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Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से पहली मौत, NIV ने की पुष्टि; MP और राजस्थान समेत अन्य राज्यों में 14 संदिग्ध मौत

Chandipura Virus: गुजरात के अहमदाबाद में पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) के कारण राज्य में पहली मौत की पुष्टि की है। यह वायरस तेजी से फैल रहा है और राज्य में दहशत का माहौल बना हुआ है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वायरस की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

Chandipura Virus से मौत का पहला पुष्ट मामला

राज्य ने एनआईवी को पांच नमूने भेजे थे जिनमें से एक 5 वर्षीय लड़की के नमूने में चांदीपुरा वेसिकुलोवायरस (CHPV) की पुष्टि हुई है। साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के सिविल अधीक्षक डॉ. परेश शिलादारिया ने बताया कि यह पहली बार है जब किसी की मृत्यु का कारण चांदीपुरा वायरस साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि जिले में आठ संदिग्ध मामले सामने आए हैं और अन्य नमूनों के परिणाम की प्रतीक्षा की जा रही है।

संदिग्ध मृतकों की संख्या में वृद्धि

गांधीनगर के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि वायरस के कारण संदिग्ध मौतों की संख्या 29 मामलों में से 14 तक पहुंच गई है। मरने वालों में राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के भी मरीज शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि ये सभी संदिग्ध मामले हैं, सिवाय एक के जिसकी पुष्टि पॉजिटिव आई है। बच्चों में हो रही मौतों और प्रसार की गंभीरता को देखते हुए जागरूकता फैलाने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी होने वाली है।

वायरस के प्रसार का दायरा

अब तक गुजरात के 14 जिलों और शहरों में संदिग्ध मामले सामने आए हैं। अरावली जिले में 15 संदिग्ध मौतें हुई हैं जिनमें से एक मामले की पुष्टि हो चुकी है। साबरकांठा में 2, मोरबी में 2, महिसागर, मेहसाणा, गांधीनगर, पंचमहल, राजकोट और सुरेंद्रनगर में एक-एक संदिग्ध मामला सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, राजस्थान के उदयपुर और मध्य प्रदेश के धार के दो-दो मरीजों की भी मौत हो गई है।

Chandipura virus: Symptoms and prevention measures

चांदीपुरा वायरस के लक्षण और रोकथाम के उपाय

चांदीपुरा वायरस एक गंभीर वेसिकुलोवायरस है जो मुख्यतः मच्छरों द्वारा फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और मिर्गी जैसे दौरे शामिल हैं। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • मच्छरों से बचाव: घर और आसपास के क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करें।
  • स्वच्छता बनाए रखें: व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
  • संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें: संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें और संदेहास्पद मामलों की तुरंत सूचना दें।
  • सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और समय-समय पर जांच कराएं।

सरकारी प्रयास और जागरूकता अभियान

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चांदीपुरा वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। जागरूकता फैलाने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को वायरस के लक्षण और रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किए जा रहे हैं ताकि लोगों को ताजा जानकारी मिलती रहे।

आगे की रणनीति

वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। संदिग्ध मामलों की पहचान और जांच तेजी से की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री के साथ होने वाली बैठक में वायरस की रोकथाम के लिए और भी कड़े कदम उठाने की योजना बनाई जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

सिवनी: बारापत्थर में हुए इस एक्सीडेंट की वीडियो आपके रोंगटे खड़े कर देगी! – Watch Video

सिवनी। नगर के बारापत्थर क्षेत्र में पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप रविवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। श्रीजी होटल के पास डालडा फैक्ट्री रोड में एक कार चालक ने साइकिल सवार किशोर यादव को जोरदार टक्कर मार दी। किशोर यादव, जो कि काली चौक सिवनी के निवासी हैं, इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए।

