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सिवनी शहर में कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: होटलों में अचानक चैकिंग, अवैध गतिविधियों पर लगेगा ब्रेक!

सिवनी: सिवनी शहर में होटलों की आड़ में संचालित अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस चैकिंग अभियान ने न केवल होटल संचालकों को चौंकाया बल्कि यह संदेश भी साफ़ कर दिया कि अब लापरवाही या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देश और एएसपी श्री दीपक मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडेय के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिवानी होटल, वीनस होटल, कमल कृष्ण लॉज एवं होटल आनंद इन में अचानक दबिश दी।

🚨 क्या मिली चैकिंग में?

इस दौरान पुलिस ने होटल रजिस्टर, पहचान पत्रों की जांच और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का निरीक्षण किया। कई होटल संचालकों को चेतावनी देते हुए साफ कहा गया कि:

  • नशा, जुआ, सट्टा, वेश्यावृत्ति और हथियार तस्करी जैसी अवैध गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होंगी।
  • प्रत्येक मेहमान से वैध पहचान पत्र (जैसे आधार या वोटर आईडी) अनिवार्य रूप से लेना होगा।
  • नाबालिग लड़के-लड़कियों को रुकने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे मानव तस्करी और बाल अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
  • मेहमानों की पूरी जानकारी पुलिस थाने में प्रतिदिन साझा करनी होगी।
  • होटलों में उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और उनकी फुटेज सुरक्षित रखी जाए।

👮‍♂️ पुलिस की स्पष्ट चेतावनी

पुलिस का कहना है कि कई बार वांछित और फरार अपराधी होटलों में छिपकर रहते हैं, जिससे अपराध को बढ़ावा मिलता है। इस पर पूर्ण विराम लगाने के लिए अब होटल संचालकों की भूमिका भी जवाबदेह होगी। यदि किसी होटल में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🔍 विशेष भूमिका में पुलिस टीम

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर, सउनि श्री संतोष बेन और उनकी टीम की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ होटल चैकिंग को अंजाम दिया।

💬 क्या बोले शहरवासी?
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि अगर ऐसे अभियान नियमित रूप से चलते रहें, तो शहर में अपराधों पर लगाम लग सकती है और होटल व्यवसाय की गरिमा भी बनी रहेगी।

सिवनी: जुआ और सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 16 गिरफ्तार, नकदी और सामग्री जब्त

सिवनी: शहर में जुआ और सट्टे जैसी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई में 06 जुआरी और 10 सटोरियों को रंगेहाथ पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से 7100 रुपये नकद और 52 ताश की गड्डी समेत सट्टा पर्चियां भी जब्त की हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देश पर और एएसपी श्री दीपक मिश्रासीएसपी पूजा पांडे के मार्गदर्शन में की गई। कोतवाली थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने दो दिन तक लगातार रेड कर अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कस दिया।

🔶 पहली बड़ी कार्रवाई: तालाब किनारे चल रहा था ताश का खेल

24 जुलाई की शाम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुम्हारी मोहल्ला स्थित बुधबारी तालाब के पास कुछ लोग ताश के पत्तों से हार-जीत का खेल खेल रहे हैं। टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और 06 जुआरियों को पकड़ लिया।

📌 पकड़े गए जुआरी:

  1. कोमल प्रजापति (उम्र 50) – अंबेडकर वार्ड, सिवनी
  2. केवल प्रजापति (उम्र 29) – अंबेडकर वार्ड
  3. धनलाल प्रजापति (उम्र 35) – अंबेडकर वार्ड
  4. अनिल प्रजापति (उम्र 42) – अंबेडकर वार्ड
  5. कुंदन प्रजापति (उम्र 35) – अंबेडकर वार्ड
  6. गुड्डू उर्फ सुरेश परधान (उम्र 52) – अंबेडकर वार्ड

👉 जब्त सामग्री: 1900 रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते
👉 धारा: जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज

🔶 दूसरी रेड: तीन वार्डों में फैला था सट्टा जाल

25 जुलाई को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि मंगलीपेठ, दल सागर और गंज वार्ड में कुछ लोग अवैध रूप से सट्टा पट्टी लिखकर पैसे कमा रहे हैं। इस पर एक और त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर रेड मारी और 10 सटोरियों को दबोच लिया।

📌 पकड़े गए सटोरी:

