किसान भाईयों के लिए बड़ी खबर है! अगर आपने अभी तक खरीफ फसलों का बीमा नहीं कराया है, तो जल्द ही करवाएं, क्योंकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 है।
इस योजना के तहत मक्का, धान (सिंचित एवं असिंचित), तुअर, उड़द, मूंग व सोयाबीन जैसी प्रमुख खरीफ फसलें बीमा के दायरे में आती हैं। बीमा कराने वाले किसान को केवल 2% प्रीमियम देना होता है, बाकी की राशि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर देती है। यानी कम खर्च में ज्यादा सुरक्षा!
📌 कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ बटाईदारों, काश्तकारों, अऋणी एवं ऋणी – सभी किसान भाई उठा सकते हैं। खास बात यह है कि यह योजना अब स्वैच्छिक कर दी गई है। यानी आप चाहें तो ही जुड़ें, लेकिन फायदा उठाने में देरी ना करें।
- जिन किसानों ने अल्पकालिक कृषि ऋण ले रखा है, उनका बीमा बैंक के माध्यम से स्वतः हो जाएगा।
- अऋणी किसान स्वयं निम्न माध्यमों से पंजीयन करा सकते हैं:
✅ बीमा कराने के विकल्प:
- ग्राम पंचायत के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- जिले की सहकारी समितियां
- सभी बैंक शाखाएं
- फसल बीमा पोर्टल: www.pmfby.gov.in
- Crop Insurance मोबाइल ऐप
- AIC प्रतिनिधि/बीमा एजेंट
- स्वयं पंजीकरण भी कर सकते हैं।
🧾 अऋणी किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड की प्रति
- भू-अधिकार पुस्तिका की छायाप्रति
- बैंक पासबुक की कॉपी
- बुआई प्रमाण पत्र (कृषि अधिकारी या सरपंच द्वारा सत्यापित)
- मोबाइल नंबर
📊 फसलों की बीमा राशि और प्रीमियम (उदाहरण):
फसल का नाम | बीमित राशि (₹/हेक्टेयर) | प्रीमियम (₹) |
---|---|---|
मक्का | ₹36100 | ₹722 |
धान (सिंचित) | ₹45680 | ₹913.6 |
धान (असिंचित) | ₹34020 | ₹680.4 |
उड़द | ₹39500 | ₹790 |
मूंग | ₹36350 | ₹727 |
सोयाबीन | ₹30200 | ₹604 |
तुअर | ₹28150 | ₹563 |
🔔 विशेष सूचना:
KCC ऋणी किसान यदि फसल में परिवर्तन करना चाहते हैं, तो इसकी सूचना 29 जुलाई 2025 तक बैंक को देना जरूरी है।
📞 सहायता कहाँ लें?
किसान भाई 14447 हेल्पलाइन पर कॉल करके अधिक जानकारी ले सकते हैं। या फिर छिंदवाड़ा चौक से मठ मंदिर रोड स्थित शुभम कम्प्यूटर्स पर जाकर ऑनलाइन बीमा पंजीकरण करवा सकते हैं।
🌾 किसान भाइयों से अपील:
बेमौसम बारिश, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाएं कभी भी आ सकती हैं। ऐसे में आपकी फसल की सुरक्षा के लिए फसल बीमा करवाना एक जरूरी कदम है। 31 जुलाई 2025 से पहले बीमा करवाएं और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित करें। “बीमा है जरूरी, फसल की है सुरक्षा पूरी!”