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Parineeti-Raghav Wedding: परिणीति-राघव की शादी के बाद पति-पत्नी के रूप में पहली तस्वीरें आई सामने

Parineeti-Raghav Wedding:  परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की शादी इन दिनों काफी चर्चा में है। बॉलीवुड अभिनेत्री ने 24 सितंबर को उदयपुर में करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में एक अंतरंग लेकिन भव्य समारोह में आप सांसद के साथ शादी कर ली। नवविवाहित जोड़े ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी पहली शादी की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वे पति-पत्नी के रूप में मनमोहक लग रहे थे।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए परिणीति ने लिखा, “नाश्ते की टेबल पर पहली बातचीत से ही हमारे दिल को पता चल गया था। इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी.. आखिरकार मिस्टर और मिसेज बनकर बहुत खुश हूं! मैं नहीं रह सकती थी।” एक दूसरे के बिना .. हमारा हमेशा के लिए अब शुरू होता है .. “

यहां देखें परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की पहली शादी की तस्वीरें:

Parineeti-Raghav Wedding

प्रियंका चोपड़ा ने शुभकामनाएं भेजी और लिखा, “मेरा आशीर्वाद हमेशा।” नीना गुप्ता, आदित्य ठाकरे और अन्य सेलेब्स ने जोड़े को बधाई दी। 

इस जोड़े की शादी हाथी दांत की थीम पर हुई थी और मेहमानों को भी इसी तरह के कपड़े पहने देखा गया था। उनकी शादी रविवार शाम को करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में यहां एक लक्जरी होटल में संपन्न हुई, जिसमें इकट्ठे हुए पापराज़ी को केवल लंबी दूरी के शॉट्स से संतुष्ट होना पड़ा, जैसे कि राघव पिछोला झील पर नाव की सवारी का आनंद ले रहे थे।

शाम करीब 4.30 बजे जयमाला और फेरे हुए। उपस्थित अतिथियों में आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और संजीव अरोड़ा और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा शामिल थे। परिणीति की BFF.

Parineeti-Raghav Wedding विदाई के मौके पर शाहरुख खान और काजोल पर फिल्माया गाना ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ बजाया गया।

कुछ महीने पहले परिणीति और राघव की सगाई हुई थी। 13 मई को नई दिल्ली के कपूरथला हाउस में इस जोड़े ने अपने प्रियजनों के सामने एक-दूसरे को अंगूठियां पहनाईं। सगाई से पहले राघव और परिणीति ने अपने रिश्ते को छुपाकर रखा था। कथित तौर पर राघव और परिणीति अपने रिश्ते से पहले कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे। 

Umariya Accident: मध्य प्रदेश के उमरिया में NH43 पर तेज़ रफ़्तार कार पेड़ से टकराई, 5 लोगों की मौत

Umaria Accident: मध्य प्रदेश के उमरिया (Umaria) में NH43 पर तेज़ रफ़्तार कार पेड़ से टकराई, 5 लोगों की मौत उमरिया जिले (Umaria City) की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने कहा कि सोमवार को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उमरिया जिले में एनएच 43 पर एक तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा कि सोमवार तड़के मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक कार के पेड़ से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई।

सोमवार को सुबह तड़के, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH43 पर एक तेज़ रफ़्तार कार के पेड़ से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना की वजह से इस समय की सबसे गंभीर सड़क दुर्घटना में से एक है।

एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह करीब तीन बजे घुनघुटी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 43 पर मझगवा गांव के पास हुई।

सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि कार में पांच लोग सवार होकर उमरिया से शहडोल जा रहे थे, तभी टक्कर हो गई।

उन्होंने कहा कि कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

सभी पीड़ितों की उम्र 30 से 35 साल के बीच थी। उन्होंने बताया कि उनमें से अधिकतर सरकारी कर्मचारी थे। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है. 

घटना का स्थान

यह दुर्घटना घटी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत हुई थी, जो कि उमरिया जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 43 के पास स्थित है।

पीड़ित व्यक्तियों की स्थिति

सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि कार में पांच लोग सवार थे, जो उमरिया से शहडोल जा रहे थे। इस हादसे के दौरान, कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

पीड़ितों की विशेषता

सभी पीड़ितों की उम्र 30 से 35 साल के बीच थी, और उनमें से अधिकांश सरकारी कर्मचारी थे। इस घटना की जांच अब भी जारी है, और स्थानीय अधिकारियों द्वारा दुर्घटना की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

सुरक्षा में सद्गति की यात्रा के लिए सावधानी

इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि सड़क पर सुरक्षित यात्रा के लिए हमें सभी सावधानियों का पालन करना चाहिए। तेज़ रफ़्तार वाले कारों का सावधानीपूर्वक प्रयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है, और सीट बेल्ट का उपयोग सड़क पर सफर करते समय बिना छोड़े हमें अपनी सुरक्षा के लिए स्थित रहना चाहिए।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें सड़क पर सावधान रहना बेहद आवश्यक है, ताकि हम सड़क पर सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें।

मध्य प्रदेश में परिवर्तन का शंखनाद, सिवनी पहुंची जन आक्रोश यात्रा

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सिवनी (Seoni News): मध्यप्रदेश में परिवर्तन का शंखनाद, भ्रष्ट शिवराज सिंह सरकार की नाकामियों को उजागर करने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचैरी, प्रदीप जैन जन आक्रोश यात्रा लेकर सिवनी नगर की सीमा ग्राम फुलारा पंहुचे.

