सिवनी 18दिसंबर 17/ समाज में रह रहे दिव्यांगजनों के सामाजिक पुनर्वास एवं उत्थान हेतु दिव्यांगजनों के विवाह हेतु नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। योजनान्तर्गत जिले में नि:शक्तजनों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अन्तर्गत माह फरवरी 2018 में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे दिव्यांगजनों को अच्छे जीवन साथी मिले इस हेतु जनपद पंचायत स्तर पर दिव्यांग परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। दिव्यांगजनों के जोडो का मिलान करने हेतु समस्त जनपद पंचायत स्तर पर (नगर परिषद भी शामिल होगे) दिव्यांग परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा हैं। इसी तारतम्य में दिनांक 19 दिसम्बर 2017 को जनपद पंचायत घंसौर में दिव्यांग परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया हैं तथा 20 दिसम्बर को जनपद पंचायत सिवनी आयोजित होगा जिसमें नगर परिषद सिवनी के दिव्यांग भी शामिल होगें। विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वाले दिव्यांग जोडे में दोनो दिव्यांग होने पर 01 लाख एवं जोडे में एक दिव्यांग होने पर 2.00 लाख का लाभ प्रदान किया जावेगा साथ ही कन्या विवाह योजना अन्तर्गत 20 हजार रूपये का चेक एवं 05 हजार की सामग्री से लाभान्वित किया जावेगा। समस्त वैवाहिक योग्य दिव्यांगजनों से अपील की गई है वे परिचय सम्मेलन में आकर अपने जीवन साथी की तलाश पूरी करें, जिससे आपका वैवाहिक जीवन सफलता से पूर्ण हो सके।
दिव्यांग परिचय सम्मेलन ,कल जनपद पंचायत सिवनी में
सिवनी 9 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ की सेवा समाप्त 12 दिसंबर से है 11 महिला आमरण अनशन में पिछले डेढ़ माह से है हड़ताल में है
9 हड़ताली आंगनबाडी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र आमंत्रित किये जायेंगे आवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 9 हडताली आंगनवाडी कार्यकर्ताओ की सेवा समाप्ति कर दी गई है। इस संबंध में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल में जाने के फलस्वरूप विभाग द्वारा संचालित पोषण आहार व्यवस्था, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, टीकाकरण के साथ ही साथ विभिन्न महत्वपूर्ण अभियान प्रभावित हुए है। उन्होंने बताया कि जिले की समस्त हड़ताली आंगनबाडी कार्यकर्ता/सहायिका/ मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं से 22 नवंबर को विभाग द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से अपील की गई थी कि वह दो दिवस के भीतर कार्य पर वापस आये अन्यथा उनपर सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी। कार्यकर्ताओं द्वारा ऐसा न करने पर 9 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्ति कर दी गई है जिसमें सिवनी ग्रामीण 01 के आंगनबाड़ी केन्द्र जटलापुर की श्रीमति रामपुरी उईके, आंगनबाडी केन्द्र बिहिरिया की श्रीमति मोहनी सनोड़िया, परियोजना केवलारी के आंगनबाड़ी केन्द्र पुंगार की श्रीमति अंजुम कुरैशी परियोजना बरघाट के आंगनबाड़ी केन्द्र पौनारकला एवं धारनाकला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमति निर्मला गौतम एवं श्रीमति मीना राहंगडाले इसी प्रकार परियोजना छपारा की आंगनवाड़ी केन्द्र छपारा 01 व 03 की श्रीमति आशा कोरी एवं श्रीमति मीरा गेडाम, परियोजना कुरई के आंगनबाड़ी केन्द्र बबई एवं सिन्दरियां की श्रीमती लक्ष्मी शैन्डे और श्रीमति शशि डेहरिया की सेवा समाप्ति तत्काल प्रभाव से कर दी गई है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र आवेदन विभाग द्वारा आमंत्रित किये जायेंगे।
