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SEONI BREAKING: रेलवे की हाईटेंशन लाइन से टकराया कांवड़ का झंडा, करंट लगने से चार श्रद्धालु झुलसे – सिवनी में मचा हड़कंप

सिवनी, मध्यप्रदेश। सावन का महीना और कांवड़ यात्रा का जोश—श्रद्धा से लबरेज़ माहौल आज उस वक्त मातम में बदल गया, जब सिवनी जिले में चार कांवड़िये हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। घटना सोमवार सुबह की है, जब श्रद्धालु लखनवाड़ा के पास बैनगंगा नदी से भोमा की ओर कांवड़ यात्रा कर रहे थे। जैसे ही वे छिंदवाड़ा रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे, एक बड़ा हादसा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जयकारों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं का दल रेलवे क्रॉसिंग पार कर रहा था। इसी दौरान एक कांवड़िया जोश में ऊँचा झंडा लहराने लगा। लेकिन इस झंडे में लगी स्टील की रॉड ऊपर से गुजर रही रेलवे की ओवरहेड हाई वोल्टेज तार से छू गई और जोरदार करंट फैल गया। नतीजा—चार कांवड़िये बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही गिर पड़े।

घायल हुए सभी श्रद्धालु भोमा गांव के निवासी

घायलों की पहचान भोमा गांव के युवकों के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और अन्य कांवड़ियों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चारों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है, वहीं परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं।

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी, रेलवे और प्रशासन मौके पर पहुंचे

घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कांवड़ यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालु भयभीत हो गए और भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

प्रशासन और रेलवे विभाग के अधिकारी भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

गांव में पसरा मातम, सावन की श्रद्धा पर छाया सन्नाटा

भोमा गांव में जब हादसे की खबर पहुंची, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि जो युवक श्रद्धा से भरी यात्रा पर निकले थे, वे अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

प्रशासन की अपील – कांवड़ यात्रा में बरतें विशेष सावधानी

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान ऊँचे और धातुयुक्त झंडों के उपयोग से बचें, खासकर रेलवे ट्रैक या बिजली की हाई वोल्टेज लाइनों के आस-पास।

यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि श्रद्धा और सुरक्षा दोनों को समान रूप से महत्व देना चाहिए।

⚠️ विशेष सावधानी बरतें:

  • धातुयुक्त झंडों का प्रयोग न करें।
  • रेलवे लाइन या बिजली के तारों के पास सावधानी से चलें।
  • यात्रा से पहले मार्ग की सुरक्षा जानकारी अवश्य लें।

यह हादसा एक बार फिर हमें याद दिलाता है कि धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी एक पल में अनर्थ कर सकती है। सावन की पवित्रता को बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि हम खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।

सिवनी: एक ही रात में 4 चोरी करने वाला शातिर अफरोज खान उर्फ बिजली चढ़ा पुलिस के हत्थे

सिवनी, मध्यप्रदेश। सिवनी में अपराध की दुनिया का एक जाना-पहचाना चेहरा, अफरोज उर्फ ‘बिजली’ एक बार फिर पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। महज 20 साल की उम्र में चार नकबजनी के मामलों में जेल जा चुका अफरोज इस बार एक ही रात में चार वारदातों को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की चौकस निगाहें और तगड़ी रणनीति ने उसका खेल बिगाड़ दिया।

शहर में एक के बाद एक 5 चोरियाँ, पुलिस भी रह गई हैरान!

दिनांक 26 जुलाई से 28 जुलाई 2025 तक सिवनी शहर में चोरी की 5 बड़ी घटनाएं सामने आईं, जिनमें किराना दुकान, गोदाम, स्कूटी, नकदी और सोने-चांदी के जेवरात शामिल थे। पुलिस जब इन वारदातों की तफ्तीश में जुटी, तो सभी मामलों में एक ही तरीके और अंदाज से काम करने का अंदेशा मिला।

उल्लेखनीय है कि दिनांक 26/03/2025 को प्रार्थी संतोष अग्रवाल निवासी तिलक वार्ड सिवनी द्वारा इसकी बाबा ट्रेडर्स के नाम की किराना की थोक एवं चिल्लर बिक्री की दुकान से दिनांक 25 मार्च की रात्रि में किसी अज्ञात नकाबपोस व्यक्ति द्वारा दुकान के दुकान का ताला तोड़कर दुकान के केश काउन्टर के ड्राज से 70000/- रुपये चोरी कर लेने की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूध्द अपराध क्रमांक 220/2025 धारा 331(4), 305 (a) बीएनएस का पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

