सिवनी (Seoni News) भोपाल। कांग्रेस पार्टी ने आज अगले महीने होने वाले मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली सूची जारी की। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित भाजपा के महत्वपूर्ण चेहरों के खिलाफ प्रमुख उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस पितृ पक्ष खत्म होने का इंतजार कर रही थी और इसलिए इसे शुभ अवसर मानते हुए नवरात्रि के पहले दिन उम्मीदवारों की सूची जारी की गई।
कांग्रेस ने आज आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। पार्टी ने सिवनी से दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ आनंद पंजवानी, केवलारी से ठाकुर रजनीश सिंह लखनादौन से योगेंद्र बाबा बरघाट से सिटिंग एमएलए अर्जुन सिंह काकोडिया , पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को छिंदवाड़ा से, विक्रम मस्तल को बुधनी से सीएम शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ और जीतू पटवारी को राऊ सीट से मैदान में उतारा है.
भारत निर्वाचन आयोग पहले ही मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर चुका है। इन पांचों राज्यों के लिए वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.
Navratri 2023: शारदीय नवरात्री 2023 की शुरुवात आज 15 अक्टूबर से हो रही है. शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) में पूरे नो दिनों तक श्रद्धालु भक्तगण मां दुर्गा की पूजा-पाठ, में लगे रहेंगे. शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) के पहले दिन जिसे बैठकी कहा जाता है उस दिन घटस्थापन का महत्व जितना माना जाता है उतना ही महत्व अखंड ज्योति की भी मानी जाती है.
नवरात्री पर्व में प्रज्वलित की जाने वाली अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) को पूरे नवरात्री के 9 दिन तक निरंतर जलाए रखने का विधान है. शारदीय नवरात्री (Shardiya Navratri) में अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) जलाने का मुख्य अर्थ माँ दुर्गा की पूजा पाठ में श्रद्धा भक्ति के साथ पूर्ण रूप से खुद को समर्पित करना. अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) जलाने के अनेको लाभ तो है हीपर इसके साथ ही कुछ कड़े नियम भी है जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है.इसमें किसी भी प्रकार की बाधा आने से देवी नाराज हो सकती हैं. आइए जानते हैं अखंड ज्योति जलाने के लाभ, नियम और मंत्र
अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) किसी पीतल या मिट्टी (Peetal ya Mitti) के बड़े दीपपात्र में घटस्थापना से प्रज्वलित की जाती है. नवरात्री के पूरे 9 दिन तक निरंतर बिना बुझे इसे जलाए रखना होता है. और यदि आप मिटटी का दीपपात्र रखते है तो वह खंडित न हो.
दीपपात्र को जमीन पर नहीं रखना चाहिए, पूजा की चौकी पर अष्टदल बनाएं और मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) का पात्र रखें.
अखंड ज्योति में गाय के घी का उपयोग ही सर्वोत्तम माना जाता है, यदि घी न हो तो शुद्धता का ध्यान रखते हुए सरसों या फिर तिल के तेल का भी दीपक जला सकते हैं, दीपक घी का हो तो उसे माँ की प्रतिमा या फोटो के दाईं ओर रखना चाहिए, अगर तेल का दीपक हो तो उसे मां दुर्गा की प्रतिमा के बाईं ओर रखना चाहिए.
अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) प्रज्वलित करने से पहले 9 दिन तक देवी की सच्चे मन से उपासना का संकल्प लें. ज्योति जलाने से पहले प्रथम पूजनीय गणेश जी, शंकर-पार्वती का स्मरण करें. मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना के साथ इसे प्रज्वलित करें.
अखंड ज्योति जलाने के नियम (Navratri Akhand Jyoti Niyam)
अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) की बाती रक्षासूत्र यानी कलावा से ही बनाई जाती है, अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) में रुई की बाटी का उपयोग नहीं किया जाता. इस बात का ध्यान जरूर रखे कि बाती पर्याप्त बड़ी हो जो 9 दिन तक चले. इसे दीपक के बीचोंबीच रखें. दीपक दी बाती बार-बार बदली नहीं जाती. अखंड ज्योति का बुझना शुभ नहीं माना जाता.