  1. गोरेलाल रजक (उम्र 46) – ग्राम जोराबारी
  2. मुकेश गढ़वाल (उम्र 50) – मंगलीपेठ
  3. राजेन्द्र बैलवंशी (उम्र 40) – विवेकानंद वार्ड
  4. गजानंद सनोडिना (उम्र 35) – ग्राम सिमरिया
  5. पवन सनोडिया (उम्र 28) – ग्राम खैरीटेक
  6. शिवप्रसाद यादव (उम्र 26) – ग्राम खैरीटेक
  7. रामपाल कोष्टा (उम्र 70) – पृथ्वीराज चौहान वार्ड
  8. ददुआ यादव (उम्र 60) – ग्राम कालीरात
  9. अखिलेश चौधरी (उम्र 42) – ग्राम लोनिया
  10. शांतिलाल शेण्डे (उम्र 60) – अकबर वार्ड

👉 जब्त सामग्री: 5200 रुपये नकद और सट्टा पर्चियां
👉 धारा: सट्टा अधिनियम के तहत 10 प्रकरण दर्ज

पुलिस की विशेष टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस सराहनीय कार्रवाई में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा:

  • थाना प्रभारी: किशोर वामनकर
  • सउनि: जसवंत सिंह
  • प्रधान आरक्षक: नवीन तिवारी, मनोज पाल
  • आरक्षक: चंद्रप्रकाश अड़में, कमलेश बागड़े, मुकेश गोंडाने, मनोज मरावी, प्रशांत राठौर
  • चीता स्टाफ: विशेष रूप से सक्रिय

📣 जनता से अपील

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास जुआ-सट्टे जैसी अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। प्रशासन अवैध धंधों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है।

वन्यजीवों की मौत पर WWF की चुप्पी: क्या सिवनी में सिर्फ दिखावे तक सीमित है संरक्षण का प्रयास?

सिवनी, मध्य प्रदेश। जंगलों की चुप्पी कई बार चीख बन जाती है, लेकिन जब यह चीख भी अनसुनी रह जाए तो सवाल उठते हैं – और इस बार सवाल उठ रहे हैं एक ऐसी संस्था पर, जो खुद को प्राकृतिक संरक्षण की वैश्विक प्रहरी मानती है। जी हां, बात हो रही है वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) की, जिसकी सिवनी ज़िले में भूमिका पर अब गहराते संदेह की छाया पड़ने लगी है।

दावों से हटकर हकीकत: WWF की चुप्पी पर सवाल

सिवनी के जंगलों में बीते कुछ वर्षों में बाघ, तेंदुआ, हिरण और अन्य वन्य प्राणियों की संदिग्ध या दुर्भाग्यपूर्ण मौतें लगातार सुर्खियों में रहीं। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि WWF जैसी बड़ी संस्था, जो वन्यजीवों की सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताती है, इन घटनाओं पर मौन साधे हुए नजर आ रही है।

पिछले दिनों पेंच टाइगर रिजर्व में चुनिंदा मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित एक कार्यशाला ने इस मौन को और मुखर बना दिया। कार्यशाला में पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर रजनीश सिंह और WWF के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन चर्चा उन मुद्दों पर कम और छवि निर्माण पर ज़्यादा केंद्रित रही।

जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ता WWF?

स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, WWF अब संरक्षण कार्यों से ज़्यादा वन विभाग के साथ सांठगांठ और सुविधाभोगी रवैये में उलझा दिखाई देता है। सवाल उठ रहे हैं कि जब सिवनी में वन्यजीव खुले कुओं में गिरकर मर रहे हैं, जब तस्करी और शिकार की घटनाएं हो रही हैं – तब WWF कहां है?

ग्राम हरदुआ में बाघिन और सूअर के खुले कुएं में गिरने की घटना अभी भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा है। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू तो हो गया, लेकिन सवाल यह है – क्या यह हादसा रोका नहीं जा सकता था?

बाघ की मौत: जवाब कौन देगा?

सबसे सनसनीखेज मामला 19 दिसंबर 2024 का है, जब ग्राम भीमलटोला के पास एक बाघ खुले कुएं में गिरकर मौत के हवाले हो गया। WWF से अब तक यह नहीं बताया गया कि इस घटना में किसकी जवाबदेही तय की गई? इसके अलावा 16 दिसंबर को एक और बाघ की मौत और 13 व 17 नवंबर को दो शावकों के शव मिलने की घटनाएं भी WWF की निष्क्रियता को उजागर करती हैं।

इन घटनाओं के बाद WWF से यह पूछा जा रहा है – “आपने इन प्राणियों की जान बचाने के लिए क्या किया?”

