है। छोटे बच्चों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था न होना एक अनदेखी नहीं, अपराध के बराबर है। क्या यही है वह “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” जिसकी बात सरकार बार-बार मंचों से करती है?

प्रशासन और शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय होनी चाहिए

इतनी बड़ी लागत वाली योजना में यह लापरवाही कैसे और क्यों हुई? क्या शिक्षा विभाग ने समय रहते फर्नीचर की आपूर्ति की प्रक्रिया नहीं अपनाई? क्या जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस विद्यालय की स्थिति से अनजान थे? या फिर जानबूझकर इस गंभीर स्थिति को नजरअंदाज किया गया?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, शिक्षा मंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, और सिवनी कलेक्टर — क्या ये सभी इस गंभीर खामी की जिम्मेदारी से मुक्त हो सकते हैं?

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी – क्यों?

इस विद्यालय का उद्घाटन जब हुआ था, तब कई विधायक, सांसद, और अधिकारी मंच साझा कर रहे थे। लेकिन आज जब बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, तब वे सभी चुप क्यों हैं? क्या फोटो खिंचवाना ही जिम्मेदारी की अंतिम सीमा है? क्या उन्होंने कभी विद्यालय का मुआयना किया? क्या वे बच्चों से मिलकर उनकी तकलीफें सुनने गए?

क्या नाम बदलना ही शिक्षा सुधार है?

सीएम राइज स्कूल योजना को लेकर सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे — स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशाला, खेल के मैदान, और पूर्ण सुविधा संपन्न परिसर। लेकिन जब बेंच और डेस्क जैसी मूलभूत चीजें तक उपलब्ध नहीं हैं, तो फिर यह आधुनिकता किस काम की?

क्या सिर्फ नाम बदल देने से विद्यालय का स्तर बढ़ जाएगा? क्या सीएम राइज स्कूल का मतलब केवल चमकदार बिल्डिंग है?

कागजों में आधुनिक, ज़मीन पर दयनीय हालात

सांदीपनि विद्यालय की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि योजनाएं केवल कागजों पर ही पूर्ण हैं। जमीन पर सच्चाई दुखद और चिंताजनक है। सरकारी दस्तावेजों में यह स्कूल पूरी तरह सुसज्जित बताया गया है, जबकि वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है।

क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा ज़रूरी कुछ और है?

जब हम ‘शिक्षित भारत – सशक्त भारत’ की बात करते हैं, तो उसकी नींव अच्छे स्कूलों में ही रखी जाती है। लेकिन जब करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी बच्चे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हों, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमारी प्राथमिकताएं क्या हैं?

अब ज़रूरत है जवाबदेही की, सुधार की नहीं केवल घोषणाओं की

इस मामले में तत्काल जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। यदि फर्नीचर आपूर्ति में घोटाला हुआ है तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह सभी सीएम राइज स्कूलों का ऑडिट कराए और देखे कि क्या वहां वाकई सुविधा उपलब्ध है या केवल योजनाओं के नाम पर खेल चल रहा है।

समाप्ति पर एक सवाल – क्या बच्चों का भविष्य ऐसे ही संवर पाएगा?

हम सबको मिलकर इस शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। मीडिया, नागरिक समाज, जनप्रतिनिधि और स्वयं सरकार को यह सोचना होगा कि बच्चों के भविष्य से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

नशे से दूरी है ज़रूरी अभियान: डूंडा सिवनी पुलिस द्वारा जनता नगर में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सिवनी, मप्र | 15 जुलाई 2025: सिवनी जिले के थाना डूंडा सिवनी क्षेत्र अंतर्गत जनता नगर में आज “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान के अंतर्गत एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस विभाग द्वारा क्षेत्रीय नागरिकों से संवाद कर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और समाज को नशामुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया गया।

कार्यक्रम के दौरान थाना डूंडा सिवनी के पुलिसकर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों से व्यक्तिगत बातचीत की और बताया कि किस प्रकार नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति को कमजोर बनाता है, बल्कि पूरे समाज को धीरे-धीरे खोखला कर देता है।

जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा पेम्फलेट्स का वितरण भी किया गया जिसमें नशे के प्रकार, उसके शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव तथा उससे बचने के उपायों की जानकारी दी गई। इन पेम्फलेट्स में यह भी बताया गया कि नशे से छुटकारा पाने के लिए कौन-कौन से सरकारी और गैर-सरकारी सहायता केंद्र मौजूद हैं।

इस अवसर पर स्थानीय निवासियों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की और नशे के खिलाफ इस मुहिम में सहयोग देने का संकल्प लिया। नागरिकों ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करते हैं और युवाओं को गलत दिशा में जाने से रोकते हैं।

पुलिस प्रशासन ने बताया कि इस तरह के अभियान आगे भी समय-समय पर चलाए जाते रहेंगे ताकि नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक चेतना का निर्माण किया जा सके।

