MP में औंधे मुंह गिरे हरी सब्जियों के दाम, टमाटर के दाम भी हो जायेंगे कम, ये है वजह; जानिए नया रेट

The prices of green vegetables fell in MP, the prices of tomatoes will also come down, this is the reason; Know the new rate

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Shubham Sharma
Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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मध्यप्रदेश में जल्दी ही आम जनता को महंगाई से राहत मिल सकती है। बता दें कि इंदौर की चोइथराम मंडी में कई राज्यों से सब्जी की आवक बढ़ने लगी है। जिसकी वजह से जल्द ही हरी सब्जियों की कीमत औंधे मुंह गिर सकती है ।

करीब 1 महीने पहले 50 रुपये प्रति किलो से अधिक दाम में बिकने वाली सब्जी की कीमत अब आदी हो गई है, जहां टमाटर 80 रुपये किलो तक बिक रहा था। वहीं टमाटर की कीमत में अब गिरावट देखी जा रही है।

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वहीं आगामी समय में टमाटर के साथ ही अन्य सब्जियों के दाम कम हो जाएंगे, लेकिन अभी सब्जियों के दाम सिर्फ थोक कम हुए हैं, लेकिन ऐसी में अभी भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है।

रिटेल में दाम थोक के मुकाबले 2 गुना है। थोक व्यापारियों की मानें तो आगामी दिनों में सब्जियों के दाम में और भी गिरावट हो सकती है।

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वहीं इस समय आलू और प्याज के दाम में किसी भी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। इस समय प्याज की कीमतें कम ही है। अगर खेरची में लेने जाएंगे तो प्याज 10 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है।

इस मामले में थोक विक्रेता आसिफ मंसूरी ने जानकारी दी है। उनका कहना है कि मंडी में गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र से सब्जियां काफी मात्रा में आ रही है।

15 से 20 गाड़ी पहुंच रहे टमाटर

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टमाटर की 15 से 20 गाड़ी रोजाना आ रही है। टमाटर दो क्वालिटी का आ रहा है जिसमें बेस्ट टमाटर 1000 से 1100 प्रति 24 किलो के रेट एवं मीडियम 300 से 400 रुपये केरेट बिक रहा है। वैसे गर्मी में सब्जियों की खरीदी भी कम हो जाती है। रसीले फल ज्यादा खाना लोग पसंद करते हैं। इन दिनों आम की भरपूर आवक हो रही है।

काली मिर्च में करीब 25 रुपये की नरमी

वहीं काली मिर्च के दाम गिर गए हैं। वियतनाम से मेंबर के रास्ते सस्ती काली मिर्च बाजार में आ रही है। मंडियों में महीने भर से कम समय में करीब 25 रुपये की नरमी काली मिर्च में देखी गई है।

बड़ी कंपनी के साथ गरम मसाला निर्माता खरीद रहे हैं। काली मिर्च के प्रमुख उत्पादक केंद्र केरल और कर्नाटक में चारों तरफ की डिमांड का सपोर्ट नहीं मिलने और भरपूर स्टार्ट होने के कारण वहां दाम निरंतर टूट रहे हैं।

अगर इंदौर की बात करें तो यहां धीरे-धीरे इसकी कीमतें नीचे आती जा रही है। खोपरा गोला का टेंडर 131.13 रुपए हो गया है। वहीं आवक 1000 बोरी की रही है।

इसी तरह अन्य चीजों की बात करें तो हल्दी सांगली 160—665, हल्दी पाउडर 1750 से 1850, जीरा राजस्थान 245 से 250, उच्च क्वालिटी का 250 से 255, मीडियम 258 से 270, गुड भेली 3100-3200, खोपरा गोला बॉक्स में 170 से 185, खोपरा बुरा 2000 से 3500 के दाम चल रहे हैं।

इनके दाम में भी जल्द ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं आगामी समय में सब्जियों के दाम कम होने से आम जनता को काफी राहत मिलेगी।

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