दीपक की लौ को हवा से बचाने के लिए अखंड ज्योति पर जालीदार ढक्कन रखें या फिर कांच की चिमनी ढक दें. हर दिन दीपक की बाती को थोड़ा बढ़ाते रहना होगा जिसे दीपक बुझे न, लेकिन इस प्रक्रिया में दीपक बुझ सकता ऐसे में एहतियात के तौर एक छोटा दीपक जला ले. ये अखंड दीपक का प्रतिनिधित्व करेगा.
एक बार अगर अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) जलाई है तो उसे कभी अकेला न छोड़े. इसे निरंतर जलाए रखने के लिए दीपक में घी या तेल डालते रहें ताकि दीपक बुझने न पाएं. रात में सोने पहले भी घी-तेल को पर्याप्त मात्रा में दीपक में डालें.
अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) को आग्नेय कोण में रखना शुभ माना जाता है. पूजा के समय ज्योति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में रखें.
अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) को कभी अशुद्ध हाथों से न छुएं. इसमें पवित्रता का विशेष ध्यान रखें. घर के सभी सदस्य सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें
नवरात्रि के 9 दिन पूरे होने पर अखंड ज्योति (Akhand Jyoti) को खुद से बुझाने का प्रयान न करें. इसे अपने आप भी बुझने दें.
अखंड ज्योति जलाने के लाभ (Navratri Akhand Jyoti Benefit)
ज्योत के जरिए भक्त अपनी श्रद्धा देवी-देवताओं तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं. नवरात्रि में घर में अखंड ज्योति जलाने से सर्व कार्य सिद्ध का आशीर्वाद प्राप्त होता है. परिवार में सुख-शांति आती है.
अखंड ज्योति के प्रकाश से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. जीवन से अंधेरा यानी कि तनाव खत्म होता है और सकारात्मकता में वृद्धि होती है.
किसी विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए अखंड ज्योति जलाएं और नियमों पालन करें तो जल्द शुभ परिणाम मिलते हैं. बिना विघ्न के वो काम पूर्ण होता है.
अखंड ज्योत जब पूरी हो जाए तो कहते हैं बचे हुए घी या तेल को शरीर पर लगा लेना चाहिए. मान्यता है इससे रोग खत्म हो जाते हैं.
नवरात्रि में अखंड ज्योति के प्रभाव से शनि के महादशी से मुक्ति मिलती है. साथ ही वास्तु दोष खत्म होते हैं
अखंड ज्योति जलाने का मंत्र (Navratri Akhand Jyoti Mantra)
Navratri 2023 Upwas, Shubh Muhurat: नवरात्रि का नौ दिनों तक चलने वाला त्योहार नजदीक है, पूरे देश में, नवरात्रि बहुत धूमधाम के साथ मनाई जाती है और यह माँ दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा के लिए समर्पित है और विजय दशमी पर देवी की मूर्तियों के विसर्जन के साथ समाप्त होती है।
नवरात्रि हिंदुओं के बीच सबसे शुभ और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। भक्त नौ दिनों तक उपवास रखते हैं, खासकर उत्तर भारत में। व्रत के कुछ नियम होते हैं। आइए जानते हैं व्रत रखने के क्या करें और क्या न करें। आइए देखें:
Navratri 2023: उपवास करने के लिए क्या करें और क्या न करें
इस दौरान मांसाहारी और तामसिक भोजन करने से बचें और शराब से भी दूर रहें
चावल और गेहूं के बजाय, अपनी पूरी, पुलाव आदि में कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, बाजरा और साबूदाना का
प्रयोग करें – सेंधा नमक का प्रयोग करें और नहीं व्यंजन तैयार करने के लिए टेबल नमक
नवरात्रि के दौरान भोजन तैयार करने के लिए परिष्कृत तेल के स्थान पर घी या मूंगफली के तेल पर स्विच करें –
खाना पकाने में हल्दी, लौंग आदि जैसे मसालों का उपयोग करने से बचें –
नवरात्रि उत्सव के 9 दिनों के दौरान अपने बाल न काटें या मुंडवाएं नहीं
वसंत ऋतु में सफाई करवाएं और नवरात्रि में अपने घर को साफ रखें। नौ दिनों में, अपना दिन शुरू करने से पहले और भगवान को प्रसाद चढ़ाने से पहले सुबह स्नान करें और साफ हो जाएं।
नवरात्रि के पहले ही दिन कलश स्थापना या घटस्थापना करें। त्योहारों के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक, कलश स्थापना तब की जानी चाहिए जब यह अभी भी प्रतिपदा है।
देवी दुर्गा से प्रार्थना करने के लिए दुर्गा आरती, श्लोक और मंत्रों का जाप करें
सभी नौ दिनों के दौरान, एक दीया जलाया जाता है और देवी के सामने रखा जाता है।
Navratri Vrat: कौन कर सकता है व्रत?
