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कर्नाटक चुनाव पर मशहूर ज्योतिषी की बड़ी भविष्यवाणी: शनि-बुध करेंगे सबसे बड़ा खेल!शनि-बुध किसा देंगे साथ बीजेपी या कांग्रेस? 

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 पर ज्योतिष कुंडली भविष्यवाणी: चूंकि कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों के लिए जल्द ही 10 मई 2023 को मतदान होगा, इसलिए तीन प्रमुख राजनीतिक दल इसमें चुनाव लड़ने जा रहे हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस और जनता दल प्रमुख दल हैं। इसलिए हम पहले इन पार्टियों पर विचार करेंगे।

कर्नाटक चुनाव पर कांग्रेस के लिए भविष्यवाणी

कांग्रेस धनु लग्न की कुण्डलित कुम्भ राशी में शनि का गोचर तृतीया से जारी है। यह शनि मई 2023 के अंत तक केवल 12 डिग्री तक प्रगति कर रहा है। वहीं, कांग्रेस की मूल कुंडली में यह शनि रवि-बुध केंद्र से होकर गुजरेगा और मूल कुंडली में हर्षल की षडाष्टा। कांग्रेस की मूल कुंडली में सत्ता के अधिपति रवि का गोचर चंद्रमा-शनि के ऊपर मेष राशि में होगा।

कांग्रेस को शुरू से ही सही उम्मीदवार चुनने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। चयनित उम्मीदवारों को शुरू से ही जनता का गुस्सा झेलना पड़ेगा। जैसा कि अभियान में भारी व्यवधान होगा, उनकी सारी योजना चरमरा जाएगी। वर्तमान में मंगल मिथुन राशि में गोचर कर रहा है और यह गोचर कांग्रेस की मूल कुंडली में सप्तम भाव में गोचर कर रहा है।

10 मई 2023 को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेगा। यह मंगल जातक के दल में झगड़े या कलह का कारक होता है। बुध 31 मार्च को मेष राशि में प्रवेश करता है और 21 अप्रैल को वक्री होकर 15 मई को गोचर करता है। बुध का मेष राशि में गोचर कांग्रेस के लिए काफी गर्म है।

पार्टी में एक बड़ा वैचारिक विभाजन है, क्योंकि बुध चंद्रमा-शनि का गोचर करेगा, और चूंकि कांग्रेस की मूल कुंडली में बुध 6वें गोचर में बुध होगा, इसलिए महत्वपूर्ण स्थानों पर नेताओं के बीच भ्रम बढ़ेगा। 21 अप्रैल की रात मीन राशि मेष राशि में प्रवेश करेगी।

21 अप्रैल के बाद चुनाव होने जा रहे हैं, ऐसे में यह गुरुभ्रमण कांग्रेस का पक्ष लेगा। लेकिन चूंकि 21 मई से 17 जून तक गुरु-राहु चांडाल योग बन रहा है, इसलिए जो कांग्रेस के परंपरागत वोटर हैं, वे दूसरे दल को वोट दे सकते हैं। एक मेष गुरु के रूप में जो पंचम में भ्रमण करेगा और विधान सभा की सीट पर नजर रखेगा, वह कांग्रेस के पक्ष में रहेगा। 

रवि का 15 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश होगा, कांग्रेस के मूल पत्र में चंद्र-शनि से रवि का गोचर पूरी तरह से प्रतिकूल रहेगा। कुल मिलाकर, कर्नाटक विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए काफी संघर्षपूर्ण है।

कर्नाटक चुनाव पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए भविष्यवाणी

भारतीय जनता पार्टी की कुंडली में शनि का कुंभ राशि में गोचर मिथुन लग्न से प्रारंभ होने से मिश्रित परिणाम देता है।क्योंकि ऐसा इसलिए होने जा रहा है क्योंकि भाजपा की कुंडली के तीसरे भाव में मंगल-राहु-गुरु-शनि जैसे बलवान ग्रह हैं। चूंकि भाजपा की कुंडली में मीना में बृहस्पति वर्तमान में रवि पर गोचर कर रहा है, इसलिए यह उनके लिए शुभ है।

चूंकि 22 अप्रैल से मेष राशि का गोचर गुरुभ्रमण राहु और हर्षल के माध्यम से होगा, यह भाजपा के लिए अच्छा है। चूंकि प्लूटो मकर राशि में है और अष्टम में गोचर कर रहा है, इसलिए कई नेताओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। 

चूंकि रवि 14 अप्रैल से मेष राशि में गोचर करेगा, इसलिए रवि शुभ और अशुभ ग्रहों के साथ रहेगा। जो लोग बीजेपी के वोटर नहीं हैं वो भी बीजेपी के बारे में सोचने लगेंगे.

21 अप्रैल को बुध के वक्री होने से इनके विचार प्रबल होंगे। बुध का मेष राशि में गोचर बीजेपी के लिए पूरी तरह से अनुकूल नहीं है, क्योंकि बीजेपी की मूल कुंडली में बुध-राहु-हर्षल-गुरु ग्रह चंद्रमा से छठे स्थान में हैं, इसलिए उनका पराक्रम थोड़ा कम होगा। 6 अप्रैल को शुक्र का गोचर वृष राशि में प्रवेश कर गया है, चूंकि चुनाव के अंतिम चरण में शुक्र भी अनुकूल रहेगा, ऐसे में कर्नाटक चुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी रहेगा.

