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छिंदवाडा: भारतीय सेना के जवान और परिवार के साथ मारपीट, जमीन हड़पने जवान के साथ रचा जा रहा षड्यंत्र

छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश का एक छोटा सा गांव पैजनवाड़ा, जो आमतौर पर अपनी शांति और सौहार्द के लिए जाना जाता है, हाल ही में एक दर्दनाक घटना का गवाह बना। एक भारतीय सेना के जवान और उसके परिवार के साथ हुए गंभीर हमले ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है।

सेना के जवान की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि

भारतीय सेना के नायक पद पर तैनात, अम्बाला केंट स्टेट, हरियाणा में 146 ए.डी. बटालियन में सेवारत जवान, अवकाश के दौरान अपने गांव पैजनवाड़ा आए थे। उनकी पत्नी, सोना कहार, ने सचिन राय से 2 एकड़ जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री उनके नाम पर है। यह भूमि विवाद इस घटना का मुख्य कारण बन गया।

दिनांक 16 जून 2024, सुबह करीब 9:30 बजे, जवान और उनके परिवार के सदस्य – उनकी पत्नी सोना कहार, मां कलिया बाई, सास छोटी बाई, और बहन अनिला बाई खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान, ग्राम हरहिट के निवासी अशोक यदुवंशी, ओमकार यदुवंशी, और ओमप्रकाश यदुवंशी वहाँ आए और भूमि पर अपने दावे का विरोध जताने लगे। जब जवान ने उन्हें बताया कि यह जमीन उन्होंने सचिन राय से खरीदी है, तब उन पर हमला किया गया।

हमले का विवरण

अशोक यदुवंशी, ओमकार यदुवंशी, और ओमप्रकाश यदुवंशी ने जवान और उनके परिवार को भद्दी गालियाँ दीं और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन पर लाठी, कुल्हाड़ी, और मुक्कों से हमला कर दिया। अशोक यदुवंशी की पत्नी प्रमिला यदुवंशी और एक अन्य रिश्तेदार ने भी इस हिंसक कृत्य में हिस्सा लिया।

घायलों की स्थिति

जवान की हालत

हमले में जवान को सिर, दाहिने कंधे, दाहिनी बांह, और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। उनके शरीर से खून बहने लगा और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी।

अन्य परिवार के सदस्य

  • मां कलिया बाई: सिर, दाहिने हाथ की अंगुलियों के बीच, और छाती पर चोटें आईं।
  • सास छोटी बाई: सिर, बाएं हाथ की कोहनी, बाएं पैर के घुटने, और गर्दन पर चोटें।
  • बहन अनिला कहार: सिर और दाहिने हाथ पर चोटें।

पुलिस रिपोर्ट और कानूनी कार्यवाही

जवान ने तुरंत इस घटना की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। रिपोर्ट के आधार पर अपराध कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

भूमि विवाद के संभावित कारण

भूमि की रजिस्ट्री और कानूनी प्रक्रिया

सोना कहार के नाम पर रजिस्ट्री होने के बावजूद, यदुवंशी परिवार ने इस भूमि पर अपने अधिकार का दावा किया। यह विवाद शायद कानूनी प्रक्रिया में किसी त्रुटि या समझौते की वजह से उत्पन्न हुआ हो सकता है। सचिन राय से खरीदी गई भूमि की वैधता और रजिस्ट्री की जांच जरूरी है.

सीमांकन के लिए परेशान सेना का जवान

जवान का कहना है कि ये सिर्फ हमारी जमीन हड़पने के लिए षड़यंत्र रचा जा रहा है एक तरफ इसी भूमि के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय में कई बार आवेदन दे चुका है और कार्यालय से सीमाकं के लिए तारीख भी मिलती है. परन्तु उस तारीख से एक दो दिन पूर्व ही सीमांकन स्थगित करने का नॉटिक भी मिल जाता है. ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई बार हो रहा है. सेना के जवान का कहना है कि सीमांकन रोकने के लिए कई प्रकार के षड्यंत्र किए जा रहे है और अब अब तो मेरे और मेरे परिवार के साथ मारपीट भी शुरू हो चुकी है.

