बरघाट (सिवनी) एस. शुक्ला। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने और आम नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा साइबर जनजागरूकता अभियान अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साइबर ठगी से बचने के आसान और प्रभावी तरीके बताए जा रहे हैं। अभियान में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है।
इसी क्रम में बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत बेहरई में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी मोहनीश बैस एवं एजेके थाना प्रभारी अनंती मश्कोले ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए।
अपनी भाषा में समझाया साइबर सुरक्षा का महत्व
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरल और स्थानीय भाषा में समझाया कि आज लगभग हर घर में एंड्रॉयड मोबाइल मौजूद है, जिसका उपयोग युवा, महिलाएं और बच्चे सभी करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर अपराधियों को मौका दे सकती है।
थाना प्रभारी मोहनीश बैस ने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल, मैसेज, लिंक, फोटो, वीडियो, APK फाइल या अन्य फाइलों को बिना जांचे डाउनलोड न करें। साथ ही लालच, डर या किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
इन साइबर फ्रॉड से रहें सतर्क
एजेके थाना प्रभारी अनंती मश्कोले ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से इन मामलों से सावधान रहने की सलाह दी—
- लॉटरी और इनाम के नाम पर ठगी
- फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर धोखाधड़ी
- क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड फ्रॉड
- बैंक KYC अपडेट के नाम पर ठगी
- सिम स्वैप फ्रॉड
- OTP फ्रॉड
- फर्जी वॉयस कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी
उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी कभी भी साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने दिखाई जागरूकता, पुलिस की पहल की सराहना
इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य विजय उइके ने भी ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सरल और सहज भाषा में लोगों को जागरूक करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।
लगातार गांव-गांव चलाया जा रहा अभियान
मध्य प्रदेश पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान लगातार गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखना और साइबर अपराधियों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करना है।