कर्नाटक चुनाव पर जनता दल के लिए भविष्यवाणी

जनता दल की कुंडली में शनि का गोचर कुंभ राशि से हो रहा है और यह गोचर शनि अपने राहु के माध्यम से होने जा रहा है। मंगल मिथुन राशि में गोचर कर रहा है और चूँकि यह मंगल जनता दल की जातक कुण्डली में शनि-हर्षल-नेपच्यून युति और सूर्य-बुध-चन्द्र केंद्र में गोचर कर रहा है, इसलिए इसे अत्यधिक महत्व देना होगा। देखा जाएगा कि पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान शुरू हो गया है।

लिंगायत समुदाय को रिझाने में पार्टी को ज्यादा सफलता नहीं मिलेगी। हालाँकि मीन राशि में बृहस्पति पार्टी के लिए अच्छा है, मेष राशि में बृहस्पति जन्म चार्ट में चंद्रमा से आठवें स्थान पर होगा और जन्म कुंडली में राहु-हर्षल और युति प्लूटो से पारगमन करेगा। 

इन सभी महत्वपूर्ण ग्रह युति और ग्रहों के गोचर को देखते हुए यह देखा जाएगा कि जनता दल इस चुनाव में खास प्रदर्शन नहीं कर पाएगा। कुल मिलाकर कर्नाटक चुनाव में जनता दल के कारण कांग्रेस की हार होगी, लेकिन इसका फायदा बीजेपी को होगा.

– उदयराज साने

Vidisha में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा: कलशयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, हाथी पर विराजमान लड्डू गोपाल तो घोड़े पर सवार युवतियां

भोपाल: मध्यप्रदेश के विदिशा में बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) के मुखारबिंद से श्रीमदभागवत कथा का आयोजन आज से शुरू हुआ और यहां बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) का दिव्य दरबार लगने वाला है.

विदिशा में बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) मुखारबिंद 7 से 13 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत कथा का ज्ञान श्रोताओं तक पहुंचाया जाएगा.

कथा से पहले बीते दिन यानी 6 अप्रैल को कलश यात्रा निकाली गई. इस कलश यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. हजारों की संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लिए कलश यात्रा में शामिल हुई. हाथी पर विराजमान लड्डू गोपाल को देश की शान तिरंगा के साथ को देख सभी का दिल मनमोहित हुआ. युवतियां घोड़े पर सवार थीं.

ऐसे निकली Vidisha में Kalash Yatra:

शहर के देवी के बाग हरदौल गार्डन से कलश यात्रा का आयोजन किया गया यहां से 4 अलग अलग रथों पर संत महात्मा और यज्ञाचार्य विराजमान हए थे. इस कलश यात्रा में कामधेनु गाय, हनुमान जी के स्वरूप और महात्माओं के चित्रों की झांकी सजाई गई थी.

इस कलश यात्रा में सभी चीजें मनमोहित कर देने वाली थी जैसे इस कलश यात्रा में आगे ध्वजा वाहिनी, उसके पीछे चार बैंड दल, उज्जैन की नगाड़ा पार्टी भी शामिल हुई. मध्य में उज्जैन की तर्ज पर महाकाल की सवारी और हाथी-घोड़े भी शामिल थे. जगह जगह व्यापारियों और कई संगठनों ने यात्रा का स्वागत किया.

Vidisha में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था

इस आयोजन में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की व्यवस्था की गई है. समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार समिति द्वारा 150 से 200 बीघा जमीन पर यह पूरा आयोजन होना है जिसकी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी थी. 30 बीघा क्षेत्र में कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशाल वाटरप्रुफ डोम सजाया गया है.

10 बीघा में बनी यज्ञशाला

लक्ष्मीनारायण यज्ञ के लिए 10 बीघा में भव्य और सुंदर यज्ञशाला विशेष कुशा से तैयार की गई है. कथा के दौरान अनवरत भंडारा चलेगा. इसके लिए 5 बीघा में व्यवस्था की गई है. 15 बीघा में मेला लगेगा और 20 बीघा से अधिक क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है.

कथा आयोजक बटेश्वर सेवा संस्थान के पंडित अंकित कृष्ण तेंगुरिया (बटुक जी) ने बताया कि बागेश्वर बालाजी की कृपा से आयोजित होने वाली भागवत कथा को लेकर ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली जा रही है. जो विदिशा के इतिहास की सबसे बड़ी कलश यात्रा है.

Bageshwar Dham: शंकराचार्य ने जो कहा वो हमने दोहराया “साईं बाबा फ़क़ीर है भगवान् नहीं”- विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने किया खेद व्यक्त

Dhirendra Krishna Shastri Comment on Sai Baba: बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) सिर्फ देश ही नहीं दुनिया में अत्यधिक लोकप्रिय है. सनातन का प्रचार हो या भटके हुए लोगों की सनातन धर्म में घरवापसी लगातार ही बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) नेक कार्य में जुटे रहते है.

बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) अक्सर विवादों में भी आते रहते है कभी कोई कैसे भी आरोप लगाकर उन्हें कटघरे में खड़ा करने के प्रयास में लगा रहता है.

बीते दिनों बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) ने साईं बाबा को लेकर एक बयान दिया था जिसे विवादित बयान बताकर खूब मुद्दा बनाया गया और खूब बवाल भी मचा.

बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) ने उनसे पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कह दिया था कि सांई बाबा संत तो हो सकते हैं लेकिन उन्हें भगवान नहीं कहा जा सकता.

बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) के इस बयान के तुरंत बाद से ही देश में खलबली मच गई, हालाँकि अब उन्होंने अपने ऑफिसियल अकाउंट से एक पोस्ट जारी कर इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट करते हुए खेद व्यक्त किया.

बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) ने जारी पोस्ट में कहा “मेरा हमेशा संतों के प्रति और महापुरुषों के प्रति सम्मान है, जो हमेशा रहेगा. मैंने कोई एक कहावत बोली जो हम अपने संदर्भ में बोल रहे थे कि अगर हम छतरी पीछे लगाकर कहें कि हम शंकराचार्य हैं तो ये कैसे हो सकता है?’