नीरज चोपड़ा ने पावो नूरमी गेम्स 2024 में स्वर्ण पदक जीता, नीरज चोपड़ा की ऐतिहासिक जीत

भारत के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने फिनलैंड के तुर्कू में आयोजित पावो नूरमी गेम्स 2024 में अपनी बेहतरीन भाला फेंक वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। नीरज ने 85.97 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ यह सफलता प्राप्त की। यह उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और आगामी ओलंपिक 2024 के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत भी।

पहले के प्रदर्शन से बेहतर परिणाम

नीरज चोपड़ा ने इससे पहले 2022 में पावो नूरमी खेलों में पहली बार भाग लेते हुए रजत पदक जीता था। इस बार, उन्होंने अपने रजत पदक को स्वर्ण में बदलते हुए 85.97 मीटर के थ्रो के साथ इस स्पर्धा में जीत दर्ज की। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि नीरज ने अपने खेल में निरंतर सुधार किया है और वह अपने प्रतिस्पर्धियों से एक कदम आगे हैं।

चोट से वापसी की कहानी

नीरज इस सत्र में अपना तीसरा इवेंट खेल रहे थे और चोट के कारण पिछले महीने चेकिया में ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट में हिस्सा नहीं ले पाए थे। उनकी यह जीत दिखाती है कि उन्होंने चोट से पूरी तरह उबरकर अपनी फॉर्म में वापसी की है। मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीरज के लिए यह जीत एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है क्योंकि वह अगले महीने पेरिस ओलंपिक 2024 की तैयारी कर रहे हैं।

पावो नूरमी गेम्स का महत्व

पावो नूरमी गेम्स एथलेटिक्स की दुनिया में एक प्रतिष्ठित इवेंट है, जो फिनलैंड के तुर्कू में आयोजित होता है। यह इवेंट एथलीटों को अपनी क्षमताओं को साबित करने और विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाने का मौका देता है। नीरज चोपड़ा ने इस इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपनी काबिलियत को साबित किया है बल्कि भारत का नाम भी रोशन किया है।

मुंबई के अस्पतालों को मिली बम की धमकी: शहर में सुरक्षा पर संकट

मुंबई, जिसे भारत की आर्थिक राजधानी कहा जाता है, एक बार फिर से चिंता और भय के माहौल में है। मंगलवार को मुंबई के 50 से अधिक अस्पतालों को बम की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए। इन अस्पतालों में जसलोक अस्पताल, रहेजा अस्पताल, सेवन हिल अस्पताल, कोहिनूर अस्पताल, केईएम अस्पताल, जेजे अस्पताल, सेंट जॉर्ज अस्पताल और कई अन्य प्रमुख चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। धमकी भरे इन ईमेल ने पूरे शहर में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।

VPN नेटवर्क का उपयोग: ईमेल का स्रोत

धमकी भरे इन ईमेल को भेजने के लिए VPN नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था, जिससे भेजने वाले की पहचान को छिपाया जा सके। इससे मुंबई पुलिस के लिए चुनौती और बढ़ गई है। पुलिस ने कहा है कि वे मामले की सक्रियता से जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक भेजने वाले की पहचान और धमकियों के पीछे के मकसद का पता नहीं लग पाया है।

मुंबई पुलिस की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय

मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं। उन्होंने सभी चिकित्सा सुविधाओं और उनके रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने इन अस्पतालों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से शांत और सतर्क रहने का आग्रह किया है।

अस्पतालों की प्रतिक्रिया और मरीजों की सुरक्षा

धमकी मिलने के बाद, मुंबई के सभी अस्पतालों ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने अपने मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर अस्पताल परिसर की सुरक्षा जांच की है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियाँ की हैं।

धमकी के पीछे संभावित कारण

इस तरह की धमकियाँ अक्सर आतंक फैलाने और लोगों में भय उत्पन्न करने के उद्देश्य से की जाती हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस ने अभी तक इन धमकियों के पीछे के वास्तविक कारण का पता नहीं लगाया है। पुलिस सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है और अपराधियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के दौरान सतर्कता और संयम बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर विश्वास करें। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सार्वजनिक और निजी संस्थानों के बीच समन्वय होना चाहिए।

नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे शांत रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा है कि लोग अफवाहें न फैलाएँ और अपने आस-पास की गतिविधियों पर नजर रखें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह से तैयार हैं।

भविष्य के लिए सुरक्षा की योजना

मुंबई पुलिस और नगर प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई सुरक्षा योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग और सुरक्षा बलों की तैनाती शामिल है।

30 जून को PM MODI करेंगे ‘मन की बात’: पहले की तरह एक बार फिर हर महीने रेडियो पर सुनाई देगी पीएम मोदी के मन की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि उनका लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ 30 जून को फिर से शुरू होगा। कुछ महीनों के अंतराल के बाद, लोकसभा चुनावों के कारण यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। पीएम मोदी ने इस अवसर पर जनता से उनके विचार और इनपुट साझा करने का आह्वान किया है।

मन की बात का महत्व

प्रधानमंत्री का यह मासिक रेडियो कार्यक्रम भारतीय समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों और मुद्दों पर चर्चा करते हैं, जो सीधे आम जनता के जीवन से जुड़े होते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया था और तब से यह देशभर में लोकप्रियता प्राप्त कर चुका है।

जनता से इनपुट की अपील

पीएम मोदी ने जनता से MyGov ओपन फोरम, NaMo ऐप, या 1800 11 7800 पर रिकॉर्ड संदेश के माध्यम से अपने विचार और सुझाव साझा करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है, “यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि चुनावों के कारण कुछ महीनों के अंतराल के बाद, #MannKiBaat वापस आ गया है! इस महीने का कार्यक्रम रविवार, 30 जून को होगा। मैं आप सभी से इसके लिए अपने विचार और इनपुट साझा करने का आह्वान करता हूं।”

लोकसभा चुनावों के कारण स्थगन

‘मन की बात’ का आखिरी प्रसारण 25 फरवरी को हुआ था। इसके बाद, आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर इसे तीन महीने के लिए रोक दिया गया था। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के 110वें संस्करण में कहा था, “आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अगले तीन महीनों तक मन की बात का प्रसारण नहीं किया जाएगा।”

2024 के लोकसभा चुनाव

2024 के लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में हुए थे। वोटों की गिनती 4 जून को की गई और परिणाम घोषित किए गए, जिसके बाद 18वीं लोकसभा का गठन हुआ।

मन की बात का व्यापक प्रसारण

‘मन की बात’ का प्रसारण 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा, 11 विदेशी भाषाओं में भी किया जाता है, जिनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फ़ारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के 500 से अधिक प्रसारण केंद्रों द्वारा प्रसारित किया जाता है।

मन की बात का समाज पर प्रभाव

‘मन की बात’ कार्यक्रम के सकारात्मक प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 100 करोड़ से अधिक लोग कम से कम एक बार इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। यह कार्यक्रम सीधे लोगों से बात करता है, जमीनी स्तर के परिवर्तनकर्ताओं और लोगों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है, और लोगों को सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री की अपील

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “इस महीने का कार्यक्रम रविवार, 30 जून को होगा। मैं आप सभी से इसके लिए अपने विचार और इनपुट साझा करने का आह्वान करता हूं। MyGov ओपन फोरम, NaMo ऐप पर लिखें या 1800 11 7800 पर अपना संदेश रिकॉर्ड करें।”

मन की बात: एक जन आंदोलन

‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक जन आंदोलन बन चुका है। इसके माध्यम से पीएम मोदी ने कई सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है और लोगों को जागरूक किया है। इस कार्यक्रम ने समाज के हर वर्ग को शामिल करते हुए एक संवाद का मंच प्रदान किया है।

कार्यक्रम के अद्वितीय पहलू

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री लोगों की कहानियों और उनकी उपलब्धियों को साझा करते हैं, जो प्रेरणादायक होती हैं। यह कार्यक्रम देश की विविधता और संस्कृति को भी उजागर करता है, जिसमें महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भागीदारी शामिल होती है।

आगामी संस्करण के लिए उत्साह

जनता में इस कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह है। आगामी संस्करण के लिए लोगों के विचार और सुझाव प्राप्त करना इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