रविवार की शाम लगभग 6 बजे, बारापत्थर क्षेत्र के पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास यह हादसा हुआ। किशोर यादव अपनी साइकिल पर सवार होकर घर की ओर जा रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि किशोर यादव सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार चालक को पकड़ लिया। कार चालक को लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने के आरोप में पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने किशोर यादव को तत्काल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

कार चालक की लापरवाही

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक अत्यधिक तेज गति से गाड़ी चला रहा था। उसने सड़क पर ध्यान नहीं दिया और साइकिल सवार किशोर यादव को टक्कर मार दी। यह हादसा कार चालक की लापरवाही का परिणाम था, जिससे एक निर्दोष व्यक्ति की जान पर बन आई।

प्रभावित परिवार की स्थिति

किशोर यादव के परिवार के लिए यह समय अत्यंत कठिन है। उनके परिवार के सदस्य अस्पताल में उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। इस हादसे ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से झकझोर कर रख दिया है।

यह हादसा हमें यह सिखाता है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। सभी वाहन चालकों को चाहिए कि वे गति सीमा का पालन करें, यातायात संकेतों का ध्यान रखें और सड़क पर चलते समय सतर्क रहें। पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना भी आवश्यक है।

सिवनी: GF ने बात करना बंद किया तो BF ने कराया स्वयं का अपहरण, पत्नी को काल कर दी जानकारी, जांच के बाद BF पहुंचा जेल

सिवनी: सिवनी शहर के केवटी वार्ड निवासी एक व्यक्ति ने अपनी महिला मित्र द्वारा बात करना बंद कर देने पर उसे फंसाने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी। पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ गई और अपहरण की झूठी कहानी रचने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

फर्जी अपहरण की योजना

कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि रीतेश कश्यप नामक व्यक्ति की एक महिला के साथ मित्रता थी। बाद में जब महिला ने रीतेश से बात करना बंद कर दिया, तो रीतेश ने बदला लेने के उद्देश्य से महिला को फंसाने के लिए फर्जी अपहरण की साजिश रची।

उसने अपनी पत्नी के मोबाइल पर फोन कर बताया कि उसका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और अपहरण करने वालों में उस महिला का भी नाम लिया, जिसके साथ उसकी पहले मित्रता थी।

पुलिस की जांच और सच्चाई का पर्दाफाश

जब पुलिस को इस घटना की शिकायत मिली, तो संबंधित महिला को बुलाकर उसके बयान लिए गए। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए रीतेश के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की और उसे नगझर के पास पकड़ा। जिस तरह से रीतेश ने घटनाक्रम का वर्णन किया, वहां पर ऐसी कोई स्थिति नहीं पाई गई। रीतेश ने दिखावे के लिए खुद पर कीचड़ लगाया हुआ था, लेकिन उसकी गाड़ी में कीचड़ के कोई निशान नहीं मिले।

रीतेश की साजिश का खुलासा

पुलिस को शक होने पर रीतेश से गहन पूछताछ की गई, जिसमें पूरी कहानी झूठी साबित हुई। रीतेश ने स्वीकार किया कि वह अपने मोहल्ले में रहने वाली एक महिला को फंसाना चाहता था और इसी उद्देश्य से उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची थी।

यह घटना समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी निजी समस्याओं को हल करने के लिए झूठ और फर्जीवाड़े का सहारा नहीं लेना चाहिए। पुलिस ने इस मामले में सच्चाई का पर्दाफाश कर दिया और दोषी व्यक्ति को उसके कृत्य के लिए सजा दिलाई।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि कानून और व्यवस्था को धोखा देना आसान नहीं है और ऐसे कृत्यों का अंत हमेशा पकड़े जाने और सजा मिलने पर ही होता है। यह सभी के लिए एक चेतावनी है कि किसी भी स्थिति में न्याय और सत्य का मार्ग ही सबसे सही होता है।

सिवनी: पढ़कर क्या उखाड़ लिया? मरने दो बाद में देखा जाएगा, जय हिंद की जगह जय भीम कहने को मजबूर! भूख हड़ताल पर छात्राएं; कलेक्टर साहिबा ध्यान दीजिए