‘दिल की गहराइयों से दुख है और खेद’ – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) ने कहा, ‘हमारे शंकराचार्य (Shankarachary) ने जो कहा वो हमने दोहराया कि साईं बाबा संत-फ़क़ीर हो सकते हैं और उनमें लोगों की निजी आस्था है. अगर कोई व्यक्ति किसी संत गुरु को भगवान मानता है, तो वह उसकी निजी आस्था है. हमारा इसमें कोई विरोध नहीं. हमारे किसी शब्द से किसी के हृदय को ठेंस पहुंची हो, तो उसका हमें दिल की गहराइयों से दुख है और खेद है.’

साईं भक्तों की भावनाएं आहत

गौरतलब है कि 2 दिन पहले धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हमारे धर्म में शंकराचार्य का सबसे बड़ा स्थान है. उन्होंने साईं बाबा को देवताओं का स्थान नहीं दिया है. वहीं, बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) के पीठाधीश्वर महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) ने बयान देते हुए कहा था कि गीदड़ की खाल पहन कर कोई शेर नहीं बन सकता. उनकी इस बात से साईं बाबा के भक्तों की भावनाएं आहत हुईं और उनसे माफी मांगने की बात कही गई.

यहां पढ़ें: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर FIR की मांग: शास्त्री ने साईं बाबा पर उठाए सवाल, कहा- वो भगवान नहीं; गीदड़ की खाल पहन कर कोई शेर नहीं बन सकता

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर FIR की मांग: शास्त्री ने साईं बाबा पर उठाए सवाल, कहा- वो भगवान नहीं; गीदड़ की खाल पहन कर कोई शेर नहीं बन सकता

Skin Care: पिंपल्स हों या पिगमेंटेशन की समस्या, स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाने के लिए ये TOP 7 एसिड, पढ़ें फायदे

World Health Day 2023 : त्वचा पर पिंपल्स, ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स, खुजली, एलर्जी कई तरह की समस्याओं के कारण कई लोग कंफ्यूज रहते हैं. पुरुषों और महिलाओं दोनों में हॉर्मोन्स में बदलाव, असमय खान-पान, अपर्याप्त नींद जैसे कई कारणों से त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। 

इसके कारण क्रीम, लोशन के माध्यम से त्वचा के लिए आवश्यक एसिड का उपयोग कर त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। आपकी स्किनकेयर रूटीन के हिस्से के रूप में एसिड का उपयोग करने से त्वचा को कई लाभ मिल सकते हैं, लेकिन इन एसिड का उपयोग प्रत्येक व्यक्ति की त्वचा के प्रकार, बनावट और सहनशीलता पर निर्भर करेगा।

एसिड मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर, रोमछिद्रों को खोलकर और त्वचा की बनावट में सुधार करके त्वचा को एक्सफोलिएट और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह हाइपरपिगमेंटेशन, लाइन्स और पिंपल्स से भी छुटकारा दिलाता है। 

लेकिन विभिन्न प्रकार के एसिड होते हैं, जो किसी भी त्वचा पर उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार ही एसिड का इस्तेमाल करना चाहिए। उदाहरण के लिए, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ग्लाइकोलिक एसिड का उपयोग करने से बचना चाहिए। 

इसके बजाय एक हल्के एसिड जैसे लैक्टिक एसिड या मैंडेलिक एसिड का विकल्प चुनें। लेकिन किसी भी एसिड का उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

डीवीडी कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ प्रीति सावरडेकर, एफसीपीएस एमडी, डीडीवी (सीपीएस) मेडिकल कंसल्टेंट, एंटोड फार्मास्यूटिकल्स, डॉ रिकसन परेरा बताते हैं कि विभिन्न प्रकार की त्वचा पर विभिन्न एसिड का उपयोग कैसे करें।

नियासिनामाइड एसिड

नियासिनामाइड एसिड, जिसे विटामिन बी3 के रूप में भी जाना जाता है, स्वस्थ और चमकती त्वचा के लिए उत्तम सामग्री है। नियासिनमाइड एक पानी में घुलनशील विटामिन है। इससे त्वचा की सूजन कम होती है। त्वचा की बनावट में सुधार करता है, हाइपरपिग्मेंटेशन को कम करता है, हाइड्रेशन बढ़ाता है, छिद्रों को कम करता है, मुंहासे, सुस्त त्वचा को चमकाता है। ये सभी त्वचा के लिए सुरक्षित हैं। यह त्वचा की देखभाल करने वाले उत्पादों जैसे सीरम, मॉइस्चराइज़र और मास्क में पाया जाता है।

रेटिनॉल ‘विटामिन ए

रेटिनॉल ‘विटामिन ए’ का ही एक रूप है, जो त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। रेटिनॉल में कम ताकत वाला रेटिनॉल होता है जिसका उपयोग डॉक्टर के नुस्खे के बिना किया जा सकता है, लेकिन ट्रेटिनॉइन के लिए डॉक्टर के नुस्खे की आवश्यकता होती है। इसके इस्तेमाल से एक्ने, पिगमेंटेशन की समस्या कम होती है। यह त्वचा पर समय से पहले उम्र बढ़ने के दिखने वाले लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है। रेटिनॉल एक पावर बूस्ट है जो मुंहासों के टूटने को कम करने के लिए त्वचा के छिद्रों को बंद करने के लिए सेलुलर टर्नओवर को तेज करने में मदद करता है। यह त्वचा की बनावट में भी सुधार करता है, त्वचा पर महीन रेखाओं को कम करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। लेकिन संवेदनशील त्वचा वालों को सावधानी के साथ रेटिनॉल का इस्तेमाल करना चाहिए। रेटिनॉल को अपने चेहरे पर किसी अन्य उत्पाद के साथ न मिलाएं। रात में अपनी त्वचा देखभाल दिनचर्या के हिस्से के रूप में रेटिनॉल का प्रयोग करें, लेकिन गीली त्वचा पर कभी नहीं।