सिवनी: वर्षा राय की मौत की जिम्मेदार नंद संगीता राय की जमानत खारिज, ससुर और नंद फरार

सिवनी: पलारी पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम पलारी में एक दर्दनाक घटना घटित हुई जिसमें 33 वर्षीय महिला वर्षा राय ने 08 मई को अपने सास, ससुर और नंद की प्रताड़ना से तंग आकर फिनायल पी लिया था। नागपुर में 12 मई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस मामले में पलारी पुलिस ने 29 मई को आरोपी सास राधा बाई राय, ससुर कृष्णगोपाल राय और नंद संगीता राय के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। दूसरे दिन सास राधा राय को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मृतिका का ससुर कृष्णगोपाल राय और नंद संगीता राय फरार हो गए।

सूत्रों के अनुसार, राधा बाई अस्वस्थ रहने के कारण सबसे पहले उसकी गिरफ्तारी की गई जिसे माननीय न्यायालय ने जमानत दे दी। राधा बाई की जमानत के बाद, मृतिका की नंद संगीता राय की तरफ से भी जमानत की अपील की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी पर सवाल

सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि वर्षा राय की मौत के मामले में आरोपी उसके ससुर कृष्ण गोपाल राय और नंद संगीता राय अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वे अपनी जमानत के लिए प्रयासरत हैं जबकि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में असमर्थ रही है।

पलारी पुलिस की भूमिका पर सवाल

पलारी पुलिस की निष्क्रियता पर अब सबकी निगाहें हैं। पुलिस फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में असमर्थ क्यों रही है? क्या उन्हें जानबूझकर जमानत का अवसर दिया जा रहा है?

प्राइवेट डॉक्टर की भूमिका

वर्षा राय की मौत के मामले में उसके ससुराल वालों के अलावा पलारी क्षेत्र का एक प्राइवेट डॉक्टर भी दोषी है। यदि पलारी पुलिस निष्पक्षता से जांच करें तो उस तथाकथित डॉक्टर के विरुद्ध भी मामला दर्ज हो सकता है जिसने वर्षा राय के द्वारा फिनायल पीने की जानकारी पलारी पुलिस को दिए बिना गलत इलाज किया। जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो उसे सिवनी रेफर किया गया, जहां से वर्षा को नागपुर रेफर किया गया था और अंततः उसकी मौत हो गई।

डॉक्टर की डिग्री की जांच का आग्रह

पुलिस को पलारी के उस प्राइवेट डॉक्टर की डिग्री की भी जांच करनी चाहिए जिसने वर्षा राय का गलत इलाज किया था। यदि वर्षा राय को समय से सही इलाज मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती। इस डॉक्टर की लापरवाही भी एक बड़ी वजह बनी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विश्व धर्म संसद के लिये सहयोग और समर्थन जुटाने के लिये अकेले पदयात्रा कर रहा यति सन्यासी

यति यतेंद्रानंद जी महाराज पैदल तय करेंगे 3000 से ज्यादा किलोमीटर की यात्रा. उज्जैन से आरम्भ हुई पदयात्रा आज इंदौर पहुँची

शिवशक्ति धाम डासना जिला गाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज के शिष्य यति यतेंद्रानंद जी महाराज ने अपने गुरु के सबसे महत्वपूर्ण विश्व धर्म संसद के लिए सनातन धर्मियो को जागरूक करने व समर्थन जुटाने के लिये मध्य प्रदेश व राजस्थान में तीन हजार किलोमीटर की पदयात्रा उज्जैन से आरम्भ की।आज उनकी पदयात्रा इंदौर पहुँची जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया।इंदौर में यति सन्यासी ने प्रेस वार्ता को भी सम्बोधित किया।

प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए यति यतेंद्रानंद जी महाराज ने बताया कि उनके गुरु महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी शिष्य स्वामी हरि गिरी जी,सनातन धर्म(जिसे हिन्दू धर्म भी कहा जाता है) की सबसे बडी संस्था श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के एक सन्यासी हैं।उनका मामना है कि यह देश भारत जिसमें हम अनेक धर्मो और विचारों को मानने वाले नागरिक स्वाभिमान और सम्मान के साथ रहते हैं,यह बहुत जल्दी उन सभी के लिये जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाओ के साथ यहाँ रहना चाहते हैं,उन सबके लिये नरक में बदल जाने वाला है।