इसी प्रकार दिनांक 27/07/2025 को प्रार्थी गजेन्द्र गोखे निवासी खटीक मोहल्ला आजाद वार्ड सिवनी द्वारा इसके घर के नीचे स्थित गोदाम से गोदाम का ताला तोड़कर गोदाम में रखी स्कूटी सुजूकी एक्सेस क्रमांक MP22SB0391 को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 644/2025 धारा 331(4), 305 (a) बीएनएस का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

दिनांक 27/07/2025 को प्रार्थी रवि कुमार केवट निवासी केवटी मोहल्ला सिवनी द्वारा इसके केवटी मोहल्ला सिवनी स्थित घर का ताला तोड़कर पेटी आलमारी में रखे जेवरात एवं नकदी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 645/2025 धारा 331 (4), 305 (a) बीएनएस पंजीबध्द कर विवेचना में लिया हैं।

दिनांक 27/07/2025 को प्रार्थी अंशुल बैश निवासी गोंड़ी मोहल्ला गांधी वार्ड सिवनी द्वारा इसके घर का ताला तोड़कर आलमारी में रखे जेवरात एवं नकदी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 646/2025 धारा 331(4),305(a) बीएनएस पंजीबध्द कर विवेचना में लिया हैं।

दिनांक 28/07/2025 को प्रार्थी संतोष सोनी निवासी महावीर वार्ड सिवनी द्वारा इसके घर का ताला तोडकर आलमारी में रखे सोने चांदी के जेवरात कीमती 50000/- को घटना दिनांक को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 648/2025 धारा 331 (4), 305 (a) बीएनएस पंजीबध्द कर विवेचना में लिया हैं।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा हथियार

थाना कोतवाली पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से एक युवक हर वारदात में संदिग्ध नजर आया। पहचान हुई — अफरोज उर्फ बिजली उर्फ मारी, पिता सलीम खान, निवासी हड्डी गोदाम, भगतसिंह वार्ड, सिवनी।

सख्ती से पूछताछ में फूटा राज, सबकुछ उगल दिया अफरोज ने

पूछताछ में अफरोज ने कुबूल किया कि उसने ही इन सभी नकबजनी की वारदातों को अंजाम दिया। उसने चोरी के जेवरात पुरानी सब्जी मंडी में पीपल के पेड़ के नीचे और स्कूटी को भी पास में ही छिपाया था।

घटनाओं में उपयोग की गई मोटरसाइकिल MP22J1263 को भी आरोपी की निशानदेही पर जप्त किया गया।

कुल बरामदगी – जब्तशुदा मसरुका की कीमत 1.92 लाख रुपये

वस्तुविवरण
सोने-चांदी के जेवरात₹80,000
स्कूटी सुजुकी एक्सेस MP22SB0391₹70,000
नकदी₹12,300
मोटरसायकिल (घटना में प्रयुक्त)₹30,000
औजार (पेचकस, लोहे की रॉड)–
कुल₹1,92,300

कौन है अफरोज उर्फ बिजली?

  • उम्र: 20 वर्ष
  • निवास: हड्डी गोदाम, भगतसिंह वार्ड, सिवनी
  • पहले से दर्ज अपराध: कोतवाली में 4 नकबजनी व चोरी के प्रकरण

अफरोज पर पहले से कई मामले दर्ज हैं, लेकिन उसने अपराध की दुनिया से नाता तोड़ने के बजाय, और अधिक शातिराना तरीके से वारदातें करना शुरू कर दिया।

पुलिस की शानदार कार्रवाई, शहरवासियों ने की सराहना

इस सफल खुलासे में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडेय, थाना प्रभारी निरीक्षक किशोर वामनकर समेत पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही। विशेष रूप से प्र.आर. मनोज पाल, मुकेश गोंडाने, जगदीश घोडेश्वर एवं अन्य टीम सदस्यों की सजगता और तकनीकी दक्षता ने एक बड़ा अपराधी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया।

सिवनी पुलिस की सक्रियता और तेज कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे जितना भी शातिर हो, कानून की पकड़ से नहीं बच सकता। अफरोज उर्फ बिजली अब जेल में है, और शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। ऐसे ही पुलिस-जन सहयोग से सिवनी शहर को अपराधमुक्त बनाना अब दूर की बात नहीं।

📢 पढ़ते रहिए ‘खबर सत्ता’ – आपकी अपनी खबर, सबसे सटीक और सबसे पहले!