AHAs

AHAs का मुख्य लाभ यह है कि वे एक्सफोलिएशन के माध्यम से आपकी त्वचा की सबसे ऊपरी, क्षतिग्रस्त परत को धीरे से हटाते हैं। यह त्वचा के लिए फायदेमंद एंटीऑक्सीडेंट, मुंहासे रोधी, मुंहासे से लड़ने वाले और कोलेजन बढ़ाने वाले गुणों से भी भरपूर है। AHA के उपयोग से त्वचा की बनावट में सुधार होता है। शुष्क त्वचा, मुहांसे आदि के लिए AHA एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकता है।

बीएचए – बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड

BHA, बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड को सैलिसिलिक एसिड भी कहा जाता है। यह एक हल्का घटक है जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। BHA मुख्य रूप से ब्लैकहेड्स और मुहांसे वाली त्वचा के लिए फायदेमंद है। लेकिन इसे कम मात्रा में लगातार इस्तेमाल करना चाहिए। कई त्वचा विशेषज्ञ भी इसकी सलाह देते हैं।

हाईऐल्युरोनिक एसिड क्रीम

Hyaluronic एसिड क्रीम, लोशन जैसे विभिन्न रूपों में उपलब्ध है। हमारे शरीर की त्वचा का 50% hyaluronic एसिड होता है। यह कोलेजन को बनाए रखने में मदद करता है। हाइलूरोनिक एसिड का उपयोग त्वचा को हाइड्रेट रखता है, झुर्रियों को कम करता है, घावों को ठीक करने में मदद करता है, त्वचा की बनावट को चिकना करता है और किडनी के दर्द को रोकता है। जोड़ों के दर्द को कम करता है, शरीर के एसिड को कम करता है, सूखी आंखों को आराम देता है, योनि के सूखेपन को कम करता है। यह आपकी त्वचा को जवां, स्वस्थ और सुंदर बनाता है। Hyaluronic एसिड मरहम, लोशन, सीरम, फेस वाश, इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है।

सेरामाइड्स

सेरामाइड्स त्वचा कोशिकाओं में पाए जाने वाले एक प्रकार हैं, जो त्वचा की बाहरी परत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं। सेरामाइड्स त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं और शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया और अन्य बाहरी कारकों से बचाते हैं। जब त्वचा में सेरामाइड्स का स्तर कम हो जाता है, जो उम्र के साथ एक सामान्य घटना है, तो त्वचा शुष्क और निर्जलित हो सकती है। सेरामाइड्स एसिड का उपयोग त्वचा की कार्यक्षमता में सुधार करके सूखापन, जलन और उम्र बढ़ने के संकेतों को रोकने में मदद करता है। त्वचा को हाइड्रेटेड, स्वस्थ रखा जा सकता है। Ceramides सभी प्रकार की त्वचा के लिए सुरक्षित और प्रभावी हैं।

सैलिसिलिक एसिड

सैलिसिलिक एसिड एक विशेष रसायन है जिसका व्यापक रूप से त्वचा देखभाल उत्पादों के निर्माण में उपयोग किया जाता है। सैलिसिलिक एसिड के इस्तेमाल से मुंहासे और काले धब्बे जैसी त्वचा की समस्याओं को दूर रखने में मदद मिलती है। सैलिसिलिक एसिड का उपयोग करने से चेहरे पर मुंहासों को कम करने और छिद्रों को साफ करने के लिए त्वचा को स्क्रब या एक्सफोलिएट करने में मदद मिलती है। सैलिसिलिक एसिड बाजार में आसानी से मिल जाता है। लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

नरेंद्र मोदी की डिग्री पर विवाद: क्या आप नेहरू, गांधी से लेकर मनमोहन सिंह, नरेंद्र मोदी जैसे भारत के 14 प्रधानमंत्रियों की शिक्षा के बारे में जानते हैं?

Controversy over Narendra Modi’s degree – नरेंद्र मोदी की डिग्री पर विवाद: क्या आप नेहरू, गांधी से लेकर मनमोहन सिंह जैसे भारत के 14 प्रधानमंत्रियों की शिक्षा के बारे में जानते हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपाधि को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लेकिन देश को आज तक फायदा पहुंचाने वाले प्रधानमंत्री की शिक्षा कितनी थी? भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कितना सीखा? 

Controversy over Narendra Modi's degree

पिछले कुछ दिनों से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपाधि को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि प्रधानमंत्री की उपाधि फर्जी है।

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बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने संपूर्ण राजनीति विज्ञान में मास्टर्स की डिग्री ली है.

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हालांकि, विरोधियों की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है। विरोधियों का दावा है कि संपूर्ण राजनीति विज्ञान कोई डिग्री विषय नहीं है।

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इसके अलावा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के स्नातक प्रमाणपत्र पर इस्तेमाल किया गया फ़ॉन्ट माइक्रोसॉफ्ट द्वारा 1992 में बनाया गया था। लेकिन मोदी की डिग्री पर 1983 की तारीख है। इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है।

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मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री की कम शिक्षा पर चिंता जताते हुए तिहाड़ जेल से पत्र भी लिखा था. क्या एक कम पढ़ा-लिखा प्रधानमंत्री आज के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने की क्षमता रखता है? उन्होंने ऐसा सवाल खड़ा किया है.