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार खुराना, जिले के प्रभारी चैधरी गंभीर सिंह एवं उत्साहित कांग्रेस जनों ने भव्य स्वागत किया।

जन आक्रोश यात्रा मातृधाम कातलबोडी पंहुची जहाॅ माॅ. राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर लखनवाड़ा में स्वागत किया गया, सिवनी नगर प्रवेश पर अनेक स्थानों पर जन आक्रोश यात्रा का स्वागत कर जन आक्रोश यात्रा छिन्दवाड़ा चौक पंहुची।

यहां पहुंचकर गणेश जी के मंदिर में पूजा अर्चना कर मंच पर पंहुचे पचैरी जी ने कहा कि समय कम है मैं अपनी बातो को मीडिया के माध्यम से आप तक पंहुचाउगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना द्वारा सुरेश पचैरी, प्रदीप जैन, डाॅ. नरेश कुमार, चैधरी गंभीर सिंह, ठा.रजनीशसिंह का स्वागत किया गया, नगरपालिका अध्यक्ष शफीक खान द्वारा साल एवं पुष्पमालाओं से अतिथि गणो का स्वागत किया गया।

जन आक्रोश यात्रा नगर का भ्रमण करते हुये जिला कांग्रेस कार्यालय पंहुची, पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये सुरेश पचैरी एवं प्रदीप जैन ने कहा कि जन आक्रोश यात्रा मध्यप्रदेश में सात स्थानो से गणेश चर्तुथी के पावन अवसर पर प्रारंभ की गयी यह यात्रा 11400 किलोमीटर की यात्रा है।

हमारी यात्रा रूट नं. 5 की है जो हरदा जिले से शुरू होकर नर्मदापुर में समापन्न होगा। यदि हम केन्द्र सरकार की बात करें तो कोरोनाकाल में ईलाज के अभाव में देश के अनेक लोगो ने अपनी जान गवा दी।

देश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं का अभाव है मोदी जी की घोषणाएॅ झूठी साबित हुई उन्होंने 15 लाख रूपये हर व्यक्ति के खाते में देने की बात कही थी, प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की थी, 2022 तक पक्के मकान, किसानों की आय बढ़ाने की बात कही थी, विदेशो से कालाधन वापिस लाने की बात कही थी लेकिन आज दिनांक तक सारी घोषणाएॅ सिर्फ घोषणा बनकर रह गयी।

जन आक्रोश यात्रा को लेकर लोगो में उत्साह, एक ओर भाजपा के खिलाफ आक्रोश है कार्यकर्ताओं में जोश है।

वही भाजपा की विकास यात्रा, जन आर्शीवाद यात्रा जैसा माहौल आपको इस यात्रा में देखने को नहीं मिलेंगा, शिवराज सिंह सरकार ने जो घोटाले किये, ई-टेंडिरिंग घोटाला, व्यापंम घोटाला, खनिज घोटाला इन सब घोटाला की जांच शुरू कर दी गई थी, मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी की सरकार गिरा दी गई।

कमलनाथ जी जब केन्द्र में शहरी विकास मंत्री थे उन्होंने नपकेेउजयोजना अन्तर्गत मध्यप्रदेश को  3451 करोड़ इसी तरह नपक स्कीम के तहत 864 करोड़ की वित्तीय राशि दी, मुख्यमंत्री रहते हुये प्रदेश के 27 लाख किसानों का कर्जा माॅफ किया।

महाकाल, महेश्वर और रामपथ वन गमन के लिए 450 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई, प्रत्येक विकास खंण्ड में गौशाला का निर्माण कराया गया, 100 रू. 100 यूनिट बिजली दी गई,  मुख्यमंत्री कन्या विवाह में 51 हजार रू. की राशि दी गई मुख्यमंत्री रहते हुये एक-एक वचन को पूरा करने का काम किया। अभी प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर 11 वचन दिये है।

सिवनी की भूमि को मैं पवित्र भूमि मानता हॅू यह भूमि महाराजश्री की अवतरण भूमि है जिनका मैं भी शिष्य रहा हॅू।

शिवराज सिंह द्वारा इस भूमि के लिए की गई अनेक घोषणाएॅ पूरी नही की, उन्होंने घोषणा की थी कि मैं सिवनी में इंजीनियरिंग काॅलेज, कृषि विद्यालय, ट्रांसपोर्ट नगर, पालिका बाजार बनाउंगा ऐसी अनेक घोषणाएॅ की गई जो अभी तक पूरी नहीं हुई।