डिजिटल भारत की उड़ रही धज्जियाँ: CSC DIGISIGN की लापरवाही से महीनों से परेशान VLE और आम उपभोक्ता

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट: “डिजिटल भारत” (Digital Bharat) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM NARENDRA MODI) की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देश को डिजिटल (Digital India) रूप से सशक्त बनाना है, लेकिन इस सपने को पंख लगाने से पहले ही कुछ संस्थाएं इसकी जड़ों में मट्ठा डालने पर तुली हुई हैं। ऐसी ही एक संस्था है CSC DIGISIGN, जो डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) की सुविधा देने के लिए नियुक्त की गई है। लेकिन हालात यह हैं कि CSC DIGISIGN की टीम खुद डिजिटल भारत की जड़ों को कमजोर कर रही है।

🔴 VLE और सब्सक्राइबर कर रहे महीनों से इंतजार

देशभर के हजारों VLE (Village Level Entrepreneurs) और आम उपभोक्ता महीनों से डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के लिए परेशान हैं। इन लोगों ने बार-बार आवेदन किया, आवश्यक दस्तावेज दिए, लेकिन न तो सिग्नेचर जनरेट हुआ, न ही किसी प्रकार की सहायता मिली।

“हमने दर्जनों बार CSC DIGISIGN की टीम को कॉल और ईमेल किए, लेकिन हर बार हमें निराशा ही हाथ लगी,” — यह कहना है एक परेशान VLE का, जो पिछले तीन महीनों से अपनी फाइल अटकी होने की वजह से सरकारी सेवाएं देने में असमर्थ है।

📞 सपोर्ट सिस्टम नाम मात्र का, कॉल उठाना भी गंवारा नहीं

CSC DIGISIGN का कस्टमर सपोर्ट सिस्टम एकदम नाकारा और ढकोसला मात्र बन चुका है। कॉल सेंटर में फोन उठाने वाला कोई नहीं, ईमेल्स का कोई जवाब नहीं और पोर्टल पर शिकायतें करने पर भी सिर्फ टोकन नंबर दे दिया जाता है, समाधान कभी नहीं मिलता।

🇮🇳 जब सरकार डिजिटल इंडिया की बात कर रही, तब सरकारी टीम ही लगा रही ब्रेक!

यह हैरानी की बात है कि भारत सरकार की ही अधीनस्थ संस्था CSC (Common Services Center) की एक यूनिट ही डिजिटल इंडिया अभियान को नुकसान पहुंचा रही है। एक ओर मोदी सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर डिजिटल सेवाओं का प्रचार-प्रसार कर रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी ही एक सर्विस यूनिट CSC DIGISIGN, उसी डिजिटल सेवा को अपंग बना रही है।

🚨 क्या जिम्मेदारों पर होगी कोई कार्रवाई?

अब सवाल यह उठता है कि जब CSC DIGISIGN जैसी संस्थाएं ही आम जनता और VLEs को समय पर सेवाएं देने में विफल हैं, तो क्या भारत सरकार इस पर कोई कठोर कदम उठाएगी? क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा, या फिर डिजिटल इंडिया केवल एक दिखावटी नारा बनकर रह जाएगा?

📢 हमारी अपील:
अगर आप भी CSC DIGISIGN की लापरवाही का शिकार हुए हैं, तो इस खबर को शेयर करें और अपनी आवाज़ उठाएं। सरकार तभी सुध लेगी, जब जनता सवाल पूछेगी।

✍️ रिपोर्ट: शुभम शर्मा
📅 तारीख: 25 जुलाई 2025
📰 सोर्स: फील्ड रिपोर्ट, VLE कम्युनिटी प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया रिव्यू

सिवनी तहसील के पटवारी संघ को मिला नया नेतृत्व, सुबोध दुबे निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष

