SEONI NEWS: जिला मुख्यालय के राजपूत कॉलोनी क्षेत्र में स्थित OM HP GAS एजेंसी एक बार फिर सुर्खियों में है। एजेंसी पर आरोप है कि वह लंबे समय से उपभोक्ताओं से बिलिंग अमाउंट से अधिक राशि वसूल रही है, जिससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, गैस सिलेंडर वितरण के दौरान उनसे सरकारी निर्धारित दर से अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह स्थिति कोई नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से लगातार चल रही है।
हाल ही में एक उपभोक्ता ने जब अतिरिक्त राशि वसूले जाने पर सवाल उठाया, तो मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
बिल मांगने पर नहीं मिला जवाब, बंद कर लिया ऑफिस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब उपभोक्ता ने एजेंसी संचालक से अतिरिक्त लिए गए पैसे का बिल मांगा, तो संचालक ने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने उपभोक्ताओं की बिलिंग करने से भी मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि:
- करीब 30 मिनट तक उपभोक्ता कड़ी धूप में लाइन में खड़े रहे
- एजेंसी संचालक ने किसी की बात नहीं सुनी
- अंत में ऑफिस का गेट बंद कर दिया गया
इस व्यवहार से उपभोक्ताओं में आक्रोश और बढ़ गया।
उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एजेंसी के रवैये को अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना बताया। उनका कहना है कि एक ओर जहां उपभोक्ता अपनी बुनियादी जरूरत के लिए लाइन में खड़े रहते हैं, वहीं एजेंसी द्वारा इस तरह का व्यवहार बेहद चिंताजनक है।
एक उपभोक्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा: “हमसे ज्यादा पैसे लिए जाते हैं और जब हम बिल मांगते हैं तो हमें ही परेशान किया जाता है।”
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। अगर वाकई में एजेंसी द्वारा अवैध वसूली की जा रही है, तो यह सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है और इस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उपभोक्ता क्या करें?
अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- हमेशा बिल की कॉपी जरूर लें
- अतिरिक्त पैसे मांगे जाने पर तुरंत सवाल करें
- संबंधित विभाग में लिखित शिकायत दर्ज करें
- उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें
मामला गरमाया, जांच की मांग तेज
सिवनी में यह मामला अब चर्चा का विषय बन चुका है। स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

