सिवनी जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई एक बार फिर आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बनी। स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से परेशान एक मां की समस्या का समाधान उस समय तुरंत हो गया, जब कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कुछ ही देर में छात्र प्रिंस का कक्षा पहली में प्रवेश सुनिश्चित कर दिया गया।
मुख्य बातें (Highlights)
- जनसुनवाई में पहुंची थीं संध्या मसराम, बेटे के प्रवेश की लगाई गुहार
- कलेक्टर नेहा मीना ने मौके पर ही दिए कार्रवाई के निर्देश
- सांदीपनि विद्यालय, कंडीपार में कक्षा पहली में मिला प्रवेश
- छात्र को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध कराई गईं
- मां ने जिला प्रशासन और कलेक्टर का जताया आभार
जनसुनवाई में सुनी गई एक मां की परेशानी
मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में संध्या मसराम अपने पुत्र प्रिंस के स्कूल में प्रवेश नहीं हो पाने की समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना को बताया कि काफी प्रयासों के बावजूद उनके बेटे का स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा है।
कलेक्टर ने उनकी बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
मौके पर ही पूरी हुई प्रवेश की प्रक्रिया
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जनसुनवाई में मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को आवश्यक कार्रवाई करते हुए निकटतम विद्यालय में छात्र का प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्देश मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सांदीपनि विद्यालय, कंडीपार में छात्र प्रिंस का कक्षा पहली में प्रवेश सुनिश्चित कर दिया।
छात्र को मिली निःशुल्क पुस्तकें, पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने छात्र प्रिंस को शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली कक्षा पहली की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी प्रदान कीं।
उन्होंने प्रिंस को नियमित विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मां ने जताया जिला प्रशासन का आभार
बेटे का प्रवेश कुछ ही समय में होने से संध्या मसराम के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना गया और तत्काल समाधान भी किया गया।
उन्होंने जनसुनवाई को आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद व्यवस्था बताते हुए जिला प्रशासन की संवेदनशील और तत्पर कार्यशैली की सराहना की।
मध्य प्रदेश शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली इस प्रक्रिया में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों और आवेदनों का मौके पर निराकरण करने का प्रयास किया जाता है।
इस तरह के त्वरित समाधान से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। विशेष रूप से शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों में समय पर निर्णय बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का काम करते हैं।
सिवनी की जनसुनवाई में एक बच्चे का स्कूल में प्रवेश कुछ ही समय में सुनिश्चित होना प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया है। कलेक्टर नेहा मीना के त्वरित निर्देशों से न केवल एक परिवार की चिंता दूर हुई, बल्कि एक बच्चे के शिक्षा के अधिकार को भी समय पर सुनिश्चित किया गया।