उम्र या लिंग के बावजूद, सही स्वास्थ्य वाला कोई भी व्यक्ति व्रत का पालन कर सकता है। लेकिन अगर आप अस्वस्थ हैं या दवा ले रहे हैं या इलाज करवा रहे हैं, तो उपवास से बचना सबसे अच्छा है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं के मामले में, उपवास करने का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से जाँच करें।
Navratri 2023 Shubh Muhurat
चित्रा नक्षत्र: पंचांग के अनुसार, 14 अक्टूबर 2023 को चित्रा नक्षत्र की शुरुआत होगी और 15 अक्टूबर 2023 को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी।
वैधृति योग: हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 अक्टूबर 2023 को सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर वैधृति योग भी लगेगा और 15 अक्टूबर को वैधृति योग समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में कलश स्थापित करना शुभ नहीं माना जाता है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त को कलश स्थापना का सबसे शुभ समय माना जाता है। 15 अक्टूबर 2023 को सुबह 11 बजकर 9 मिनट से लेकर 11 बजकर 56 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त बन रहा है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में कलश स्थापित करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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आज हम एक और OLA S1 PRO Model की बात करेंगे, जिसे खरीदने के बाद से ही ग्राहक सर्विसिंग के लिए लगातर ही परेशानी झेल रहा है, फरवरी में खरीदी गई गाड़ी में लगातार ही कुछ ना कुछ परेशानी आ रही थी और 6 माह बीतते ही गाड़ी पूरी तरह अंतिम यात्रा की तरफ चल पड़ी।
मात्र 6 माह में OLA की OLA S1 Pro मॉडल जिसका गाड़ी नंबर MP 22 ZA 9446 है, 6 माह में गाड़ी का चेचिस अपने आप ही 2 टुकड़ों में बट गया कंपनी में इसकी शिकायत की गई जिसके 1 माह बाद कंपनी ने एक्शन लिया, ग्राहक के घर मे महीने भर गाड़ी खड़ी रही जिसके बाद कंपनी के जबलपुर सर्विस सेंटर में गाड़ी ले जाया गया।
जबलपुर सर्विस सेंटर में गाड़ी जाने के बाद से लगभग 1 माह हो चुका है पर गाड़ी ले जाने के बाद से ही कंपनी ने ग्राहक को गाड़ी के बारे में अपडेट देना बंद कर दिया है, ग्राहक कुछ दिनों के अंतराल में OLA कंपनी को कॉल कर अपनी गाड़ी की जानकारी मांगता है पर उसे कोई जानकारी नहीं मिलती।
OLA S1 PRO मात्र 6 महीने में पहुंची अंतिम यात्रा पर: गाड़ी मालिक परेशान; कंपनी नहीं दे रही कोई अपडेट
ग्राहक का कहना है कि कम से कम ग्राहकों को उनकी गाड़ी के बारे में अपडेट तो दिया जाए पर कंपनी गाड़ी बिकने तक साथ देती है गाड़ी खरीदते ही वह अपने ग्राहकों को भूल जाती है,
Seoni News: सिवनी, केवलारी:- मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी दोबारा काबिज होने के लिए पूरी तैयारी में जुटी हुई है. जिस तरह भाजपा एक एक सीट पर कैंडिडेट का कार्यकाल और अनेकों फैक्टर पर ध्यान रखते हुए कैंडिडेट घोषित कर रही है उससे यह तो साफ़ है कि मध्यप्रदेश में भाजपा कटतई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है। सिवनी जिले की सिवनी विधानसभा के लिए भाजपा ने दिनेश राय मुनमुन को प्रत्याशी घोषित किया है. वहीँ सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा में अभी भी सस्पेंस बरकार है. केवलारी विधानसभा की बात करें तो केवलारी विधानसभा की जनता विधायक राकेश पाल सिंह से बेहद ही नाराज है.
