सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। शासकीय उचित मूल्य (पीडीएस) दुकान पर अनाज उतारने पहुंचे आयशर 407 वाहन को रिवर्स करते समय 13 माह का एक मासूम उसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना भयावह था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया।
उमरिया गांव में कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम उमरिया स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में आयशर 407 वाहन से पीडीएस का राशन पहुंचाया गया था।
अनाज खाली करने के बाद चालक वाहन को रिवर्स कर रहा था। बताया गया कि वाहन को काफी दूरी तक पीछे किया जा रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे घर के सामने नाली के पास खेल रहा 13 माह का मासूम मोहम्मद हमदान, पिता मोहम्मद सलीम, वाहन की चपेट में आ गया।
हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में आक्रोश
मासूम की मौत की खबर फैलते ही पूरे उमरिया गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने वाहन चालक की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
सूचना मिलने पर कान्हीवाड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
पुलिस ने चालक को किया गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आयशर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। दुर्घटनाग्रस्त आयशर 407 वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
मृतक बच्चे के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कान्हीवाड़ा भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
महत्वपूर्ण बातें
- ● सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के उमरिया गांव की घटना।
- ● पीडीएस दुकान में राशन उतारने पहुंचा था आयशर 407 वाहन।
- ● रिवर्स लेते समय 13 माह का मासूम वाहन की चपेट में आया।
- ● मासूम मोहम्मद हमदान की मौके पर मौत।
- ● घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
- ● पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त किया।
- ● पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई जारी।
ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर राशन वितरण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही सामान्य बात है। ऐसे स्थानों पर अक्सर बच्चों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रहती है। विशेषज्ञ समय-समय पर सलाह देते रहे हैं कि बड़े वाहनों को रिवर्स करते समय पर्याप्त सावधानी, सहायक व्यक्ति (स्पॉटर) और सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जाए ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
यह हादसा केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि रिवर्सिंग के दौरान आवश्यक सावधानी बरती जाए और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.
उमरिया गांव की यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद है। एक छोटी सी लापरवाही ने 13 माह के मासूम की जिंदगी छीन ली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।


