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“पुलिस हमारी मित्र और टी आई -हमारा भाई ” और अब सेव टाइगर…..

सेव टाइगर का संदेश देने वाले देश का पहला थाना बना खटिया

मंडला-सिवनी जिले के छपारा थाने में पदस्थ रहे सतीश पटेल ने पुनः एक नया कार्य कर दिखाया है आमतौर पर पुलिस को अपराध नियंत्रण, गश्त, व्ही आई पी ड्यूटी, जुलूस, भाग दौड़ आदि सॆ फुर्सत नहीं मिलती इन परिस्थितयों में यदि पुलिस कुछ रचनात्मक काम करे और वो अद्वितीय हो तो निश्चित रूप सॆ ऐसे कार्यों की सराहना होनी चाहिये। ऐसा ही कुछ हुआ है मंडला जिले के थाना खटिया में, थाना खटिया ” Save Tiger ” का संदेश देने वाला देश का पहला थाना बन गया है, संदेश देने का तरीका भी शानदार है इसके लिए थाना की बाहरी दीवारों पर दीवारों के बराबर विशाल खूबसूरत जीवंत चित्र बनाये गये हैं, इसे पुलिस की पर्यावरण के प्रति जवाबदारी निभाना बताते हुए पुलिस अधीक्षक मंडला श्री राकेश कुमार सिंह ने इसे रचनात्मक एवं शानदार बताया वहीं कान्हा नेशनल पार्क के फील्ड डाईरेक्टर श्री संजय शुक्ला ने इस कदम को अद्वितीय बताया।

खटिया थाना प्रभारी श्री सतीश पटेल ने बताया कि टाईगर के लिए विश्व- विख्यात कान्हा नेशनल पार्क सॆ लगा थाना खटिया चूँकि मैन रोड पर स्थित हैं जहाँ सॆ लाखों पर्यटक गुजरते हैं ऐसे में पुलिस थाना की इन विशाल पैन्टिग्स के माध्यम सॆ लोगों को पर्यावरण के प्रति प्रभावी तरीके सॆ जागरूक किया जा सकता है।




आज दिनांक 12-07-2018 को इसका लोकार्पण पुलिस अधीक्षक मंडला श्री राकेश कुमार सिंह एवं कान्हा नेशनल पार्क के फील्ड डाईरेक्टर श्री संजय शुक्ला के द्वारा किया गया। दोनों अधिकारियों के द्वारा इसरचनात्मक कार्य की प्रशंसा की गई वहीं कान्हा रिसॉर्ट असोसिएशन ने भी इस कार्य को सराहा और दिनांक 20-03-18 की रात कृष्णा रिसॉर्ट मोचा में हुई हाई प्रोफाइल विदेशी- केमरा चोरी को सुलझाने में शानदार कार्य के लिए थाना प्रभारी और उनके स्टाफ को 5000/- नगद और शील्ड सॆ सम्मानित भी किया।

“पुलिस हमारी मित्र और टी आई -हमारा भाई ”

टी आई सतीश पटेल महिला सुरक्षा की दिशा में “पुलिस हमारी मित्र और टी आई -हमारा भाई ” मुहीम के लिए भी सुर्ख़ियों में रहे। कार्यक्रम का संचालन इस कार्य के प्रायोजक श्री नवनीत महेश्वरी ने किया। बहरहाल मध्य प्रदेश के लिए यह गर्व करने का विषय है ।

महिलाओं की सोच और स्थिति में परिवर्तन आया है-राज्यपाल श्रीमती पटेल

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं की सोच, परिस्थिति और कार्यों में परिवर्तन और जागृति आई है। वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अब महिलाओं को आगे बढ़ने में पूरा सहायोग देना जरूरी है। महिलाओं के विकास और समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आईं 500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि उत्पादन संगठनों के सदस्यों ने भी अपने अनुभव राज्यपाल को बताये।




राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिला शक्ति का भण्डार है। इस शक्ति का देश के हित में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ पहले परिवार के बारे में सोचती हैं और सबके बाद अपना सोचती हैं। अब समय आ गया है कि महिलाएँ परिवार का भला सोचने के साथ-साथ अपने विकास और समृद्धि का भी ध्यान रखें। महिलाएँ अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए परिश्रम करें, प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराये जा रहे बैंक ऋण का भरपूर लाभ उठायें।

                    राज्यपाल ने कहा कि माँ-बाप की जागरूकता का ही परिणाम है कि आज बेटियाँ शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर र उच्च पद पर रहकर देश की सेवा कर रही हैं। उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों से बच्चों का बाल विवाह नहीं कराने के लिये संकल्पित होने का आग्रह किया।

                   सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि गांधी जी ने गाँवों की तरक्की का जो सपना देखा था, वह आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा हो रहा है। आज समाज में महिलाएँ पुरूषों के साथ कँधे से कँधा मिलाकर हर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान, ममता और लज्जा की मूर्ति होती है। नारी सम्मान के लिए सरकार को सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करना चाहिए। इस अवसर पर नाबार्ड के क्षेत्रीय मुख्य महा-प्रबंधक श्री एस.के. बंसल ने नाबार्ड की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन भी किया।

                  समारोह में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक श्री पी.के. जेना, भारतीय स्टेट बैंक के उप-महाप्रबंधक श्री एस.के. शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह योजना के लाभार्थी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अरविन्द जैन होंगे नये नगर कोतवाल

सिवनी- पुलिस अधीक्षक विवेकराज सिंह द्वारा आज पुनः वीभन्न थाना प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।

जहा जबलपुर से आये अरविन्द जैन को कोतवाली सिवनी का प्रभार दिया गया है,वही अब अमित विलास दानी थाना काह्निवाड़ा में अपनी सेवाएं देंगे।

जबकि बरघाट में पदस्थ नारायण कुमरे को कुरई ,संजय भलावी को घँसोर,एवं के एस बघेल कोबरघाट थाने में तुरत प्रभाव से पदस्थ किया गया।

नवागत अरविंद जैन ने आज से कोतवाली सिवनी की कमान संभाल ली है।

जनसंख्या वृद्धि सभी समस्याओं का प्रमुख कारण – चतुर्वेदी

सिवनी -भारत एक ऐसा देष है जो कई समस्याओं का दंष कई वर्षो से झेल रहा है, जिनमें आतंकवाद, नस्लवाद, जातिवाद, क्षेत्रीयवाद समाजवाद प्रमुख है । भारत की आजादी के समय जनसंख्या लगभग 39 करोड़ थी, जो 70 वर्षो मे बढ़कर लगभग 135 करोड़ हो गई , वर्ष 2011 की जनगणना मे 122 करोड़ के लगभग थी, विष्व की 760 करोड आबादी में 141 करोड़ चीन एवं 33 करोड़ अबादी अमेरिका की है, ज्ञात हो कि भारत में एक दिन में लगभग 49000 बच्चे जन्म लेते है, और 22500 लोग स्वर्ग सिधारते है, च्वचनसंजपवद हतवूजी 17ः से अधिक है जिसके कारण आवास की समस्या, पानी की समस्या, स्वास्थ्य की समस्या, खेती की समस्या, रोजगार की समस्या ने जन्म ले लिया साथ ही विष्व में नस्लवाद, आतंकवाद, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन आदि समस्याओं के साथ-साथ पर्यावारण असंतुलन सतत बन गया है ।

