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बरघाट में दर्दनाक हादसा: अवैध पेट्रोल-डीजल के खेल में जिंदा जला युवक, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती!

बरघाट (मध्यप्रदेश)। एस. शुक्ला:- सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र में शनिवार देर रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्राम कौडिया घीसी में अवैध पेट्रोल-डीजल की हेराफेरी के दौरान आग भड़क गई। इस आग की चपेट में आने से युवा पंकज राहंगडाले की दर्दनाक मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा टैंकर और ढाबे का एक कमरा राख में तब्दील हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ढाबे में लंबे समय से अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार चल रहा था। आग इतनी तेज भड़की कि ढाबे से करीब 100 मीटर दूर खड़ा टैंकर भी आग का गोला बन गया। गनीमत रही कि टैंकर में भरे पेट्रोल-डीजल में विस्फोट नहीं हुआ, वरना आसपास का पूरा इलाका तबाह हो सकता था।

पुलिस के लिए बनी चुनौती

इस घटना ने बरघाट पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सवाल यह है कि ढाबे में अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार आखिर किसकी शह पर चल रहा था? ढाबा संचालक खुद को इस कारोबार से अनजान बता रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां खुलेआम टैंकर रुकते और अवैध डीजल-पेट्रोल उतारा जाता था। अब यह जिम्मेदारी पुलिस की है कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सच्चाई सामने लाए।

टैंकर ड्राइवर की मिलीभगत का शक

घटनास्थल पर जांच में यह साफ हुआ कि टैंकर से “सटक पाइप” लगाकर पेट्रोल-डीजल निकाला जाता था। जले हुए टैंकर के नीचे पाइप के टुकड़े मिले हैं, जो इस अवैध धंधे की ओर इशारा करते हैं। सूत्रों का कहना है कि टैंकर ड्राइवर की सहमति से ही यह हेराफेरी होती थी। हादसे के समय ड्राइवर भी झुलसा हुआ देखा गया। ऐसे में पुलिस की जांच में कई नए नाम सामने आ सकते हैं।

हादसे के बाद बंद हुए ढाबे

गांव के लोगों का कहना है कि इस भीषण हादसे के बाद से जंगल किनारे बने ढाबे बंद हैं। पहले यहां रोज कई टैंकर रुकते थे, लेकिन अब डर के माहौल में न तो ढाबे खुल रहे हैं और न ही टैंकर नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना अवैध कारोबार का नतीजा है और अब पुलिस की कार्यवाही से ही सच्चाई सामने आएगी।

बड़ा सवाल – जिम्मेदार कौन?

इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अवैध पेट्रोल-डीजल के कारोबार में कौन-कौन शामिल है?
  • ढाबे में लंबे समय से चल रही इस गतिविधि पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी?
  • क्या यह पूरा रैकेट पुलिस की जानकारी में चल रहा था?

बरघाट पुलिस अब इस दर्दनाक हादसे की जांच में जुट गई है। देखना यह होगा कि जांच के बाद आखिरकार सच्चाई किस रूप में सामने आती है और दोषियों को सजा मिल पाती है या नहीं।

Realme का धमाका! 15,000mAh बैटरी और 320W चार्जिंग वाला फोन – 5 दिन बिना चार्ज चलेगा स्मार्टफोन

Realme 15000 mah battery phone। स्मार्टफोन की दुनिया में एक और बड़ा धमाका हुआ है। Realme ने हाल ही में ऐसा कॉन्सेप्ट फोन पेश किया है, जिसे देखकर टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। यह फोन 15,000mAh की बैटरी और 320W सुपरसोनिक फास्ट चार्जिंग के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस एक बार चार्ज करने पर पूरे 5 दिन तक आराम से चल सकता है।

रियलमी का कॉन्सेप्ट फोन – बैटरी का सुपरहीरो

Realme ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक टीज़र जारी किया है, जिसमें “15,000mAh” लिखे फोन की झलक दिखाई गई। यह कंपनी के पिछले 10,000mAh वाले कॉन्सेप्ट फोन से भी कहीं आगे है।

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन 50 घंटे का वीडियो प्लेबैक देगा।
  • यूजर्स एक बार चार्ज करने के बाद लगभग 25 फिल्में लगातार देख सकते हैं
  • गेमिंग लवर्स के लिए, यह फोन 30 घंटे तक लगातार गेमिंग का सपोर्ट देगा।
  • इतना ही नहीं, फोन को 3 महीने तक स्टैंडबाय मोड पर भी रखा जा सकता है।

320W चार्जिंग: दो मिनट में आधी बैटरी फुल!