शिवराज सिंह चैहान ने हर घर से 1 व्यक्ति को रोजगार देने की बात कही थी, महिलाओं के लिए फास्टेªक कोर्ट की बात कही थी, संसदीय कार्य समिति की रिपोर्ट बताती है कि पूर्व में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 9740 रू. वर्तमान में यह घटकर आय 8639 रू. हो गई, दबतइ के आंकडे़ बताते है कि मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, महिला, बच्चो के उत्पीड़न के मामले सबसे अधिक है, दहेज उत्पीड़न के मामलो में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है।

मनरेगा के तहत जो पैसा मध्यप्रदेश को भेजा गया उसका 75 प्रतिशत ही खर्च किया, जो पैसा भेजा गया मध्यप्रदेश की भ्रष्ट सरकार ने दूसरे मद में खर्च कर लिया गया।

आज मध्यप्रदेश सरकार पर 4 लाख 22 हजार करोड़ रूपय का कर्ज है, मध्यप्रदेश की बहुमूल्य संपत्ति गिरवी रखी जा रही है शिवराज सिंह  प्रति दिन नई नई घोषणाएॅ कर रहें है लगभग 22 हजार घोषणाएॅ की जा चुकी है जिनका क्रियान्वयन नही हो पाया है। यह रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार की फालोअप एक्शन प्लान की है।

जन आक्रोश यात्रा में जिला कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं, वरिस्ठ कांग्रेस नेता, निर्वाचित कांग्रेस जनप्रतिनिधियो सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, एनएसयुआई, सभी विभाग, प्रकोष्ठ ब्लाक कांग्रेस, मंडलम, सेक्टर, बूथ, बीएलए व कांग्रेस जनों ने बडी भारी संख्या में बड़चड़ कर हिस्सा लिया।

SJVN Limited Recruitment 2023: फील्ड ऑफिस, फील्ड इंजीनियर पदों पर हो रही भर्ती | पूरा विवरण यहाँ @sjvn.nic.in

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SJVN Limited Recruitment 2023: एसजेवीएन लिमिटेड अधिसूचना 2023: एसजेवीएन लिमिटेड ने फील्ड ऑफिस और फील्ड इंजीनियर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना (SJVN Limited Recruitment 2023 Notification) जारी की है। 

SJVN Limited Recruitment 2023

एसजेवीएन लिमिटेड फील्ड ऑफिस और फील्ड इंजीनियर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी और ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है।

उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट sjvn.nic पर जाकर भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ।में।

भुगतान रसीद के साथ आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि 5 नवंबर है। एसजेवीएन लिमिटेड संगठन में कुल 29 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया आयोजित कर रहा है।

SJVN Limited Recruitment 2023 Full Details

  • फील्ड इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल/सिविल) – 8 पद
  • फील्ड ऑफिसर (राजभाषा) – 2 पद
  • फील्ड ऑफिसर (एफ और ए) – 4 पद
  • फील्ड इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल/सिविल) – 15 पद

एसजेवीएन लिमिटेड भर्ती 2023: आवेदन शुल्क

सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 590 रुपये है। जबकि एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को शुल्क से छूट दी गई है।

एसजेवीएन लिमिटेड अधिसूचना 2023: आवेदन कैसे करें

योग्य उम्मीदवार 25 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2023 के बीच आधिकारिक वेबसाइट sjvn.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने के बाद, उम्मीदवारों को आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी शुल्क रसीद के साथ दिए गए पते पर जमा करनी होगी। नीचे।

पद के लिए आवेदन ____
कार्यालय डीजीएम (भर्ती)
एसजेवीएन लिमिटेड
शक्ति सदन, कॉर्पोरेट मुख्यालय, शानन शिमला, 
पिन कोड एचपी-171006।

एसजेवीएन लिमिटेड अधिसूचना 2023

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सिवनी: एक वर्ष से अटकी हुई है धारा 60 की जांच, जांच अधिकारी संदेह के घेरे में हैं!

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सिवनी, (Seoni News) धारनाकला: एक वर्ष से अटकी हुई है धारा 60 की जांच, जांच अधिकारी संदेह के घेरे में हैं. बरघाट जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सहकारिता समिति आष्टा की जांच लगभग एक वर्ष से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी जांच अधिकारी द्वारा नहीं की जा रही है, इससे किसानों और जन प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश हो रहा है।

जांच अधिकारी के द्वारा धारा 60 की जांच मिलने के बाद भी लगातार निष्क्रियता बरती जा रही है, जबकि शिकायतकर्ताओं द्वारा इस संदर्भ में अनेक बार उपयुक्त सहकारिता सिवनी से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

इसके बावजूद, जांच अधिकारी द्वारा इसे लंबे समय तक टाला जा रहा है, जो समझ से परे है।

