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आपके बच्चे को नहीं पता आगे क्या पढ़ें? सही करियर चुनने में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम

Does your child not know what to study next? The role of parents is crucial in choosing the right career.

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– पं. कृष्णकांत तिवारी, पत्रकार एवं लेखक: स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज और करियर का चुनाव किसी भी छात्र के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ होता है। यही वह समय होता है जब लिया गया एक निर्णय भविष्य की दिशा तय करता है। दुर्भाग्य से अधिकांश छात्र अपनी रुचि और क्षमता के बजाय दोस्तों, रिश्तेदारों या समाज के दबाव में विषय और करियर का चयन कर लेते हैं। परिणामस्वरूप बाद में वे असंतुष्टि, बेरोजगारी या करियर बदलने जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं।

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और जीवन में सफल बने। लेकिन केवल अच्छी शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है। उतना ही आवश्यक है कि बच्चे की रुचि, उसकी क्षमता और स्वाभाविक प्रतिभा को भी समझा जाए। जिस क्षेत्र में बच्चे की वास्तविक रुचि होती है, उसी क्षेत्र में उसके सफल होने की संभावना सबसे अधिक रहती है।

अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता अपने पेशे को ही बच्चों का भविष्य मान लेते हैं। यदि परिवार व्यवसाय से जुड़ा है तो बच्चे से भी व्यापार संभालने की अपेक्षा की जाती है। यदि माता-पिता शिक्षक, डॉक्टर या किसी अन्य पेशे में हैं तो वे चाहते हैं कि बच्चा भी उसी राह पर चले। कई बार इस प्रक्रिया में बच्चे की अपनी पसंद और क्षमता पीछे छूट जाती है।

हालांकि नई पीढ़ी के माता-पिता में सकारात्मक बदलाव भी दिखाई दे रहा है। अब कई परिवार बच्चों की रुचि को समझने का प्रयास कर रहे हैं। यह बदलाव स्वागतयोग्य है, क्योंकि किसी भी विषय में सफलता तभी संभव है जब उसके प्रति स्वाभाविक लगाव हो। बिना रुचि के केवल डिग्री तो हासिल की जा सकती है, लेकिन उत्कृष्ट करियर बनाना कठिन होता है।

यदि माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे में किसी क्षेत्र के प्रति रुचि विकसित हो, तो केवल सलाह देना पर्याप्त नहीं है। उसे उस क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव भी मिलना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि बच्चा कानून के क्षेत्र में जाना चाहता है तो उसे किसी अनुभवी वकील के कार्यालय का वातावरण देखने, समझने और समय-समय पर वहां जाने का अवसर मिलना चाहिए। इसी प्रकार व्यवसायी अपने बच्चों को बचपन से ही व्यापार की बारीकियों से परिचित कराते हैं, जिससे उनमें अनुभव और आत्मविश्वास दोनों विकसित होते हैं।

बच्चे का करियर तय करने से पहले माता-पिता को उसकी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। उसके शिक्षकों से चर्चा करनी चाहिए, उसकी रुचियों को समझना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर करियर काउंसलर की सलाह भी लेनी चाहिए। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।

आज बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, नीट और जेईई की तैयारी करते हैं। इनमें सफलता पाने वाले छात्रों की संख्या सीमित होती है। ऐसे में यदि छात्र केवल एक ही विकल्प पर निर्भर रहता है और अपनी अन्य क्षमताओं का विकास नहीं करता, तो असफलता की स्थिति में उसे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी उतना ही आवश्यक है।

हमारी शिक्षा व्यवस्था लंबे समय तक पुस्तकीय ज्ञान पर केंद्रित रही है। हालांकि हाल के वर्षों में कौशल आधारित शिक्षा पर जोर बढ़ा है, फिर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यदि स्कूल और कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव, इंटर्नशिप और कौशल प्रशिक्षण अधिक मिले, तो वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

माता-पिता को चाहिए कि वे बचपन से ही बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करें। केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर उन्हें प्रेरणादायक पुस्तकों, सफल व्यक्तियों की जीवनियां और कौशल विकास से जुड़ी सामग्री पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। यह आदत उनके व्यक्तित्व और सोच दोनों को समृद्ध करेगी।

सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। शिक्षकों को शिक्षण के अलावा सर्वेक्षण, जनगणना, चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। यदि शिक्षकों को मुख्य रूप से शिक्षण कार्य पर ही केंद्रित रखा जाए और अन्य कार्यों के लिए अलग व्यवस्था विकसित की जाए, तो विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है।

अंततः शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसा सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिक तैयार करना होना चाहिए जो अपनी रुचि, कौशल और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ सके। इसलिए हर माता-पिता को यह प्रयास करना चाहिए कि उनका बच्चा पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ किसी न किसी व्यावहारिक कौशल से भी अवश्य जुड़े। यही संतुलन उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगा।

SHUBHAM SHARMA
SHUBHAM SHARMAhttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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