डी.पी.सी. रोल माॅडल के छात्रों ने इस अवसर पर जनसंख्या वृद्धि को सबसे बड़ी चुनौती बताया तथा प्रदेषवार आकड़े प्रस्तुत किये जिसमें सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्यों उत्तरप्रदेष एवं न्यूनतम जनसंख्या वाले लक्ष्यदीप, दमनदीप, दादर-नगार हवेली, अंडमान सिक्किम, चंढ़ीगढ की पृष्ठभूमि पर चर्चा की साथ ही अधिकमत जनसंख्या वाले प्रदेषों उत्तरप्रदेष, महाराष्ट्र, बिहार, पष्चिम बंगाल, मध्यप्रदेष, तमिलनाडू, राजस्थान कर्नाटक आदि प्रदेषों की समस्याओं को आधार बनाकर शांति-अषांति की दृष्टि से खाका तैयार किया, छात्र नमन सनोड़िया, कृष्णा गहलोद, अराध्य-अथर्व चतुर्वेदी, षिवा, गौरी आदि का कहना था कि जिन राज्यों में जनसंख्या कम है, उन राज्यों में शांति एवं प्राकृतिक संपदा की भरमार है, परन्तु जिन-जिन प्रदेषों में जनसंख्या वृद्धि सघन हो रही है वहाॅ लूटपाट, हत्या, बलात्कार, बलवा, एक्सीडेंट आदि घटनाओं में इजाफा हुआ ।

इस अवसर पर संस्था के चेयरमेन ने सरकार को जनसंख्या वृद्धि पर सख्त कानून बनाये जाने की आवष्यकता की बकालत की एवं चीन की तर्ज पर एक बच्चे के कानून को संसद से नियम बनाकर पारित कराकर कई समस्याओं जिनमें प्रमुख बेराजगारी, भुखमरी, नस्लवाद, आतंकवाद, आदि से मुक्ति का साधन बनाया जा सकता है ।

आवष्यकता है चीन जैसी दृढ़ इच्छा शक्ति की जहाॅं के कानून को अपनाकर दो से अधिक बच्चों की स्थिति में 50000/- वाािर्षक टेक्स की अवधारणा से देष को बचाया जा सकता है ।

सिवनी बच्‍चों के कटेफटे होंठ व तालू मुक्त जिला घोषित

सिवनी – कलेक्टर गोपालचन्द्र डाड के निर्देशन में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे जिले में सर्वे कर कटेफटे होंठ एवं फटे तालू के मरीजों को खोजकर उनका आपरेशन करवा रही है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. मेश्राम ने बताया कि जिला सिवनी में वर्तमान में मात्र 05 बच्चे ऐसे है जिनका कटे होंठ का आपरेशन नहीं हो पाया है उनके परिवार को बच्चें के आपेरशन कराने की समझाईश दी जा रही है। शासन की योजना अनुसार ऐसे जिले जहां 01 से 18 वर्ष के 05 या उससे कम बच्चे आपरेशन के लिये शेष बचे है उस जिले को कटे होठ एवं फटे तालू मुक्त जिलाघोषित किया जाता है। जिला सिवनी को नंवबर 2017 में कटे होठ एवं फटे तालू मुक्त जिला घोषित किया गया है। जिसका प्रमाण पत्र 06 जुलाई को राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. मेश्राम को प्रदान किया गया।

सिवनी में ऐसे भी है यातायात कर्मी

सिवनी (म.प्र.) के नगरवासी इन्हे नाम से भले न जानते हों लेकिन इनका चेहरा शायद ही किसी के लिए अंजान है। ये हैं “अशोक कुमार मर्सकोले जी” जो एक ट्रैफिक हवलदार है। काफी महीनों से मर्सकोले जी शहर के हिर्दयस्थल, सर्किट हाउस चौराहे पर ड्यूटी कर रहे हैं

जब भी इस चौराहे से गुजरता हूँ तब अशोक जी पूरी तत्परता और तन्मयता के साथ अपने निर्धारित स्थान पर ट्रैफिक को अपने अंदाज में सँभालते हुए दिखते हैं। यह अतिश्योक्ति नहीं होगी यदि कहा जाये की लोगो की ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और पालन इनकी मौजूदगी से संभव हुआ है। शायद मैं इस चौराहे से हर दिन निकलता हूँ लेकिन ऐसा एक भी दिन नहीं हुआ की मैंने इन्हें किसी को बेवजह परेशान करते देखा हो बल्कि यदि कोई जल्दबाजी में या गैरइरादतन तौर पर सिग्नल तोड दे तो उसे समझाइश देकर अगली बार पालन करने का आग्रह ही किया है (एक बार मेरे साथ भी हुआ है)।