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वर्तमान में हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। पूरी दुनिया में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। लेकिन जब मैं हमारे प्रधानमंत्री को यह कहते हुए सुनता हूं कि इसकी गंदी गैस को सीवर में पाइप करके चाय या खाना बनाया जा सकता है, तो मुझे बहुत दुख होता है, सिसोदिया ने भी चुटकी ली।

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इस बीच जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर विवाद है, वहीं इससे पहले देश को फायदा पहुंचाने वाले प्रधानमंत्रियों की पढ़ाई का कितना फायदा हुआ? यह जानकारी भी गलत बताई जा रही है।

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1. देश के पहले प्रधान मंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू, 16 से अधिक वर्षों के लिए कार्यालय में थे। उनकी प्राथमिक शिक्षा घर पर ही हुई। वे आगे की शिक्षा के लिए लंदन के हैरो चले गए। नेहरू ने इसके बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज से प्राकृतिक विज्ञान का अध्ययन किया। उन्होंने इनर टेंपल इन से कानून की पढ़ाई भी की थी।

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2. नेहरू की मृत्यु के बाद, लाल बहादुर शाश्री देश के प्रधान मंत्री बने। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एम. गांधी की अपील के बाद, उन्होंने वाराणसी के एक सरकारी स्कूल से पढ़ाई छोड़ दी। बाद में, वाराणसी के काशी विश्वविद्यालय ने शास्त्री को डिग्री प्रदान की।

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3. ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने स्विट्जरलैंड में इकोले नोवेल, जिनेवा में इकोले इंटरनेशनेल, पुणे में प्यूपिल्स ओन स्कूल, ब्रिस्टल में बैडमिंटन स्कूल, विश्वभारती, शांतिनिकेतन और ऑक्सफोर्ड में सोमरवेल कॉलेज में अध्ययन किया। उन्हें कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा विशेष सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

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4. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद मोरारजी देसाई देश के चौथे प्रधानमंत्री बने। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट बुसर हाई स्कूल से की। उन्होंने 1918 में बॉम्बे प्रांत से विल्सन सिविल सेवा से स्नातक किया।

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5. मोरारजी देसाई के बाद चरण सिंह ने केवल 170 दिनों तक प्रधान मंत्री का पद संभाला। उनके पास विज्ञान की डिग्री थी। साथ ही, उन्होंने 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने गाजियाबाद में एक सिविल वकील के रूप में भी अभ्यास किया।

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6. चरण सिंह के बाद इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी देश के छठे प्रधानमंत्री बने। उनकी स्कूली शिक्षा वेल्हेम बॉयज़ स्कूल और दून स्कूल में हुई थी। उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज और इंपीरियल कॉलेज, लंदन से स्नातक किया। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स भी किया था।

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7. राजीव गांधी के बाद 2 दिसंबर 1989 को वी. पी। सिंह देश के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने अपनी शिक्षा पूना विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की।

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8. 1990 में केंद्र में चंद्रशेखर की सरकार सत्ता में आई। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सतीश चंद्र पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।

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9. चंद्रशेखर राव के बाद पी. वी नरसिम्हा राव देश के नौवें प्रधानमंत्री बने। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कटकुरु गांव में की। उन्हें उस्मानिया विश्वविद्यालय से कला स्नातक की उपाधि से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपनी कानून की शिक्षा हिसलोप कॉलेज से पूरी की।

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10. अटल बिहारी वाजपेयी, जिन्होंने 13 दिनों के लिए प्रधान मंत्री के रूप में चंद्रशेखर राव को उत्तराधिकारी बनाया, वास्तव में 1998 में अपना पूर्ण पांच साल का कार्यकाल शुरू किया। उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर से हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में स्नातक किया। उन्होंने डीएवी कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में एमए किया।

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11। एच. डी. देवेगौड़ा ने जून 1996 से अप्रैल 1997 तक देश के प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने एलवी पॉलिटेक्निक कॉलेज, हसन से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया।

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12. देश के 12वें प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल ने पहले बीकॉम और फिर एमए किया। उन्होंने अपनी पीएचडी भी पूरी की। इसके अलावा, उन्हें मानद डी.लिट डिग्री से भी सम्मानित किया गया था।

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13. यूपीए के कार्यकाल में कार्यभार संभालने वाले मनमोहन सिंह देश के तेरहवें प्रधानमंत्री बने। उन्होंने अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा पंजाब विश्वविद्यालय में की। बाद में उन्होंने न्यूफील्ड कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्त की। उसके बाद अर्थशास्त्र में डी. उन्होंने अपनी फिल की शिक्षा भी पूरी की।

Controversy over Narendra Modi's degree

14. 2014 में नरेंद्र मोदी देश के 14वें प्रधानमंत्री बने। हालाँकि उनकी शिक्षा को लेकर विवाद है, लेकिन कहा जाता है कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ ओपन लर्निंग के माध्यम से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। इसके अलावा उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की है।

IPL 2023: कौन हैं सुयश शर्मा? इस जादुई मिस्ट्री स्पिनर के बारे में आप सभी को पता होना चाहिए

KKR vs RCB: सुयश शर्मा को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की स्पिन गेंदबाजी इकाई में शामिल किया गया है, जिसमें पहले से ही वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन मिस्ट्री स्पिनर हैं।

आईपीएल डेब्यू पर अपने तीन विकेट हॉल के साथ, दिल्ली के 19 वर्षीय स्पिनर ने स्टार-स्टडेड रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बल्लेबाजी क्रम को हिला दिया था।

गुरुवार की रात कोलकाता के ईडन गार्डन्स में, उन्होंने बिग हिटर दिनेश कार्तिक, अनुज रावत और टेल-एंडर कर्ण शर्मा में तीन प्रमुख लक्ष्यों का दावा किया, क्योंकि केकेआर ने आरसीबी को 81 रनों से हरा दिया।