सिवनी: मध्यप्रदेश पटवारी संघ, जिला सिवनी की राजनीति में एक अहम मोड़ तब आया जब श्री सुबोध दुबे, पिता श्री जगदीश प्रसाद दुबे, को तहसील सिवनी का नया पटवारी संघ अध्यक्ष चुना गया। विशेष बात यह रही कि उनका चयन निर्विरोध हुआ, जो न केवल उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है बल्कि पटवारी समाज में उनके प्रति भरोसे को भी दर्शाता है।

इस निर्वाचन की प्रक्रिया 25 जुलाई 2025 को संपन्न हुई, जिसमें गठन निर्वाचन समिति की उपस्थिति में सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। निर्वाचन समिति के सदस्यगण, जिनमें तहसील निर्वाचन अधिकारी श्री राजीव सनोडिया, सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री शेखर त्रिवेदी, एवं श्री टी.डी. मरकामे शामिल थे, ने पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

चयन के पश्चात निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेखित किया गया है कि श्री सुबोध दुबे को आगामी तीन वर्षों के लिए पटवारी संघ, तहसील सिवनी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इस मौके पर संघ के कई वरिष्ठ सदस्य और पटवारी साथी उपस्थित रहे, जिन्होंने श्री दुबे को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। पूरा माहौल उत्सवपूर्ण रहा, और सभी ने एकजुट होकर संघ के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

श्री सुबोध दुबे ने अपने अध्यक्ष चुने जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा,

“यह केवल एक पद नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं पटवारी समाज के हितों की रक्षा और संगठन को और सशक्त बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करूंगा।”

उनके इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह संगठन में सकारात्मक बदलाव और विकास की नई लहर लाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यह निर्वाचन न केवल संघ की संविधान सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न हुआ, बल्कि यह भी सिद्ध कर गया कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ सिवनी में संगठनात्मक पारदर्शिता, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को पूर्ण रूप से प्राथमिकता देता है।

अब सभी की निगाहें सुबोध दुबे के कार्यकाल पर टिकी हैं, जहां उनसे यह उम्मीद की जा रही है कि वे न केवल संगठन को मजबूती देंगे, बल्कि तहसील सिवनी के पटवारियों की आवाज को ऊंचे स्तर तक पहुंचाएंगे।

सिवनी: कपूर ट्रेडर्स एंड इंजीनियर्स ने रचा इतिहास, लगातार पाँचवीं बार जीता ‘बेस्ट डीलर’ अवार्ड

सिवनी, मध्यप्रदेश : सिवनी जिले के व्यवसायिक जगत में एक बार फिर गर्व का पल आया, जब कपूर ट्रेडर्स एंड इंजीनियर्स ने जीके टीएमटी की वार्षिक डीलर्स कॉन्फ्रेंस में लगातार पाँचवीं बार ‘बेस्ट डीलर’ अवार्ड अपने नाम किया। इस सम्मान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब प्रतिबद्धता, गुणवत्ता और मेहनत एक साथ मिलते हैं, तो सफलता पीछे नहीं रहती।

कपूर ट्रेडर्स की चमकती पहचान

स्थानीय स्तर पर शुरू हुई यह फर्म आज मध्यप्रदेश में स्टील डीलिंग का एक बड़ा नाम बन चुकी है। जीके टीएमटी जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड की ओर से लगातार पाँचवीं बार अवार्ड मिलना कोई साधारण बात नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कपूर ट्रेडर्स न केवल बिक्री में आगे है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे और सेवा में भी अव्वल है।

ब्रांड एस्टेब्लिशमेंट में मिला खास सम्मान

सम्मेलन के दौरान जीके टीएमटी के डायरेक्टर रमेश अग्रवाल, संदीप बिहानी, और मार्केटिंग हेड राजेश भंडारी ने उदित कपूर और पुनीत कपूर को ब्रांड एस्टेब्लिशमेंट कैटेगरी में विशेष रूप से सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि कपूर ट्रेडर्स ने न केवल प्रोडक्ट बेचे, बल्कि जीके टीएमटी ब्रांड को लोगों के दिलों में बसाया।

ग्राहक संतुष्टि का नायाब उदाहरण

कपूर ट्रेडर्स एंड इंजीनियर्स की सफलता का राज सिर्फ बिक्री नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ उनका विश्वासपूर्ण संबंध है। चाहे बात हो समय पर डिलीवरी की, या फिर क्वालिटी प्रोडक्ट की, फर्म ने हर मोर्चे पर खुद को साबित किया है। यही कारण है कि ग्राहकों की पहली पसंद बनने में उन्हें समय नहीं लगा।

क्या बोले उदित कपूर?

