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सिवनी: फर्जीवाडा और अनुशासनहीनता के लिए पब्लिक स्कूल ऑफ़ डिवाईन करैक्टर को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नोटिस जारी, रद्द हो सकती है मान्यता

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Public School Of Divine Character Seoni
SEONI: Public School Of Divine Character Seoni को जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

सिवनी: पब्लिक स्कूल ऑफ़ डिवाईन करैक्टर सिवनी (Public School Of Divine Character Seoni) के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. कारण बताओ नोटिस में बताया गया है कि इस स्कूल के खिलाफ लगातार ही अनेको प्रकार की शिकायतें मिल रही थी.

जिसके बाद बीईओ सिवनी एवं अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम से उन शिकायतों पर जाँच कराई गई थी. जांच टीम द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन में अनेकों प्रकार की अनुशासनहीनता लापरवाही और बच्चों के भविष्य के प्रति उदासीनता पाई गयी है.

Public School Of Divine Character Seoni को कारण बताओ नोटिस जारी

जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी द्वारा Public School Of Divine Character Seoni को जो कारण बताओ नॉटिस जारी किया गया है उसमे नीचे दिए निम्न बिंदु दर्शाए गए है.

1. संयुक्त जाँच समिति को जाँच कार्य में असहयोग करते हुये संस्था को प्राप्त मान्यता संबंधी दस्तावेज, स्कूल भूमि भवन / किरायानामा से संबंधित दस्तावेज अवलोकन नहीं कराये गये हैं, जो कि मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 04 दिसम्बर 2020 के नियम नियम एवं उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

2. वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 में कक्षावार शुल्क विवरण की जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई। नियम 4 उपनियम 8 एवं 9 का उल्लंघन है।

3. आपके लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण प्राय: पलकों के द्वारा टी.सी अंकसूची नहीं देने जैसे विषयों पर सी.एम. हेल्पलाईन एवं कलेक्टर महोदय के समक्ष जनसुनवाई में प्रकरण दर्ज होते पाते हैं. इससे यह प्रतीत हो रहा है कि आप संस्था के दावियों के प्रति अत्यंत ही लापरवाह एवं उदासीन है जो कि बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 5 का उल्लघन है.

4. संस्था में कार्यरत शिक्षकों को मानदेय भुगतान नियम/ निर्देशानुसार न किया जाकर घोर लापरवाही बरती गई है फलतः सी.एम.हेल्पलाईन प्रकरण दर्ज हुये हैं, आपके द्वारा 05 शिक्षकों को मानदेय हेतु जारी क भी बाउन्स होना, फर्जीवाडा/धोखाधडी किया जाना प्रतीत हो रहा है। जो कि नियम 10 का उल्लंघन है।

उपरोक्तानुसार कृत्यों से स्पष्ट है कि आपके द्वारा संस्था संचालन मे सतत लापरवाही एवं स्वेच्छारिता बरतते हुये वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों / निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। संयुक्त जाँच समिति को भी जाँच कार्य में सहयोग नहीं किया गया है।

आपकी कार्यप्रणाली से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आपको संख्या में प्रभावी शिक्षण एवं संतुलित संख्या प्रशासन में कोई रूचि नहीं है जो कि घोर आपत्ति जनक एवं खेदपूर्ण है।

इस प्रकार आपके द्वारा मान्यता शर्तों का उल्लंघन किया गया है। कारण स्पष्ट करें कि क्यों न मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 04 दिसम्बर 2000 की कठिका 9 के उपनियम 10 के अनुसार आपकी शिक्षण संस्था की मान्यता समाप्ति की कार्यवाही प्रारंभ की जाये ? आपको निर्देशित किया जाता है कि तत्संबंध में अपना सप्रमाण स्पष्टीकरण 7 दिवस की अवधि में अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करें दी गई समयावधि में स्पष्टकरण प्रस्तुत नहीं करने अथवा समाधान कारक स्पष्टीकरण न होने पर आपके विरुद्ध एक पक्षीय कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी जिसकी संपूर्ण जबाबदारी आपकी होगी.

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