“नशे से दूरी ही सुरक्षित जीवन की गारंटी है” — इस संदेश को लेकर डूंडा सिवनी थाना क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान निश्चित ही समाज को नई दिशा देने वाला सिद्ध हो रहा है।

एमआई न्यूयॉर्क ने जीता मेजर लीग क्रिकेट (MLC) खिताब

मुंबई, 14 जुलाई, 2025: एमआई न्यू यॉर्क ने 2025 मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) खिताब जीत लिया है। मात्र तीन सीज़न में मुंबई इंडियंस ने दूसरा चैंपियनशिप खिताब जीता है। वैश्विक स्तर पर मुंबई इंडियंस का यह 13वां खिताब है। अकेले 2025 में ही मुंबई इंडियंस तीन ट्रॉफी जीत चुकी है। इससे पहले एमआई केप टाउन ने दक्षिण अफ्रीका 20 में जीत हासिल की थी और इस साल की शुरुआत में डब्ल्यूपीएल में मुंबई इंडियंस महिला टीम ने खिताब जीता था। मुंबई इंडियंस सबसे सफल वैश्विक टी20 फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट ग्रुप है।

इस मौके पर नीता एम. अंबानी ने कहा, “मुंबई इंडियंस परिवार के लिए यह सचमुच एक विशेष क्षण है। तीन वर्षों में अपनी दूसरी एमएलसी ट्रॉफी जीतना मुंबई इंडियंस के जुनून, आपसी विश्वास और टीम वर्क की जीत है। हम अपने सभी प्रशंसकों – मुंबई इंडियंस पलटन – के तहे दिल से आभारी हैं, जो हमेशा हमारे साथ खड़े रहे हैं। प्रत्येक खिलाड़ी, कोच, समर्थक और हमारे वैश्विक मुंबई इंडियंस परिवार के प्रत्येक सदस्य को मेरी बधाई!”

जीत पर बधाई देते हुए आकाश एम. अंबानी ने कहा, “मुंबई इंडियंस में हम सभी के लिए यह गर्व के क्षण है। एमआई न्यू यॉर्क का अपना दूसरा एमएलसी खिताब जीतना—इस साल भारत, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका में खिताबी हैट्रिक के हिस्से के रूप में—बेहद संतोषजनक है। यह सफलता हमारी टीमों के वर्षों के विश्वास, संस्कृति और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एमआई न्यूयॉर्क के हर टीम सदस्य को बधाई जिन्होंने इस पल को संभव बनाया।”

तीन महाद्वीपों और चार देशों में मुंबई इंडियंस की पाँच टीमें अपना दबदबा बनाए हुए हैं। कुल 13 चैंपियनशिप खिताबों के साथ, मुंबई इंडियंस वैश्विक टी20 लीगों में सबसे सफल फ्रैंचाइज़ी है – जिसमें 5 आईपीएल खिताब, 2 महिला प्रीमियर लीग खिताब, 2 मेजर लीग क्रिकेट खिताब, 2 चैंपियंस लीग टी20 खिताब, और आईएलटी20 (एमआई एमिरेट्स, 2024) और दक्षिण अफ्रीका 20 (एमआई केप टाउन, 2025) में एक-एक खिताब शामिल हैं।

सिवनी: बरघाट में नकली खाद मामले में नहीं हुई ठोस कार्रवाई, ट्रक अब भी थाने में खड़ा, किसान मायूस

सिवनी, बरघाट – जिले में नकली खाद के कारोबार को लेकर बीते माह कृषि विभाग द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बरघाट थाना परिसर में नकली डीएपी खाद से भरा ट्रक आज भी जस का तस खड़ा है और किसान इस मामले में कठोर कदम उठाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

आष्टा रोड पर हो रहा था ट्रक खाली

मामला तब सामने आया जब एक ट्रक नकली डीएपी खाद से भरा हुआ आष्टा-गगेरूआ मार्ग पर शाम के समय बेखौफ तरीके से खाली किया जा रहा था। ट्रक से दो पिकअप वाहनों में खाद की बोरियां लादी जा चुकी थीं। इसी दौरान कृषि विभाग की टीम ने मौके पर दबिश देते हुए ट्रक को कब्जे में लिया और खाद की बोरियां जब्त कर लीं। इसके बाद ट्रक को बरघाट पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

कानूनी कार्रवाई हुई, लेकिन आगे की प्रक्रिया ठप

कृषि विभाग की शिकायत पर बरघाट पुलिस ने धारा 19(सी) उर्वरक नियंत्रण आदेश, धारा 3 व 7 ईसी एक्ट के तहत प्रकरण क्र. 331/24 दर्ज कर लिया। आरोपी सुनील राहंगडाले, निवासी केकड़ी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने कहा था कि जांच के बाद इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं और कार्रवाई की जाएगी। लेकिन आज तक न तो कोई नया नाम जोड़ा गया और न ही आगे कोई गिरफ्तारी या सख्त कदम उठाए गए हैं।