सिवनी में आज सुबह से ही बहुत बारिश हो रही थी और मुझे एक आवश्यक कार्य हेतु बरसाती पहनकर निकलना ही पड़ा और जब चौराहे पहुंचा तो चकित रहे गया, मर्सकोले जी प्रतिदिन की तरह आज भी भारी बारिश में बरसाती डाले अपने स्थान पर डटे मिले। दिल जीत लिए भाईसाहब ने तो, फिर क्या अपना काम करके लौटते वक्त अपनी गाड़ी बाजु में लगाकर मिलने पहुँच ही गया (हर दिन जिज्ञासा होने के बाद भी जल्दी के चलते नहीं मिल पाता था) और उन्हें उस रास्ते से गुजरने वाले हर एक व्यक्ति की तरफ से साहिर्दय धन्येवाद प्रेषित किया।


ये वो व्यक्ति हैं जो मेरे और न जाने कितने लोगो के मनोभाव में हर दिन इस बात की एक अनकही प्रेरणा का प्रवाह करते हैं कि जिम्मेदारी और कर्त्तव्य का निसंकोच निर्वहन कैसे किया जाता है। कई मायनों में ये कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी की एक सादृश्य प्रतिकृति हैं। मैंने और शायद आपने भी ऐसे लोगो को देखा होगा जो ट्रैफिक हवलदारी को तुच्छ समझकर और अपनी सामाजिक छवि को सुरक्षित रखने के लिए चौराहे के किसी किनारे वाले पान ठेले में खड़े रहकर अपनी ड्यूटी के 8-10 घंटों को जैसे तैसे गुजार देते हैं या दिन भर में 10 -12 लोगो को बेवजह परेशान करके उनसे पैसे की उगाही करते हैं। अशोक जी इन सब परिस्थियों में एक अपवाद हैं। जैसे उन्होंने ने बताया कि उन्हें इसके लिए सम्मान भी मिल चुका है लेकिन सोचा की इनकी कर्तव्यनिष्ठा के चर्चे दूर तक जाने चाहिए। अशोक जी की कार्यशैली और समर्पित सेवाभाव, ट्रैफिक पुलिस के प्रति आम जनमानस के नजरिये को एक नई दिशा दे रहा है।

वो कहावत आपने सुनी ही होगी की “एक मछली पुरे तालाब को गन्दा करती है”, लेकिन मर्सकोले जी द्वारा जिम्मेदारीपूर्ण अपने काम का सतत निर्वहन इस कहावत को उल्टा करता है कि “एक हंस पुरे तालाब को सुशोभित कर सकता है”। कहने का तात्पर्य यह है कि शहर में ट्रैफिक विभाग के प्रति सम्मान की भावना इस एक व्यक्ति के कर्म से जागी है।

प्रेरणाएं आपके चारों ओर हर वक्त हर पल मौजूद हैं, बस नज़र की बारीकी की जरुरत है। जिस दिन बारीकी को परखने में पारंगत हो गए समझिये उस दिन से आपको प्रेरित होने के लिए मोटिवेशनल विडियो या कोटेशन्स की आवश्यकता नहीं होगी।

आपके शेयर करने से मुझे कोई फायदा तो नहीं होगा , हाँ, इतना जरूर है बात निकली है तो दूर तलक जायेगी और अशोक जी को उनका वाजिव सम्मान और पहचान जरूर मिल जायेगी।