अस्पताल से नवजात चोरी, हड़कम्प मचने पर तलाशी हुई तो इस हालत में मिला
सिवनी। जिला अस्पताल के पीओपी वार्ड में सोमवार-मंगलवार एक नवजात शिशु के चोरी होने का मामला सामने आया है। रात के समय ये नवजात मां के साथ सो रहा था लेकिन अज्ञात शख्स इस नवजात शिशु को चोरी कर ले गया जिससे अस्पताल में हड़कम्प मच गया। रात करीब 3 बजे नानी ने नवजात शिशु को मां के साथ सोता हुआ देखा था। इसके कुछ देर बाद मां ने शिशु को बेड से गायब पाकर शोर मचाना शुरु कर दिया।
ड्यूटी पर मौजूद नर्से व भर्ती मरीजों के परिजनों ने एकत्रित होकर गायब नवजात शिशु की तलाश शुरू की। करीब डेढ घंटे खोजबीन के बाद 9 दिन पहले जन्मा शिशु बच्चा वॉर्ड के बाहर सूखी नाली में लावारिस हालत में पड़ा हुआ मिला।
केवलारी विकासखण्ड के ग्राम कालीमाटी ढुटेरा निवासी दिलीप बरकड़े ने बताया कि 11 दिसम्बर को उसकी पत्नी शशि बरकड़े (21) ने ऑपरेशन के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य बच्चे को जन्म दिया। मां व नवजात बच्चे का इलाज पिछले 8 दिनों से अस्पताल के पीओपी वॉर्ड में चल रहा था। हालांकि बच्चा मिलने से माता-पिता और परिजनों ने राहत की सांस ली है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर जरूर सवाल खड़े कर दिए।
एक कटोरी में रोज जलाएं ये 1 चीज, इससे आकर्षित होती हैं देवी लक्ष्मी

देवी-देवताओं की आरती में कर्पूर जलाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है।देवी-देवताओं की पूजा में किए जाने वाले सभी काम धर्म के साथ ही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। पूजा में आरती करना महत्वपूर्ण कर्म है और आरती में कर्पूर भी अनिवार्य रूप से जलाया जाता है। कर्पूर जलाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के सामने कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य मिलता है। यहां जानिए घर में कर्पूर जलाने से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं…
2. कर्पूर जलाने से घर का वातावरण पवित्र और सुगंधित होता है। ऐसे वातावरण से देवी लक्ष्मी सहित सभी देवी-देवता आकर्षित होते हैं। इसकी महक से हमारे विचारों में भी सकारात्मकता आती है।
3.कर्पूर जलाने का वैज्ञानिक महत्व भी है। कर्पूर सुगंधित होता है और इसे जलने पर कर्पूर की महक तेजी से फैलती है। इसकी महक से वातावरण में मौजूद कई हानिकारक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।
4. अगर आप रात को सोने से पहले कर्पूर जलाकर सोएंगे तो इससे अनिद्रा की शिकायत दूर हो जा सकती है, बुरे सपने नहीं आते हैं।
कर्पूर जलाते समय इस मंत्र का जाप करें-
कर्पूरगौरम् करुणावतारम्,संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तम् हृदयारविन्दे,भवम् भवानि सहितम् नमामि।।
आरती में जब भी कर्पूर जलाया जाता है तो इस मंत्र का जाप किया जाता है। ये मंत्र भगवान शिव की आराधना के लिए है। इसका अर्थ इस प्रकार है…
कर्पूरगौरम्यानी जो कर्पूर के समान गौर वर्ण वाले हैं
करुणावतारम्यानी जो करुणा के साक्षात् अवतार हैं
संसारसारम्यानी जो इस समस्त संसार के एकमात्र सार हैं
भुजगेन्द्रहारम्यानी जो भुजंग (सांप) की माला धारण किए रहते हैं
