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Home देश TikTok के बैन होने से चीन के छूटे पसीने, 45 हजार करोड़ का भारत ने कर दिया हवन

TikTok के बैन होने से चीन के छूटे पसीने, 45 हजार करोड़ का भारत ने कर दिया हवन

नई दिल्लीः सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप्स को बैन करने का नुकसान सभी कंपनियों को होगा, लेकिन इसमें भी टिकटॉक का संचालन करने वाली कंपनी बाइटडांस को सर्वाधिक हानि पहुंचेगी. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बाइटडांस को अकेले 45 हजार करोड़ रुपये (600 करोड़) का नुकसान होगा. बाइटडांस ने इसी को देखते हुए देश में सबसे ज्यादा निवेश भी किया था. सरकार के इस कदम से सबसे ज्यादा झटका चीनी निवेशकों और कारोबारियों को लगा है. 

सरकार ने इन ऐप्स को किया है बैन
केंद्र सरकार ने सोमवार को ज्यादातर प्रमुख चीनी ऐप्स जैसे कि टिकटॉक, शेयरइट, यूसी ब्राउजर, Baidu Map, Helo, Mi Community, Club Factory, WeChat, UC News पर बैन लगा दिया था. कानून व सूचना प्रसारण रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इन ऐप्स पर इसलिए बैन लगाया क्योंकि इससे देश की एकता, अंखडता, रक्षा पर खतरा पैदा हो रहा था. 

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चीनी आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग को भारी नुकसान
साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल का कहना है कि चीन ने 2030 तक दुनिया का सबसे एडवांस आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और मशीन लर्निंग (Machine Learning) तैयार करने का लक्ष्य रखा है. देश में मौजूद चीनी ऐप्स से मिलने वाले डेटा (Data) से ही इनकी सबसे उन्नत तकनीक (Advance Techlonogy) तैयार करने का काम चल रहा है. अगर भारत से इकट्ठा किए जा रहे डेटा का प्रवाह तोड़ दिया जाए तो इनके आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट का काम बुरी तरह प्रभावित होगा. इस प्रोजेक्ट से चीनी सरकार अरबों डॉलर कमाने का सपना संजोए बैठी है. भारत के नए फैसले से इस भारी-भरकम बजट वाले प्रोजेक्ट की हवा निकल सकती है.

आखिर क्यों चीनी ऐप्स देश में उड़ाती है इतना पैसा
मामले से जुड़े एक अन्य जानकार बताते हैं कि चीनी ऐप्स जैसे TikTok, Helo, UC News और Likee आम लोगों को मुफ्त में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. दिखने में तो ये सिर्फ डांस, फोटो शेयरिंग, एक्टिंग और मनोरंजन वाले ऐप्स दिखते हैं. लेकिन वास्तव में ये ऐप्स हर यूजर के फोन से एक-एक हरकत को रिकॉर्ड करते हैं. मसलन, मोबाइल में बातचीत, टाइपिंग, वीडियो और लोकेशन सब कुछ इन ऐप्स के जरिए रिकॉर्ड किए जाते हैं. इसी डेटा को चीन के महा प्रोजेक्ट आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में डाला जाता है ताकि इसे सबसे एडवांस बनाया जा सके. यही वजह है कि ये ऐप्स वीडियो बनाने के लिए यूजर्स को हजारो-लाखो रुपये तक देते हैं.

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Shubham Sharmahttps://khabarsatta.com
Editor In Chief : Shubham Sharma

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