बीते विधानसभा चुनाव में राकेश पाल सिंह ने कांग्रेस के गढ़ नष्ट जरूर किया था परन्तु उनके विधायक बनने के बाद से ही वहां की जनता उनसे नाराज नजर आ रही है. जिस तरह केवलारी में राकेश पाल सिंह को लेकर जनता का नजरिया बना हुआ है उस आधार पर यदि भाजपा राकेश पाल सिंह पर दांव लगाती भी है तो भाजपा को नुक्सान झेलना पड़ सकता है.
हालाँकि बात तो यह भी सामने आई है कि सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को विधायक राकेश पाल सिंह द्रारा लगातार नजर अंदाज करना भी उन्हें भारी नुक्सान की और ले जा सकता है.
टिकिट पाने के लिए राकेश पाल सिंह लगा रहे पूरी ताकत
भाजपा मध्यप्रदेश की एक एक सीट पर कदम फूंक फूंक कर रख रही है ऐसे में भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार द्वारा कराए गए सर्वे राकेश पाल सिंह की जमीनी हकीकत पहुंची है या नहीं इसकी तो जानकारी मिल पाना संभव नहीं है लेकिन यदि ऐसा हुआ तो ये तो पक्का है कि भाजपा राकेश पाल सिंह पर दांव नहीं खेलेगी.
आगामी माह में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश की सिवनी जिले से विधानसभा बरघाट व विधानसभा सिवनी से भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गयी है। इसके साथ ही अभी लखनादौन व केवलारी से उमीदवारों की घोषणा का इन्तजार किया जा रहा है. कई ऐसे भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता और नेता भी राकेश पाल सिंह के साथ टिकिट की दावेदारी में लगे हुए है. अब देखना तो यही है कि भाजपा किस पर दांव लगाती है.
केवलारी वापस बन सकता है कांग्रेस का गढ़
सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के लिए हार का रिकार्ड बनाने वाला क्षेत्र बना हुआ था हालाँकि राकेश पाल सिंह ने इस रिकॉर्ड को बीते विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल कर तोड़ दिया था. केवलारी विधानसभा में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के रूप में रजनीश सिंह ठाकुर को देखा जा रहा है जिन्हें राकेश पाल सिंह ने बीते चुनाव में हार का मुह दिखाया था लेकिन. हार के बाद से ही रजनीश सिंह ठाकुर जिस तरह से केवलारी विधानसभा में सक्रिय रहे है यूज़ देखा जाए तो केवलारी वापस कांग्रेस का गढ़ बन सकता है.
