Home Blog Page 211

Electoral bonds: चुनावी बॉन्ड के समर्थन पर बीजेपी का तर्क, कांग्रेस-वामपंथियों का विरोध

बीजेपी: चुनावी बांड चुनावी प्रक्रिया में सुधारों का हिस्सा है, जो प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगा. राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता से काले धन पर रोक लगेगी। चुनावी बांड के माध्यम से चंदा देने वाली कंपनी या दानदाता का बैंक के पास ‘केवाईसी’ होने से बेनामी धन संग्रह की संभावना खत्म हो जाती है।

हालाँकि कई कंपनियाँ राजनीतिक दलों को दान देने को तैयार हैं, लेकिन वे राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहती हैं। चुनावी बांड ऐसे दानदाताओं को बिना किसी दबाव के दान देने में भी सक्षम बनाएगा। चूंकि चुनावी जमा राशि बैंक के माध्यम से ऑनलाइन संसाधित की जाएगी, इसलिए यह विवरण आयकर खातों और अन्य प्रणालियों के लिए उपलब्ध होगा। अत: वित्तीय अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।

कांग्रेस-वामपंथी पार्टी: चुनावी बांड की पूरी प्रक्रिया अपारदर्शी है और गुप्त लेनदेन के कारण सत्तारूढ़ दल और घरेलू और विदेशी व्यापारियों के बीच हितों का टकराव होता है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है. चूँकि विदेशी कंपनियाँ किसी कानूनी ढांचे के अंतर्गत नहीं आती हैं, इसलिए ये कंपनियाँ सत्तारूढ़ दल को धन प्रदान करके आर्थिक नीतियों में हस्तक्षेप कर सकती हैं।

इस प्रक्रिया से काले धन को खाद मिलती है और फंसती नहीं है। बांड काले धन को सफेद करने का जरिया बन गया है। दानकर्ता की गुमनामी के कारण कॉर्पोरेट कंपनियाँ सत्तारूढ़ दल को अधिक धन की आपूर्ति कर सकती हैं। बीजेपी को सबसे ज्यादा फंड चुनावी बांड से मिला है और इसका दुरुपयोग बीजेपी ने राज्य सरकारों को भंग करने और विधायकों पर नकेल कसने के लिए किया है.

यदि केवल एक ही पार्टी के पास धन का प्रवाह हो तो चुनाव समान स्तर पर नहीं होते हैं। सत्ताधारी दल की ओर से भारी धनराशि भी चुनाव अभियानों में अनुचित लाभ प्रदान करती है। यदि ऐसा हुआ तो स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनाव नहीं हो सकेंगे।

चूंकि चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं, इसलिए यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य है कि राजनीतिक दलों के वित्तीय स्रोत मतदाताओं तक पहुंचें। हालाँकि, चूँकि चुनावी बांड को लेकर गोपनीयता बरती जाती है, इसलिए चंदा देने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना ज़रूरी है।

सिवनी कलेक्‍टर क्षितिज सिंघल के मार्गदर्शन में ओडीओपी दिवस कार्यक्रम का किया गया आयोजन

सिवनी: कलेक्‍टर श्री क्षितिज सिंघल के मार्गदर्शन में बुधवार 14 फरवरी को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा ओडीओपी दिवस कार्यक्रम का आयोजन शासकीय प्रोजनी आर्चर्ड सिवनी (कम्‍पनी गार्डन) में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्‍टर महोदय द्वारा दीप प्रज्‍वलित कर किया गया। ओडीओपी दिवस कार्यक्रम में पीएमएफएमई योजना अंतर्गत स्‍वीकृत इकाईयों के उत्‍पाद/जैविक व प्राकृतिक हाट बाजार में प्रति‍भागियों के द्वारा प्रादर्शो का प्रदर्शन किया गया जिसका अतिथियों द्वारा अवलोकन कर प्रतिभागियों का उत्‍साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए कलेक्‍टर श्री क्षितिज सिंघल द्वारा अपने उद्बोधन में उपस्थित उद्यमियों एवं युवा बेरोजगारों को उनकी रूची अनुसार स्‍वयं का व्‍यवसाय प्रारंभ कर धीरे-धीरे अपना व्‍यवसाय बडा कर स्‍वलंबी बनने हेतु प्रेरित किया गया।

उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा लगाई प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान प्राकृतिक रूप से तैयार किये गये कच्ची घानी सरसों तेल, अलसी तेल, महुआ जेम, सीताफल, बेकरी प्रोडक्ट तथा जैविक सब्जियां खरीदी तथा अन्य उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरित किया।

उद्यानिकी विभाग की सहायक संचालक डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार द्वारा बताया गया कि पीएमएफएमई योजना एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित फसल सीताफल एवं अन्‍य फसलों से संबंधित प्रोसेसिंग इकाई लगाने हेतु इकाई लागत का 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्‍ड अधिकतम 10 लाख तक का अनुदान दिया जाता है।

योजना का लाभ लेने के लिए ओडीओपी दिवस में इच्‍छुक उद्यमियों का पंजीयन एवं आवेदन किया जा रहा है जिसका लाभ ज्‍यादा से ज्‍यादा बेरोजगार शिक्षित युवा ले सकते है। जिले में अभी तक उद्यानिकी विभाग द्वारा 64 प्रसंस्‍करण इकाईयों की कुल लागत 1022.99 लाख, बैंक ऋण 870.14 लाख एवं अनुदान 225.90 लाख स्‍वीकृत हुआ है।

उल्लेखनीय है कि पीएमएफएमई योजना अंतर्गत स्‍वीकृत इकाईयों के उत्‍पाद/जैविक व प्राकृतिक हाट बाजार के आयोजन में 50 से अधिक स्टॉल लगाये गए थे। जिसमें प्रमुख रूप से जैविक उत्‍पाद, प्रसंस्करित उत्पाद, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।

कार्यक्रम में उपस्थित आमजनों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ-साथ उत्पादों को भी क्रय किया गया। कलेक्टर श्री सिंघल द्वारा कृषकों एवं उद्यमियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हित में नियमित रूप से हाट बाजार आयोजित करने के निर्देश दिये। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्रति‍भागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्‍मानित किया गया।

महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्‍यापार केन्‍द्र द्वारा विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। इसी तारतम्‍य में डॉ एन.के. सिंग द्वारा सीताफल फसल का उत्‍पादन करने हेतु खाद, उर्वरक एवं जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग कर बडे फल प्राप्‍त करने हेतु कहा गया। प्रगतिशील कृषक श्री अंकित मालू द्वारा प्राकृतिक खेती करने हेतु कृषकों को प्रोत्‍साहित किया गया।

उपरोक्‍त कार्यक्रम में माननीय कलेक्‍टर महोदय, सहायक संचालक उद्यान डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, उपसंचालक कृषि श्री मोरिश नाथ, जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र महा प्रबंधक श्री रघुवीर उइके, कृषि विज्ञान केन्‍द्र सिवनी के वैज्ञानिक डॉ. शेखर बघेल, डॉ. एन.के. सिंग, डॉ. जी.के.राणा, उपसंचालक पशुपालन , लीड बैंक मैनेजर, श्री ओम ठाकुर, श्री राकेश बैस, एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी व अन्‍य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी प्रमुख से उपस्थित रहे

सिवनी: कूडो बेल्ट एग्जाम संपन्न

सिवनी: पिछले कई महीनो से जिला कूडो एसोसिएशन ऑफ सिवनी द्वारा खिलाड़ियों को कूडो (जापानी मिक्सड कॉम्बैट स्पोर्ट्स ) का प्रशिक्षण मुख्य प्रशिक्षक गोपाल कुशवाहा द्वारा खिलाड़ियों को दिया जा रहा है.

जिसमें खिलाड़ियों द्वारा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी भागीदारी की है इसी संदर्भ में जिला संस्था द्वारा येलो बेल्ट एग्जाम एवं टेक्निकल कैंप का जिला स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सेंट नॉबर्ट स्कूल केवलारी में दिया गया।

जिसमें खिलाड़ियों को गेम की एडवांस तकनीक के साथ ही मानसिक और शारीरिक रूप स्वास्थ रहने की जानकारी दी गई। जिसमे एलिना थॉमस,दिव्या अवधिया,आर्य तिवारी, तेजस्विनी तिवारी, राम्या अवधिया, मनहा खान, तरुण राय, अतिशय जैन, अभिजीत राजपूत ने कड़ी मेहनत करके अपने बेल्ट एग्जाम में सफलता अर्जित की.