सदा वसन्तम् हृदयारविन्दे,भवम् भवानि सहितम् नमामि।।
यानी जो माता पार्वती के साथ ही, सभी भक्तों के कमल रूपी हृदय में सदैव निवास करते हैं, उन महादेव की हम वंदना करते हैं, आराधना करते हैं, उन्हें नमन करते हैं।
अपनाकर देखें शिवजी का बताया ये छोटा सा ज्योतिषीय तरीका,कभी असफलता नहीं मिलेगी
शिव स्वरोदय नाम के ग्रंथ में बताया गया है कि हम अपने शुभ-अशुभ समय का पता अपनी ही सांसों से लगा सकते हैं। शिव स्वरोदय नाम के ग्रंथ में बताया गया है कि हम अपने शुभ-अशुभ समय का पता अपनी ही सांसों से लगा सकते हैं। ये ही बात वाल्मीकि रामायण में भी कही गई है। किसी भी शुभ काम या जरूरी काम पर जाने से पहले शुभ मुहूर्त के अलावा नाक के स्वर यानी किस हाथ के ओर की सांस चल रही है, इस पर भी ध्यान देना चाहिए। कहते हैं अगर पैसों के लेन देन या किसी व्यापारिक सौदे के लिए जा रहे हो तो पहले स्वर देखना चाहिए।
फिर डिसाइड करना चाहिए कि काम करें या नहीं। ऐसा करने से नौकरी हो या व्यापार या कोई अन्य काम किसी में भी असफलता नहीं मिलेगी। हमारे शरीर में दो स्वर होते हैं। जिन्हें चंद्र नाड़ी स्वर व सूर्य स्वर कहा जाता है। नाक के दाहिने छिद्र से चलने वाली सांस को सूर्य स्वर कहते हैं। यह साक्षात शिव का प्रतीक है। जबकि बाईं ओर से चलने वाली सांस को चंद्र स्वर कहते हैं। सारे सौम्य काम यानी जो काम स्त्री प्रधान होते हैं वो उल्टे हाथ की ओर वाले स्वर के चलने पर और पौरुष प्रधान काम सीधे स्वर के चलने पर करना चाहिए।
सांस से कैसे जानें, शुभ व अशुभ …
रिफरेंस- शिव स्वरोेदय ग्रंथ बहुत प्राचीन ग्रंथों में से एक माना जाता है। इसमें करीब 395 श्लोक हैं और ये ग्रंथ शिव-पार्वती के संवाद के रूप में है, जिसमें पार्वती शिव से सवाल करती हैं और शिव उनके जवाब देते हैं। इस ग्रंथ का रचनाकार भगवान शिव को ही माना जाता है, जिस पर अनेक विद्वानों ने टीका
राहुल की 29वीं हार; मोदी की 12वीं जीत, 24 साल में BJP के 1428 विधायक, कांग्रेस के पास सिर्फ 766
बीजेपी ने गुजरात में 54% सीटें जीतीं हैं। सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात आठवें पायदान पर है।
नई दिल्ली. बीजेपी ने सोमवार को आए नतीजों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत दर्ज की। नरेंद्र मोदी की ये 12वीं जीत है जबकि राहुल गांधी 29वीं बार कोई चुनाव हारे। क्योंकि 29 में से 12 राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस 14 से 50 साल से सत्ता से दूर है। जबकि 22 साल में बीजेपी ने 14 राज्य और सहयोगियों के साथ 5 राज्यों (कुल 19) में सरकार बना ली।
कांग्रेस का कम होता दम
– कांग्रेस के पास 766 विधायक बचे हैं। ये इतिहास में सबसे कम है।
– इसके उलट 24 साल में बीजेपी के 1428 विधायक हो गए। ये किसी भी पार्टी के अब तक के सबसे ज्यादा एमएलए हैं।
– अब बीजेपी देश के 75% इलाके, 68% आबादी और 54% इकोनॉमी पर काबिज है।
गुजरात में मोदी और राहुल की रैलियां
– मोदी ने 34 रैलियां कीं। 134 सीटों तक पहुंचे। 72 में जीत दिलाई।
– राहुल ने 30 रैलियां कीं। 120 सीटों तक पहुंचे। 62 में जीत दिलाई।
– दोनों की तुलना करें तो मोदी का सक्सेस रेट 52% रहा।
बीजेपी को शहरों से मिली 68% सीटें
– गुजरात की 84 शहरी सीटों में से 57 पर बीजेपी का कब्जा हो गया तो 27 पर कांग्रेस का।
– वहीं, ग्रामीण इलाकों की 98 सीटों में से 42 बीजेपी जीती और 56 कांग्रेस।
गुजरात में बीजेपी की कमजोर जीत