अवार्ड प्राप्त करने के बाद उदित कपूर ने कहा,
“यह सम्मान हमारी पूरी टीम की मेहनत, ग्राहकों के विश्वास और पार्टनरशिप में पारदर्शिता का परिणाम है। हम आगे भी जीके टीएमटी के साथ मिलकर इसी समर्पण से कार्य करते रहेंगे।”

भविष्य की तैयारी भी पूरी

कपूर ट्रेडर्स की योजना है कि आने वाले समय में वह न केवल सिवनी, बल्कि आस-पास के जिलों में भी अपने डीलर नेटवर्क का विस्तार करे। इसके लिए डिजिटलीकरण और आधुनिक व्यापार प्रणाली को भी अपनाया जा रहा है।

कपूर ट्रेडर्स एंड इंजीनियर्स की यह सफलता सिवनी ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा है। लगातार पाँच साल तक ‘बेस्ट डीलर’ का खिताब जीतना किसी भी व्यवसाय के लिए गौरव की बात है। यह कहानी है दृढ़ निश्चय, सेवा भाव और सतत परिश्रम की, जो यह साबित करती है कि अगर इरादे नेक हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो हर मंज़िल आसान हो जाती है।

सिवनी: मठ मंदिर में बालाजी रूप में भोलेनाथ का हुआ अद्भुत दिव्य श्रृंगार, दर्शन करने उमड़े श्रद्धालु

सिवनी, मठ महाकाल मंदिर: श्रावण मास का पावन समय और शनिवार की पवित्र रात्रि — इस संगम में जब श्रद्धा, सेवा और भक्ति एक साथ मिलती है, तब नज़ारा अलौकिक बन जाता है। मठ महाकाल मंदिर में हर शनिवार की रात्रि को कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिलता है, जब मंदिर समिति के समर्पित सेवादार रूपेश सेन, अमित ठाकुर, शुभम सनोडिया, दिनेश चौरसिया एवं अन्य साथी मिलकर भोलेनाथ का दिव्य श्रृंगार करते हैं।

इस शनिवार की रात्रि को विशेष रूप से भोलेनाथ का बालाजी महाराज के रूप में भव्य श्रृंगार किया गया। जैसे ही बाबा भोलेनाथ को बालाजी के स्वरूप में सजाया गया, श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा और विस्मय से भर गईं। मंदिर परिसर में ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं संजीवनी बालाजी महाराज प्रकट होकर भक्तों को दर्शन देने आ गए हों।

विशेष श्रृंगार की झलकियाँ:

  • सबसे पहले भोलेनाथ का पवित्र जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक किया गया।
  • तत्पश्चात ताजे, रंग-बिरंगे फूलों से किया गया फूलों का श्रृंगार, जो पूरे वातावरण को सुगंधित और आध्यात्मिक बना गया।
  • बाबा के मुकुट, वस्त्र और हारों में की गई फूलों की सजावट इतनी मोहक थी कि हर भक्त भावविभोर हो गया।

सेवादारों की मेहनत और भक्ति:

सेवादारों ने बताया कि इस दिव्य श्रृंगार के लिए वे प्रत्येक शनिवार की सुबह 3 बजे सिवनी से नागपुर जाकर स्वयं ताजे और सुंदर फूल खरीद कर लाते हैं। इन फूलों से सभी देवी-देवताओं के लिए हार, माला और मेल (फूलों की पोशाक) तैयार किए जाते हैं। इस संपूर्ण प्रक्रिया में लगभग दो दिनों की लगातार मेहनत लगती है।

इन भावनाओं से ओतप्रोत श्रृंगार के पीछे केवल श्रृंगार ही नहीं, अनंत भक्ति, प्रेम और सेवा की भावना छिपी होती है।

श्रद्धालुओं की श्रद्धा:

श्रृंगार देखने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कुछ लोग तो बालाजी रूप में बाबा के दर्शन कर इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से अश्रुधारा बहने लगी।
मंदिर में घंटियों की गूंज, भजन की मधुर ध्वनि और फूलों की सुगंध ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

मठ महाकाल मंदिर में यह परंपरा पिछले कई वर्षों से निभाई जा रही है, लेकिन हर बार इसमें कुछ नया, कुछ विशेष जुड़ता है। श्रावण मास में शनिवार की यह रात, केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति और भावनाओं की जीवंत तस्वीर बन चुकी है।

सिवनी शहर में कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: होटलों में अचानक चैकिंग, अवैध गतिविधियों पर लगेगा ब्रेक!