सिवनी: आदिवासी बालिका छात्रावास बोरदेई अधीक्षिका छात्राओं को कहती है पढ़कर क्या उखाड़ लिया? तबियत बिगड़ने पर कहती है मरने दो बाद में देखा जाएगा. छात्रों द्वारा जय हिंद कहने पर कहा जाता है जय हिंद की जगह जय भीम कहो मुझे जय हिंद पसंद नहीं है. होस्टल का पूरा काम छात्राओं से कराया जाता है जिसके बाद तंग आकर छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठी है.

रविवार-सोमवार की रात आदिवासी बालिका छात्रावास बोरदेई में एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने से हालात इतने गंभीर हो गए कि छात्रावास की छात्राएँ अगले दिन अधीक्षिका को हटाने की मांग पर अड़ी रहीं और छात्रावास के गेट पर धरने पर बैठ गईं। इसके बाद प्राचार्य पहुंचे, जिनके सामने छात्राओं ने छात्रावास में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी दी। अधीक्षिका ने अपनी सफाई दी, लेकिन छात्राएँ उससे संतुष्ट नहीं हुईं। आश्वासन मिलने पर ही छात्राएँ वापस भोजन के लिए गईं।

मरने दो, बाद में देखा जाएगा – कुछ छात्राओं ने अधीक्षिका संतोषी उईके से कहा कि मैडम, इसे अपनी गाड़ी से अस्पताल ले चलें, लेकिन अधीक्षिका ने जवाब दिया कि एम्बुलेंस आ रही है। बीच में छात्रा की हालत देखकर छात्राओं ने पुनः कहा कि वह तड़प रही है, उसे जल्दी अस्पताल ले चलें, तब अधीक्षिका ने कहा, “मरने दो, बाद में देखा जाएगा।”

खाने में कंकर-पत्थर

छात्राएँ शिकायत करती हैं कि चावल में कंकर आने पर उनकी गलती बताई जाती है। इसके अलावा, छात्राओं से अनाज साफ कराया जाता है।

कामवाली लगाने की मांग पर अधीक्षिका का जवाब

छात्राओं द्वारा कामवाली लगाने की मांग पर अधीक्षिका ने कहा, “तुमने अपनी जिंदगी में अपने घर पर कामवाली देखी है?” छात्राओं से सफाई करवाई जाती है – अधीक्षिका पर छात्राओं से टॉयलेट और बाथरूम साफ करवाने का भी आरोप है। इसके अलावा, पढ़ाई करने पर अधीक्षिका कहती है, “इतने समय से पढ़ रहे हो, क्या उखाड़ लिया जो अब करोगे?”

अधीक्षिका को हटाने की मांग –

छात्राओं ने प्राचार्य के नाम आवेदन देकर बताया कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर एम्बुलेंस आई और उसे अस्पताल ले जाया गया। अगले दिन, कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राएँ छात्रावास के गेट पर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं से उनकी मांग पूछी गई तो उन्होंने एक स्वर में कहा, “हमें यह अधीक्षिका नहीं चाहिए।” कारण पूछने पर बताया कि अधीक्षिका हमसे टॉयलेट साफ करवाती है और खराब पंखे और बिजली की मरम्मत नहीं कराती।

जय हिंद की जगह जय भीम कहने को मजबूर –

अधीक्षिका संतोषी उईके, छात्राओं को जय हिंद की जगह जय भीम कहने को मजबूर करती है और कहती है, “मुझे जय हिंद पसंद नहीं है, सब जय भीम बोलो।”

अधपका भोजन –

छात्राएँ अधपका भोजन करने को मजबूर हैं। छात्रावास में जो मीनू लगा है, उसके अनुसार कभी भोजन नहीं मिलता। धरने के दिन भी लौकी की पानी वाली सब्जी, दाल, रोटी और चावल बना था जिसमें भोजन करने के बाद भी इतना बच गया कि 50 लोग खा सकते थे। अधीक्षिका के व्यवहार से तंग आकर छात्राओं ने भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया।

