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सिवनी: कलयुगी पुत्र विनोद ने माँ को उतारा मौत के घाट, घरेलू विवाद बना हत्या की वजह

सिवनी, बरघाट, धारनाकला: बरघाट थानांतर्गत ग्राम सालहेकला गोडी मोहल्ला में रहने वाली परमिला पति बीर सिंह की हत्या उसी के पुत्र विनोद अडपाचे के द्वारा कर दी गई। इस घटना ने पूरे गाँव को स्तब्ध कर दिया है और एक बार फिर घरेलू हिंसा के गंभीर परिणामों को उजागर किया है।

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक परमिला अपने बड़े पुत्र विनोद के साथ रहती थी। गलत संगत के चलते और कोई काम न करने के कारण घर में आये दिन लड़ाई-झगड़ा माँ और बेटे के बीच होता रहता था। पुलिस से प्राप्त जानकारी में यह भी बताया गया कि हत्या वाले दिन भी, 17 जुलाई को, माँ और बेटे के बीच घर का अनाज बेचने को लेकर विवाद हुआ और मारपीट हुई थी।

विवाद का आरंभ

दोपहर 1:30 बजे विवाद होने पर मृतक परमिला घर से निकलकर बाहर जा रही थी। तभी आरोपित विनोद ने बाल पकड़कर उसे घर वापस लाया और घर में रखे तख्त पर माँ का सिर पटककर मारपीट की, जिसके चलते माँ की मृत्यु हो गई।

हत्या के बाद का घटनाक्रम

हत्या के बाद से आरोपी पुत्र घर से फरार हो गया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी। थाना प्रभारी मोहनीश बैस द्वारा आरोपी को पकड़ने की जिम्मेदारी उप निरीक्षक पी एस सययाम को सौंपी गई थी। 18 घंटे बाद आरोपी हिररीनदी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी और आरोप

आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और परिवर्तित धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया गया और जेल भेज दिया गया।

पुलिस की भूमिका और कार्रवाई

माँ के हत्यारे को 18 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी मोहनीश बैस, उपनिरीक्षक पी एस सययाम, प्रधान आरक्षक संतोष मरशकोले, शोएब खान, और विमल डोगरे की विशेष भूमिका रही। इनकी त्वरित और समर्पित कार्रवाई ने इस जघन्य अपराध के आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।

घरेलू हिंसा के परिणाम

इस घटना ने एक बार फिर से घरेलू हिंसा के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। यह स्पष्ट होता है कि घरेलू विवाद कैसे एक हद तक बढ़ सकते हैं कि वे हत्या जैसे गंभीर अपराध में बदल जाते हैं। परिवार के भीतर चल रहे तनाव और समस्याओं का समय पर समाधान न होने से ऐसे दुखद परिणाम सामने आते हैं।

समाज की भूमिका

समाज की भी यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करे और मदद के लिए आगे आए। घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना और इससे संबंधित हेल्पलाइनों और सहायता सेवाओं का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। समाज को मिलकर ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे घरेलू हिंसा की घटनाओं में कमी आ सके।

सिवनी: दागदार कर्मचारियों को बनाया समिति प्रबंधक, जांच और वसूली की कार्रवाई भी है लंबित

सिवनी: दागदार कर्मचारियों को बनाया समिति प्रबंधक, सहकारी समिति आष्टा एवं लालपुर का मामला. IBPS फार्म इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन के तहत आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर तथा बृहताकार सहकारी समिति आष्टा में समिति प्रबंधक के रूप में अनामिका निकोषे तथा प्राची शर्मा द्वारा सुचारू रूप से समिति प्रबंधक का दायित्व निभाया जा रहा था। इनके कार्यभार के दौरान समिति के संचालन के साथ-साथ समिति से जुड़े हजारों किसानों को समय पर खाद, बीज, और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही थी।

समिति प्रबंधक के रूप में दागदार कर्मचारियों की नियुक्ति

सहकारिता विभाग के आला अधिकारियों ने अनामिका निकोषे और प्राची शर्मा को हटाकर एक बार फिर से समिति प्रबंधक का प्रभार दागदार कर्मचारियों के हाथों में सौंप दिया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ जांच और वसूली की कार्रवाई भी लंबित है। जिन कर्मचारियों को वर्तमान में समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है, वे पहले भी अनियमितताओं के चलते निलंबित रह चुके हैं।