रजनीश सिंह ठाकुर का पुश्तैनी राजनैतिक दबदबा आज भी बरकरार है. बीते चुनाव में हार के बाद राजनैतिक दलों के मुह से यही सुनाई दे रहा था कि मोदी लहर की वजह से ठाकुर रजनीश सिंह को हार का मुह देखना पड़ा था। कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार ठाकुर रजनीश सिंह समस्त क्षेत्र में ताकतवर माने जाते है ऐसी स्थिति में उन्हें चुनौती देना और चुनाव में शिकस्त देना भाजपा के लिये आसान नहीं है।
चुनावी चर्चा में भी खुली राकेश पाल की पोल, ना विकास और ना गांव आने पर गाँव वालों से चर्चा
खबर सत्ता की चुनावी चर्चा बरघाट विधानसभा के बरघाट क्षेत्र में बीते दिनों संपन्न हुई थी जिसमे कुछ केवलारी विधानसभा के लोग भी थे उन्होंने अपने क्षेत्र के बारे में बातचीत करते हुए बताया कि राकेश पाल सिंह को लेकर वहां के लोगों की राय अब ठीक नहीं है. वह जन गाँव आते है तो गाँव के लोगों से चर्चा तक नहीं करते और ना ही उनके 5 वर्षों के कार्यकाल में किसी प्रकार का कोई विकास हुआ. वीडियो आपको जल्दी ही खबर सत्ता के आधिकारिक Youtube Channel पर देखने को मिलेगी.
केवलारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार कौन होगा इसको लेकर जनचर्चा अभी थमी नहीं है क्योंकि भाजपा ने अभी तक अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। कांग्रेस से अपनी टिकिट फाईनल मानकर पूर्व विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने अपना प्रचार-प्रसार गांव-गांव प्रारंभ कर दिया है।
सिवनी (Seoni News): सिवनी विधानसभा में 10 वर्ष पहले भारतीय जनता पार्टी की मटकी फोड़ने के बाद खुदके मटके में निर्दलीय विधायक के रूप में अपना सिंहासन सजाया था. भाजपा का गढ़ कहा जाने वाला सिवनी और सिवनी की राजनैतिक पार्टियों को बड़ा सदमा दिनेश राय मुनमुन ने दिया था. वर्तमान समय की बात करें तो दिनेश राय मुनमुन भारतीय जनता पार्टी के विधायक है क्योंकि बीते चुनाव में दिनेश राय मुनमुन ने भारतीय जनता पार्टी का दामान थाम लिया था. हालाँकि इसके बाद मुनमुन का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे उन्हें यह कहते सुन जा रहा था कि वह अपना ईमान बेचकर भाजपा में शामिल हुए है.
दिनेश राय मुनमुन के भाजपा का दामन थामने के बाद से ही पार्टी में भारी विद्रोह देखा जा रहा है. राजनैतिक सूत्रों की माने तो सिवनी विधानसभा के भाजपा के कुछ मूल कार्यकर्ता अब दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में है. मौजूदा विधायक दिनेश राय मुनमुन को टिकिट मिलने के बाद से ही गुप्त बैठकों का दौर निरंतर जारी है. सूत्रों की माने तो इन बैठकों में विधायक दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ एक जुट होकर निर्दलीय प्रत्याशी को मैदान में उतारने की तैयारी पर मंथन किया जा रहा है.
लगातार चल रही इस गुप्त बैठक में अनेकों मूल भाजपाई शामिल हो रहे है विधायक दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ चुनाव में तैयारी का दौर निरंतर जारी है इसके साथ ही सूत्र बताते है कि हर बैठक में एक बात जरूर निकलकर सामने आती है कि विधायक दिनेश राय मुनमुन लगातार ही सिवनी जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान करते रहते है.
भाजपा के कार्यकर्ता भले ही वह दरी फट्टी बिछाने का कार्य हो या भाजपा का झंडा पकड़कर चलना हो या फिर पूर्व विधायक या पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हो किसी का भी अपमान सार्वजनिक रूप से करने में कोई कसर नहीं छोड़ते.
गुप्त मीटिंग में मंथन सिर्फ अपमान नहीं बल्कि विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा सिवनी विधानसभा के लिए क्या किया गया है उसे लेकर भी समीक्षा की गई जिसके बाद अब यह तय है कि सिवनी से मुनमुन की जगह तय किया गया निर्दलीय प्रत्याशी को ही जीत दिलानी है.