कार्यशालाएं बनाम ज़मीनी हकीकत

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि WWF अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है। बजाय इसके कि वह मृत्यु के कारणों की जांच करे, संरक्षण नीति बनाए या जनजागरूकता फैलाए, वह कार्यशालाओं और फोटो सेशन तक सीमित हो गया है। कार्यशालाएं यदि केवल दिखावा बन जाएं, तो उनका उद्देश्य कहीं खो जाता है।

स्थानीयों की मांग: जवाब चाहिए, कार्रवाई भी

सिवनी के नागरिक, पत्रकार, और पर्यावरण कार्यकर्ता अब WWF से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यह मांग सिर्फ संस्था की नीयत पर नहीं, बल्कि पूरे वन्यजीव संरक्षण मॉडल पर सवाल खड़ा कर रही है।

जब जंगल की निगरानी करने वाला ही आंखें मूंद ले, तो शिकारी नहीं – सिस्टम जिम्मेदार होता है।

अब वक्त है कि WWF और वन विभाग मिलकर केवल छवि सुधार की कोशिश न करें, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।

WWF की भूमिका पर उठते ये सवाल सिर्फ सिवनी के जंगलों तक सीमित नहीं हैं, ये उस सोच पर भी प्रहार करते हैं जो संस्थाओं को दिखावे की दिशा में ढकेल रही है। यदि समय रहते जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आने वाला कल इन जंगलों और इनके निवासियों के लिए और भी भयावह हो सकता है।

डूंडासिवनी पुलिस की बड़ी कार्यवाही: जुआ फड़ पर मारा छापा, 5 जुआरी धराए

सिवनी: डूंडासिवनी पुलिस ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए ग्राम झीलपिपरिया में चल रहे अवैध जुआ फड़ पर बड़ी कार्यवाही करते हुए पांच जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही से इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है।

🎯 गुप्त सूचना पर बनी रणनीति

पुलिस को दिनांक 24 जुलाई 2025 को एक मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना डुण्डासिवनी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम झीलपिपरिया में कुछ लोग खुलेआम ताश के पत्तों पर जुए का खेल खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और तत्काल रेड की योजना बनाई गई।

🚓 घेराबंदी कर दबोचे गए पांच आरोपी

पुलिस टीम ने गांव में सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर मौके पर जुआ खेलते हुए पांच लोगों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता पाई। आरोपियों के पास से मौके पर ही ₹2460 नकद एवं 52 ताश के पत्ते बरामद किए गए। जुआ फड़ की यह कार्यवाही इलाके के अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।

👥 पकड़े गए आरोपियों की सूची:

  1. तामसिंह पिता विसराम धुर्वे, उम्र 40 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  2. रामसिंह पिता सोनेलाल परते, उम्र 30 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  3. दिनेश पिता तेजूलाल भलावी, उम्र 30 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  4. राम पिता किशोरी भलावी, उम्र 29 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया
  5. विजेन्द्र पिता इस्तुलाल उइके, उम्र 35 वर्ष, निवासी झीलपिपरिया

📜 जप्त सामग्री:

  • ₹2460/- नकद राशि
  • 52 ताश के पत्तों की गड्डी

⚖️ कानूनी कार्यवाही

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 351/25 के तहत धारा 13 जुआ एक्ट में मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्यवाहियाँ जारी रहेंगी।

📢 पुलिस की अपील: थाना डुण्डासिवनी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियाँ नजर आती हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना से समाज को अपराधमुक्त बनाने में बड़ा योगदान हो सकता है।

खवासा टोल प्लाज़ा बना मौत का ज़रिया: एंबुलेंस रोकी, मरीज ने तोड़ा दम — सिस्टम की चुप्पी पर उठे सवाल

सिवनी (मध्य प्रदेश): एक ओर सरकार आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सिवनी ज़िले के खवासा टोल प्लाज़ा पर घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे ज़िले को झकझोर कर रख दिया है। टोल कर्मियों की कथित गुंडागर्दी और लापरवाही के चलते एंबुलेंस को जबरन आधे घंटे तक रोके रखा गया, और इसी बीच इलाज के अभाव में एक मरीज ने दम तोड़ दिया।