IBPS फार्म इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन के तहत हुई थी नियुक्ति

उल्लेखनीय है कि IBPS फार्म इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन एक ऐसी संस्था है जो बैंक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का आयोजन करती है। इसी संस्था के माध्यम से अनामिका निकोषे और प्राची शर्मा की नियुक्ति लालपुर और आष्टा की समितियों में की गई थी। दोनों प्रबंधक तीन से चार माह से सुचारू रूप से कार्य कर रही थीं, किन्तु सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने इन्हें हटाकर दागदार कर्मचारियों को फिर से नियुक्त कर दिया।

शिकायतों और चक्काजाम की स्थिति

सहकारी समितियों में किसानों का लेन-देन खाद, बीज और कर्ज के रूप में चलता है। समिति के संचालन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आष्टा में चक्काजाम की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। लालपुर समिति में लाखों रुपये की वसूली के साथ-साथ उपायुक्त पंजीयक सहकारिता सिवनी से जांच भी प्रारंभ है। जिन कर्मचारियों को वर्तमान में समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है, वे अनियमितताओं के चलते लंबे समय तक निलंबित रहे थे।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की स्थिति

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में भी वर्षों से अंगद की तरह जमे हुए कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, जो प्रबंधक सुचारू रूप से समिति का संचालन कर रहे थे, उन्हें हटाने में देरी नहीं की गई।

सिवनी जिला कलेक्टर का ध्यान आवश्यक

यह आवश्यक है कि जिले की संवेदनशील जिला कलेक्टर इस ओर ध्यान दें और उचित कार्रवाई करें।

इनका कहना

कार्यरत समिति प्रबंधकों की छह माह की ट्रेनिंग पूरी नहीं हुई थी, इसलिए उन्हें समिति प्रबंधक से हटाकर संस्था के सीनियर को प्रभार सौंपा गया है। शिवदयाल तंतुवाय – प्रशासक- सहकारी समिति आष्टा एवं लालपुर

Earthquake In Seoni: सिवनी में भूकंप का जोरदार झटका, घरों से बाहर निकले लोग; पढ़ें कितनी थी तीव्रता और कहाँ था भूकंप का केंद्र

Earthquake In Seoni: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में आज दोपहर 04 बजकर 30 मिनिट पर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। इस भूकंप ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई। भूकंप का केंद्र सिवनी जिले के समीप था।

भूकंप का समय और प्रभाव

भूकंप का झटका दोपहर के करीब 4:30 बजे महसूस किया गया। भूकंप का मुख्य केंद्र सिवनी शहर से करीब 10 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। जैसे ही भूकंप आया, लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे और खुले स्थानों की ओर भागने लगे।

लोगों की प्रतिक्रियाएँ

स्थानीय निवासियों के अनुसार, झटके इतने तीव्र थे कि लोग अपने घरों से तुरंत बाहर निकल गए। कई लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ सड़क पर एकत्र हो गए और अपने सुरक्षा के उपायों पर चर्चा करने लगे।

भूकंप का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए रिएक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है। 5.2 की तीव्रता का मतलब है कि यह भूकंप मध्यम श्रेणी का था, जो कि सामान्यतः संरचनात्मक क्षति पैदा कर सकता है।

भूकंप का केंद्र

भूकंप का केंद्र (Epicenter) वह स्थान होता है जहां से भूकंप की लहरें उत्पन्न होती हैं। सिवनी जिले का केंद्र भूकंप के प्रमुख झटकों का स्थान था।

प्रभाव और नुकसान

संपत्ति का नुकसान

अभी तक, संपत्ति के नुकसान की रिपोर्ट्स सीमित हैं। कुछ भवनों में दरारें आई हैं और छोटे-छोटे ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं।