सुयश शर्मा का आईपीएल डेब्यू में बड़ा धमाका 

19 वर्षीय लेग स्पिन केकेआर सनसनी सुयश शर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2023) के दौरान कोलकाता (KKR) के ईडन गार्डन्स में अपना नाम बनाया । किशोर फिनोम ने आरसीबी के खिलाफ केकेआर की शुरुआत की, जिसने मैच पर एक स्थायी छाप छोड़ी।

सुयश ने एक प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में वेंकटेश अय्यर की भूमिका निभाई और बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त किया। शर्मा ने अपने पहले पेशेवर मैच में 18 रन पर 3 विकेट देकर दर्शकों को चकित कर दिया, जिससे केकेआर ने आरसीबी को आसानी से 81 रनों से हरा दिया। 

उन्होंने अपने कार्यकाल के एक ओवर में अनुज रावत और दिनेश कार्तिक को खत्म करने के बाद कर्ण शर्मा पर दावा किया, 30 स्टेट लाइन के लिए 3 के साथ समाप्त किया। केकेआर के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित ने शानदार प्रदर्शन के लिए सुयश की तारीफ की।

कौन हैं सुयश शर्मा?

सुयश दाएं हाथ के लेग स्पिनर हैं जो दिल्ली के रहने वाले हैं। सुयश ने दिल्ली क्लब प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की।

युवा खिलाड़ी की पहचान चंद्रकांत पंडित की केकेआर टीम द्वारा की गई और कोशिशों के दौरान संभावित संभावनाओं के प्रभावित होने के बाद उन्हें आईपीएल 2023 के लिए अनुबंध दिया गया। सुयश ने आरसीबी के खिलाफ मुकाबले से पहले किसी भी लिस्ट ए, एफसी या टी20 मैचों में हिस्सा नहीं लिया है, जो दिलचस्प है।

आईपीएल 2023 की नीलामी के दौरान सुयश शर्मा 

केकेआर ने सुयश को पिछले साल दिसंबर में आईपीएल 2023 की नीलामी के दौरान 20 लाख रुपये में खरीदा था। वेंकटेश अय्यर की जगह लेने के बाद उन्हें इम्पैक्ट खिलाड़ी के रूप में बुलाया गया था, लेकिन उन्हें शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया गया था।

केकेआर के एक युवा स्पिनर सुयश ने केकेआर के कोच चंद्रकांत पंडित को अपने “लड़ाई के रवैये” से प्रभावित किया, जिसमें कहा गया कि विपक्षी बल्लेबाजों के लिए लेग स्पिनर को चुनना बहुत चुनौतीपूर्ण था।

“हमने उसे (सुयश) ट्रायल मैचों में देखा है। वह हवा में बहुत तेज है, और उसे चुनना बहुत कठिन है। यह सिर्फ अनुभवहीनता है; लेकिन उसने जुझारू रवैया दिखाया, ”मैच के बाद पंडित ने कहा।

“यह एक अच्छी जीत है। लड़कों ने चरित्र दिखाया है। शुरुआती चरण को देखते हुए, विकेट गंवाने के बाद और 200 से अधिक रन बनाने के लिए वापस आना। हमें उम्मीद थी कि पिच से स्पिनरों को मदद मिलेगी। लेकिन आपको पर्याप्त रन चाहिए। शार्दुल और रिंकू सिंह (33 में से 46) ने विपक्ष पर पलटवार किया, ”पंडित ने कहा।

IPL 2023: आईपीएल 2023 में LSG Vs SRH फैंटेसी टीम के लिए ये TOP 3 कप्तान है पहली पसंद

दुनिया में सबसे बड़ी और सबसे प्रसिद्ध टी20 प्रतियोगिताओं में से एक, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दुनिया के कुछ शीर्ष क्रिकेट खिलाड़ी शामिल हैं। हर गुजरते दिन के साथ आईपीएल का 2023 सीजन और भी रोमांचक होता नजर आ रहा है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2023) के 10वें गेम ” एलएसजी बनाम एसआरएच (LSG Vs SRH) ” में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) होंगे। । शुक्रवार, 7 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, खेल लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में होगा।

फैंटेसी क्रिकेट खिलाड़ी पहले से ही अपनी टीमों और कप्तानों को चुनने में व्यस्त हैं क्योंकि आने वाले एलएसजी बनाम एसआरएच मैच के लिए उत्साह बढ़ रहा है। आईपीएल 2023 में एलएसजी बनाम एसआरएच फैंटेसी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ कप्तान विकल्प इस लेख में शामिल होने जा रहे हैं। 

हम प्रत्येक खिलाड़ी की क्षमताओं, कमियों, और आपकी फैंटेसी टीम का कप्तान बनने की क्षमता का विश्लेषण करेंगे और आपको सबसे अधिक अंक अर्जित करेंगे। आइए अब आपकी एलएसजी बनाम एसआरएच फंतासी टीम के लिए शीर्ष कप्तान की पसंद का विश्लेषण करें।

काइल मेयर्स (LSG)

मेयर तेजी से रन बना सकते हैं और मुख्य रूप से शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं। दो आईपीएल 2023 खेलों में, उनका स्ट्राइक रेट 210 है, जो उन्हें पावरप्ले की पारी में एक शानदार हिटर बनाता है। मेयर आसानी से स्ट्राइक रोटेट कर सकते हैं और आसानी से बाउंड्री क्लियर कर सकते हैं। उनकी आक्रामक हिटिंग शैली पारी के लिए टोन सेट कर सकती है, जिससे वह एलएसजी क्लब में ओपनिंग पोजीशन के लिए आदर्श विकल्प बन सकते हैं।