एक वर्ष पूर्व ही हो चुके थे जांच के आदेश

यह भी उल्लेखनीय है कि जांच के आदेश एक वर्ष पहले ही जारी हो चुके थे। उल्लेखनीय है कि समिति में व्याप्त अनियमितताओं, शासकीय राशि के दुरूपयोग, और मनमानी के खिलाफ किसानों और जन प्रतिनिधियों की तरफ से बड़ी संख्या में आपत्ति हो रही है।

लगभग एक वर्ष पहले, उपयुक्त कार्यालय सहकारिता सिवनी को इसके संदर्भ में जांच और कार्रवाई के लिए आवेदन किया गया था, जिसे उपयुक्त अखिलेश निगम द्वारा धारा 60 के तहत जांच और कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे।

लेकिन आज तक जांच अधिकारी द्वारा पूरी जांच नहीं की गई है, और न ही समिति में व्याप्त अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरूपयोग पर कोई कार्रवाई की गई है, जिससे जांच अधिकारी द्वारा बरती जा रही लापरवाही और देरी को बढ़ा रही है, जिससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं, शिकायतकर्ता किसानों और जनपद सदस्यों रूपेद पटेल के द्वारा भी जांच और कार्रवाई में हो रही देरी के लिए आक्रोश व्यक्त किया गया है।

हो चुका है चक्काजाम

हो चुका है चक्काजाम। यह भी बताना जरूरी है कि समिति में व्याप्त अनियमितताओं, शासकीय राशि के दुरूपयोग, और मनमानी के खिलाफ किसानों और जन प्रतिनिधियों द्वारा सैकड़ों के संख्या में चक्काजाम किया जा चुका है।

पूर्व में पदस्थ उपयुक्त अखिलेश निगम द्वारा समिति प्रबंधक पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई है, जो अब तक अमल में है, लेकिन समिति के व्याप्त अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरूपयोग मामले की जांच और कार्रवाई के मामले में विभाग को क्यों पशीने छूट रहे हैं, यह बात समझ से परे है।

इस संदर्भ में, जनपद सदस्य और किसानों द्वारा आरोप लगाया गया है कि समिति में भारी राशि का दुरूपयोग और फर्जी बिलों के माध्यम से समिति को लाखों रुपये की चपत लगाई गई है, जिसे निष्पक्ष रूप से जांच और कार्रवाई की जरूरत है, लेकिन उपयुक्त अखिलेश निगम के स्थानांतरण के बाद से उपयुक्त कार्यालय सहकारिता सिवनी से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, और न ही निष्पक्ष रूप से जांच समितियों से हो रही है।

समितियो से होना है लाखो की वसूली नोटिस तामिली तक ही सीमित रह गई वसूली

लाखों की वसूली नोटिस तमामी तक ही सीमित रह गई है। उल्लेखनीय है कि उपयुक्त अखिलेश निगम के स्थानांतरण के बाद से धान उपार्जन में भी अनियमितताएं और हजारों क्विंटल धान की कमी के मामले में कार्रवाई शून्य है।

जबकि शार्टेज राशि की वसूली के संदर्भ में उपयुक्त सहकारिता सिवनी से अनेक बार नोटिस जारी किए गए हैं, ठोस कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई है, जबकि इस मामले में जिला कलेक्टर सिवनी द्वारा भी कार्रवाई और वसूली के आदेश उपयुक्त सहकारिता सिवनी को दिए गए हैं, लेकिन शार्टेज राशि की वसूली की कार्रवाई भी अब तक विभागीय तौर पर ठंडे बस्ते में है, जिससे किसानों से जुड़ी सहकारी समितियों की स्थिति दिनों-दिन दुखद हो रही है।

वहीं, जिनके साथ वसूली की जाने वाली है, वे लगातार चांदी पीट रहे हैं, लेकिन सहकारी समितियाँ गर्त में जा रही हैं, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चित सहकारी समिति लालपुर है, जहां पर लाखों रुपये की वसूली के साथ एफ आई आर की कार्रवाई भी उपयुक्त कार्यालय सहकारिता सिवनी से जारी पत्र और नोटिस के बावजूद ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हो रही है। इस संदर्भ में, जिले के संवेदनशील जिला कलेक्टर को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। ऐसी आपकी अपेक्षा है।

इनका कहना। मेरे द्वारा अभी ही सिवनी का प्रभार लिया गया है इस सम्बध्द मे मेरे सज्ञान मे जानकारी नही है जानकारी लेकर जांच तथा कार्रवाई की जायेगी। पुष्पेन्द्र कुशवाहा उपायुक्त सहकारिता सिवनी

मध्य प्रदेश चुनाव: MP में शिवराज सिंह चौहान को CM के रूप में पेश करने में आ रही है शर्म – कमलनाथ

MP ELECTION 2023: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य के चुनावी समय कभी ना कभी आवश्यकता होती है, लेकिन इस बार कांग्रेस के नेता कमलनाथ (Kamalnath) ने भाजपा (BJP) के मुख्यमंत्री उम्मीदवार (CM CANDIDATE) को लेकर एक नई विवाद की शुरुआत की है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आइए हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करें।

भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार

मध्य प्रदेश चुनावों के आसपास, भाजपा ने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में शिवराज सिंह चौहान को प्रस्तुत किया है।