❝टोल पर मची अफरा-तफरी, ड्राइवर से धक्कामुक्की❞

मृतक के परिजनों ने रोते हुए जो आपबीती सुनाई, वह किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर से हिला दे। उनका कहना है कि जब एंबुलेंस खवासा टोल नाके पर पहुंची, तो टोल कर्मियों ने उसे रोक दिया।
टोल पर मौजूद कर्मचारियों ने न सिर्फ एंबुलेंस को रोका, बल्कि उसके ड्राइवर से बदसलूकी और मारपीट भी की। इस दौरान मरीज अंदर दर्द से तड़पता रहा, लेकिन टोल नाके की बेरुखी और अमानवीयता के सामने उसकी सांसें हार गईं।

“अगर बस कुछ मिनट पहले अस्पताल पहुंच जाते, तो शायद जान बच जाती…”

मरीज के बेटे की ये बातें आंखें नम कर देती हैं। “पिताजी को सीने में तेज दर्द था। हमने तत्काल एंबुलेंस बुलाई और सीधे अस्पताल निकल पड़े। लेकिन टोल वालों ने मानो हमारी किस्मत ही रोक दी। अगर वो नहीं रोकते, तो शायद आज पिताजी हमारे साथ होते।”

मृतक था कलेक्टर कार्यालय का पूर्व कर्मचारी

जानकारी के अनुसार, मृतक व्यक्ति जिला कलेक्टर कार्यालय में चपरासी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अब उनकी असामयिक मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। एकमात्र कमाने वाले सदस्य के चले जाने से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है।

FIR दर्ज, चार टोलकर्मियों के खिलाफ शिकायत

घटना के बाद परिजनों ने कुरई थाने में चार टोलकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन जनता का गुस्सा अब चरम पर है। सोशल मीडिया से लेकर ज़िले के कोने-कोने तक एक ही सवाल गूंज रहा है —
“आपातकालीन सेवा को भी नहीं बख्शा गया, अब और क्या बाकी है?”

टोल प्लाज़ा पर पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

यह कोई पहली बार नहीं है जब टोल कर्मियों की मनमानी जानलेवा साबित हुई हो। पहले भी देशभर में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं को रोका गया और उसका खामियाजा किसी की जान देकर चुकाना पड़ा। सवाल यही है कि क्या टोल कर्मचारियों को अब भी कानून और संवेदनशीलता की समझ नहीं?

जनता की मांग: जिम्मेदारों पर हो कड़ी कार्रवाई

लोगों का साफ कहना है कि सिर्फ जांच से बात नहीं बनेगी, सख्त और सार्वजनिक कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और जिंदगी इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने। शासन और प्रशासन को अब यह तय करना होगा कि टोल प्लाज़ा सिर्फ पैसे वसूलने की मशीन न बनें, बल्कि इंसानियत और कर्तव्य की पहचान भी बनें।

चुड़ैल का हमला या अफवाह? सिवनी में VIRAL VIDEO ने मचाया तहलका; FACT CHECK में निकली सच्चाई कुछ और ही!

सिवनी, मध्यप्रदेश —सोशल मीडिया पर बीते कुछ दिनों से एक डरावना वीडियो और कुछ भयानक तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि सिवनी के जनता नगर इलाके में एक युवक पर चुड़ैल ने हमला कर दिया। वायरल वीडियो में युवक गंभीर रूप से घायल दिखाई दे रहा है, और इसे देखकर लोग दहशत में आ गए हैं। व्हाट्सएप ग्रुपों से लेकर फेसबुक पेजों तक हर जगह लोग इस वीडियो को शेयर कर एक-दूसरे को “सतर्क” रहने की सलाह दे रहे हैं।

लेकिन क्या वाकई सिवनी में किसी युवक पर चुड़ैल ने हमला किया? या फिर यह भी एक सोशल मीडिया की बनाई हुई अफवाह है?