भारत में रहने वाले हिन्दू,सिक्ख,ईसाई,बौद्ध,पारसी तथा अन्य धार्मिक समूहों की जनसंख्या और जनसंख्या अनुपात लगातार घट रहा है।भारत मे केवल मुस्लिम मज़हबी समूह ही अपनी जनसंख्या को अनियंत्रित रूप से बढ़ा रहा है।जमीनी आंकड़ो पर यदि रिसर्च किया जाए तो यह बिल्कुल तय लगता है कि 2029 में भारत का प्रधानमंत्री कोई मुस्लिम होगा।किसी दैवीय शक्ति की सहायता से अगर यह घटना 2029 में नहीं हुई तो 2034 में इसे कोई नही रोक सकेगा।

एक बार भारत का प्रधानमंत्री कोई मुस्लिम बना तो अपनी अनियंत्रित जनसंख्या के बूते पर मुस्लिम समुदाय कुछ ही वर्षो में भारत मे शरीयत का कानून लागू कर देगा और भारत की स्थिति वर्तमान अफगानिस्तान, पाकिस्तान,इराक और सीरिया जैसी हो जाएगी।भारत का ही एक प्रान्त कश्मीर इसका जीता जागता उदाहरण है। इस्लाम और मुसलमानों के इतिहास को देखते हुए यह मानना ही पड़ता है कि भारत का प्रधानमंत्री मुस्लिम बनने के बाद यह देश गैर मुस्लिमों के लिए साक्षात नरक बन जायेगा और 2050 के आसपास यहाँ के सारे गैर मुस्लिम नष्ट हो चुके होंगे।

जब तक भारत पर इस्लाम का कब्जा होगा,तब तक मुसलमान दुनिया के और कई देशों में अपनी जनसंख्या बढ़ा कर लोकतंत्र के माध्यम से उन देशों पर कब्जा कर चुके होंगे।इसके बाद इस्लाम विश्व की सबसे बड़ी शक्ति होगा और सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमों को समाप्त करने का प्रयास करेगा।

इस्लाम के जिहादी विश्व के हर गैरमुस्लिम के घर तक पहुँचेगे और इस्लामिक कानून और रिवाजो के अनुसार गैरमुस्लिम महिलाओं को सामूहिक बलात्कार के बाद मण्डियों में बेच देंगे और गैरमुस्लिम मर्दो को कत्ल कर देंगे।उन्होंने यह सब दुनिया के हर उस देश मे किया है,जहाँ उनका कब्जा हो जाता है।गैर मुस्लिमों का विनाश करने के बाद ये आपस मे एक दूसरे का कत्ल करेंगे।इस्लाम की अंतहीन लड़ाई सम्पूर्ण विश्व के सर्वनाश तक जारी रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि आज की परिस्थितियों में यही सम्पूर्ण विश्व का भविष्य है।यदि विश्व के सभी गैर मुस्लिम इस भविष्य को बदलना चाहते हैं तो आपको आज से ही रक्तपिपासु इस्लामिक विचारधारा के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष आरम्भ करना ही होगा।

इसके लिये ऐसी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं का निर्माण होना अतिआवश्यक है जहाँ विश्व के सभी गैरमुस्लिम समुदाय एकत्रित होकर इस भीषण समस्या से छुटकारा पाने के लिये अपने सभी तरह के स्वार्थों, भय और अहंकारों से ऊपर उठ कर विमर्श करें।उन्होंने और उनके कुछ साथी इसकी पहल करते हुए सम्पूर्ण विश्व के सभी धार्मिक समूहों के धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों को इस समस्या पर विचार करने के लिये 5 दिवसीय world religious convention में सहयोगी और सहभागी बनने के लिये आमंत्रित कर रहे हैं।

यह world religious convention उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद जिले के शिवशक्ति धाम डासना में 17,18,19,20 और 21 दिसम्बर 2024 को आयोजित की जाएगी।धर्म संसद में पूरी दुनिया से गैर मुस्लिम धर्मगुरु और बुद्धिजीवी भाग लेंगे और जिहाद से मानवता की रक्षा के तरीकों पर गहन विचार विमर्श करेंगे।