इससे पहले, शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर कई बार कार्यभार संभाला है और उन्होंने अपने कार्यकाल में कई विकासात्मक कदम उठाए हैं।

कमलनाथ के बयान

कमलनाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा को शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करने पर शर्म आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश चुनाव के लिए आएंगे, लेकिन क्या वे अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा करेंगे, यह सवाल है जिसका उन्होंने खुलकर विचार किया।

कमलनाथ की चुनौती

कमलनाथ ने भी उठाई भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के दावों पर सवाल। उन्होंने पूछा कि क्या शिवराज सिंह चौहान की भविष्यवाणी कभी सही साबित हुई है और क्या मध्य प्रदेश की जनता इसे मान रही है। इससे प्रकट होता है कि कमलनाथ चुनौती के साथ मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की जीत की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

कमलनाथ का आरोप

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कमलनाथ ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा सरकार बेरोजगारों की समस्याओं को “अनदेखा” कर रही है और इसे एक नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सरकार को सत्ता से हटा देना चाहिए और जवानों को रोजगार देने के लिए कदम उठाना चाहिए।

मध्य प्रदेश चुनावों में यह नया विवाद दर्ज किया गया है, और इसके परिणामस्वरूप चुनावी माहौल में गरमागरमी बढ़ गई है। कमलनाथ के बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ मजबूत उतरी है और वह अपने उम्मीदवार के रूप में एक मजबूत चुनौती प्रस्तुत करेगी।

मध्य प्रदेश चुनाव एक महत्वपूर्ण घटना है जिसमें राज्य की भविष्यवाणी तय होगी। इस चुनौती भरे प्रतिस्पर्धा में, कमलनाथ ने अपने विचारों को स्पष्टता से प्रस्तुत किया है और यह दिखाया है कि वह चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

Army Day Parade 2024: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित की जाएगी आर्मी डे परेड

Army Day Parade 2024: नई दिल्ली, 24 सितंबर, भारतीय सेना द्वारा अपनी वार्षिक सेना दिवस परेड (Army Day Parade 2024) को विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरित करने के फैसले के तहत, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) अगले साल 15 जनवरी को इस कार्यक्रम की मेजबानी करेगी। सेना के अधिकारियों ने कहा. 

परंपरागत रूप से, भारतीय सेना दिवस परेड हर साल दिल्ली छावनी में आयोजित की जाती थी, लेकिन प्रमुख कार्यक्रमों को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानांतरित करने के सरकार के प्रयास के अनुरूप, पिछले साल से इसे राष्ट्रीय राजधानी और बेंगलुरु के बाहर आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। जनवरी 2023 में पहला बाहरी स्थल। 

“आगामी सेना दिवस परेड, 15 जनवरी, 2024 को लखनऊ में आयोजित की जाएगी। बेंगलुरु कार्यक्रम के बाद, भारतीय सेना ने यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि उसके छह ऑपरेशनल कमांडों में से प्रत्येक को परेड की मेजबानी करने का मौका मिले। 

Army Day Parade 2024 – आर्मी डे परेड 2024

सेना के अधिकारियों ने कहा, विचार यह है कि कार्यक्रम को सभी कमांडों के भीतर चयनित स्थानों पर बारी-बारी से आयोजित किया जाए।उन्होंने बताया कि पिछला कार्यक्रम दक्षिणी कमान क्षेत्र में आयोजित किया गया था और आगामी कार्यक्रम मध्य कमान में आयोजित किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा, “इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक जुड़ाव बढ़ाना, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और देश भर के विविध दर्शकों के सामने भारतीय सेना की ताकत और अनुशासन को प्रदर्शित करना है।””रोटेशन केवल शहरों को बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि विभिन्न कमांडों पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में है, जिनमें से प्रत्येक देश की रक्षा में एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह उन विशिष्ट सांस्कृतिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमियों को उजागर करने का मौका भी प्रदान करता है जिनके खिलाफ हमारी सेना काम करती है। , “अधिकारियों के अनुसार। अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में परेड के तार्किक पहलुओं, जैसे परेड मार्ग, भाग लेने वाली इकाइयों और किसी विशेष आकर्षण के बारे में विवरण पर काम किया जा रहा है। (एएनआई) 

सिवनी: जल्द ही महिला समूहों के हाथों में होगा राशन दुकान का प्रबंधन, कलेक्टर ने मांगी जानकारी;

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सिवनी (Seoni News) धरनाकला: महिला समूहों के हाथों में राशन दुकान का प्रबंधन होगा। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, विभिन्न उचित मूल्य वाली दुकानों के विक्रेताओं की जानकारी सहकारिता विभाग, सिवनी, ने जिले की सभी सहकारी समितियों से मांगी थी।