हालाँकि यह खबर तो वर्षों से सामने आती है कि सिवनी विधायक मुनमुन राय द्वारा पार्टी के किसी भी नेता को तवज्जो नही दी जाती और सार्वजनिक रूप से उनका अपमान करना दिनेश राय मुनमुन का पेशा है. इस विषय पर भी मंथन हुआ और वहां पर येही बात सामने आई कि जो कार्यकर्ता हमारे साथ इतने समय तक जुड़ा रहता है अब उसका अपमान नही सहा जाएगा उसके लिए हमे एकसाथ होना ही पड़ेगा और तय किये जा रहे उमीदवार को जीत भी दिलाना होगा.
सिवनी,धारनाकला: वैसे तो मध्य प्रदेश तथा केन्द्र सरकार के द्वारा जनहित से जुडी अनेक योजनाऐ संचालित की जा रही है चाहे वह आम आदमी से जुडी हो अथवा किसानो तथा गरीबो से जुडी हो जिनका लाभ प्रदेश के लोगो को मिल रहा हो किन्तु मध्य प्रदेश चुनाव के ठीक पहले शिवराज सरकार द्वारा संचालित की गई लाडली बहना योजना शिवराज सरकार के घोषित उम्मीदवारो की नैया पार लगाते दिखने के साथ ही शिवराज की वापसी के दौर खोलते दिखाई दे रही है.
चूकि ठीक चुनाव के पहले शिवराज सरकार ने लाड़ली बहना योजना की शुरूआत कर प्रदेश की महिलाओ को अपनी सरकार की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है वैसे तो इसके पूर्व भी सरकार की अनेको योजनाओ के माध्यम से महिलाओ को लाभ मिला है जैसे प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना मुख्य मंत्री किसान कल्याण योजना आयुष्मान भारत योजना मुख्य मंत्निरी शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन सहायता योजना आदि अनेको योजनाओं के बाद भी वर्तमान मे प्रारम्भ की गई लाड़ली बहना योजना शिवराज के लिये सोने पे सुहागा साबित होते दिखाई दे रही है.
चुकि इस योजना के तहत महिलाओ के खाते मे प्रति माह पहूच रही राशि का ही परिणाम है की महिलाओ के द्वारा अपने भाई के द्वारा सीधे खाते मे आ रही राशि से महिलाओ का आत्म विश्वास तो जागा ही है साथ ही सरकार के प्रति रूझान भी बढा है जो आने वाले समय मे क्या भूमिका अदा करता है यह आने वाला समय निर्भर करेगा।
Barghat Vidhan Sabha Election: सिवनी जिले की बरघाट विधान सभा में क्या है जनता की राय | चुनावी चर्चा
लाखों की तादाद मे है महिला स्व सहायता समूह
उल्लेखनीय है केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के प्रयास मे वैसे तो अनेको योजनाओ का समावेश है किन्तु आजीविका महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओ का आत्म निर्भर बनना भी सामने आया है तथा प्रदेश की महिलाऐ सरकार की रीति नीति तथा सहयोग से सीधे रोजगार से भी जुडी है तथा बैको के माध्यम से लाखो रूपये महिलाओ को अति कम ब्याज मे उपलब्ध हो रहा है.
