दुनिया के सामने मिसाल है ये शख्स, आवारा कुत्तो को बसेरा देने के लिए बेच दिए 3 घर और 20 गाड़िया; जानें इनका संघर्ष

This person is an example in front of the world, 3 houses and 20 vehicles were sold to give shelter to stray dogs, know their struggle

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Shubham Sharma
Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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आमतौर पर लोगों के घर में कहीं फालतू कुत्ते मिल जाएंगे, लेकिन सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को भी देखा होगा जो कि कई बार लोगों की मुसीबत बन जाते हैं। दुनिया में मौजूद सभी जीव जंतुओं में कुत्ते को सबसे वफादार माना जाता है।

इनसे अधिक और कोई वफादार नहीं हो सकता है। कुत्ते से अधिक और कोई दूसरा जानवर वफादार नहीं होता है। इसीलिए लोग कुत्ते पालते हैं अब इसके बारे में हम आपको एक विशेषता बताते हैं। कई लोग कुत्ते की वफादारी की वजह से उसे अपना घर का सदस्य मान कर रखते हैं और उसे जो चीज वहां खाते हैं अपने वफादार कुत्ते को भी खिलाते हैं।

3 मकान और 20 गाड़िया बेच दी

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लेकिन एक शख्स की कहानी हम आपको दिखाने जा रहे हैं। जिसकी कुत्ते को लेकर एक अलग ही भावना है। जिसने कुत्तों से इतना प्यार किया कि उन कुत्तों की मदद करने के लिए उन्हें आशियाना देने के लिए अपने तीन मकान और 20 गाड़ियों को बेच दिया। आपको यह सुनकर और जानकर हैरानी जरूर होगी, लेकिन यह सच है इस शख्स ने बेजुबान पशुओं की इस तरह से देखने की है कि अब खुद की संपत्ति को दांव पर लगा दी है।

2009 से कुत्तों को घर में पाल रहे राकेश

दरअसल हम बात कर रहे हैं राकेश शुक्ला की जिनका कुत्तों के प्रति गहरा प्यार देखा गया है। वहां हमेशा प्रयास करते हैं कि आवारा कुत्तो को अपने पास रखने का प्रयास करते हैं। जब आर्मी और पुलिस के पास रहने वाले कुत्ते बूढ़े हो जाते हैं और किसी काम के नहीं रहते तो उन्हें छोड़ दिया जाता है।

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ऐसे कुत्तों को राकेश शुक्ला आशियाना देता है और उनके लिए काम भी करता है। उन्होंने इस काम की शुरुआत 2009 से की थी जिसमें अब तक वहां कई कुत्तों को आशियाना दे चुके हैं। इस विशेष अभियान से पहले उन्होंने अपने घर में पालने के लिए एक कुत्ता लेकर आए थे जिसका नाम उन्होंने काव्या रखा था। कुत्ता गोल्डन रिट्रीवर था। उस कुत्ते को वहां बहुत छोटी उम्र से ही अपने साथ लेकर आए थे। कुत्ता सिर्फ 45 दिनों का था उसे बहुत प्यार करते थे।

इसके साथ ही अपने कुत्ते से बहुत प्यार करते और उसे बाहर घुमाने के लिए भी ले जाते एक दिन जब वहां बाहर घूम रहे थे। उसी दौरान उन्हें एक छोटा सा कुत्ता दिखाई दिया उसे घर लेकर आए उसका नाम पप्पी रखा। यहीं से फिर उनके इस काम की शुरुआत हुई।

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उन्होंने आवारा कुत्तों का रेस्ट करना शुरू कर दिया जबसे उन्होंने इस कार्य को शुरू किया उनकी लाइफ बदल गई, लेकिन इस काम के लिए उनकी वाइफ उनका काफी विरोध करती थी। इसके बाद उन्होंने एक जमीन खरीद ली और उस पर फार्म हाउस बनाया। वहां पर उन रेस्क्यू कुत्तों को रखने लगे अब तक वहां 8000 से अधिक कुत्ते हैं। जिनको वहां पालते हैं यह ऐसे कुत्ते हैं जिन्हें पुलिस वाले या आर्मी के जवान जब किसी काम के नहीं रहते हैं तो उन्हें छोड़ देते हैं।

फार्म हाउस में है 7 घोड़े 10 गाय

इतना ही नहीं राकेश के फार्म हाउस में सात घोड़े और 10 गाय है। वहीं इस फार्महाउस में इन कुत्तों को बांधकर नहीं रखा गया है, बल्कि स्वतंत्र घूमते हैं और उनके लिए एक स्विमिंग पूल और एक घास का मैदान बनाया है। जिसमें जाकर सब खाते पीते और मजे लेते हैं। अब इस तरह का कार्य को देखकर लोगों ने उनका नाम द फादर रख दिया है। राकेश शुक्ला के पास ऐसे कुत्ते भी हैं जो पुलिस में अपनी सेवा दे चुके हैं।

20 गाड़िया और 3 घरों को भी बेच​ दिया

एक रोचक और खास बात आपको यह बता दें कि इन कुत्तों को पालने के लिए उन्होंने अपनी सारी संपत्ति भेज दी है। दरअसल इन कुत्तों की सेवा के लिए उन्होंने 20 गाड़ियां और 3 घरों को तक बेच दिया है। एक समय जबकि उन्होंने इंटरव्यू में बताया था कि सक्सेस का आशय सिर्फ गाड़ियां और आलीशान घर का होना है, लेकिन अब इन कुत्तों को रखने के मकसद से फार्महाउस खरीदा। इसके लिए सभी गाड़ियां और मकान को बेच दिया है। वहीं संस्था हर महीने 1500000 रुपए खर्च करती है।

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