अब जिले के समस्त सहकारी समितियों द्वारा पूर्णकालिक विक्रेताओं की जानकारी उपायुक्त सहकारिता विभाग, सिवनी, को भेज दी गई है। इस आधार पर, राशन दुकानों को महिला समूहों को आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा सभी जिले कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में उल्लिखित था कि राशन दुकानों को महिला समूहों को आवंटित करना चाहिए।

इसी आधार पर, जिले की समस्त सहकारी समितियों से पूर्णकालिक विक्रेताओं की जानकारी मांगी गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है, और इस आधार पर राशन दुकानों को महिला समूहों को आवंटित करने की प्रक्रिया भी जल्दी होने की खबर विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त हुई है।

दो से चार दुकानों का संचालन एक ही के हाथ में

यह जरूरी है कि वर्तमान में एक ही कर्मचारी द्वारा दो से चार दुकानों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन रिकार्ड में दुकान किसी अन्य कर्मचारी के नाम पर दर्शाया जा रहा है।

जब इस सम्बंध में कुछ सहकारी समितियों द्वारा संचालित राशन दुकानों की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई, तो पूरी सच्चाई सामने आई कि समिति प्रबंधक द्वारा समितियों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी और आपरेटरों के नाम से भी दुकानें आवंटित की गई हैं, जो गलत है। इस प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

जिला कलेक्टर ने समय सीमा में जानकारी मांगी

विश्वविद्यालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला कलेक्टर, सिवनी, ने उपयुक्त सहकारिता, सिवनी, से समय सीमा में एक से अधिक उचित मूल्य वाली दुकानों के विक्रेताओं की जानकारी मांगी है।

इस परिप्रेक्ष्य में, सहकारिता विभाग, सिवनी, द्वारा जिला कलेक्टर, सिवनी, को जानकारी प्रदान करने की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। यह भी सामने आया कि शासन के निर्देशानुसार महिला स्व-सहायता समूहों को राशन दुकानें आवंटित की जा सकती हैं।

इनका कहना है: शासन के दिशानिर्देशों के आधार पर राशन दुकानें महिला स्व-सहायता समूहों को आवंटित की जा रही हैं। इसके साथ ही, अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। – शैलेश शर्मा, जिला आपूर्ति अधिकारी, सिवनी

उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड 2023: सिवनी नगर में गणेश उत्सव का उत्कृष्ट रूप

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सिवनी (Seoni News): सिवनी नगर में हर साल आने वाले गणेश उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ के लोग न केवल गणेश चतुर्थी के त्योहार का स्वागत करते हैं, बल्कि इसको एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी देते हैं।

इस बार, सिवनी नगर में गणेश उत्सव 2023 के अवसर पर हम जानेंगे कि कैसे इस उत्सव में उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड (Umang Ganesha Protsahan Shield) नामक पुरस्कार और “प्रशस्ति पत्र” के माध्यम से गणेश जी की प्रतिमाओं की स्थापना कराने वाली समितियों को सम्मानित किया जाएगा।

श्रेष्ठ गणेश प्रतिमा का चयन

सिवनी नगर के गणेश उत्सव में, श्रेष्ठ गणेश प्रतिमा का चयन करने के लिए विशेष जाँच और चयन प्रक्रिया होती है। इस वर्ष, उमंग संरक्षक श्री मायानन्दकिशोर और उमंग डायरेक्टर श्री अरविन्द/नरेंद्र अग्रवाल द्वारा चुनी गई गणेश प्रतिमाओं को उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड के साथ सम्मानित किया जाएगा। इन प्रतिमाओं का चयन नियमों के पालन के साथ होता है और इन्हें जनसैलाब का नियंत्रण प्रशासन के अनुशासन में किया जाता है।

गणेश उत्सव की भव्यता

गणेश उत्सव सिवनी नगर का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है और इसकी भव्यता हर साल बढ़ती है। गणेश चतुर्थी के मौके पर नगर के हर कोने में उत्सव की महोत्सवी भावना महसूस की जाती है। विभिन्न सजावटी आयोजनों, प्रदर्शनियों, और प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोग इस उत्सव को और भी रंगीन बनाते हैं।

गणेश जी की समितियाँ

सिवनी नगर में गणेश उत्सव को संचालित करने के लिए अनेकों समितियाँ हैं। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य गणेश जी की प्रतिमाओं को सुरक्षित रूप से पूजन और विसर्जन करना है। इस वर्ष, उमंग संरक्षक और उमंग डायरेक्टर के नेतृत्व में इन समितियों के लिए उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड का आयोजन किया है, जिससे गणेश जी की प्रतिमाओं का योगदान और महत्वपूर्ण हुआ है।

उमंग संरक्षक: श्री मायानन्दकिशोर

उमंग संरक्षक श्री मायानन्दकिशोर नगर के गणेश उत्सव को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठित हैं। उन्होंने गणेश उत्सव को सुरक्षित और सुखमय बनाने के लिए अपने कौशल और सांस्कृतिक ज्ञान का सहारा दिया है।

