भोपाल (मध्य प्रदेश): कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 में हुए घोटाले के बाद, मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय इस बार की भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में जुट गया है। परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली या लीक को रोकने के लिए इस बार बेहद सख्त तैयारियाँ की जा रही हैं। यह जानकारी गुरुवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।
सूत्रों के अनुसार, आगामी महीनों में विभिन्न संवर्गों और रैंकों के लिए लगभग 8,500 पदों पर भर्ती की जानी है। इसके लिए चयन और भर्ती से जुड़े अधिकारी एक विशेष चेकलिस्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (ESB) द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा में लागू किया जाएगा।
आधार विवरण और दस्तावेज़ों का होगा गहन सत्यापन
चेकलिस्ट में उम्मीदवारों के आधार अपडेट का पूरा इतिहास, लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और जॉइनिंग के समय का सत्यापन शामिल होगा। हालांकि, इन कड़े नियमों के कारण सत्यापन प्रक्रिया लंबी हो सकती है, जिससे उम्मीदवारों को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
बता दें कि 2023 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में आधार कार्ड में भारी हेरफेर के मामले सामने आए थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि बायोमेट्रिक जांच और परीक्षा केंद्रों पर स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद, एक व्यक्ति कथित तौर पर छह अलग-अलग उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने में सफल रहा।
एडीजी सोनाली मिश्रा ने दिए निर्देश
एडीजी (भर्ती एवं चयन) सोनाली मिश्रा ने बताया कि विभाग की योजना है कि ESB से उम्मीदवारों का पूरा डेटा लिया जाए और उसका वर्तमान एवं पूर्व परीक्षा डेटा से मिलान किया जाए। उन्होंने बताया, “कई बार ऐसा देखा गया है कि कोई उम्मीदवार एक परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में होता है और दूसरी परीक्षा में सामान्य श्रेणी में।”
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि रैकेट चलाने वाले गिरोह दूसरे राज्यों और परीक्षाओं में कौन-कौन से हथकंडे अपनाते हैं।
UIDAI से मांगी गई अतिरिक्त सुरक्षा
चूंकि हालिया भर्ती घोटाले में आधार सुरक्षा की गंभीर चूक सामने आई है, इसलिए पुलिस ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से संपर्क कर अधिक सुरक्षा उपायों और सख्त दिशा-निर्देशों की माँग की है। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में आधार सत्यापन को और मजबूत बनाने के लिए तकनीकी सहयोग और नई गाइडलाइन लागू करने की तैयारी है।