सबसे बड़ा आकर्षण इसकी 320W सुपरसोनिक फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी है। कंपनी का दावा है कि फोन की बैटरी सिर्फ 2 मिनट में 50% तक चार्ज हो सकती है।

  • फोन का डिजाइन भी शानदार है, जिसमें सेमी-ट्रांसपेरेंट बैक पैनल और 8.5mm की स्लिम बॉडी देखने को मिलेगी।
  • वज़न को संतुलित रखने के लिए Realme इसमें सिलिकॉन-कार्बन बैटरी का इस्तेमाल कर सकती है।

Realme P4 सीरीज़ भी हुई लॉन्च

इस बीच Realme ने भारत में अपनी P4 सीरीज़ के दो नए स्मार्टफोन भी लॉन्च किए हैं –

  • Realme P4 Pro
  • Realme P4

दोनों फोन 7,000mAh बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं।

कब होगा लॉन्च?

Realme का यह 15,000mAh बैटरी वाला फोन अभी सिर्फ कॉन्सेप्ट मॉडल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका ग्लोबल अनावरण 27 अगस्त को हो सकता है। हालांकि यह एक प्रोटोटाइप है और इसे कमर्शियल मार्केट में आने में अभी समय लग सकता है।

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सिवनी का बाहुबली चौक बना ‘दुर्घटना का जाल’, खुले नाले से हर पल मंडरा रहा खतरा

सिवनी। शहर का सबसे व्यस्त और चर्चित चौराहा, बाहुबली चौक, इन दिनों दुर्घटना का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। चौक पर स्थित पान की दुकान के पास का खुला नाला राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत का कुआं साबित हो सकता है। टूटी हुई लोहे की जालियां अब पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं, और नाले का मुँह खुले जाल की तरह हर वक्त हादसे को न्योता दे रहा है।

हर वक्त बड़ा हादसा होने का डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या महीनों से बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका परिषद ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। रात के समय तो हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं क्योंकि इलाके में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं जलती। अंधेरे में नाले का गड्ढा साफ नजर नहीं आता, जिससे पैदल यात्री, साइकिल और बाइक सवार, यहाँ तक कि बच्चे भी इसमें गिरने का खतरा झेलते हैं।

दुकानदारों और राहगीरों की नाराज़गी

एक स्थानीय दुकानदार ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा –
“यह चौक हमेशा भीड़भाड़ वाला रहता है। दिन-रात लोगों की आवाजाही लगी रहती है। अगर नगर पालिका ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो कोई गंभीर हादसा होना तय है।”

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक मरम्मत का मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे सुरक्षा और जनहित से जुड़ा मामला है।

नागरिकों की अपील: “अब तो जागो नगर पालिका”

नागरिकों ने नगर पालिका परिषद और प्रशासन से तत्काल इस समस्या को दूर करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द से जल्द नाले की जालियां ठीक नहीं की गईं, तो किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने अधिकारियों से अपील की है कि सिवनी के इस अहम चौराहे पर सुरक्षा इंतज़ाम मजबूत किए जाएं ताकि शहरवासियों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सिवनी: शिक्षक ने की छात्र से अमानवीय हरकत, सोशल मीडिया पर VIDEO VIRAL, शिक्षक महेश चौधरी निलंबित

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी ज़िले के कुरई विकासखंड की प्राथमिक शाला अर्जुनी से एक शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ शिक्षक महेश चौधरी द्वारा छात्र की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद विभाग हरकत में आया और शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वायरल वीडियो से खुला राज