– बीजेपी ने गुजरात में 54% सीटें जीतीं हैं। सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात आठवें पायदान पर है।
– यूपी की तुलना में गुजरात में 21% सीटें कम मिलीं। हिमाचल में 63% सीटें मिलीं। यानी हिमाचल छठे पायदान पर है।
जहां कांग्रेस हारी और हारती चली गई
राज्य इतने साल से कांग्रेस बाहर
तमिलनाडु 50
प. बंगाल 40
सिक्किम 33
उत्तरप्रदेश 27
बिहार 27
त्रिपुरा 24
गुजरात 22
ओडिशा 17
झारखंड 17
मध्यप्रदेश 14
छत्तीसगढ़ 14
नगालैंड 14
पीएससी का विवादास्पद नियम, महिलाओं फुलायेंगी पाँच सेमी सीना !
ग्वालियर | राज्य वन सेवा परीक्षा के लिये मप्र पीएससी के विवादास्पद नियम से महिला अभ्यार्थी में सकते में हैं, क्योंकि वनरक्षक व सहायक वन क्षेत्रपाल बनने के लिये उन्हें भी पुरूषों के समान 05 सेन्टी मीटर सीना फूला कर विस्तार करना पड़ेगा। 74 सेन्टी मीटर सीने की अनिवार्यता की शर्त रखी गयी है। ऐसा नहीं होने पर दोनों पदों के लिये उन्हें अपात्र माना जायेगा। ऐसा नियम तो पुलिस एसआई परीक्षा में भी नहीं है।
वनरक्षक के लिये 04 घंटे में 14 किलोमीटर पैदल चलना व वन क्षेत्रपाल के लिये 04 घंटे में 16 किलोमीटर पैदल चलना होगा। लेकिन महिला परीक्षार्थियों के लिये 74 सेन्टी मीटर सीना होने की अनिवार्य शर्त व 05 सेन्टी मीटर फुलाकर विस्तार करने के नियम से महिला परीक्षार्थियों को आपत्ति है।
एसआई परीक्षा में महिलाओं के लिये सीने की बाध्यता नहीं थी – 01 अगस्त 2017 में मध्य प्रदेश पुलिस में एसआई के लिये 300 पदों की भर्ती के लिये महिलाओं के लिये सीने की कोई बाध्यता नहीं थी। केवल पुरूष अभ्यार्थियों को सीने की बाध्यता थी।
शर्मनाक घटना – डिंडोरी बच्चे को जन्म से पहले मृत बताकर अस्पताल से भगाया फिर खेत में हुई डिलिवरी
डिंडोरी । साड़ी का पर्दा बनाया गया, खेत में गर्भवती महिला की डिलिवरी करा दी गई क्योंकि डॉक्टर्स बेरहम हो चुके थे। उन्होंने गर्भवती महिला के बच्चे को जन्म से पहले ही मरा हुआ बता दिया। यही नहीं हद तो तब हो गई जब डॉक्टर्स ने खुद ही व्यवस्थाओं का, सरकारी निर्देशों का तमाशा बना दिया और महिला को अस्पताल से बाहर निकाल दिया।
मध्य प्रदेश के डिंडोरी में एक गर्भवती महिला की डिलिवरी खेत में अन्य महिलाओं की मदद से कराई गई। दरअसल, डॉक्टर्स ने कथित तौर पर बच्चे को जन्म से पहले ही मृत घोषित कर दिया था और महिला को अस्पताल से बाहर निकाल दिया था।
सीएमओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन : इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि जांच के बाद दोषियों को निलंबित किया जा सकता है या तो उनकी सैलरी काटकर उन्हें सजा दी जा सकती है।
‘नीच’ वाले बयान से लेकर राम मंदिर तक, इन मु्द्दों की वजह गुजरात में कांग्रेस को मिली हार
नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी को जीत मिलती दिख रही है. बीजेपी यहां 22 साल की सत्ता बचाने में कामयाब हो गई है. बीजेपी का आंकड़ा 100 से पार जाता दिख रहा है. वहीं कांग्रेस इस राज्य में 80 सीटों के करीब है. शुरूआती रूझानों में तो कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर देती नज़र आई. मामला यहां तक पहुंचा कि कांग्रेस एक वक्त बीजेपी से आगे भी निकल गई. लेकिन इसके बाद बीजेपी ने जो फिर रफ्तार पकड़ी तो वो फिर रूकी नहीं. इन नतीजों से ये साफ हो गया है कि मोदी पर निजी हमला कांग्रसे के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हुआ है.