सिवनी: सिवनी शहर में होटलों की आड़ में संचालित अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस चैकिंग अभियान ने न केवल होटल संचालकों को चौंकाया बल्कि यह संदेश भी साफ़ कर दिया कि अब लापरवाही या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देश और एएसपी श्री दीपक मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडेय के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिवानी होटल, वीनस होटल, कमल कृष्ण लॉज एवं होटल आनंद इन में अचानक दबिश दी।

🚨 क्या मिली चैकिंग में?

इस दौरान पुलिस ने होटल रजिस्टर, पहचान पत्रों की जांच और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का निरीक्षण किया। कई होटल संचालकों को चेतावनी देते हुए साफ कहा गया कि:

  • नशा, जुआ, सट्टा, वेश्यावृत्ति और हथियार तस्करी जैसी अवैध गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होंगी।
  • प्रत्येक मेहमान से वैध पहचान पत्र (जैसे आधार या वोटर आईडी) अनिवार्य रूप से लेना होगा।
  • नाबालिग लड़के-लड़कियों को रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे मानव तस्करी और बाल अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
  • मेहमानों की पूरी जानकारी पुलिस थाने में प्रतिदिन साझा करनी होगी।
  • होटलों में उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और उनकी फुटेज सुरक्षित रखी जाए।

👮‍♂️ पुलिस की स्पष्ट चेतावनी

पुलिस का कहना है कि कई बार वांछित और फरार अपराधी होटलों में छिपकर रहते हैं, जिससे अपराध को बढ़ावा मिलता है। इस पर पूर्ण विराम लगाने के लिए अब होटल संचालकों की भूमिका भी जवाबदेह होगी। यदि किसी होटल में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🔍 विशेष भूमिका में पुलिस टीम

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर, सउनि श्री संतोष बेन और उनकी टीम की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ होटल चैकिंग को अंजाम दिया।

💬 क्या बोले शहरवासी?
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि अगर ऐसे अभियान नियमित रूप से चलते रहें, तो शहर में अपराधों पर लगाम लग सकती है और होटल व्यवसाय की गरिमा भी बनी रहेगी।

सिवनी: जुआ और सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 16 गिरफ्तार, नकदी और सामग्री जब्त

सिवनी: शहर में जुआ और सट्टे जैसी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई में 06 जुआरी और 10 सटोरियों को रंगेहाथ पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से 7100 रुपये नकद और 52 ताश की गड्डी समेत सट्टा पर्चियां भी जब्त की हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देश पर और एएसपी श्री दीपक मिश्रा व सीएसपी पूजा पांडे के मार्गदर्शन में की गई। कोतवाली थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने दो दिन तक लगातार रेड कर अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कस दिया।

🔶 पहली बड़ी कार्रवाई: तालाब किनारे चल रहा था ताश का खेल

24 जुलाई की शाम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुम्हारी मोहल्ला स्थित बुधबारी तालाब के पास कुछ लोग ताश के पत्तों से हार-जीत का खेल खेल रहे हैं। टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और 06 जुआरियों को पकड़ लिया।

📌 पकड़े गए जुआरी:

  1. कोमल प्रजापति (उम्र 50) – अंबेडकर वार्ड, सिवनी
  2. केवल प्रजापति (उम्र 29) – अंबेडकर वार्ड
  3. धनलाल प्रजापति (उम्र 35) – अंबेडकर वार्ड
  4. अनिल प्रजापति (उम्र 42) – अंबेडकर वार्ड
  5. कुंदन प्रजापति (उम्र 35) – अंबेडकर वार्ड
  6. गुड्डू उर्फ सुरेश परधान (उम्र 52) – अंबेडकर वार्ड

👉 जब्त सामग्री: 1900 रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते
👉 धारा: जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज

🔶 दूसरी रेड: तीन वार्डों में फैला था सट्टा जाल

25 जुलाई को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि मंगलीपेठ, दल सागर और गंज वार्ड में कुछ लोग अवैध रूप से सट्टा पट्टी लिखकर पैसे कमा रहे हैं। इस पर एक और त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर रेड मारी और 10 सटोरियों को दबोच लिया।

📌 पकड़े गए सटोरी:

  1. गोरेलाल रजक (उम्र 46) – ग्राम जोराबारी
  2. मुकेश गढ़वाल (उम्र 50) – मंगलीपेठ
  3. राजेन्द्र बैलवंशी (उम्र 40) – विवेकानंद वार्ड
  4. गजानंद सनोडिना (उम्र 35) – ग्राम सिमरिया
  5. पवन सनोडिया (उम्र 28) – ग्राम खैरीटेक
  6. शिवप्रसाद यादव (उम्र 26) – ग्राम खैरीटेक
  7. रामपाल कोष्टा (उम्र 70) – पृथ्वीराज चौहान वार्ड
  8. ददुआ यादव (उम्र 60) – ग्राम कालीरात
  9. अखिलेश चौधरी (उम्र 42) – ग्राम लोनिया
  10. शांतिलाल शेण्डे (उम्र 60) – अकबर वार्ड

👉 जब्त सामग्री: 5200 रुपये नकद और सट्टा पर्चियां
👉 धारा: सट्टा अधिनियम के तहत 10 प्रकरण दर्ज

✅ पुलिस की विशेष टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस सराहनीय कार्रवाई में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा:

  • थाना प्रभारी: किशोर वामनकर
  • सउनि: जसवंत सिंह
  • प्रधान आरक्षक: नवीन तिवारी, मनोज पाल
  • आरक्षक: चंद्रप्रकाश अड़में, कमलेश बागड़े, मुकेश गोंडाने, मनोज मरावी, प्रशांत राठौर
  • चीता स्टाफ: विशेष रूप से सक्रिय

📣 जनता से अपील

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास जुआ-सट्टे जैसी अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। प्रशासन अवैध धंधों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है।

वन्यजीवों की मौत पर WWF की चुप्पी: क्या सिवनी में सिर्फ दिखावे तक सीमित है संरक्षण का प्रयास?

सिवनी, मध्य प्रदेश। जंगलों की चुप्पी कई बार चीख बन जाती है, लेकिन जब यह चीख भी अनसुनी रह जाए तो सवाल उठते हैं – और इस बार सवाल उठ रहे हैं एक ऐसी संस्था पर, जो खुद को प्राकृतिक संरक्षण की वैश्विक प्रहरी मानती है। जी हां, बात हो रही है वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) की, जिसकी सिवनी ज़िले में भूमिका पर अब गहराते संदेह की छाया पड़ने लगी है।

दावों से हटकर हकीकत: WWF की चुप्पी पर सवाल

सिवनी के जंगलों में बीते कुछ वर्षों में बाघ, तेंदुआ, हिरण और अन्य वन्य प्राणियों की संदिग्ध या दुर्भाग्यपूर्ण मौतें लगातार सुर्खियों में रहीं। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि WWF जैसी बड़ी संस्था, जो वन्यजीवों की सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताती है, इन घटनाओं पर मौन साधे हुए नजर आ रही है।

पिछले दिनों पेंच टाइगर रिजर्व में चुनिंदा मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित एक कार्यशाला ने इस मौन को और मुखर बना दिया। कार्यशाला में पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर रजनीश सिंह और WWF के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन चर्चा उन मुद्दों पर कम और छवि निर्माण पर ज़्यादा केंद्रित रही।

जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ता WWF?

स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, WWF अब संरक्षण कार्यों से ज़्यादा वन विभाग के साथ सांठगांठ और सुविधाभोगी रवैये में उलझा दिखाई देता है। सवाल उठ रहे हैं कि जब सिवनी में वन्यजीव खुले कुओं में गिरकर मर रहे हैं, जब तस्करी और शिकार की घटनाएं हो रही हैं – तब WWF कहां है?

ग्राम हरदुआ में बाघिन और सूअर के खुले कुएं में गिरने की घटना अभी भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा है। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू तो हो गया, लेकिन सवाल यह है – क्या यह हादसा रोका नहीं जा सकता था?