📹 वायरल VIDEO से उठा सनसनी का तूफान

वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक जमीन पर पड़ा है, उसके शरीर पर गहरे ज़ख्म हैं और चारों ओर लोग डरे-सहमे खड़े हैं। वहीं कुछ तस्वीरों में सफेद साड़ी पहने एक महिला जैसी आकृति झाड़ियों के बीच खड़ी दिखाई दे रही है। लोगों का दावा है कि यही ‘चुड़ैल’ है जिसने युवक पर हमला किया।

🔍 खबर सत्ता ने की FACT CHECK जांच

इस मामले में जब “खबर सत्ता” की टीम को बार-बार वीडियो और तस्वीरें भेजी जाने लगीं, तो हमने इस खबर की तह तक जाने का फैसला किया। सबसे पहले वायरल वीडियो और तस्वीरों को Google Reverse Image Search के ज़रिए जांचा गया।

रिपोर्ट में जो सामने आया, उसने पूरी कहानी को ही पलट कर रख दिया।

  • ये वीडियो और तस्वीरें कई वर्षों से इंटरनेट पर मौजूद हैं।
  • इनका संबंध सिवनी जिले से नहीं, बल्कि अन्य राज्यों या देशों से है।
  • खास बात यह कि एक ही तस्वीर को अलग-अलग घटनाओं से जोड़कर पिछले कई सालों में कई बार वायरल किया गया है।

🚫 डर का नहीं, समझदारी का समय है

इस पूरी जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सिवनी के जनता नगर में कोई चुड़ैल का हमला नहीं हुआ है। वायरल वीडियो और फोटो भ्रामक हैं और इनका इस्तेमाल केवल डर और अफवाह फैलाने के लिए किया जा रहा है।

📲 सोशल मीडिया पर सावधानी जरूरी

आज के डिजिटल दौर में हम सभी की जिम्मेदारी है कि बिना पुष्टि के किसी भी फोटो या वीडियो को न शेयर करें, न ही उसे लेकर घबराएं। एक वायरल पोस्ट कभी-कभी पूरे समाज में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना सकती है।

सिवनी जिले के जनता नगर में चुड़ैल के हमले की जो खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। सच्चाई यही है कि डर फैलाने वाली इन तस्वीरों और वीडियो का सिवनी से कोई लेना-देना नहीं है। खबर सत्ता आपसे अपील करता है कि अफवाहों से दूर रहें और किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई ज़रूर परखें

सिवनी: सार्वजनिक स्थानों में शराब का सेवन, कोतवाली पुलिस का एक्शन, 11 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी: शहर में सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करने वालों पर अब पुलिस की नजरें पैनी हो चुकी हैं। बुधवार को कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जाए, और इन्हीं निर्देशों के तहत एएसपी श्री दीपक मिश्रासीएसपी पूजा पांडे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना पुलिस ने छिन्दवाड़ा बायपास और दल सागर क्षेत्र में छापेमारी करते हुए 11 शराबियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

मुखबिर की सूचना बनी आधार

घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ असामाजिक तत्व दल सागर और कनिष्क होटल के सामने खुले में शराब का सेवन कर रहे हैं, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों को असुविधा हो रही है और माहौल भी दूषित हो रहा है।

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर के नेतृत्व में तत्काल टीमें गठित की गईं और संबंधित क्षेत्रों में घेराबंदी कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई।

एक्शन मोड में पुलिस, 11 आरोपी दबोचे गए

पुलिस की कार्रवाई इतनी फुर्तीली थी कि आरोपी संभल तक नहीं पाए। इन 11 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अभद्रता व शराब सेवन की धाराओं में अलग-अलग 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सभी पर आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

गिरफ्तार किए गए शराबियों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. पंकज तिवारी पिता इन्द्रप्रसाद तिवारी उम्र 27 वर्ष निवासी लडैय्या मोहल्ला तिलक वार्ड सिवनी।
  2. दिलीप विश्वकर्मा पिता सुरेश विश्वकर्मा उम्र 38 वर्ष निवासी महामाया वार्ड भैरोगंज सिवनी।
  3. पवन सूर्या पिता सीताराम सूर्या उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम वामनवाड़ा थाना लखनादौन जिला सिवनी ।
  4. तेजलाल दाहिया पिता रामभरोस दाहिया उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम चरगांव थाना लखनवाड़ा जिला सिवनी ।
  5. गजमोहन भलावी पिता रेवाराम भलावी उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम बीजाठेवरी थाना छपारा जिला सिवनी ।
  6. मनीष अहरवार पिता लोकू अहरवार उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम मोहगांव थाना कुरई जिला सिवनी।
  7. अखिलेश चौधरी पिता बलराम चौधरी उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम लोनिया थाना कोतवाली जिला सिवनी।
  8. सौरभ भारती पिता पूसलाल भारती उम्र 27 वर्ष निवासी बींझावाड़ा थाना चौरई जिला छिन्दवाड़ा।
  9. हर्षिल पटेल पिता विनोद पटेल उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम बड़गांव थाना अरी जिला सिवनी।
  10. पंकज कुशवाहा पिता राजू कुशवाहा उम्र 30 वर्ष निवासी मठ मंदिर के पास तिलक वार्ड सिवनी।
  11. विशाल यादव पिता सुरेश कुमार यादव उम्र 29 वर्ष निवासी लडैय्या मोहल्ला तिलक वार्ड सिवनी।