उमंग डायरेक्टर: अरविन्द/नरेंद्र अग्रवाल

उमंग डायरेक्टर श्री अरविन्द/नरेंद्र अग्रवाल ने गणेश उत्सव के आयोजन को अद्वितीय और योग्य बनाने के लिए अपने नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उत्सव को आरामदायक और लोगों के लिए अनुभवनी बनाने में मदद की है।

सम्मान और प्रशस्ति

इस वर्ष, उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड के माध्यम से गणेश जी की प्रतिमाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन प्रतिमाओं को दिया जाता है जो नियमों के पालन के साथ समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही, विशेष प्रशस्ति पत्र भी द्वार द्वार गणेश जी के पूजन समितियों के पास पहुंचकर सम्मानित किए जाएंगे।

गणेश उत्सव की आत्मा

गणेश उत्सव सिवनी नगर में न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह नगर की आत्मा का हिस्सा भी है। इसमें लोगों का सांस्कृतिक जज्बा, सामाजिक मेलजोल, और आपसी व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गणेश उत्सव के दौरान लोग मिलकर खुशहाली मनाते हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं।

गणेश उत्सव 2023 सिवनी नगर में एक नई ऊर्जा के साथ आ रहा है। उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड के माध्यम से प्रतिमाओं का सम्मान करने का यह प्रयास न सिर्फ समाज को जोड़े रखने में मदद करेगा, बल्कि इस त्योहार को और भी श्रेष्ठ बनाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड क्या है?

उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड सिवनी नगर के गणेश उत्सव में प्रतिमाओं को सम्मानित करने के लिए एक पुरस्कार है। इसे उमंग संरक्षक श्री मायानन्दकिशोर द्वारा संचालित किया जाता है।

कौन-कौन सी प्रतिमाएं उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड से सम्मानित की जाएंगी?

उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड से वे प्रतिमाएं सम्मानित की जाएंगी जो नियमों के पालन के साथ समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।

गणेश उत्सव क्यों महत्वपूर्ण है?

गणेश उत्सव सिवनी नगर के लोगों के लिए न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक भूमिका का हिस्सा भी है। इसके माध्यम से लोगों का सामूहिक सामाजिक और आरामदायक समय बिताने का अवसर मिलता है।

गणेश उत्सव के दौरान क्या आयोजन होते हैं?

गणेश उत्सव के दौरान विभिन्न सजावटी आयोजन, प्रदर्शनियाँ, और प्रतियोगिताएं होती हैं, जो इस त्योहार को और भी रंगीन बनाती हैं।

गणेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?

गणेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य गणेश जी की प्रतिमाओं को सुरक्षित रूप से पूजन और विसर्जन करना है, ताकि यह उत्सव खुशी और समृद्धि के साथ मनाया जा सके।

इस तरह, सिवनी नगर के गणेश उत्सव 2023 के उमंग गणेशा प्रोत्साहन शील्ड के माध्यम से गणेश जी की प्रतिमाओं को सम्मानित किया जाएगा, और इस उत्सव को और भी योग्य और अनमोल बनाया जाएगा।

MPPSC Exam Calendar 2024 Download: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा एमपीपीएससी एग्जाम कैलेंडर जारी

MPPSC Exam Calendar 2024 Download: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने 2023-24 के लिए संभावित परीक्षा कार्यक्रम (MPPSC Exam Calendar 2024 Download) को शुक्रवार को जारी किया। इसके तहत, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (Madhya Pradesh Public Service Commission) ने उम्मीदवारों को एक बड़ी राहत दी है।

एमपीपीएससी कैलेंडर में 2022 से लेकर 2024 तक कुल 13 परीक्षाएं शामिल हैं, जिसमें राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, सहायक प्राध्यापक परीक्षा, वन सेवा मुख्य परीक्षा, राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ा अधिकारी परीक्षा, कराधान सहायक परीक्षा, और राज्य सेवा मुख्य परीक्षा शामिल हैं।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने वर्ष 2023-24 के लिए संभावित परीक्षा कार्यक्रम शुक्रवार को जारी कर दिया है. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (Madhya Pradesh Public Service Commission) ने उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है.

MPPSC Exam Calendar 2024 Download PDF में क्या है?

एमपीपीएससी के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2022 दिनांक 8 अक्टूबर 2023 को होगी, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2022 दिनांक 30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक, वन सेवा मुख्य परीक्षा 2022 दिनांक 10 दिसंबर को होगी, राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 दिनांक 17 दिसंबर को होगी, सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 और ग्रंथपाल एवं क्रीड़ा अधिकारी परीक्षा 2022 दिनांक 28 जनवरी से शुरू होगी, कराधान सहायक परीक्षा 2022 दिनांक 25 फरवरी से होगी, और राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2023 दिनांक 11 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित की जाएगी।

आगामी परीक्षाएं

आने वाली परीक्षाएं के अनुसार, राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 दिनांक 28 अप्रैल को होगी, सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 (9) विषय दिनांक 26 मई को होगी, सहायक संचालक ग्राम उद्योग हथकरघा 2023 दिनांक 16 जून को होगी, और राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2024 दिनांक 22 जुलाई से 27 जुलाई तक आयोजित की जाएगी।

खनिज अधिकारी एवं सहायक भौमिकविद परीक्षा 2023 दिनांक 25 अगस्त को होगी, और सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के 20 विषय दिनांक 17 नवंबर 2024 को आयोजित की जाएगी। एमपीपीएससी ने यह भी सूचित किया है कि यह केवल संभावित परीक्षा कार्यक्रम है और स्थितिवश में तारीखों में परिवर्तन किया जा सकता है।

MPPSC Exam Calendar 2024 Download?

