Seoni Tiger Attack: खेत गई आदिवासी महिला को बाघ ने बनाया निवाला, दहशत में ग्रामीण

सिवनी में फिर बाघ का आतंक: मऊ बीजाटोला की आदिवासी महिला की दर्दनाक मौत, खेतों में जाने से डर रहे लोग

SHUBHAM SHARMA
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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena...
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सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरघाट क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बाघ ने एक आदिवासी महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लगातार हो रही बाघ हमलों की घटनाओं ने जंगल से सटे गांवों के लोगों की जिंदगी को भय और असुरक्षा के साये में धकेल दिया है।

ताजा मामला बेहरई से लगे ग्राम मऊ बीजाटोला का है, जहां रविवार को एक आदिवासी महिला बाघ का शिकार बन गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

पशुओं को लेकर खेत गई थी महिला, घात लगाए बैठे बाघ ने किया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मऊ बीजाटोला निवासी शिवकली पति शिवचरण अपने बैल और बकरियों को लेकर जंगल से लगे खेत में गई थीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

बाघ के हमले में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाघ ने महिला के कमर के नीचे के हिस्से को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया।

जब काफी देर तक शिवकली घर वापस नहीं लौटीं तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत के पास महिला का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस बल

घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

वन विभाग द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया गया। वहीं मृतका के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

लगातार बढ़ रहे बाघ हमले, इस सत्र में कई लोगों की जा चुकी है जान

गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी सत्र में बाघ के हमलों में पांच से छह लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिनों पहले ही एक आदिवासी युवक की भी बाघ के हमले में जान चली गई थी।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों के मन में गहरा भय पैदा कर दिया है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से भी डरने लगे हैं।

कृषि कार्य पर मंडरा रहा संकट

वर्तमान समय में कृषि कार्य का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। ऐसे में जंगल से लगे खेतों में किसानों की आवाजाही बढ़ जाती है। लेकिन बाघ की लगातार मौजूदगी और हमलों की घटनाओं के चलते ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बाघ के मूवमेंट पर नियंत्रण नहीं किया गया तो खेतों में काम करना असंभव हो जाएगा।

आदिवासी नेता राहुल उईके और विजय उईके पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही बरघाट विकासखंड के आदिवासी नेता राहुल विजय उईके और विजय उईके भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

दोनों नेताओं ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पीड़ित परिवार को शासन स्तर पर अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी बाघ हमलों में मृत परिवारों को शासन से सहायता दिलाने में इन नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस बार भी उनके प्रयासों के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन मिला है।

ग्रामीणों की मांग: बाघ के आतंक से दिलाई जाए राहत

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाई जाए, बाघ की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक जंगल से लगे गांवों में रहने वाले परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।

सिवनी जिले में लगातार सामने आ रहे बाघ हमले अब केवल वन्यजीव और मानव संघर्ष का मामला नहीं रह गए हैं, बल्कि यह ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे त्वरित और प्रभावी कदम उठाकर लोगों के मन से भय को दूर करें और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकें।

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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.
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