28 अगस्त 2025 को यह वीडियो सामने आया, जिसमें शिक्षक महेश चौधरी को विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र विजय रामराज भलावी की अमानवीय पिटाई करते देखा गया। इस वीडियो ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों में आक्रोश फैला दिया।

जांच में हुई पुष्टि

जनशिक्षा केन्द्र खवासा और प्रभारी मंडल संयोजक कुरई की टीम ने मामले की जांच की। जांच प्रतिवेदन में साफ लिखा गया कि शिक्षक महेश चौधरी ने छात्र के साथ क्रूरता की है। यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियमों का उल्लंघन है और इसे कदाचार की श्रेणी में रखा गया।

तुरंत हुआ निलंबन

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए शिक्षक महेश चौधरी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड घंसौर कार्यालय नियत किया गया है। साथ ही उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा।

अभिभावकों का गुस्सा

इस घटना से अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य को संवारने की जगह अगर डर और हिंसा का अड्डा बन जाए तो यह बेहद चिंताजनक है।

सिवनी-बालाघाट रोड पर हुआ बड़ा हादसा! यात्रियों से भरी बस गड्ढे में समाई – बदहाल सड़क पर मौत का सफर जारी!

सिवनी/बरघाट/धारनाकला (एस. शुक्ला): सिवनी-बालाघाट रोड की खस्ता हालत एक बार फिर हादसे की वजह बनी। सोमवार को ग्राम जेवनारा के पास नंदन बस सर्विस की यात्रियों से भरी बस सड़क किनारे के साइड सोल्डर पर चढ़ते ही अचानक अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरी। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना ने एक बार फिर प्रदेश सरकार के वादों और सड़क निर्माण की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सड़क की बदहाली से बढ़ रहा खतरा

सिवनी से बालाघाट तक का राज्य मार्ग-72 पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक रोज़ाना जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। बरसात में हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर हर हफ्ते छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल नहीं

प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने करीब एक साल पहले रक्षा बंधन के मौके पर सिवनी-बालाघाट रोड को फोरलेन बनाने और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने का ऐलान किया था। लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी न तो सड़क का निर्माण हुआ और न ही मरम्मत कार्य शुरू हो पाया। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सरकारी घोषणाएं कागज़ों से बाहर क्यों नहीं आ पा रही हैं?

कागज़ों में अटका सड़क निर्माण

राज्य मार्ग-72 के निर्माण के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमपीआरडीसी (MP Rural Road Development Corporation) ने प्रभावित गांवों के राजस्व नक्शे तैयार करने के आदेश दिए थे। वहीं, परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर (Detail Project Report) बनाने का जिम्मा भोपाल की एल. एन. मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स कंपनी को सौंपा गया है। लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद जमीन अधिग्रहण और नक्शे की प्रक्रिया केवल फाइलों में ही अटकी हुई है।

गड्ढों में तब्दील सड़क पर भी टोल वसूली जारी

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि बदहाल सिवनी-बालाघाट मार्ग पर जहां लोग रोज़ मौत से खेलते हुए सफर कर रहे हैं, वहीं टोल टैक्स वसूली लगातार जारी है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार टोल विरोधी आंदोलन भी किए, लेकिन न टोल वसूली बंद हुई और न ही सड़क का निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ पाया।

जनता का सवाल – सड़क बनेगी या फिर सिर्फ घोषणा?

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक हर यात्री की जान पर जोखिम बना रहेगा। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि –
👉 क्या सिवनी-बालाघाट रोड सिर्फ राजनीतिक घोषणा बनकर रह जाएगी?
👉 क्या सरकार जनता की जान से खिलवाड़ करना बंद करेगी?
👉 आखिर राज्य मार्ग-72 का निर्माण कार्य कब शुरू होगा?