कलेक्टर से मिलने के बाद ही भोजन –

छात्राओं ने कहा कि वे कलेक्टर से मिलने के बाद ही भोजन करेंगी। प्राचार्य के आश्वासन के बाद उन्होंने अपनी जिद छोड़ी और भोजन के लिए गईं।

राजनीति का शिकार –

अधीक्षिका ने बताया कि वह राजनीति का शिकार हो रही हैं। पूर्व में सस्पेंड हुई अधीक्षिका से अब तक सरकारी आवास खाली नहीं करवाया गया। वर्तमान अधीक्षिका संतोषी उईके का विवादों से पुराना नाता है। 2021 में 26 जनवरी के कार्यक्रम में महापुरुषों की फोटो को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था और छपारा छात्रावास भेजा गया था। वहां से वापस सिवनी लाने पर छात्राओं ने विरोध शुरू कर दिया।

सीसीटीवी कैमरे बंद –

सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे बंद थे। ऐसा क्यों हुआ, इसकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। अधीक्षिका ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह सब सोची-समझी साजिश है। प्रशासन द्वारा जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। ट्रायवल की एओ पूजा उईके ने भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

सतयोगी सोसायटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट समिति द्वारा संचालित लॉर्ड बुद्ध इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल कुरई में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण

सतयोगी सोसायटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट समिति द्वारा संचालित लॉर्ड बुद्ध इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल कुरई में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण: आज, 13 जुलाई 2024 को लॉर्ड बुद्ध इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल कुरई में वृक्षारोपण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के विभिन्न सदस्यगण, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और वृक्षारोपण के महत्व को समझाना था। स्कूल के संचालक श्रीमती सीमा गढ़पायले ने वृक्षों की महत्ता पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को वृक्षारोपण की प्रेरणा दी।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री धनराज डहरवाल जी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

विद्यालय की प्राचार्य का संदेश

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सविता भालेकर ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने घर पर भी एक-एक वृक्ष लगाएं और उसकी देखभाल करें। उन्होंने बच्चों को यह समझाया कि वृक्ष हमें न केवल छाया और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

अभिभावकों का योगदान और आभार व्यक्त

स्कूल के मैनेजर श्री अतुल देशभरतार ने सभी अभिभावकों का धन्यवाद किया और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सहयोग इस तरह के कार्यक्रमों की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

एक पेड़ मां के नाम अभियान

उप प्राचार्य श्रीमती शीतल देशमुख ने विद्यार्थियों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बारे में जानकारी दी और इस अभियान के तहत वृक्षों के महत्व को समझाते हुए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने-अपने तरीके से वृक्षारोपण के महत्व को प्रदर्शित किया।

ग्रीन डे का आयोजन

पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में लॉर्ड बुद्धा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में 13 जुलाई 2024 को ग्रीन डे मनाया गया। इस अवसर पर सभी बच्चों के अभिभावक एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। बच्चों को हरे रंग के कपड़े पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें हरे रंग के फल, सब्जियां एवं भोजन परोसा गया।

रंगारंग कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं

इस दिन को और भी यादगार बनाने के लिए बच्चों के लिए विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कविता, नाटक, और गीत शामिल थे। बच्चों ने अपने अद्वितीय प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में, सभी बच्चों को एक-एक पौधा देकर घर ले जाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे भी वृक्षारोपण में योगदान दे सकें।

वृक्षारोपण का महत्व

वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारी जीवनशैली को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। वृक्ष न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे जलवायु को नियंत्रित करने, जल संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और वन्यजीवों के लिए आवास प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।