जिसके माध्यम से समूह की महिलाये अपने स्वय के रोजगार को प्रारम्भ करने के साथ बैक की विधिवत ञण राशि का भी भुगतान आय अर्जित करते हुऐ कर रही है और यही कारण है की महिलाऐ आत्म विश्वास के साथ बैक शाखाओ मे भी नजर आ रही है
इसके साथ ही सरकार द्वारा लगातार महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने का प्रयास सरकार की गतिविधियो की ओर महिलाओ को आकर्षित करता हुआ नजर आ रहा है जिससे इन्कार नही किया जा सकता है
3173 महिला स्व सहायता समूह है संचालित
उल्लेखनीय है की बरघाट विकाश के अन्तर्गत ही बरघाट तथा कुर ई मे 3173 महिला स्व सहायता समूह संचालित है तथा लगभग 40000 चालीस हजार महिलाऐ स्व सहायता समूह से जुडकर शासन की योजनाओ से सीधे जुडकर लाभ ले रही है तथा आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर बनते हुऐ जागरूक भी हुई है जिनकी ओर वर्तमान चुनाव मे राजनैतिक दल सीधे अपना ध्यान केन्द्रित करते हुऐ भी नजर आ रहे है और आने वाले समय मे आयेगे भी चूकि यह मानना भी गलत नही होगा की महिलाओ का द्रढ़संकल्प मजबूत होता है. ऐसी स्थिति मे महिलाये चुनावी ऊंट को करवट बैठालने मे भी अहम भूमिका अदा कर सकती है
जनसम्पर्क मे आई तेजी
यहा यह बताना भी लाजिमी है की जैसे चुनाव आयोग के द्वारा मतदान की तारीख का ऐलान हुआ है उम्मीदवारो के द्वारा जनसम्पर्क मे तेजी देखी जा रही है जहा भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कमल मरसकोले के रूप मे पहले ही कर दी है
वही दूसरी तरफ काग्रेस के द्वारा अब तक उम्मीदवार की घोषणा नही की गई है फिर भी वर्तमान विधायक अर्जुन का छेत्र मे तूफानी दौरा के साथ साथ अनेको स्थानो पर आचार संहिता के पूर्व निर्माण कार्यो का भूमि पूजन तथा जनसम्पर्क यह जरूर सिद्ध करता है की बरघाट विधान सभा से वे ही काग्रेस के उम्मीदवार के रूप मे सामने होगे
ऐसे मे बरघाट विधान सभा के मतदाताओ के सामने यही दोनो पुराने चेहरे चुनावी रण मे मतदाताओ के सामने होगे अब यह मतदाताओ का मत ही तय करेगा की बरघाट विधान सभा का प्रति निधितत्व बरघाट विधान सभा का मतदाता किसके हाथो मे सौपता है
2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जूनून अपनी उच्च गति से चल रहा है, और आचार संहिता के प्रारूप को लागू करने के बाद, यह चुनावी प्रक्रिया के सुझाव को बढ़ावा मिल रहा है।
इस लेख में, हम देखेंगे कि कैसे आचार संहिता के प्रारूप के बाद एफएसटी और पुलिस की संयुक्त टीम क्रियाशील हो गई है और नागरिकों के लिए चुनावी प्रक्रिया में सख्त कदम उठाया गया है.
आचार संहिता का पूरा प्रभाव
आचार संहिता का प्रारूप लागू होते ही निर्वाचन प्रक्रिया पर उसका पूरा प्रभाव दिखाई देने लगा है. यह निष्कर्ष और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है.
एफएसटी टीम की क्रियाशीलता
उड़नदस्ता दल (एफएसटी) का सशक्त बनना निर्वाचन समय की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसने गुमराह करने वालों और बदमाशों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं.
पुलिस टीम का सहयोग
पुलिस टीम ने अवैध शराब, मादक पदार्थ, और अमूल्य धातु के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग किया है. इससे निर्वाचन प्रक्रिया में और भी सुरक्षिति हुई है.
अवैध शराब और महुआ लहान की बड़ी कार्रवाई
आबकारी विभाग ने अवैध शराब और महुआ लहान की बड़ी कार्रवाई की है, जिससे नागरिकों को जोखिम से बचाया जा रहा है.
नागरिकों के लिए सुरक्षा
इस कदम से, नागरिकों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में सुरक्षा बढ़ी है और चुनाव स्वच्छ और निष्पक्ष हो रहे हैं.
निर्वाचन प्रक्रिया की स्थिरता
यह नए कदम से निर्वाचन प्रक्रिया की स्थिरता को सुनिश्चित करता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया के प्रति जन विश्वास मजबूत होत