सिवनी-बालाघाट रोड पर बस हादसे ने एक बार फिर सरकारी लापरवाही को उजागर कर दिया है। यात्रियों की जान तो बच गई, लेकिन यह साफ हो चुका है कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होता, इस मार्ग पर हर सफर मौत का सफर ही रहेगा।

बरघाट कांड: अवैध पेट्रोल-डीजल के धंधे ने ली एक और जान, ढाबा और टैंकर में लगी भीषण आग, जिंदा जल गया युवक पंकज!

सिवनी/बरघाट (एस. शुक्ला): बरघाट थाना क्षेत्र के ग्राम कौडिया में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। लंबे समय से चल रहे अवैध पेट्रोल-डीजल के कारोबार ने आखिरकार एक मासूम जान ले ली। ढाबे और टैंकर में अचानक लगी आग से पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया और स्थानीय युवक पंकज रहांगडाले जिंदा जलकर राख हो गया।

टैंकर से डीजल निकालते समय भड़की आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीती रात एक फेडरल टैंकर से चोरी-छिपे डीजल निकाला जा रहा था। इसी दौरान अचानक मोटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और चंद सेकंड में ही आग ने टैंकर व ढाबे को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि आस-पास अफरा-तफरी मच गई।

टैंकर ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते हुए वाहन को सड़क किनारे लगभग 100 मीटर दूर खड़ा कर दिया और किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन वह भी गंभीर रूप से झुलस गया।

अवैध धंधे का अड्डा बने ढाबे

स्थानीय लोगों ने खुलासा किया कि बरघाट क्षेत्र में जंगल किनारे बने ढाबे लंबे समय से अवैध ईंधन व्यापार का केंद्र बने हुए हैं। ट्रकों और टैंकरों से चोरी-छिपे पेट्रोल-डीजल निकालकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जाता था।

ग्रामवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो शायद युवक पंकज की जान बच सकती थी।

मोटर से निकाला जा रहा था डीजल

जांच में सामने आया है कि छोटी पानी की मोटर लगाकर टैंकर से डीजल निकाला जा रहा था। टैंकर के ऊपर से पाइप डालकर ईंधन निकालने की यह खतरनाक प्रक्रिया ढाबा मालिक और टैंकर ड्राइवर की मिलीभगत से चल रही थी। माना जा रहा है कि इसी दौरान मोटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग भड़क उठी।

घंटों जाम, पुलिस-प्रशासन की दौड़भाग

आग लगने से हाईवे पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस और प्रशासन ने तत्काल वाहनों की आवाजाही रोक दी ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो।

फायर ब्रिगेड की टीम ने तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और टैंकर को ब्लास्ट होने से बचा लिया। लेकिन पंकज रहांगडाले की जिंदगी इस आग में खत्म हो गई।

प्रशासन की मौजूदगी

घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मोहनीश बैस, एसडीओपी ललित गठरे और तहसीलदार अमरित लाल धुर्वे दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने रातभर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।

बरघाट की यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अवैध पेट्रोल-डीजल माफिया की लापरवाही का नतीजा है। यह सवाल अब और तेज़ी से उठ रहा है कि आखिर कब तक प्रशासन की नाक के नीचे यह खतरनाक धंधा फलता-फूलता रहेगा?

सिवनी: बरघाट पुलिस की नाक के नीचे ढाबे में खाली हो रहा था पेट्रोल-डीजल, टैंकर में लगी भीषण आग से ढाबा खाक!

सिवनी/बरघाट (एस. शुक्ला)। जिले के बरघाट थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ग्राम कौडिया घीसी में लंबे समय से चल रहे अवैध पेट्रोल-डीजल के काले कारोबार ने बीती रात बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। जानकारी के मुताबिक, एक फेडरल टैंकर से डीजल निकालने के दौरान आग लग गई, देखते ही देखते पास में बना ढाबा और टैंकर दोनों ही लपटों में समा गए। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग भयभीत होकर इधर-उधर भागने लगे।