एमपीपीएससी का परीक्षा कार्यक्रम प्राप्त करने के लिए आप उनकी आधिकारिक वेबसाइट mppsc.nic.in पर जा सकते हैं। वहां पर, ‘Whats New’ सेक्शन में परीक्षा कार्यक्रम के लिए लिंक होगा, जिसे आप खोलकर डाउनलोड कर सकते हैं। आप हमारे टेलीग्राम चैनल को ज्वाइन कर यहां से भी MPPSC Exam Calendar 2024 Download कर सकते है. टेलीग्राम के लिए यहां क्लिक करें

आवेदन की अंतिम तारीख

मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के स्टेट सर्विस प्रिलिमिनेरी एग्जामिनेशन 2023 के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2023 है। आवेदन करने के बाद, कैंडिडेट्स अपने एप्लीकेशन में 25 सितंबर से लेकर 25 अक्टूबर 2023 के बीच सुधार कर सकते हैं।

एमपीपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा 2023 का आयोजन 17 दिसंबर 2023 के दिन किया जाएगा। इसके लिए एडमिट कार्ड 8 दिसंबर 2023 के दिन रिलीज होंगे। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के माध्यम से कुल 229 पद भरे जाएंगे। इनके बारे में विवरण जानने और आवेदन करने के लिए mppsc.mp.gov.in पर जा सकते हैं।

इसके लिए 21 से 40 साल तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, और आरक्षित श्रेणी को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। आवेदन करने के लिए जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 500 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के लिए शुल्क 250 रुपये होंगे।

MPPSC Exam Calendar 2024 Download

इस आधिकारिक कैलेंडर के माध्यम से उम्मीदवार अपनी परीक्षा तिथियों को चेक कर सकते हैं और तैयारी की योजना बना सकते हैं। आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है, और इस कैलेंडर के माध्यम से उम्मीदवार अपने स्टडी स्केज्यूल को समय सारणी के अनुसार तैयार कर सकते हैं।

आखिरकार, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी किए गए इस कैलेंडर के माध्यम से उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा तिथियों की जानकारी प्राप्त हो गई है।

अगर आप एमपीपीएससी की किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह कैलेंडर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। आपको अपनी तैयारी को और भी सुविधाजनक बनाने के लिए समय प्रबंधन का ध्यान रखना होगा और सभी तिथियों के अनुसार अपनी योजना बनानी होगी।

यहाँ कुछ आम सवाल

कैसे मैं एमपीपीएससी के परीक्षा कार्यक्रम को डाउनलोड कर सकता हूँ?

आप एमपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कैलेंडर को डाउनलोड कर सकते हैं. आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद, ‘Whats New’ सेक्शन में परीक्षा कार्यक्रम के लिए लिंक दिखेगा, जिसे आप खोलकर डाउनलोड कर सकते हैं.

क्या एमपीपीएससी के परीक्षा कार्यक्रम में कोई परिवर्तन हो सकता है?

हाँ, एमपीपीएससी के द्वारा जारी किए गए कैलेंडर में किसी भी परिवर्तन किया जा सकता है. उम्मीदवारों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर जांच करते रहना चाहिए.

कितने प्रकार की परीक्षाएं शामिल हैं इस कार्यक्रम में?

इस कार्यक्रम में कुल 13 प्रकार की परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा और सहायक प्राध्यापक परीक्षा शामिल हैं.

आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?

आवेदन की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2023 है. उम्मीदवारों को इस तिथि से पहले आवेदन करना होगा.

कैसे मैं अपने आवेदन में सुधार कर सकता हूँ?

आप अपने आवेदन में सुधार करने के लिए 25 सितंबर से 25 अक्टूबर 2023 के बीच आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवश्यक प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं.

अब तैयारी की शुरुआत करें!

इस आधिकारिक कैलेंडर के माध्यम से, आप अपनी परीक्षा तिथियों को चेक कर सकते हैं और अपनी तैयारी की योजना बना सकते हैं. एमपीपीएससी की परीक्षा के लिए समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है, और इस कैलेंडर के माध्यम से आप अपने स्टडी स्केज्यूल को समय सारणी के अनुसार तैयार कर सकते हैं.

अगर आपके पास इस सम्बंध में और सवाल हैं, तो कृपया हमसे पूछें. हम आपकी मदद करने के लिए यहाँ हैं. तैयारी की शुरुआत करें और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मेहनत करें!