सिवनी जिले में क्रिकेट खेलने के दौरान हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते जानलेवा हमले में बदल गया। इस सनसनीखेज मामले में कोतवाली पुलिस ने तेज़ और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है।
पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती श्रद्धा सोनकर के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस गंभीर अपराध का खुलासा किया। आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की तत्परता और सतर्कता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 जनवरी 2026 को फरियादी समीर खान, निवासी गांधी वार्ड नया मोहल्ला, सिवनी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 01 जनवरी 2026 की रात लगभग 10 बजे क्रिकेट के विवाद को लेकर सैजान उर्फ सैजू खान, सैफ अली खान और नवीस खान ने उनके और उनके छोटे भाई उवैस खान पर चाकू, क्रिकेट बैट और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 109(1), 115(2), 118(1), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना शुरू की। घटना के बाद से ही आरोपी फरार थे, जिनकी लगातार तलाश की जा रही थी।
दिनांक 18 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों आरोपी घसियारी मोहल्ला में इमरान अली के मकान में छुपे हुए हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल सिवनी भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—
- सैजान उर्फ सैजू खान, पिता बबलू खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी घसियारी मोहल्ला शहीद वार्ड, सिवनी।
- सैफ अली खान, पिता सौकत अली खान, उम्र 20 वर्ष, निवासी घसियारी मोहल्ला शहीद वार्ड, सिवनी।
- नवीस खान, पिता नसीम खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी गांधी वार्ड नया मोहल्ला, सिवनी।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी, उप निरीक्षक दयाराम शरणागत, डालचंद ग्यारसिया, प्रधान आरक्षक मनोज पाल, मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दूबे, लोकेश सरयाम, सौरभ ठाकुर, प्रतीक बघेल एवं चालक इरफान की सराहनीय भूमिका रही।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सख्ती से अपराधियों में भय बना रहेगा और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा। पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि शहर में किसी भी प्रकार की हिंसा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह विवाद कितना ही छोटा क्यों न हो।