आंकड़े बताते हैं कांग्रेस की हार की वजह
गुजरात में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 89 सीटों पर मतदान हुए थे. इन सीटों पर अगर नतीजे देखें तो कांग्रेस बीजेपी को टक्कर देती दिखी है. इन सीटों में 41 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिलती दिख रही है तो वहीं बीजेपी को 48 सीटों पर जीत मिल रही है. लेकिन जब दूसरे चरण के नतीजो में कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है.
दूसरे चरण में कुल उत्तर और मध्य गुजरात की कुल 93 सीटों पर 14 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. इनमें से 60 सीटों पर बीजेपी बढ़त बनाए हुए है. वहीं कांग्रेस 30 सीटों के साथ दूसरे चरण के इस चुनाव में सिमट गई है.
आपको याद दिला दें कि दूसरे चरण से पहले पीएम मोदी ने बीजेपी के लिए धुआंधार प्रचार किया और कांग्रेस को कई मुद्दों पर जमकर घेरा.
पहला मुद्दा-
गुजरात विधानसभा का चुनाव विकास के नारों से शुरू हुआ लेकिन राहुल के जातिकार्ड के भंवर में फंस गया. गुजरात में दूसरे चरण के चुनाव से पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी के ‘नीच’ बताया जिसपर खूब हंगामा हुआ. इस बवाल के बाद उन्होंने माफी भी मांगी और राहुल गांधी ने बार-बार सफाई भी दी. लेकिन इस मुद्दे को चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इसे पद की गरिमा और गुजराती अस्मिता से जोड़ दिया. अब चुनाव के नतीजे दिखा रहे हैं कि इस मुद्दे की वजह से बीजेपी को खूब फायदा हुआ.
दूसरा मुद्दा
गुजरात चुनावों में पीएम मोदी ने कांग्रेस का पाकिस्तान से कनेक्शन भी जोड़ दिया. बनासकांठा में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि अहमद पटेल को गुजरात का सीएम बनाने के लिए मणिशंकर अय्यर के घर पाक के पूर्व विदश मंत्री के साथ कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई थी. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने लाख सफाई पेश की लेकिन पीएम मोदी के इस भाषण का जनता पर कितना असर हुआ ये नतीजे खुद बयां कर रहे हैं.
तीसरा मुद्दा-
चुनाव प्रचार के दौरान जब राहुल गांधी मंदिर-मंदिर घूमकर बीजेपी के हिंदुत्व वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे उस वक्त बीजेपी ने हिंदुत्व का मु्ददा ऐसा भुनाया कि कांग्रेस उसका बचाव ना कर पाई. प्रचार के लिए गुजरात में डटे राहुल गांधी सोमनाथ मंदिर में पूजा औऱ दर्शन करने पहुंचे. यहां पर राहुल गांधी का नाम अहमद पटेल के साथ उस रजिस्टर में दर्ज हुआ जिसमें गैर-हिंदुओं को एंट्री करनी होती है. इस मुद्दे को बीजेपी ने राहुल गांधी के धर्म से जोड़कर खूब उछाला. इसके बाद कांग्रेस ने सफाई देने के लिए राहुल गांधी की ‘जनेऊधारी’ जारी की. लेकिन नतीजे दिखाते हैं कि ये सब कांग्रेस ये सारे हथकंडे भी कांग्रेस के काम ना आए.
