राष्ट्रध्वज की गरिमा बनाए रखने हेतु हो नियमो में संसोधन

सिवनी-जिले में महिलाओं द्वारा सचालित एक मात्र सघटन मातृ शक्ति द्वारा आज एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति कर नाम जिला कलेक्टर सीवनी के माध्यम से सौपा गया।

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ज्ञापन में कहा गया कि राजकीय सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज का आदर एवं सदुपयोग की जाये

मातृशक्ति संगठन भारतीय गणराज्य के राज्य मध्य प्रदेश के जिला सिवनी में कार्यरत है , देशप्रेम और आमजनमानस की सेवा भाव से ओतप्रोत मातृशक्ति संगठन विगत कई वर्षों विभिन्न सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करता आ रहा है , संगठन पूरे प्राणपण से देश की रक्षा में जान गँवाने वाले बलिदानी शहीद सैनिकों के परिवारों के कल्याणकरी कार्यो में जुटी हुई है

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महोदय , केंद्र सरकार या राज्य सरकारो द्वारा जब किसी ख्यातिलब्ध व्यक्ति के निधन पर राजकीय सम्मान देने का निर्णय होता है तो इसका असर पूरे देश पर होता है . देश में जब राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाती है , तब फ्लैग कोड आॅफ इंडिया के नियमो का अनुशरण होता है। देश का पहला राजकीय सम्मान प्राप्त अंतिम संस्कार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का था..जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा और सत्य साईं बाबा आदि को भी राजकीय सम्मान दिया गया . क्योंकि ये सभी कहीं ना कहीं या तो संवैधानिक पदों पर थे या ,इन्होंने देश , समाज , के साथ ही आमजनमानस हितैषी कार्य किये थे. पूर्व वर्षों में विभिन्न क्षेत्रो के लोगो के निधन पर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई है ,

महोदय निधन हमेशा ही दुखद होता है , पर क्या फ्लैग कोड ऑफ़ इंडिया के तहत ये सम्मान देश के लिए प्राणपण करने वाले और अपना सर्वस्व लोगो के जीवन की बेहतरी के लिए खपा देने वाले देश का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त व्यक्ति विशेषो को ही दिया जा रहा है . महोदय क्या अब राजकीय सम्मान इस बात पर निर्भर करने लगा है कि दिवंगत व्यक्ति ओहदा या कद क्या रखता है. निधन पर राजकीय सम्मान दिया जाना है या नहीं यह तय करने के लिए नए दिशा-निर्देशो का तय होना जरुरी है .

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क्योंकि आम तौर पर शव को तिरंगे में लपेटे जाने का अर्थ व्यक्ति के सर्वोच्च बलिदान से होता है।। हम देशवासी और संगठन की महिलाये दुख के साथ चिंता व्यक्त करते हुए आपसे निवेदन करते है कि जब देश की सुरक्षा , सौहार्द , के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले बेटो को, सुहाग को, पिता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देते वक्त जो गर्व महसूस करते है……वर्तमान परिवेश में अब वह भावना , सम्मान और गर्व सामान्य और सार्वभौमिक होता जा रहा है
अतएव देश के आम जन की भावनाओ को ध्यान में रखते हुए तिरंगे झंडे के साथ अंतिम विदाई का सौभाग्य इस देश के लिए कुछ कर मर मिटने वालो के लिए होना सुनिश्चित होना चाहिए। ताकि तिरंगे का गर्व बना रहे ।। माननीय महोदय से निवेदन है कि इस विषय पर चिंतन कर उचित संसोधन और दिशा निर्देश जारी कराने का कष्ट करें। आशा है आप हमारी जनभावनाओं को देशहित में स्वीकार्य करेंगे ।। उक्ताशय की जानकारी सघटन की जिला अध्यक्ष श्रीमती सीमा
चौहान द्वारा दी गई है।

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