बाघ की मौत: जवाब कौन देगा?

सबसे सनसनीखेज मामला 19 दिसंबर 2024 का है, जब ग्राम भीमलटोला के पास एक बाघ खुले कुएं में गिरकर मौत के हवाले हो गया। WWF से अब तक यह नहीं बताया गया कि इस घटना में किसकी जवाबदेही तय की गई? इसके अलावा 16 दिसंबर को एक और बाघ की मौत और 13 व 17 नवंबर को दो शावकों के शव मिलने की घटनाएं भी WWF की निष्क्रियता को उजागर करती हैं।

इन घटनाओं के बाद WWF से यह पूछा जा रहा है – “आपने इन प्राणियों की जान बचाने के लिए क्या किया?”

कार्यशालाएं बनाम ज़मीनी हकीकत

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि WWF अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है। बजाय इसके कि वह मृत्यु के कारणों की जांच करे, संरक्षण नीति बनाए या जनजागरूकता फैलाए, वह कार्यशालाओं और फोटो सेशन तक सीमित हो गया है। कार्यशालाएं यदि केवल दिखावा बन जाएं, तो उनका उद्देश्य कहीं खो जाता है।

स्थानीयों की मांग: जवाब चाहिए, कार्रवाई भी

सिवनी के नागरिक, पत्रकार, और पर्यावरण कार्यकर्ता अब WWF से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यह मांग सिर्फ संस्था की नीयत पर नहीं, बल्कि पूरे वन्यजीव संरक्षण मॉडल पर सवाल खड़ा कर रही है।

“जब जंगल की निगरानी करने वाला ही आंखें मूंद ले, तो शिकारी नहीं – सिस्टम जिम्मेदार होता है।“

अब वक्त है कि WWF और वन विभाग मिलकर केवल छवि सुधार की कोशिश न करें, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।

WWF की भूमिका पर उठते ये सवाल सिर्फ सिवनी के जंगलों तक सीमित नहीं हैं, ये उस सोच पर भी प्रहार करते हैं जो संस्थाओं को दिखावे की दिशा में ढकेल रही है। यदि समय रहते जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आने वाला कल इन जंगलों और इनके निवासियों के लिए और भी भयावह हो सकता है।

डूंडासिवनी पुलिस की बड़ी कार्यवाही: जुआ फड़ पर मारा छापा, 5 जुआरी धराए

सिवनी: डूंडासिवनी पुलिस ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए ग्राम झीलपिपरिया में चल रहे अवैध जुआ फड़ पर बड़ी कार्यवाही करते हुए पांच जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही से इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है।

🎯 गुप्त सूचना पर बनी रणनीति

पुलिस को दिनांक 24 जुलाई 2025 को एक मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना डुण्डासिवनी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम झीलपिपरिया में कुछ लोग खुलेआम ताश के पत्तों पर जुए का खेल खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और तत्काल रेड की योजना बनाई गई।

🚓 घेराबंदी कर दबोचे गए पांच आरोपी

पुलिस टीम ने गांव में सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर मौके पर जुआ खेलते हुए पांच लोगों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता पाई। आरोपियों के पास से मौके पर ही ₹2460 नकद एवं 52 ताश के पत्ते बरामद किए गए। जुआ फड़ की यह कार्यवाही इलाके के अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।

👥 पकड़े गए आरोपियों की सूची:

  1. तामसिंह पिता विसराम धुर्वे, उम्र 40 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  2. रामसिंह पिता सोनेलाल परते, उम्र 30 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  3. दिनेश पिता तेजूलाल भलावी, उम्र 30 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  4. राम पिता किशोरी भलावी, उम्र 29 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  5. विजेन्द्र पिता इस्तुलाल उइके, उम्र 35 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया

📜 जप्त सामग्री:

  • ₹2460/- नकद राशि
  • 52 ताश के पत्तों की गड्डी

⚖️ कानूनी कार्यवाही

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 351/25 के तहत धारा 13 जुआ एक्ट में मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्यवाहियाँ जारी रहेंगी।

📢 पुलिस की अपील: थाना डुण्डासिवनी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियाँ नजर आती हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना से समाज को अपराधमुक्त बनाने में बड़ा योगदान हो सकता है।