मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने सिवनी जिले के बरघाट तहसील अंतर्गत धपारा में पदस्थ एक पटवारी को ₹6000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों के बाद की गई, जिससे जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
कौन है आरोपी?
- नाम: महेंद्र बिसेन
- पद: पटवारी (हल्का नं. 81, 82)
- स्थान: राजस्व निरीक्षक मंडल, धपारा, बरघाट, सिवनी
- उम्र: 51 वर्ष
आरोप है कि पटवारी ने सीमांकन के बाद पावती देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
आवेदक भगतराम खरे, निवासी बोरीखुर्द, ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी बैगीन बाई खरे को उनकी माता द्वारा खसरा नंबर 627 में से 1/5 हिस्से की जमीन दी गई थी।
सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पटवारी द्वारा काम पूरा करने और पावती जारी करने के बदले ₹6000 की रिश्वत मांगी गई।
शिकायत की पुष्टि होते ही लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया।
कैसे हुई ट्रैप कार्रवाई?
12 फरवरी 2026 को आवेदक को रिश्वत की रकम देकर पटवारी के कार्यालय भेजा गया।
जैसे ही पटवारी ने पैसे स्वीकार किए —
- 👉 लोकायुक्त टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
- 👉 रिश्वत की राशि मौके से जब्त कर ली गई।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
- निरीक्षक जितेंद्र यादव (ट्रैप कर्ता)
- निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया
- लोकायुक्त जबलपुर की विशेष टीम
कानूनी कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ:
- ✔️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018)
- ✔️ धारा 7
- ✔️ धारा 13(1)B
- ✔️ धारा 13(2)
के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में खलबली मच गई है। आम जनता का कहना है कि छोटी रकम के लिए भी अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगना आम हो चुका है, लेकिन लोकायुक्त की ऐसी कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में डर पैदा होगा।
जनता के लिए संदेश
लोकायुक्त अधिकारियों ने कहा —
👉 “यदि कोई भी अधिकारी रिश्वत मांगता है, तुरंत शिकायत करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”
यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि भ्रष्टाचार करने वालों की अब खैर नहीं। चाहे रकम छोटी हो या बड़ी, कानून सबके लिए समान है। लोकायुक्त की तत्परता से आम नागरिकों का भरोसा बढ़ा है।

