सिवनी जिले के घंसौर में नाग पंचमी के पावन अवसर पर 17 अगस्त (सोमवार) को भव्य सनातन कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। माँ नर्मदा के पवित्र छिंदवाहा घाट से शुरू होने वाली यह यात्रा श्री राम मंदिर, घंसौर तक पहुंचेगी, जहां भगवान नीलकंठ का जलाभिषेक, महाआरती और प्रसाद वितरण होगा। आयोजन को लेकर क्षेत्रभर में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल है।
मुख्य बातें (Highlights)
- 17 अगस्त (सोमवार) को घंसौर में निकलेगी भव्य सनातन कांवड़ यात्रा
- छिंदवाहा घाट से नर्मदा जल लेकर श्री राम मंदिर तक होगी पदयात्रा
- सुबह 10:30 बजे होगा यात्रा का शुभारंभ
- भगवान नीलकंठ का जलाभिषेक, महाआरती और प्रसाद वितरण
- प्रत्येक कांवड़ यात्री को भेंट किया जाएगा पवित्र रुद्राक्ष
- हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना
छिंदवाहा घाट से शुरू होगी आस्था की यात्रा
आयोजन समिति के अनुसार 17 अगस्त, सोमवार को सुबह 10:30 बजे श्रद्धालु छिंदवाहा घाट पर माँ नर्मदा का पवित्र जल भरकर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद भगवान भोलेनाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक ध्वजों के साथ श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए श्री राम मंदिर, घंसौर पहुंचेंगे।
श्री राम मंदिर में होगा जलाभिषेक
यात्रा के समापन पर श्री राम मंदिर परिसर स्थित भगवान नीलकंठ के शिवलिंग का नर्मदा जल से जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा। आयोजन समिति ने बताया कि प्रत्येक कांवड़ यात्री को जलाभिषेक के बाद एक पवित्र रुद्राक्ष भी भेंट किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए रहेंगी विशेष व्यवस्थाएं
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्ग में— पेयजल व्यवस्था, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
समिति ने जारी की अपील
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान भगवा, पीले या केसरिया वस्त्र धारण करने, अनुशासन बनाए रखने, स्वच्छता का ध्यान रखने और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है।
समिति का कहना है कि यात्रा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कई समितियां कर रही हैं सहयोग
इस धार्मिक आयोजन में—
श्री राम मंदिर समिति, घंसौर
शिव शंकर समिति
रामायण भजन मंडल
समस्त महिला मंडल
नर्मदा सेवा समिति
अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संगठन
सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
नाग पंचमी और श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर नर्मदा जल से शिवलिंग का अभिषेक करने की परंपरा मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही है। कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करती है।
इस आयोजन से घंसौर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा यातायात एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा सकती हैं।
घंसौर में 17 अगस्त को आयोजित होने वाली भव्य सनातन कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण आयोजन होगी। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर यात्रा को सफल बनाने की अपील की है।