क्रोध को प्रेम में बदलना

प्रतिदिन, हम अनेक परिस्थितियाँ पाते हैं जिनसे क्रोध भड़क सकता है। कभी-कभी हम तब क्रोधित होते हैं जब कोई हमें चोट पहुँचाता है या हमें नाराज़ करता है। ऐसे भी उदाहरण हैं जिनमें दूसरों को चोट पहुँचते हुए देखकर हमें क्रोध आ जाता है। हमें सामाजिक अन्याय के मामले भी मिल सकते हैं, जिनमें समाज में व्यक्तियों का एक समूह अन्याय सह रहा होता है। इन सभी मामलों में, हमें लग सकता है कि कुछ गलत हो रहा है। हो सकता है कि जो कुछ घट रहा है, उसे हम अनदेखा न कर पाएँ। फर्क इस बात में है कि हम अन्याय के प्रति किस प्रकार प्रतिक्रिया करते हैं? हम फैसला करने की क्षमता रखते हैं। हम क्रोध से प्रतिक्रिया कर सकते हैं या हम क्रोध को काबू कर, उसे प्रेम में बदल सकते हैं।

हम क्रोध की आग को प्रेम से शांत कर सकते हैं। किसी झगड़े के दौरान, क्रोध भरी आवाज़ में बोलने के बजाय, हमें मिठास का मरहम लगाना चाहिए ताकि दूसरों का गुस्सा ठंडा पड़ जाए। वातावरण में क्रोध-भरे विचारों की तरंगों को बढ़ावा करने के बजाय, हम प्रेम-भरे विचारों को प्रसारित करें ताकि वातावरण साफ हो जाए।

क्रोध से प्रतिक्रिया करने में बहुत ऊर्जा खर्च होती है। ऐसी प्रतिक्रिया हमें क्षीण, शक्तिहीन कर देती है, पर अगर हम अपनी ऊर्जा प्रेममयी प्रतिक्रिया में लगाएँगे तो उससे न सिर्फ हम परिस्थिति में समन्वय ले आएँगे बल्कि हम स्वयं भी उस प्रेम से ऊर्जा पाएँगे। जब हम प्रेम से व्यवहार करते हैं तो हम दरवाजे को खोलते हैं ताकि प्रभु-प्रेम हममें से प्रवाहित हो। हम प्रभु-प्रेम से ऊर्जा और उभार पाते हैं। अगली बार जब हम अपने आपको ऐसे माहौल में पाएँ जहाँ अन्याय हो रहा हो तो हम क्रोध की बजाय, प्रेम से प्रतिक्रिया करने की कोषिष करें। हम अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया का, उस माहौल पर और अपने आप पर, दोनों पर हुए असर को देख सकते हैं।

संसार में बहुत क्रोध विद्यमान है। आओ, हम संसार में समन्वय और शांति लाएँ। आओ, हम क्रोध को प्रेम से जीत लें। हम देखेंगे कि हमारा ऐसा कृत्य, एक तरंग के जैसे, औरों तक पहुँचेगा और वह दिन दूर नहीं होगा, जब हमारा वातावरण, हमारा समाज और हमारा समुदाय, इस संसार में शांति का आश्रय बन जाएगा।

8 घण्टे में बरामद हुआ डंम्पर : आरोपी गिरफ्तार

सिवनी- जिले के डुंडा सिवनी थाने को अब बड़ी सफलता हासिल हुई है जहा उसके द्वारा तुरत कार्यवाही मात्र 8 घण्टे में चोरी हुए डम्पर व् एक आरोपी को गिरफतार कर लिया। थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर ने बतया की मस्तराम चन्द्रवँशी ने नगझर में डंम्पर खड़ा किया जो रात में किसी आरोपी द्वारा चोरी कर लिया गया ।

डंम्पर क्रमांक ऍम एच -19 जेड 2390 का जी पी एस के आधार पर पुलिस ने पीछा कर लगभग 200 किमी दूर ग्राम मथानी थाना मोदा जिला नागपुर में उसे ओवर टेक क्ऱ ज्प्त किया है।

वाहन के साथ 45 वर्षीय चोर क्युमुद्दीन पिता सेज़ुद्दीन को भी गिरफ़तार किया गया वही एक अन्य आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। लगभग 8 लाख मूल्य के डंम्पर को चोर सहित बरामद करने वाली टीम को पुलिस कप्तान विवेक राज सिंह द्वारा नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई हे।