व्यक्तिगत सुरक्षा

सौभाग्य से, किसी भी प्रकार की गंभीर चोट या मौत की सूचना नहीं मिली है। यह मुख्यतः इसलिए संभव हो पाया क्योंकि लोग समय पर अपने घरों से बाहर निकल गए थे।

सिवनी पुलिस ने DJ वाले बाबू पर कर दी कार्यवाही, वाहनों को किया गया था मॉडिफाइड; यातायात पुलिस ने की कार्यवाही

सिवनी: सिवनी जिले में यातायात की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से ऐसे वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जो डीजे संचालन के कार्यों में उपयोग हो रहे हैं। डीजे मालिकों के द्वारा अपने वाहनों में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन कर साउंड बॉक्स और अतिरिक्त डीजे लाइट्स का उपयोग किया जा रहा है, जो मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है।

मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन

डीजे वाहनों में किए जा रहे ये परिवर्तन न केवल कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हैं बल्कि ये यातायात के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। वाहन की बॉडी से बाहर डीजे बॉक्स लगाने और अतिरिक्त लाइटों के प्रयोग से सड़क पर हादसों की संभावना बढ़ जाती है।

हाल की कार्रवाइयाँ

हाल ही में यातायात पुलिस ने इस प्रकार के उल्लंघन के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की है। पिछले तीन दिनों में ऐसे पांच वाहनों पर कार्रवाई की गई है जिनमें डीजे बॉक्स और अतिरिक्त लाइट्स का अवैध प्रयोग हो रहा था। इन वाहनों पर कुल 22000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

भविष्य की योजना और अपील

यातायात पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सभी डीजे संचालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों में नियम अनुसार ही डीजे संचालन करें और अतिरिक्त लाइटों का उपयोग न करें।

यातायात सुरक्षा के लिए नियमों का पालन आवश्यक

यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी वाहन चालकों और डीजे संचालकों का नियमों का पालन करना आवश्यक है। यह न केवल कानूनी अनिवार्यता है बल्कि समाज के सभी लोगों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारियाँ

सभी नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और समाज में सुरक्षित वातावरण का निर्माण करें। यातायात पुलिस द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों का समर्थन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी वाहन चालक या डीजे संचालक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बांग्लादेश आरक्षण हिंसा: छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच फोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी हुई बंद!

नई दिल्ली: सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ हिंसक छात्र विरोध प्रदर्शन के कारण शुक्रवार को बांग्लादेश में दूरसंचार सेवाएं व्यापक रूप से बाधित रहीं। इस सप्ताह छात्रों के विरोध प्रदर्शन में लगभग दो दर्जन लोग मारे गए हैं।

ताजा हिंसा में बढ़ी मौतों की संख्या

फ्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि गुरुवार की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। रॉयटर्स ने बताया था कि 13 लोग मारे गए हैं, जबकि सप्ताह के शुरू में छह लोग मारे गए थे, तथा वह अधिक संख्या की तुरंत पुष्टि नहीं कर सका।

दूरसंचार सेवाओं पर पड़ा व्यापक प्रभाव

ढाका और नई दिल्ली में रॉयटर्स के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अधिकारियों ने अशांति को शांत करने के लिए गुरुवार को कुछ मोबाइल सेवाएं बंद कर दी थीं, लेकिन शुक्रवार सुबह तक यह अशांति पूरे देश में फैल गई।

विदेशों से आने वाली अधिकांश टेलीफोन कॉलें कनेक्ट नहीं हो पा रही थीं तथा इंटरनेट के माध्यम से भी कॉलें पूरी नहीं हो पा रही थीं। शुक्रवार सुबह कई बांग्लादेशी समाचार पत्रों की वेबसाइटें अपडेट नहीं हो रही थीं और उनके सोशल मीडिया हैंडल भी सक्रिय नहीं थे।

व्यापक इंटरनेट और टेलीफोन व्यवधान

ढाका में रॉयटर्स के एक फोटोग्राफर ने बताया कि शुक्रवार सुबह देश में सिर्फ़ कुछ वॉयस कॉल ही काम कर रहे थे और मोबाइल डेटा या ब्रॉडबैंड भी नहीं था। उन्होंने बताया कि एसएमएस या मोबाइल-टू-मोबाइल टेक्स्ट मैसेज भी नहीं आ रहे थे।

