पीएम मोदी ने बधाई के लिए अभिनंदन कहा, पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल हड़क गया

SHUBHAM SHARMA
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अभिनंदन के नाम पर इस बार पाक मीडिया ट्रोल ही हो गया

मोदी दोबारा पीएम बनने वाले हैं. चुनाव में भयानक जीत के साथ भाजपा सरकार बनाने जा रही है. जीत के बाद पीएम मोदी ने कई जगह भाषण दिए. सबको बधाई वगैरह. और साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को शुक्रिया कहने वाला भाषण भी दिया. अब भारत का भावी (और वर्तमान भी) प्रधानमंत्री भाषण दे तो पड़ोसी मुल्क के कान टाइट रहते ही हैं. और उसपर भी पाकिस्तान. उसके कान कुछ ज़्यादा टाइट रहते हैं. पूरे चुनाव मोदी पाकिस्तान को याद करते रहे. एयर स्ट्राइक, अभिनंदन, बालाकोट, पुलवामा मोदी के ‘की वर्ड्स’ रहे. ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया ने मोदी के एक भाषण की सन्दर्भ सहित व्याख्या की और सोशल मीडिया पर अपनी ऐसी तैसी करा बैठे.

# हुआ क्या?

हुआ ये कि मोदी जीत के लिए बधाई वाला भाषण दे रहे थे. जीतने के तुरंत बाद का पहला भाषण था. पाकिस्तान भी सुन रहा था. उसमें मोदी ने ‘अभिनंदन’ शब्द का ज़िक्र कर दिया और पाकिस्तान का मीडिया तड़प उठा.

# पहले वीडियो देखिए

और वीडियो के साथ क्या लिखा है ट्वीट करने वाले ने, वो भी पढ़ लीजिए. साफ़ लिखा है कि मीडिया ने ‘अभिनंदन’ शब्द का ग़लत मतलब निकाल लिया. मोदी ने जो अभिनंदन शब्द का इस्तेमाल किया उसके सारे मीनिंग इस तस्वीर में देखिए-

तो इसी अभिनंदन में गड़बड़ा गए पाकी लोग, और अलग मीनिंग लगा लिए अपने हिसाब से. कहने लगे मोदी ने कैद किए गए अभिनंदन को फिर से हीरो के तौर पर पेश किया वगैरह-वगैरह.

# क्या कहा था पीएम मोदी ने

मोदी ने चुनाव 2019 के नतीजे आने पर कई जगह भाषण दिए. उन्हीं भाषणों में से एक भाषण में मोदी ने कहा-

भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक साथी कोटि-कोटि अभिनंदन का अधिकारी है, जिसने निःस्वार्थ भाव से लोकतंत्र का झंडा ऊंचा रखने के लिए देश के सामान्य मानवीय के आशा आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जी जान से, लोकतांत्रिक तरीके से इस पूरे लोककार्य के उत्सव में सरीख होकर उसकी आन बान शानबढ़ाने में यशस्वी भूमिका निभाई है. 

अब आप कहेंगे कि मोदी जी के इस भाषण में कुछ शब्द अलग से क्यों रंग दिए भाई. इसका भी एक लॉजिक है. थोड़ा फ़नी है इसलिए सीरियस मत होइएगा. लेकिन मोदी जी के भाषण का जो हिस्सा पाकिस्तानी मीडिया को कन्फ्यूज़ कर गया, उसमें ज़्यादा ग़लती एंकर वगैरह की है भी नहीं.

अब जब आपके की-वर्ड (मुख्य शब्द) अभिनंदन, अधिकारी, झंडा, जी जान से, आन बान शान… होंगे तो पड़ोसी मुल्क कन्फ्यूजिया जाएगा ही भाई. एक तो मोदी जी ने ऐसी क्लिष्ट हिंदी बोली कि मत ही पूछो. क्लिष्ट का मल्लब समझ नहीं आया न. आ ही जाता तो बोलते क्यों. क्लिष्ट माने कठिन. तो जब हम ‘हिंदी भाषी’ इतने कन्फ्यूज हो जा रहे हैं तो उन ‘उर्दू ज़ुबान’ वालों का क्या ही क़ुसूर ठहरा भाई.

शायद यही वजह रही होगी कि चैनल में मची आपाधापी के बीच जैसे ही मोदी का भाषण पहुंचा होगा, सुनने वाले ने ‘अभिनंदन’ सुनते ही खटाक से एंकर के लिए स्क्रिप्ट लिख दी होगी कि अभिनंदन को मोदी ने फिर याद किया.

अब क्या कहें, वही कह सकते हैं जो कहने से मोदी जी ये भाषण देने लायक़ बने. वो क्या है?

‘हुआ सो हुआ’.

*इस ख़बर में एक ट्विस्ट है. बूझो तो जानें वाला. अगर पीएम मोदी के भाषण आपको याद रहते हैं तो जान जाएंगे.

नहीं याद आ रहा तो कोई नहीं ज़्यादा दिमाग़ न भिड़ाइए. बस इत्ता जान लीजिए कि पायलट अभिनंदन के वापस आने के बाद मोदी ने ख़ुद कहा था कि ‘आज तक अभिनंदन का मतलब जो भे था लेकिन अब से अभिनंदन शब्द का मतलब बदल जाएगा’

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