    सराहनीय भूमिका निभाने वाले अधिकारी

    इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री किशोर वामनकर के साथ-साथ उनि दयाराम शरणागत, सउनि जसवंत सिंह, प्र.आर. मनोज पाल, नवीन तिवारी, आर. संजय बरकड़े, प्रेमशंकर मिश्रा, मिथलेश सुर्यवंशी, सीताराम जावरे, विरेन्द्र चंदेल और चालक इरफान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    जनता में संतोष, पुलिस की कार्रवाई की सराहना

    इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की तत्परता की जमकर सराहना की है। कई लोगों का कहना है कि इस तरह की नियमित कार्रवाई से शहर का माहौल सुधरेगा और सार्वजनिक स्थलों पर अनुशासन बना रहेगा।

    एक्शन मोड में सिवनी पुलिस: होटलों में अचानक दबिश, अवैध गतिविधियों पर कसा शिकंजा – VIDEO

    सिवनी, 23 जुलाई 2025 – शहर की फिजा में सुरक्षा का संदेश फैलाने वाली पुलिस ने आज एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखा दिए। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडेय के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने आज सिवनी शहर के प्रमुख होटलों में अचानक चैकिंग कर सबको चौंका दिया।

    इस विशेष अभियान में कनिष्क होटल, गैलेक्सी होटल और सिद्धार्थ होटल को निशाने पर लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य था – शहर में संचालित हो रही अवैध गतिविधियों पर लगाम कसना।

    क्यों पड़ी जरूरत इस सख्ती की?

    सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में शहर के कुछ होटलों में नशे का व्यापार, जुआ, वेश्यावृत्ति और हथियारों की तस्करी जैसी आपत्तिजनक गतिविधियों की आशंका जताई जा रही थी। इन्हीं संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कोतवाली पुलिस ने कमर कस ली।

    होटल संचालकों को मिली सख्त हिदायतें:

    चेकिंग के दौरान पुलिस ने होटल संचालकों को न केवल मौखिक समझाइश दी, बल्कि उन्हें कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करने को भी कहा गया:

    🔹 होटलों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
    🔹 होटल में ठहरने वाले हर मेहमान से आधार कार्ड या वोटर आईडी की प्रति लेना अनिवार्य होगा।
    🔹 नाबालिग लड़के/लड़कियों को ठहराना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।
    🔹 हर होटल को अपने मेहमानों का रिकॉर्ड सुनियोजित तरीके से रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
    🔹 फरार या वांछित अपराधियों की संभावित छिपने की जगह बनने से रोकने के लिए होटल संचालक को मेहमानों की जानकारी प्रतिदिन संबंधित थाना में देनी होगी।
    🔹 हर होटल में उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाना जरूरी होगा, साथ ही उसकी रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखनी होगी।

    कौन-कौन रहे इस कार्रवाई में शामिल?

    इस विशेष कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री किशोर वामनकर के नेतृत्व में पूरी टीम सक्रिय रही। शामिल अधिकारियों में:

    • उनि दयाराम शरणागत
    • जयशंकर उइके
    • प्र.आर. नवीन तिवारी
    • आर. अमित रघुवंशी
    • प्रतीक बघेल, अंकित देशमुख, सिद्धार्थ, मिथलेश सूर्यवंशी, सीताराम जावरे,
    • विरेंद्र डोले, विरेंद्र चंदेल, चालक इरफान
    • चीता स्टाफ की रही अहम भूमिका।

    जनता में भरोसा, अपराधियों में डर!

    इस ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान के बाद जहां आम जनता ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया, वहीं अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। होटल व्यवसायियों को अब साफ चेतावनी दे दी गई है – कानून के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सिवनी पुलिस की इस मुहिम से यह स्पष्ट संकेत मिल गया है कि अब कानून के साथ कोई खिलवाड़ नहीं, और अपराध की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस हरसंभव कदम उठाने को तैयार है।