परीक्षण रिपोर्ट के इंतज़ार में अटकी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार कृषि विभाग द्वारा जब्त खाद के सैंपल को परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। यदि रिपोर्ट में खाद अमानक साबित नहीं हुई, तो मामला वहीं ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

न्यायालय ने खारिज की ट्रक सुपुर्दगी की याचिका

इस मामले में ट्रक की सुपुर्दगी हेतु निचली अदालत में प्रस्तुत आवेदन को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। ट्रक पिछले एक महीने से पुलिस थाने में खड़ा है। हालांकि पुलिस ने सख्त कार्रवाई की बात कही थी, परंतु कृषि विभाग द्वारा अब तक पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

डीएपी की बोरियां 300 की कीमत पर मंगाई, 1600 में बेची जा रही थीं

ट्रक की बिल्टी के अनुसार नकली डीएपी खाद की बोरियों की कीमत मात्र 300 रुपये प्रति बोरी थी, जबकि इन्हें किसानों को 1500 से 1600 रुपये में बेचा जा रहा था। ट्रक बालाघाट के लिए रवाना बताया गया, फिर भी वह धारनाकला में कैसे खाली हो रहा था, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

कार्रवाई में देरी से बढ़ रहा है किसानों का आक्रोश

कृषि विभाग की इस कार्रवाई में प्रफुल्ल घोड़ेस्वार, राजेश मेश्राम, और आर.डी. नायक की अहम भूमिका रही। लेकिन अब तक जिन लोगों ने नकली खाद मंगवाई थी, उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र में जनचर्चा का विषय बना हुआ है। अन्नदाता किसान आज भी नकली डीएपी के नाम पर ठगे जा रहे हैं।

क्या जिला प्रशासन करेगा हस्तक्षेप?

कृषि से जुड़ा यह गंभीर मामला प्रशासन की गंभीरता की कसौटी पर खड़ा है। जिले की संवेदनशील कलेक्टर को चाहिए कि इस पर विशेष ध्यान दें और दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई कराएं।

इनका कहना

एस. के. धुर्वे, उप संचालक, कृषि विभाग, सिवनी ने बताया —

“मामला न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। डीएपी का गलत ब्रांड इस्तेमाल किया जा रहा था। डाय अमोनियम फॉस्फेट पूर्ण ब्रांड नहीं था, इसी आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच प्रक्रिया जारी है।”

नकली खाद का यह मामला केवल किसानों की मेहनत पर डाका ही नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और उत्पादन पर भी गंभीर असर डाल सकता है। यह आवश्यक है कि कृषि विभाग और पुलिस मिलकर सख्त और पारदर्शी कार्रवाई करें, ताकि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

सिवनी: छपारा में 33 करोड़ के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम की खुली पोल, सांसद और 2 विधायकों द्वारा लोकार्पित शौचालय बंद

सिवनी, छपारा: नगर परिषद के द्वारा लगभग एक माह पूर्व अमृतसर सरोवार 2.0 के अंतर्गत 33 करोड़ के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम की हवा हवाई निकलती दिखाई दे रही हैं। दरअसल नगर के सबसे ज्यादा व्यस्तम मार्ग चमारी तिराहे पर लगभग 25 लाख की लागत से बनाया गया सुलभ शौचालय उक्त लोकार्पण कार्यक्रम को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहा हैं।

उल्लेखनीय है कि छपारा नगर परिषद के द्वारा लगभग एक माह पूर्व बड़े ताम-झाम के साथ बैनगंगा तट पर 33 करोड़ के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम मुख्य अतिथि मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विशिष्ट अतिथि केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह तथा सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन सहित भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन की मौजूद में संपन्न कराया गया था।

शिलालेख का फीता कटा, लटक रहा ताला

बता दें कि लगभग एक माह पहले 21 जून को छपारा नगर परिषद के द्वारा बैनगंगा तट पर दर्जनों शिलालेखों पर मंडला सांसद और केवलारी तथा सिवनी विधायक सहित सिवनी भाजपा जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में फीता कटाकर वाह वाही लूटी गई लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोकार्पित किए गए शिवनगर वार्ड के चमारी तिराहे पर 25 लाख की लागत वाला सुलभ शौचालय आज भी ताला खुलने की राह तक रहा हैं।

सवाल यह है कि सिर्फ फीता काटकर सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में खबर और फोटो छपवाकर नगर परिषद वही वही क्यों लूट रही है? जमीनी हकीकत यह है कि आज भी उक्त सुलभ शौचालय का लाभ स्थानीय नगर वासियों और यात्रियों को नहीं मिल पा रहा हैं।