बेरोजगारी और असंतोष के कारण फैला आंदोलन

इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री शेख हसीना के दोबारा चुने जाने के बाद से यह सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन है, जिसकी वजह युवाओं में बढ़ती बेरोज़गारी है। देश की 170 मिलियन आबादी का लगभग पाँचवाँ हिस्सा बेरोज़गारी या शिक्षा से वंचित है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार 1971 में पाकिस्तान से स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले लोगों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां देना बंद करे।

कोटा व्यवस्था की बहाली से उत्पन्न संकट

हसीना सरकार ने 2018 में कोटा व्यवस्था को खत्म कर दिया था, लेकिन पिछले महीने हाई कोर्ट ने इसे फिर से बहाल कर दिया। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ अपील की और सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को निलंबित कर दिया, जो 7 अगस्त को सरकार की अपील पर सुनवाई तक लंबित है।

छात्रों का आक्रोश और प्रशासन की प्रतिक्रिया

छात्रों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को बंद करना शामिल है। इसके बावजूद, विरोध प्रदर्शन देशभर में फैलते जा रहे हैं। सरकार और छात्रों के बीच यह संघर्ष और भी बढ़ सकता है, यदि समाधान जल्द नहीं निकाला गया।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नज़र रखे हुए है। कई देशों ने बांग्लादेश सरकार से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की है। बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, यह संकट अन्य क्षेत्रों में भी अस्थिरता पैदा कर सकता है।

बेरोजगारी और शिक्षा की कमी

बांग्लादेश में बेरोजगारी और शिक्षा की कमी एक बड़ी समस्या है। सरकार को चाहिए कि वह इन मुद्दों पर ध्यान दे और युवाओं के लिए अधिक अवसर प्रदान करे। यदि यह समस्याएँ हल नहीं होती हैं, तो भविष्य में और भी बड़े प्रदर्शन हो सकते हैं।

समाज पर प्रभाव

इस प्रकार की अस्थिरता से समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। लोग अपनी दैनिक गतिविधियों को सामान्य रूप से नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद हो रहे हैं, और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।

हार्दिक पांड्या और नताशा स्टेनकोविक हुए अलग: हार्दिक पंड्या ने इन्स्टाग्राम पर पोस्ट कर दी जानकारी

Hardik Pandya and Natasha Stankovic separated: भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और उनकी पत्नी नताशा स्टेनकोविक ने हाल ही में अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक संयुक्त बयान में अपने अलग होने की घोषणा की है। यह समाचार उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह जोड़ी अपनी निजी और पेशेवर जीवन में हमेशा सुर्खियों में रही है।

संयुक्त बयान का महत्व

पांड्या और स्टेनकोविक ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, “चार साल तक साथ रहने के बाद, नताशा और मैंने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। हमने साथ मिलकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, और हमारा मानना ​​है कि यह हम दोनों के लिए सर्वोत्तम है।”

विवाह और परिवार का संक्षिप्त विवरण

हार्दिक और नताशा ने जनवरी 2020 में सगाई की और फिर उन्होंने लॉकडाउन के दौरान एक छोटे समारोह में विवाह किया। उनका एक बेटा, अगस्त्य है, जो जुलाई 2020 में पैदा हुआ था। पांड्या और स्टेनकोविक ने अपने बेटे के पालन-पोषण में बहुत ध्यान दिया और हमेशा उसे अपने जीवन का केंद्र माना।

पारिवारिक मूल्य और प्राथमिकताएँ

बयान में पांड्या और स्टेनकोविक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बेटा अगस्त्य उनके जीवन का केंद्र बना रहेगा। उन्होंने लिखा, “हमारे लिए यह एक कठिन निर्णय था, क्योंकि हमने साथ मिलकर आनंद, आपसी सम्मान और संगति का आनंद लिया और जैसे-जैसे हमारा परिवार बढ़ता गया। हमें अगस्त्य का आशीर्वाद मिला है, जो हमारे दोनों के जीवन का केंद्र बना रहेगा और हम सह-पालक बनकर यह सुनिश्चित करेंगे कि हम उसे उसकी खुशी के लिए वह सब कुछ दें जो हम दे सकते हैं।”

