SEONI GHANSAUR NEWS: सिवनी जिले के घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस की कमी का आरोप लगाते हुए युवक के शव को लखनादौन-मंडला मुख्य मार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
मुख्य बातें (Highlights)
- घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 वर्षीय युवक की मौत
- मृतक की पहचान रामचरण ईरपचे के रूप में हुई
- परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस की कमी के लगाए आरोप
- शव सड़क पर रखकर लखनादौन-मंडला मार्ग पर किया चक्काजाम
- भाजपा नेताओं, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
- एसडीएम, एसडीओपी और पुलिस मौके पर पहुंची
उपचार के दौरान युवक की हुई मौत
जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय रामचरण ईरपचे की शुक्रवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घंसौर लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं और समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण युवक को बेहतर उपचार नहीं मिल सका।
ध्यान दें: स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस को लेकर लगाए गए ये आरोप परिजनों के हैं। समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
शव सड़क पर रखकर किया चक्काजाम
घटना से आक्रोशित परिजनों, भाजपा नेताओं, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने युवक का शव लखनादौन-मंडला मुख्य मार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम के कारण कुछ समय तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घंसौर थाना पुलिस, एसडीओपी, एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें शांत कराने और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास में जुटा हुआ था।
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा संसाधन, एंबुलेंस की उपलब्धता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषकर रेफरल सेवाएं और आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था कई बार विवाद का कारण बनती रही हैं।
यदि मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा और सुधार की मांग तेज हो सकती है। वहीं प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
घंसौर अस्पताल में युवक की मौत के बाद हुआ विरोध प्रदर्शन ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी को सामने लाता है। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।


