ऊ्लंघनकर्ताओ की अपील माननीय हाइकोर्ट में भी ख़ारिज -खाद्य एवं औषधि प्रशासन सिवनी में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री पंकज कुमार घाघरे द्वारा वर्ष 2014 में खाद्य पदार्थ mohans chocolate flakes मिथ्याछाप पाये जाने पर अनावेदक क्रमांक 1 विक्रेता रजत ट्रेडर्स सिवनी, अनावेदक क्र 2 थोक विक्रेता भोले ट्रेडर्स जबलपुर, अनावेदक क्र 3 वितरक ट्रेड लिंक प्राइवेट लिमिटेड इंदौर एवं अनावेदक क्र 4 निर्माता शांति फ़ूड केम लिमिटेड राजकोट के विरुद्ध प्रकरण न्याय निर्णायक अधिकारी सिवनी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में न्याय निर्णायक अधिकारी ने सुनवाई पूरी करते हुए अपने निर्णय दिनांक 29/04/2015के द्वारा अनावेदक क्र 1 पर धारा 52 के तहत 8000 (आठ हजार रुपये) अनावेदक क्र 2 पर धारा 52 के तहत 50000 ( पचास हजार रूपये) , अनावेदक क्र 3 पर धारा 52 के तहत 100000 (एक लाख रूपये एवं अनावेदक क्र 4 पर 150000 (एक लाख पचास हजार रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया था।
प्रकरण में अनावेदक क्र 1 द्वारा जुर्माने की राशि जमा कर दी गयी, किन्तु अनावेदक क्र 2, 3 एवं 4 द्वारा न्याय निर्णायक अधिकारी के निर्णय के विरूद्ध अपील माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवनी के न्यायलय में प्रस्तुत की गयी। उक्त अपील जून 2017 में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय द्वारा अपास्त करते हुए न्याय निर्णायक अधिकारी के निर्णय को यथावत रखा गया था। इसके पश्चात अनावेदक क्र 2,3 एवं 4 द्वारा माननीय हाई कोर्ट में जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अपील की गयी जिस पर सुनवाई करते हुए माननीय हाई कोर्ट द्वारा अपने निर्णय दिनांक 07/11/2017के द्वारा अनावेदक क्र 02 पर आरोपित अर्थदण्ड 50000 रूपये की जगह 45000 (पैतालीस हजार रूपये), अनावेदक क्र 03 पर आरोपित 100000 रूपये की जगह 80000 (अस्सी हजार रूपये) का अर्थदण्ड आरोपित किया गया एवं अनावेदक क्र 4 पर आरोपित 150000 ( एक लाख पचास हजार रुपयो) का अर्थदण्ड यथावत रखा गया है।

सिवनी- नगर पालिका सी एम ओ नवजीत पांडे ने नगर की सफाई व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही करने वाले महिला पुरष सफाई कर्मियों को समय पर कार्य करना होगा,नगर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये सी एम ओ द्वारा सभी वार्ड जमादारो को पत्र लिखकर कहा कि कार्य से अनुपस्थित कर्मियों किं जानकरी लिखित रूप से कार्यलाय में पेश करे,ताकि उनके विरद्ध अनुशासनतमक कार्य वाही सुनिश्चित हो सके
आप सभी भक्तों को बड़े हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि अनन्त श्री विभूषित ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्धारकाशारदापीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने आज पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की “धर्म रत्न” की उपाधि से अलंकृत किया। पूज्य महाराज श्री को यह उपाधि भागवत कथाओं के माध्यम से सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए दी गई है। यह पहली बार है कि पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज ने किसी को “धर्म रत्न” की उपाधि से अलंकृत किया हो।