सहमति और सम्मान का महत्व

पांड्या और स्टेनकोविक ने अपने बयान में इस कठिन समय में गोपनीयता और सम्मान की मांग की है। उन्होंने कहा, “इस कठिन एवं संवेदनशील समय में” सम्मान एवं गोपनीयता की मांग की। यह बयान उनकी परिपक्वता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान को दर्शाता है, जो उनके संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रभाव और प्रतिक्रिया

हार्दिक पांड्या और नताशा स्टेनकोविक का अलग होना भारतीय खेल और मनोरंजन उद्योग में एक महत्वपूर्ण घटना है। उनके प्रशंसकों और मीडिया ने इस खबर पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने यह निर्णय आपसी सहमति से और अपने बेटे की भलाई को ध्यान में रखते हुए लिया है।

आगे का रास्ता

हार्दिक पांड्या और नताशा स्टेनकोविक ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया है कि वे सह-पालक बनकर अपने बेटे अगस्त्य की परवरिश करेंगे। यह उनके परिपक्वता और जिम्मेदारी को दर्शाता है, जो उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणादायक है।

उत्तरप्रदेश ट्रेन हादसा: चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार, अब तक 2 यात्रियों की मौत; 28 घायल

लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार ने बताया कि डिब्बे पटरी से उतरने से पहले लोको पायलटों ने तेज आवाज सुनी थी। घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी के निकट कंचनजंगा एक्सप्रेस से भीषण रेलगाड़ी की टक्कर में दस यात्रियों की मौत की घटना के लगभग एक महीने बाद, गुरुवार को यहां से लगभग 150 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मनकापुर रेलवे स्टेशन के निकट डिब्रूगढ़ जा रही 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतर जाने से दो यात्रियों की मौत हो गई और लगभग 28 अन्य घायल हो गए।

उपमुख्यमंत्री का बयान

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, जिनके पास स्वास्थ्य विभाग भी है, ने पहले कहा था कि घटना में चार लोगों की मौत हो गई है।

घटना का समय और स्थान

सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे गोंडा-गोरखपुर सेक्शन पर झिलाही रेलवे स्टेशन के पास कुछ एसी कोच समेत 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। घायलों को मनकापुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि 28 घायलों को अस्पताल लाया गया है। घायलों में से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि घायलों में से ज्यादातर एसी कोच में यात्रा कर रहे थे।

राहत और बचाव कार्य

रेलवे सूत्रों ने बताया कि एंबुलेंस के साथ राहत ट्रेन मौके पर पहुंच गई है। रेलवे और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत अभियान शुरू कर दिया है, जो घटना के बाद बड़ी संख्या में वहां एकत्र हुए थे। सूत्रों ने बताया कि एसडीआरएफ की एक टीम भी मौके पर पहुंची और राहत अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि पटरी से उतरे डिब्बों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

सीपीआरओ का बयान

पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार ने बताया कि डिब्बे पटरी से उतरने से पहले लोको पायलटों ने तेज आवाज सुनी थी। घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

घटनास्थल पर मौजूदगी

ट्रेन बुधवार को 2340 बजे चंडीगढ़ से रवाना हुई थी। तस्वीरों में यात्री अपना सामान लेकर पटरियों के किनारे चलते हुए दिखाई दे रहे थे। तस्वीरों में यात्री पटरी से उतरे डिब्बों से बाहर निकलने की जल्दी में भी दिखाई दे रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पटरी से उतरे डिब्बों में कई यात्री फंसे हुए थे। पटरी से उतरने के बाद कम से कम चार डिब्बे पलट गए। एक यात्री ने बताया कि पटरी से उतरने से कुछ सेकंड पहले ही ट्रेन हिलने लगी थी।

पुलिस अधीक्षक का बयान

गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि 10-12 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। उन्होंने कहा, ”सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है…हमने पटरी से उतरे डिब्बों की जांच की है…वहां कोई फंसा हुआ नहीं है।”