अवैध कारोबार का अड्डा बना ढाबा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से लगे इस ढाबे पर लंबे समय से पेट्रोल-डीजल का अवैध व्यापार चल रहा था। ट्रकों और टैंकरों से चोरी-छुपे ईंधन निकालकर यहां बेचा जाता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान लापरवाही से आग भड़क गई।

विवाद के बाद सामने आया काला कारोबार

खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही पेट्रोल पंप संचालक और ढाबा मालिक के बीच जोरदार विवाद हुआ था। उसी के बाद से लगातार चर्चा थी कि यहां बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठे रहे। अब आगजनी की घटना ने इस पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि यह कारोबार बरघाट पुलिस की नाक के नीचे लंबे समय से फल-फूल रहा था। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसकी मिलीभगत से इतना बड़ा धंधा बिना रोक-टोक चल रहा था।

बड़ा हादसा टला

गनीमत रही कि घटना के समय आसपास ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, वरना जानमाल की बड़ी क्षति हो सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों को यकीन है कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे हादसे दोबारा भी हो सकते हैं।

सिवनी: युवक ने कार में पति-पत्नी पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला, फिर खुद काट डाला गला – शहर में मचा हड़कंप!

सिवनी। मध्यप्रदेश का सिवनी जिला, जिसे अब तक शांत और सुरक्षित माना जाता था, एक बार फिर हिंसक वारदात से दहल गया। मंगलवार 26 अगस्त की शाम सिवनी-जबलपुर मार्ग पर स्थित सिमरिया तिराहे के पास हुई इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक कार में सवार युवक ने पहले कार चला रहे प्रकाश ठाकुर और उनकी पत्नी श्रृद्धा ठाकुर पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से उतरा और भागने लगा, लेकिन कुछ कदम दूर जाकर उसी चाकू से उसने अपना गला रेत लिया।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

सूत्रों के मुताबिक, लोपा ग्राम निवासी ठाकुर दंपत्ति करीब एक साल पहले गांव से शहर आकर कर्वे कॉलोनी में रहने लगे थे। प्रकाश ठाकुर टैली अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर पर काम करते थे, जबकि पत्नी श्रृद्धा गृहणी थीं।

इनकी पहचान मंगलीपेठ निवासी 30 वर्षीय अर्शित वर्मा से हुई। बताया जाता है कि अर्शित ने प्रकाश ठाकुर को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया और बदले में भारी रकम भी ले ली।

मंगलवार को अर्शित वर्मा, प्रकाश और उनकी पत्नी को कार से जबलपुर लेकर गया। उसने दावा किया कि वह प्रकाश को जिला उद्योग केंद्र (DIC) में प्रबंधक की जॉब दिलवा देगा और ज्वॉइनिंग लेटर भी दिलवाएगा। लेकिन दिनभर इधर-उधर घुमाने और समय काटने के बाद जब वह वादे से पलटा तो कार में ही विवाद शुरू हो गया।

ताबड़तोड़ वार और फिर आत्महत्या

विवाद इतना बढ़ गया कि कार की पिछली सीट पर बैठे अर्शित ने अचानक 12 इंच का नुकीला चाकू निकालकर प्रकाश ठाकुर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पत्नी श्रृद्धा ने बचाने की कोशिश की तो उस पर भी हमला किया गया।

घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपी कार से उतरकर भागा लेकिन करीब 100-150 कदम दौड़ने के बाद उसने खुद के गले पर भी वार कर लिया और मौके पर ही गिर पड़ा।

अस्पताल में भर्ती, नागपुर रेफर

घटना के बाद राहगीरों ने घायल दंपत्ति को तत्काल साईराम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्रकाश ठाकुर की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें नागपुर रेफर कर दिया, जबकि श्रृद्धा ठाकुर का इलाज जारी है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

अपराधों का गढ़ बनता सिवनी?

सिवनी शहर इन दिनों लगातार अपराधों की खबरों से चर्चा में है। नशे का बढ़ता कारोबार, शराब और अवैध गतिविधियों ने शहर की शांति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर ‘सिवनी में बढ़ते अपराध’ को लेकर आवाज उठती है, लेकिन न तो नेताओं और न ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।