बेल्ट एग्जाम एवं एडवांस तकनीक की जानकारी खिलाड़ियों को गोपाल कुमार कुशवाहा द्वारा दी गई । इसी उपलब्धि पर कूड़ो संघ के अध्यक्ष संजय सोनी,उपाध्यक्ष सुभम सोनी , उपसचिव निलेश, कोषाध्यक्ष उत्तम डहेरिया, स्कूल के चेयरमैन बाबूमोन पीटर, छिद्दीलाल श्रीवास, प्रदीप साहू ,अभय टेकाम ,शीतल नामदेव, संदीप नेमा, धीरज पल,अंकित मिश्रा ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं प्रेषित की है ।

सिवनी: भाजपा व गोंगपा के सदस्यों के मतों से जीते राकेश, घनश्याम की हुई अनदेखी

सिवनी: विगत 12 फ़रवरी को जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान जिला काग्रेस में जारी गुटबाजी सामने आ गई है,दरअसल जिला अध्यक्ष द्वारा गठित 2 सदस्यों की कमेटी के समक्ष उपाध्यक्ष पद के 5 में से 3 दावेदार एक राय थे उनमें से किसी एक को दल अपना समर्थन दे दे ,विदित हो उपाध्यक्ष पद के लिये घनश्याम सनोडिया, उपनेंद् अमले, राकेश सनोडिया ,तेजसिंह रघुवंशी व सतीश टेकाम दावेदार थे

काग्रेस किसी कुर्मी सदस्य को उपाध्यक्ष पद देने की मानसिक ता में थी लेकिन उनके पसद के राकेश को अन्य दावेदार समर्थन देने तेयार् नही हुए जिसके कारण काग्रेस कमेटी ने अंतिम दौर तक अधिकृत लेटर पेड पर किसी भी सदस्य को अपना समर्थन नही दिया

सम्मलेन आरभ होते है यह जानकारी काग्रेस के सदस्यों को दी गई राकेश दल के उम्मीदवार है लेकिन इस बात को 7 काँग्रेसी सदस्यों ने स्वीकार नही किया उनका कहना था यह सूचना अधिकरत तौर पर जिला काग्रेस कमेंट को देनी चाहिए थी,

इसके बाद पहले से ही भाजपा व गोंगपा के समर्पक में रहे राकेश को काग्रेस के सदस्यों के बजाय भाजपा व गोंगपा के सदस्यों ने मत दिया बताया जाता है कि गोंगपा के सदस्य सम्मलेन में शामिल नही हो रहे है लेकिन उन पर राकेस के कहने पर भाजपा के नेताओ ने पुलिस के माध्यम से दवाब बनाकर सम्मेलन में आने पर मजबूर कर दिया

मतदान के दौरान राकेस को जो 10 मत मिले ,जबकि उपेन्द्र को काग्रेस के 7 व अन्य 3 के मत मिल पाए,राकेश की इस जीत को काग्रेस भले ही अपनी रणनीति की सफलता बता रही हो लेकिन अब जिला पचायत में काग्रेस के सदस्य एक जुट नही रह पाएंगे क्योंकि इस चुनाव में सघटन ने सिवनी विधानसभा के युवा व अनुभवी सदस्य घनशयाम सनोडिया को किनारे कर उनकी राजनीतिक हत्या की है।

दरअसल खुराना गुट यह नही चाहता था कि विस् सिवनी से घनश्याम सनोडिया को महत्व मिल सके,उपाध्यक्ष पद पर यदि घनश्याम चुन जाते तो वे पूर्व जिला पचायत उपाध्यक्ष लल्लू बघेल,आनंद पजवनी जैसे नेताओं के चुनोती बन जाते

इस चुनाव में राकेश को पितई मसराम,घुरसिह सल्लम,गोवर्धन सिग्राम,शिवांगी उईके, गोंगपा, व भाजप के रजनी ठाकुर,मालती डेहरिया के मत मिले वही राकेश सनोडिया व अन्य दो काग्रेस सदस्यों ने भी उपाध्यक्ष पद के लिये काग्रेस के राकेश को समर्थन दिया है।

सिवनी: नेकी की दीवार के माध्यम से हुआ निः शुल्क कपड़ों का वितरन


सिवनी: जिला मुख्यालय में विगत 9 वर्षो से स्थानीय दल सागर चौपाटी में नेकी की दीवार का सचालन किया जा रहा है,जहां हर दिन शाम 6 से 8 बजे जरूरत मंद नागरिको को गर्म कपड़े,शर्ट पेंट व बच्चो को कपड़े उपलब्ध कराये जाते है।