मुख्यमंत्री का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और तत्काल राहत अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री का दौरा

घटनास्थल का दौरा करने वाले केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि यात्रियों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। सिंह ने कहा, ”हम फंसे हुए यात्रियों के लिए आगे के परिवहन की व्यवस्था कर रहे हैं…. यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अयोध्या से एक विशेष ट्रेन भेजी जा रही है।”

रेलवे अधिकारियों का बयान

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आस-पास के स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को बसों से वहां ले जाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही रुक गई है और पटरियों को साफ करने के प्रयास जारी हैं। घटना के मद्देनजर कम से कम दस लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग बदला गया है।

सिवनी: पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, पीजी कॉलेज सिवनी के लिए शुरू हुई बस सुविधा, पढ़ें पूरा टाइम टेबल

सिवनी: प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने अपने सभी नियमित छात्र-छात्राओं के लिए एक नई बस सेवा शुरू की है। यह सेवा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को घर से कॉलेज और वापस सुरक्षित और समय पर लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यहाँ हम आपको इस बस सेवा का पूरा टाइम टेबल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

बस रूट चार्ट और समय सारणी

रूट – 1

स्थान / स्टॉपेजराउंड 1राउंड 2
कॉलेज8:302:30
एमएलबी गर्ल्स हॉस्टल8:352:35
पोस्ट ऑफिस8:402:40
बस स्टैंड8:452:45
छिंदवाड़ा चौक8:502:50
छिंदवाड़ा नाका9:003:00
बस स्टैंड9:103:10
पोस्ट ऑफिस9:153:15
एमएलबी गर्ल्स हॉस्टल9:173:17
कॉलेज9:203:20

रूट – 2

स्थान / स्टॉपेजराउंड 1राउंड 2
कॉलेज9:253:25
पुलिस लाइन9:303:30
‘यरात नाका9:353:35
लूघरवारा9:403:40
बॉयज़ हॉस्टल बिनझारवारा9:453:45
बबरिया9:503:50
एसपी बंगला9:553:55
गांधी भवन10:004:00
कॉलेज10:054:05
बॉयज़ हॉस्टल भैरोगंज10:104:10
कॉलेज10:154:15

रूट – 3

स्थान / स्टॉपेजराउंड 1राउंड 2
कॉलेज10:204:20
एमएलबी गर्ल्स हॉस्टल10:254:25
गांधी भवन10:304:30
गर्ल्स हॉस्टल (डुंडा सिवनी)10:404:40
डुंडा सिवनी10:504:50
गर्ल्स हॉस्टल (डुंडा सिवनी)11:005:00
गणेश चौक11:105:10
गांधी भवन11:155:15
पोस्ट ऑफिस11:205:20
एमएलबी गर्ल्स हॉस्टल11:255:25
कॉलेज11:305:30
pg college bus route timing
Seoni: Bus facility started for PM College of Excellence, PG College Seoni, read the complete time table

पीजी कॉलेज सिवनी के लिए शुरू हुई बस सुविधा की विशेषताएँ

सुरक्षा और सुविधा

यह बस सेवा छात्रों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। बसें समय पर आती और जाती हैं, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है। इस सेवा में शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों को कवर किया गया है, जिससे अधिकांश छात्र-छात्राओं को अपने नजदीकी स्टॉपेज से बस पकड़ने में आसानी होती है।

समय की बचत

यह सेवा छात्रों को समय पर कॉलेज पहुंचने और वापस घर जाने में मदद करती है। छात्रों को अन्य परिवहन साधनों का सहारा नहीं लेना पड़ता, जिससे समय की बचत होती है।

समय पर पालन

छात्र-छात्राओं को बस सेवा का लाभ उठाने के लिए समय पर अपने स्टॉपेज पर पहुंचना आवश्यक है। बसें समय पर चलती हैं और समय पर पहुंचती हैं, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नियम और निर्देश

  • सभी छात्र-छात्राओं को समय पर बस स्टॉप पर पहुंचना अनिवार्य है।
  • बसों में सफर के दौरान अनुशासन बनाए रखें।
  • बस सेवा का लाभ केवल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए ही उपलब्ध है।