सिवनी: बरघाट क्षेत्र में भूमाफियों के चक्कर में खेतिहर जमीन भी हुई महंगी

सिवनी, बरघाट: भूमाफियों की जमीन खरीद-फरोख्त के चलते जरूरतमंद लोगों को अब जमीन खरीदना मुश्किल हो गया है। चूंकि कुकुरमुत्ते की तरह फैले भूमाफियाओं ने प्लाट तो दूर, खेतिहर जमीन को भी प्लाट के रूप में विक्रय करने के उद्देश्य से खेतिहर जमीन के भाव भी आसमान पर पहुंचा दिए हैं।

यही कारण है कि धारनाकला में और आसपास के इलाके में भूमाफिया 20 से 25 लाख रुपये एकड़ के भाव में तक खेतिहर जमीन खरीद कर उसे आवासीय प्लाट का रूप देकर आम लोगों के लिए मुसीबत खड़ी करते नजर आ रहे हैं।

यही कारण है कि आज जरूरतमंद बेरोजगार युवक रोजगार के उद्देश्य से धारनाकला में 3000 से 4000 रुपये वर्गफुट की जमीन खरीदने को मजबूर हैं और जहां तक बात करें राजस्व चोरी तथा पंजीयन शुल्क की तो आज भी शासकीय आंकड़ों में यह दर इतनी कम है कि राजस्व की चोरी लाखों में हो रही है, जिस ओर प्रशासन का ध्यान देना नितांत जरूरी है।

नियमों को ताक पर रखकर कटीं ये कॉलोनियां

वैसे तो कॉलोनी काटने से पहले बहुत से मापदंडों को पूरा करना जरूरी होता है एवं किसी भी कृषि भूमि पर प्लाटिंग कर कॉलोनी बनाने से पहले कॉलोनाइजर का रेरा यानि रियल एस्टेट अथॉरिटी के तहत रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होता है।

साथ ही कॉलोनी काटने से पूर्व 15 प्रतिशत जमीन शासन को देनी होती है, और कॉलोनी काटने से पूर्व पक्की सड़क का निर्माण, बिजली-पानी की व्यवस्था के साथ पानी निकासी जैसे अन्य पहलू भी हैं जिनका पालन नियमों को ताक पर रखकर नहीं किया जा रहा है।

किन्तु नियमों के बने होने के बाद भी ऐसे कॉलोनाइजर तथा भूमाफियों पर प्रशासनिक तौर पर आज तक शिकंजा नहीं कसा गया है।

यही कारण है कि रोड से लगी निजी भूमि की आड़ में शासकीय जमीन बिक्री के दायरे में आती हुई नजर आ रही है, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि जनपद की शासकीय जमीन भी निजी तौर पर गलत तरीके से संशोधित होकर बिक्री हो जाती है और निजी जमीन की आड़ में करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे भी स्थापित हो जाते हैं।

भूमाफियों पर शिकंजा जरूरी

यह भी उल्लेखनीय है कि अगर प्रशासनिक तौर पर भूमाफियों पर नकेल नहीं कसी गई तो आने वाले समय में यह आम आदमी तथा जरूरतमंद लोगों के लिए नासूर साबित हो सकते हैं, जो आए दिन लाभ कमाने की गरज से जमीन के भाव आसमान पर पहुंचाते हुए राजस्व की चोरी तो कर ही रहे हैं, साथ ही दर्जनों जमीन के मालिक बनकर शासन की आंखों में धूल झोंकने का काम भी कर रहे हैं।

वैसे तो धारनाकला में अनेक भूमाफिया तथा कॉलोनाइजर हैं जो नियम विरुद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं, किन्तु चंद वर्षों में ही एक भूमाफिया ऐसा भी सामने आया है जो आज दर्जनों से ज्यादा प्लाट और खेतिहर जमीन के खसरा नंबर का मालिक तो बन बैठा है।