इस सफलता को हासिल करने में प्रधान आरक्षक जसवंत सिंह. आरक्षक हरिओम व् संतोष साहू शामिल थे

सिवनी में हुई झमा झम बारिश बैनगंगा नदी में उफान

सिवनी- जिला मुख्यायल सहित अन्य विकास खण्डों में गत दो दिनों से जारी बरसात के बाद आज सुबह वीभन्न नदियों व् नालो में उफान आ गया है।

छिंदवाड़ा मार्ग पर लखनवाड़ा घाट में वेंनगंगा नदी उफान पर आ गई वही नगर के समीप बिझावाड़ा जाने वाले मार्ग का नाला भी जल मग्न हो गया।

भूअभिलेख कार्यलाय से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक जिले में कुल 384.1 मी मी वर्षा दर्ज हुई है,आज 11 बजे 69 मी मी वर्षा हो चुकी है।

आने वाले एक दो दिन में मानसून जिले में और ज्यादा सक्रिय हो सकता है।

VIDEO: अंडा बेचने वाले ने अपने गाने से YouTube पर मचाया धमाल

यूपी के कौशल का भोजपुरी गाना यूट्यूब पर बहुत ज्यादा पसंद किया जा रहा है. अब तक उसे पांच लाख बार देखा जा चुका है.

(फोटो साभार सोशल मीडिया).

लखनऊ: डिजिटल जमाने में आपका हुनर किसी का मोहताज नहीं है. सच्ची लगन के साथ की गई मेहनत जरूर रंग लाती है. इसके लिए आपको अपने सपनों का पीछा करते रहना है. कुछ ऐसी ही कहानी है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले कौशल की. वैसे तो रोजी-रोटी के लिए कौशल अंडे बेचते हैं, लेकिन उन्हें गाने का बहुत शौक है. वे दिन में अंडे बेचते हैं और रात में गाने की प्रैक्टिस करते हैं. कौशल को भोजपुरी गानों का बहुत शौक है. बातों-बातों में एक दिन उसके भाई अनिल ने उनके गाने को रिकॉर्ड कर यूट्यूब पर डाल दिया.



यूट्यूब पर कौशल के गानों को खूब पसंद किया जा रहा है. उनके गाने को अब तक 5 लाख व्यू मिल चुके हैं. कौशल बताते हैं कि पहले जो लोग मेरे गाने का मजाक बनाया करते थे, वे अब मेरी तारीफ करने लगे हैं. मेरा बिजनेस भी बढ़ गया है. यूट्यूब पर हिट हो जाने के बाद ज्यादातर लोग अंडे खरीदने के लिए मेरे पास आते हैं और मेरे गाने की तारीफ करते हैं.

यूट्यूब पर बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए उन्होंने निशाद म्यूजिक भोजपुरी के नाम से यूट्यूब चैनल भी बना लिया है. इंटरनेट पर लोकप्रियता मिलने के  बाद वे अब छोटे-मोटे कार्यक्रमों में गाने भी लगे हैं, जिसके बदले उन्हें पैसा मिलता है. कुल मिलाकर यूट्यूब पर हिट होने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. वे कहते हैं कि ये सबकुछ मेरे छोटे भाई की वजह से संभव हो पाया है. भगवान को शुक्रिया बोलते हुए कौशल कहते हैं कि भगवान हर किसी की जिंदगी के बारे में पहले से कुछ सोछ रखे होते हैं.

कौशल पहले शख्स नहीं हैं जो सोशल मीडिया की वजह से स्टार बने हों. पिछले दिनों डब्बू अंकल का डांस सोशल मीडिया पर हिट हो गया था. वे रातों-रात सुपरस्टार बन गए थे. उससे पहले एक फिल्मी सीन को लेकर प्रिय प्रकास वॉरियर इंस्टार सेनसेशन बनी थी.