दोनों यति सन्यासियों ने मध्य प्रदेश और राजस्थान की धर्मपरायण जनता से इस महान कार्य मे यथासंभव सहायता करने का आह्वान किया।

MP में 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ – सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त 369 सीएम राइज स्कूलों का संचालन आरंभ कर दिया है। इन स्कूलों में विश्व स्तरीय बिल्डिंग, स्मार्ट क्लास, डिजिटल टीचिंग, नि:शुल्क वाहन सुविधा, एक्सपोजर विजिट के साथ-साथ अन्य आधुनिक संसाधनों की सुविधा विद्यार्थियों को प्राप्त होगी। अन्य विद्यालयों में भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने देंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश के 416 विद्यालयों में पीएमश्री योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इन सुविधाओं का अन्य शालाओं में भी विस्तार होगा। प्रदेश के विद्यार्थी महापुरूषों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के पथ पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में स्कूल चलें हम अभियान 2024 के शुभारंभ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवप्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत

शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाला में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दुलार कर, तिलक लगाकर व पुस्तकें भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपर-100 योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 में जेईई एडवासं में आईआईटी में प्रवेश लेने वाले शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ग्राम सालीचौका जिला नरसिंहपुर के श्री पवनराय, ग्राम रक्सहाकलॉ जिला रीवा के श्री शीतल सिंह, सतना जिले ग्राम अतरार के श्री साहिल पाल, भोपाल के श्री रविराज विश्वकर्मा का सम्मान भी किया।

स्कूल शिक्षा स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी रहेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह विद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सफल जीवन जीने की प्रेरणा और अनुभव प्रदान करने के भी महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश की सभी व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है।

इसी क्रम में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का सकारात्मक प्रभाव हमारी वर्तमान पीढ़ी में परिलक्षित होगा। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में देश में अग्रणी रहा है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर कर मध्यप्रदेश देश में आगे रहेगा।

भगवान श्रीकृष्ण ने शाला स्तर पर ज्ञानार्जन और मित्रता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय संचालन के साथ-साथ विद्यालय के परिवेश के बारे में सोचना और उसे बेहतर बनाना आवश्यक है। विद्यालय विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश और मार्गदर्शन दें, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी श्रेष्ठ ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करते हुए नैतिक मूल्यों के साथ लक्ष्य प्राप्ति की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने गुरूकुल में अपनी प्रतिभा और योग्यता के बल पर विभिन्न विद्याओं और कलाओं में दक्षता अर्जित की, साथ ही दुनिया के सामने मित्रता का भी श्रेष्ठतम उदाहरण प्रस्तुत किया।

जनजातीय कार्यमंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगियों परीक्षाओं की तैयार के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ की गई सुपर-100 योजना का विस्तार सभी संभागों तक किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा श्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व प्रोटेम विधानसभा स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

इंदौर: 13 साल की लड़की ने 14वीं मंजिल से छलांग लगाई; दो दिन में दूसरी बच्ची ने की आत्महत्या

इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर में मंगलवार को एक 13 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना सोसायटी के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि लड़की ने आत्महत्या की है।

छात्रा की पहचान अमोल अय्यमयार की बेटी अंजलि के रूप में हुई है। उसने इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के निपानिया इलाके में अपोलो डीबी सिटी की 14वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। अंजलि एडवांस एकेडमी स्कूल में 7वीं की छात्रा थी। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।

स्टाफ रिपोर्टर से इनपुट सहित

टीआई तारेश सोनी के अनुसार, अंजलि सुबह स्कूल के लिए घर से निकली थी और उसके पिता उसे गेट तक छोड़ने आए थे। लेकिन, वह स्कूल बस लेने के बजाय पास के एक अपार्टमेंट में चली गई। वह लिफ्ट से 14वीं मंजिल पर पहुंची और छत पर जाकर नीचे कूद गई, जिससे उसकी जान चली गई।

सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है कि पिता के जाने के बाद अंजलि टाउनशिप गेट पर लौटी और फिर लिफ्ट से दूसरी बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर पहुंची, जहां से उसने छलांग लगा दी।