वहीं, राजस्व चोरी के साथ-साथ खेतिहर जमीन के भाव भी आसमान पर पहुंचाकर किसानों के लिए मुसीबत बन रहा है, जिसकी समस्त जानकारी भी एकत्र कर प्रशासन को सौंपी जाने की तैयारी की जा रही है ताकि प्रशासन द्वारा ऐसे भूमाफियों पर नकेल कसी जा सके।

वहीं दूसरी तरफ एसडीएम न्यायालय में भी धारा 115 के तहत आवेदन किया जा चुका है, जो कि जिला कलेक्टर की अनुमति के लिए एसडीएम न्यायालय से पत्र जारी होने की बात सामने आई है।

सिवनी: 12 साल के नाबालिग लड़के के साथ दुष्कर्म, 377 के तहत मामला दर्ज; वीडियो बनाकर कर रहे थे ब्लैकमेल

सिवनी: सिवनी नगर में 12 साल के नाबालिग लड़के के साथ दुष्कर्म का माला प्रकाश में आया है. दुष्कर्म के साथ ही युब्कों द्वारा पीड़ित का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी किया जा रहा था. इस मामले में पुलिस ने 377 के तहत मामला दर्ज किया है. । लगभग 12 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिवनी कोतवाली क्षेत्र में दो युवकों ने एक नाबालिग बालक के साथ दुष्कर्म किया। इस घृणित कार्य को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने बालक का वीडियो बना लिया और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उन्होंने बालक से पैसे की मांग की और उसे धमकाया कि यदि उसने किसी को बताया तो वे वीडियो को सार्वजनिक कर देंगे।

परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज

बालक ने यह सारी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत पर कार्रवाई की और धारा 377, पॉस्को एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को भी आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

मामले की जांच और आगे की कार्रवाई

इस घटना ने सिवनी नगर में हलचल मचा दी है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है जो आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए तत्पर है। बालक और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जा रही है और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है।

समाज की भूमिका

यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर ऐसे घटनाएं क्यों हो रही हैं और इसे रोकने के लिए क्या किया जा सकता है। समाज को ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

MP: नदी में नहा रहे 8 साल के बच्चे पर मगरमच्छ ने किया हमला, बच्उचे को जबड़ों में जकड़ा और गहरे पानी में ले गया

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के दमोह में शनिवार को व्यारमा नदी के किनारे नहा रहे 8 साल के बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। मगरमच्छ ने बच्चे का पैर पकड़ लिया और उसे गहरे पानी में खींच ले गया।

घटना शनिवार सुबह करीब 9 बजे दमोह के हटरी गांव की है। बच्चे की पहचान कृष्णा सिंह (8) के रूप में हुई है।

नदी किनारे मौजूद स्थानीय लोगों ने घबराकर प्रशासन को सूचना दी। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है, हालांकि मगरमच्छ और बच्चा अभी भी लापता हैं।

जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह कृष्णा अपने पिता अर्जुन लोधी के साथ गांव की व्यारमा नदी में नहाने गया था। ग्रामीणों ने बताया कि घाट के पास झाड़ी के पीछे मगरमच्छ छिपा हुआ था। जैसे ही कृष्णा पानी में उतरा, मगरमच्छ ने हमला कर दिया। उसने बच्चे को अपने नुकीले जबड़े से पकड़ लिया और गहरे पानी में ले गया। बमुश्किल दो-तीन मिनट बाद न तो बच्चा दिखा और न ही मगरमच्छ।

एक दिन पहले भी इसी स्थान पर मगरमच्छ ने किया था व्यक्ति पर हमला

इसी तरह एक दिन पहले व्यारमा नदी के किनारे मगरमच्छ ने एक व्यक्ति पर हमला किया था। उसका इलाज जबलपुर के एक अस्पताल में चल रहा है।

जिला वन टीम के अनुसार, यह कहानी लिखे जाने के समय ऑपरेशन चल रहा था। एक एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों को व्यारमा नदी और सतधारू बांध के आसपास की नदियों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।