नेकी की दीवार के प्रमुख सदस्य जापानी जैन ने बताया कि हर वर्ष विशेष कर ठंड के मौसम में संस्थान स्वयं के खर्च पर चौपहिया वाहन के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में जरूर मन्द लोगो कपड़े निशुल्क वितरण का काम करती है,

इसके अलावा मकर स्करती व दशहरा पर्व पर नेकी की दीवार का सचालन मठ मंदिर, गणेश मंदिर छिंदवाड़ा चौक व लखनवाड़ा वेनगंगा घाट पर होता है यहा भी निः शुक्ल ऐसे पहनने योग्य कपडे जरूरत मन्दो को संस्था के मिलन पन्द्रे,अनुराग डेहरिया, बबलू तारन, दादू अखिलेंद्र नाथ,आशीष बघेल,विपिन शर्मा,सुनील बघेल,विजय चौहान,मुन्ना चन्देल के द्वारा सेवा देकर किया जाता है

आज 15 फरवरी गुरूवार को टीम द्वारा उपलब्ध कराए गए कपड़ो का वितरण वन ग्राम जोगिवाड़ा में वन विभाग में पदस्थ अजय जैन के सहयोग से लगभग 100 से महिला पुरषो व बच्चो को वितरित की गई।

UPI से गलत फ़ोन नंबर पर चले गए पैसे तो रिफंड कैसे मिलेगा? विशेषज्ञों से विस्तृत और सरल उत्तर पढ़ें

How to get refund if money goes to wrong phone number through UPI?: UPI भुगतान अपने आप में एक वरदान है, क्योंकि यह डिजिटल भुगतान प्रणाली कहीं भी कैशलेस यात्रा प्रदान करती है। लेकिन किसी भी चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों को देखना ज़रूरी है।

बेशक, यूपीआई के कारण बढ़ा हुआ खर्च, मोबाइल फोन पर बढ़ती निर्भरता ये सभी समस्याएं हैं, लेकिन सबसे बड़ा सिरदर्द गलती से दूसरे नंबर या खाते में पैसे भेजना है। 

आजकल क्यूआर कोड को स्कैन करके भुगतान करना वास्तव में हर जगह संभव है, लेकिन जब आप किसी मोबाइल नंबर से भुगतान करना चाहते हैं, तो गलती होने की संभावना से बचा नहीं जा सकता है।

हम एहतियात के तौर पर नंबर की जांच करते हैं लेकिन कभी-कभी किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर बदल जाता है और किसी और के खाते से लिंक हो जाता है। 

अगर आपने पहले भी उसी नंबर पर ट्रांजैक्शन किया है तो आप दोबारा उस पर पैसे भेजते हैं, लेकिन इस बार पैसे असली नंबर के बजाय उसके खाते में चले जाते हैं जिसके खाते से वह नंबर जुड़ा हुआ है। अब आज हम देखेंगे कि ऐसी स्थिति में आप अपना पैसा कैसे वापस पा सकते हैं।

यदि UPI द्वारा गलत फ़ोन नंबर पर भेजा गया है तो रिफंड कैसे प्राप्त करें?

सबसे पहले, किसी अनजान व्यक्ति को हस्तांतरित धन वापस पाने के लिए, आपको यह साबित करना होगा कि पैसा अनजाने में हस्तांतरित किया गया था। एक बार यह साबित हो गया तो आगे की जिम्मेदारी बैंक की हो जाती है. 

इकोनॉमिक लॉ प्रैक्टिस के पार्टनर अभय चट्टोपाध्याय को टाइम्स ने यह कहते हुए उद्धृत किया, “गलत प्राप्तकर्ता को धन हस्तांतरित करने के मामले में, प्रभावित उपयोगकर्ता को बैंक के समक्ष पर्याप्त सबूत पेश करना होगा कि लेनदेन गलत/अनजाने में किया गया था।”

चट्टोपाध्याय ने यह भी उल्लेख किया कि डिजिटल लेनदेन के लिए आरबीआई की लोकपाल योजना 2019 के विनियमन 8 के अनुसार, यदि कोई बैंक अपना कर्तव्य निभाने में विफल रहता है, तो गलत प्राप्तकर्ता को हस्तांतरित धन का भुगतान न करने के लिए बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा सकती है।

फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक के सीओओ श्रीजीत मेनन ने द टाइम्स को बताया कि जितनी जल्दी आप बैंक के साथ या उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करेंगे, आपको पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। 