चौथा मुद्दा
इसके बाद राम मंदिर के मसले पर कपिल सिब्बल का वकील के तौर पर अदालत में सुनवाई टालने की दलील देना बीजेपी के लिए चुनावी कार्ड बन गया. इस मु्द्दे पर भी कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ा.
पांचवां मु्द्दा
कांग्रेस ने इस चुनाव में पाटीदार आंदोलन की लहर पर सवाल होकर सत्ता तक पहुंचने की पूरी कोशिश की लेकिन हार्दिक पटेल के समर्थन के बावजूद पटेलों का पूरा वोट कांग्रेस के पाले में नहीं आया. वोट के इस बिखराव में बीजेपी को फायदा रहा. पटेल फैक्टर वाले 37 में से 21 सीटों पर बीजेपी जीत रही है.
बता दें कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है और यहां पर उन्होंने हर रैली में इस चुनाव को खुद से जोड़ा और खुद ही जिताने की अपील की. यहां आपको बता दें कि पीएम मोदी ने गुजरात के मतदाताओं का मन जीतने के लिए कुल 36 रैलियां कीं. अपनी इन रैलियों में पीएम ने नोटबंदी, जीएसटी, पाटीदार, दलित हर मुद्दे पर आक्रामक रूख अपनाया और सरकार पर लगे हर आरोप का सख्ती से जवाब दिया. दूसरे चरण के नतीजों को देखें तो ये साफ हो जाता है कि कांग्रेस अपने ही भंवर में फंसकर अपनी नैया डुबा लीं तो वहीं पीएम ने उन्हीं के मु्द्दों पर घेरकर इस रण में जीत हासिल कर ली है.
गुजरात में कुल सीटों की संख्या 182 है, 2012 के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर नजर डालें तो बीजेपी को 115, कांग्रेस को 61 और अन्य को 6 सीटें मिली थीं. 2012 के वोट फीसद की बात करें तो बीजेपी को 48%, कांग्रेस को 39% और अन्य को 13 फीसदी वोट मिले थे.
गुजरात जीत के बाद राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर तंज, कहा- सिर मुडाते ही ओले पड़े
गुजरात में दो चरणों में हुए चुनाव में औसतन 68.41 फीसदी मतदान हुआ था.
नई दिल्ली: गुजरात और हिमाचल चुनाव में पार्टी की जीत से बीजेपी नेता बेहद उत्साहित हैं. जीत के इसी उत्साह में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी ली है. कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की पहली हार पर गृहमंत्री ने कहा कि सिर मुंडाते ही ओले पड़े.
संसद से बाहर निकलते हुए गृहमंत्री ने कहा, ”गुजरात और हिमाचल की जीत से यह बात साबित हो गई है कि देश में सिर्फ बीजेपी ही अच्छा शासन दे सकती है. लोगों में पूरा विश्वास है, इसलीलिए जनता ने बीजेपी को चुना है.”
क्या बोले योगी आदित्यनाथ?
सीएम योगी ने कहा, ”यह जीत बीजेपी के ऊर्जावान नेतृत्व और कर्ता कीकड़ी मेहनत का नतीजा है.” राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैंने पहले भी कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व बदलना हमारे लिए शुभ संकेत है.”
स्मृति ईरानी ने क्या कहा?
केद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- यह विकास की जीत है और वंशवाद की हार है, प्रधानमंत्री मोदी के रूम सचिन जैसा बल्लेबाज और अमित शाह के रूम में धोनी जैसा कप्तान है. इसी नेतृ्त्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत ने जीत दिलाई.




