
सिवनी-जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा बताया गया कि कानूनों की जानकारी न होने के कारण सिवनी जिले के नवयुवक एवं किशोरों के द्वारा सोशल साइट जैसे फेसबुक में फेक आई.डी. बनाना फोटो एडिटिंग कर बालिकाओं/ महिलाओं के साथ अपनी फोटो शेयर करना या किसी नाबालिक बालिकाओं/ महिलाओं को बदनाम करने के आशय से फोटो की कापी कर उपयोग करना आदि कार्य कर रहे है, जिस पर बाद में उनके विरूद्व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आई.टी.एक्ट) 2000 की धारा 67, 67 क, 67 ख के साथ-साथ पीड़िता नाबालिग होने पर लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2015 के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध हो रहे है, जिसमें कम से कम 3 साल से 5 साल का कठोर कारावास एवं 10 लाख रूपये तक का जुर्माना का प्रावधान है। कुछ मामले किशोर न्याय बोर्डमें भी पंजीबद्ध हुए है। जिसमें नाबालिग बच्चों द्वारा उक्त विधि विरूद्व कार्य जानकारी के अभाव में कर दिये है। उन्होंने सभी माता-पिता एवं पालकों से अनुरोध है कि वह अपने बच्चों को इस बारे में बताकर समझाईश दें एवं उनके सोशल नेटवर्क साइट पर भी नजर रखे ताकि वह अनजाने में भी किसी अपराध में शामिल न हो।