काइलर मेयर्स ने पहले दो मैचों में जिस तरह का फॉर्म दिखाया है, उससे किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को फिलहाल नेस्तनाबूद किया जा सकता है। वह अपने मौजूदा प्रदर्शन के साथ-साथ पहले दो मैचों में इस विकेट पर जिस तरह से बल्लेबाजी करता है, उसके आधार पर वह एक शानदार कप्तान होगा।

मार्क वुड (LSG)

मार्क वुड लगातार और आसानी से गेंदबाजी कर सकते हैं क्योंकि वह मुख्य रूप से तेज गेंदबाज हैं। गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता के कारण वह किसी भी परिस्थिति में खतरनाक गेंदबाज है। वुड की गति और उछाल पैदा करने की क्षमता के कारण बेहतरीन हिटर्स को भी कठिनाई हो सकती है।

इंग्लिश तेज गेंदबाज का टूर्नामेंट में शानदार आगाज हुआ है। पहले मैच में इसी विकेट पर पर्पल कैप की दौड़ में सबसे आगे चल रहे मार्क वुड काफी ताकतवर दिखे। आपके एलएसजी बनाम एसआरएच फंतासी मैच के कप्तान के रूप में, वह निश्चित रूप से सफल होगा।

वुड ने पहले दो मैचों में 7.88 के अविश्वसनीय औसत और 6.00 के स्ट्राइक रेट से आठ विकेट लिए हैं। दिल्ली की राजधानियों के खिलाफ एलएसजी के उद्घाटन खेल में, इसमें पांच विकेट शामिल हैं।

एडेन मार्करम (SRH)

दक्षिण अफ्रीका के शानदार बल्लेबाज एडेन मार्करम अपने विश्वसनीय टी20 क्रिकेट प्रदर्शन के लिए ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इस मैच में, दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर के आईपीएल 2023 के ओपनर में भाग लेने की सबसे अधिक संभावना है। 

हालांकि टीम के कप्तान के रूप में एडेन मार्करम को चुनना बहुत जोखिम भरा लग सकता है, यह तथ्य कि वह गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में टीम की मदद कर सकते हैं, उन्हें किसी भी फैंटेसी टीम के कप्तान के लिए एक सही विकल्प बनाता है।

PM MODI की डिग्री विवाद में कूदे मनीष सिसोदिया: पीएम को शिक्षित करने की जरूरत, मोदी विज्ञान नहीं समझते

जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्रियों से जुड़े विवाद को लेकर जेल से देश के नाम चिट्ठी लिखी है. प्रधानमंत्री का कम पढ़ा-लिखा होना देश के लिए बहुत खतरनाक है, उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए लिखा कि “मोदी जी विज्ञान को नहीं समझते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया, “मोदी जी शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं।” पूर्व शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में देश में 60 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

उन्होंने लिखा, “भारत की प्रगति के लिए एक शिक्षित प्रधानमंत्री होना आवश्यक है।” “जब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बात कर रही है, तो मुझे यह देखकर निराशा होती है कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम गंदी नालियों से निकलने वाली प्रदूषित गैस से चाय और खाना बना सकते हैं… जब प्रधानमंत्री बात करते हैं कि कैसे रडार काम नहीं कर पाएंगे।”

बादल भरे मौसम में जेट का पता लगाने के लिए, वह पूरी दुनिया के लिए हंसी का पात्र बन जाता है। स्कूलों और कॉलेजों में छात्र उसका मजाक उड़ाते हैं, “सिसोदिया ने अपने हाथ से लिखे पत्र में कहा, जिसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर साझा किया।

“इस तरह के बयान देश के लिए खतरनाक हैं, पूरी दुनिया को पता चल जाता है कि भारत के प्रधानमंत्री कम पढ़े-लिखे हैं और उन्हें विज्ञान का बुनियादी ज्ञान नहीं है।”

उन्होंने आगे टिप्पणी की कि क्या पीएम मोदी को एहसास है कि जब वे विश्व नेताओं के साथ महत्वपूर्ण संधियों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं तो वे किस पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।

Manish Sisodia jumps into PM Modi’s degree controversy: PM needs to be educated, Modi does not understand science

“मैंने प्रधानमंत्री का एक वीडियो देखा जिसमें वह गर्व से बात कर रहे थे कि कैसे वह बहुत शिक्षित नहीं हैं। उन्होंने केवल अपने गांव में बुनियादी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। क्या अशिक्षित या कम शिक्षित होना गर्व की बात है? एक ऐसा देश जहां प्रधानमंत्री मंत्री अच्छी तरह से शिक्षित नहीं हैं, आम नागरिकों के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा नहीं होगी,” उन्होंने टिप्पणी की। 

यह दावा करते हुए कि पिछले कुछ वर्षों में देश में 60,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं, सिसोदिया ने लिखा: “यह दिखाता है कि शिक्षा सरकार के लिए प्राथमिकता नहीं है।”

“हम एक कंपनी के प्रबंधक की तलाश करते हैं, लोग एक शिक्षित व्यक्ति की तलाश करते हैं। क्या देश का सबसे बड़ा प्रबंधक एक शिक्षित व्यक्ति नहीं होना चाहिए?” दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री ने टिप्पणी की। 

पीएम मोदी की डिग्री पर आप बनाम बीजेपी

ये टिप्पणी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणियों की गूंज है जब उन्होंने पीएम मोदी की शिक्षा के बारे में कई सवाल उठाए थे। पिछले हफ्ते एक प्रेस वार्ता में सीएम केजरीवाल ने कहा था, “ऐसी कई टिप्पणियां हैं जो पीएम मोदी ने की हैं और जो देशवासियों के लिए आश्चर्य की बात है। एक बार उन्होंने कहा था कि नालियों से निकलने वाली गैस पर चाय बनाई जा सकती है और अन्य अवसरों पर- उन्होंने कहा कि एक विमान को बादलों के पीछे रहने पर रडार डिटेक्शन से बचाया जा सकता है।”

केजरीवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री कनाडा में एक गणितीय सूत्र के बारे में बात कर रहे थे जिसे वह समझा नहीं सकते थे और भारत के नागरिक इसके कारण शर्मिंदा महसूस करते थे।

जलवायु परिवर्तन की चिंता पर बोलते हुए सीएम ने कहा, “एक बार पीएम मोदी बच्चों से कह रहे थे कि जलवायु परिवर्तन कुछ भी नहीं है। अगर पीएम ऐसा कहेंगे तो हम इस पर कार्रवाई कैसे कर पाएंगे? मैं इवेंट में बच्चों को मुस्कुराते हुए देख सकता था।” चुपचाप उनके बयान पर।”

Manish Sisodia jumps into PM Modi’s degree controversy: PM needs to be educated, Modi does not understand science

उन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले के एक दिन बाद सवाल उठाया कि प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री और स्नातकोत्तर डिग्री प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिन्होंने पीएम के डिग्री सर्टिफिकेट का ब्योरा मांगा था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री के प्रेसर के जवाब में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने दिल्ली कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए। पोस्टरों पर लिखा था, ‘डिग्री तो बहाना है, केजरीवाल को भ्रष्टाचार से नजर हटाना है’।

Coronavirus in India: भारत में 24 घंटों में कोरोना वायरस के 6,050 नए पॉजिटिव केस मिले, 14 लोगों ने तोडा दम

Coronavirus in India 07 April 2023 Update: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने पिछले 24 घंटों में 6,050 नए कोविड -19 मामले दर्ज किए हैं। संक्रमण का ताजा आंकड़ा गुरुवार की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है, जो 5,300 मामलों में था, कोरोना वायरस के अब सक्रिय मामले 28,303 है।

मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वायरस के कारण 14 और लोगों की मौत हुई है। महाराष्ट्र से तीन, कर्नाटक और राजस्थान से दो-दो, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब से एक-एक मौत की पुष्टि हुई है और केरल ने एक मौत की पुष्टि की है।

कोविड -19 के कारण जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 5,30,943 है। और वायरस से ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाने वालों की संख्या 4,41,85,858 है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दैनिक सकारात्मकता दर, संक्रमण के प्रसार का एक संकेतक, वर्तमान में 3.39 प्रतिशत है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया शुक्रवार दोपहर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

बुधवार को कोविड अधिकारिता कार्य समूह ने नियमित समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में डॉ. वीके पॉल, डॉ. राजीव बहल, महानिदेशक, आईसीएमआर और अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हुए।

जबलपुर के इन 12 प्राइवेट अस्पतालों पर बड़ा एक्शन: पंजीयन समाप्त, लाइसेंस रद्द; देखें लिस्ट – MP NEWS

जबलपुर ब्रेकिंग: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में 12 प्राइवेट अस्पतालों के पंजीयन को समाप्त कर दिया है. हालांकि यह जानकारी अभी नहीं मिल पाई है की इन सभी अस्पतालों का लाइसेंस रद्द करने के पीछे की मुख्य वजह क्या रही है.

हालाँकि समाचार लिखे जाने तक अधिकारियों द्वारा यही बताया गया है कि इन अस्पतालों द्वारा कुछ प्रावधानों के तहत आवश्यक शर्ते पूरी नहीं की जा रही थी. जिसकी वजह से इन पर एक्शन लिया गया है.

जबलपुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा (Dr. Sanjay Mishra) ने मध्यप्रदेश रूजोपचार्य गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रिकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 के प्रावधानों के तहत आवश्यक शर्तें पूरी नहीं करने पर गुरुवार को आदेश जारी कर जिले के बारह निजी अस्पतालों का लायसेंस तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।

जबलपुर के इन अस्पतालों के लाइसेंस हुए रद्द

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, इन निजी अस्पतालों में

  • आईएसबीटी के सामने आईटीआई रोड स्थित एचएन नेमा मेमोरियल सुपर स्पेशलिटी हार्ट एण्ड क्रिटिकल यूनिट
  • प्रेम मंदिर के पास राईट टाऊन स्थित लाइफ केयर आईसीयू एडवांस क्रिटिकल केयर सेंटर
  • रसल चौक नेपियर टाउन स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
  • ग्राम मुकनवारा चरगंवा स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल

इन अस्पतालों का पंजीयन फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट न होने पर समाप्त किया गया है।

इसी प्रकार से

  • मेडीकल कॉलेज के समीप नेहरू नगर स्थित के.एल. मेमोरियल नर्सिंग होम
  • रद्दी चौकी सेफ नगर स्थित केजीएन हॉस्पिटल
  • ग्राम ऐंठाखेड़ा तहसील शहपुरा स्थित महाकौशल हॉस्पिटेक्स एण्ड रिसर्च सेंटर
  • दयोदय तीर्थ तिलवारा स्थित पूर्णायु आयुर्वेद चिकित्सालय एवं अनुष्ठान विद्यापीठ
  • मानस भवन राईट टाउन स्थित सप्तऋषि हॉस्पिटल
  • ग्राम बिलखरवा स्थित श्री रावतपुरा सरकार आयुर्वेद कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल
  • राइट टाउन स्थित सूतिका गृह एण्ड शिशु कल्याण केन्द्र मेटरनिटी होम
  • मदन महल स्थित सुविधा पाली क्लीनिक एण्ड रिसर्च सेंटर

इनका पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं करने पर समाप्त किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इन सभी बारह निजी अस्पतालों को पंजीयन समाप्ति के आदेश जारी होते ही नये मरीजों को भर्ती न करने तथा पुराने भर्ती मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें डिस्चार्ज करने के निर्देश दिये हैं।