आपको तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए, अपने लेनदेन विवरण और प्रासंगिक बैंक खाता नंबर साझा करना चाहिए। इस समय प्रारंभिक संपर्क उस व्यक्ति से किया जाएगा जिसके पास गलती से पैसा चला गया है।

बैंक आपका पैसा वापस पाने के लिए मध्यस्थता भी कर सकता है लेकिन दूसरा पक्ष अनुरोध अस्वीकार भी कर सकता है। करंजावाला एंड कंपनी की पार्टनर मनमीत कौर ने कहा कि अपने पिछले मोबाइल नंबर की गोपनीयता सुनिश्चित करना हर किसी की जिम्मेदारी है।

यदि किसी चर्चा से आपको धनवापसी नहीं मिलती है तो आप शिकायत कैसे करेंगे?

यदि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का उपयोग करके कोई गलत लेनदेन हुआ है, तो कोई व्यक्ति शिकायत दर्ज करने के लिए NPCI के विवाद निवारण तंत्र की मदद ले सकता है।

चरण 1: https://www.npci.org.in/what-we-do/upi/dispute-redressal-mechanism पर जाएं

चरण 2: ‘शिकायत’ नामक बॉक्स पर जाएं। यहां ड्रॉप-डाउन मेनू से लेनदेन प्रारूप का चयन करें। फिर समस्या का चयन करें. उदाहरण के लिए, चूंकि आपने अनजाने में गलत व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, इसलिए लेनदेन के प्रकार को ‘व्यक्ति से व्यक्ति’ के रूप में चुनें और समस्या को ‘गलत तरीके से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया गया’ के रूप में चुनें।

सबसे पहले व्यक्ति को UPI ऐप पर रिपोर्ट करना होगा. यदि किसी व्यक्ति की शिकायत अनुत्तरित रहती है, तो अगला कदम बैक एंड (पीएसपी) और एनपीसीआई (शिकायत पोर्टल का उपयोग करके) लेनदेन को संभालने वाले बैंक के साथ शिकायत दर्ज करना है।

यदि किसी के पास आपका मोबाइल नंबर है, तो क्या उसे आपके बैंक खाते की जानकारी तक पहुंच प्राप्त है?

मोबाइल नंबर का पुन: असाइनमेंट स्वचालित रूप से ग्राहक के बैंक खाते तक पहुंच नहीं देता है। “बैंक आमतौर पर ग्राहकों के बैंक खातों की सुरक्षा के लिए बहु-चरणीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं।

सुरक्षित सत्यापन प्रक्रियाओं (जैसे पासवर्ड, पिन, सुरक्षा प्रश्न और दो-कारक सत्यापन, आदि) के माध्यम से आपके बैंक खाते तक पहुंच संभव है। भले ही संबंधित मोबाइल नंबर निष्क्रिय और पुनः असाइन किया गया हो, केवल अधिकृत व्यक्ति ही अपने बैंक खाते का उपयोग कर सकता है।

Web Title: How to get refund if money goes to wrong phone number through UPI? Read detailed and simple answers from experts

‘मुंबई आओगे तो सबको मार डालेंगे’, इंडिगो फ्लाइट में टिशू पेपर पर धमकी भरा मैसेज!

इंडिगो फ्लाइट के शौचालय में धमकी भरा नोट मिला। मैसेज में लिखा था कि अगर तुम मुंबई आओगे तो तुम सबको मार दिया जाएगा. यह घटना मंगलवार (13 फरवरी) को चेन्नई से मुंबई जा रही फ्लाइट में सामने आई।

इस बीच मिली जानकारी के मुताबिक विमान के मुंबई में उतरने के बाद सभी टेस्ट और जांच की गईं. लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.

टिशू पेपर पर धमकी भरा संदेश

मिली जानकारी के मुताबिक, चेन्नई से मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E5188 में टिशू पेपर के आकार का एक नोट मिला। इस टिशू पेपर पर एक संदेश लिखा था जिसमें कहा गया था कि अगर तुम मुंबई आओगे तो तुम्हें मार दिया जाएगा।

यह स्थिति सामने आने के बाद फ्लाइट क्रू ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पूरे विमान का निरीक्षण किया गया और यात्रियों से भी पूछताछ की गई. लेकिन पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. इस मामले में एयरपोर्ट पुलिस अधिकारियों ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी करें

इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस संबंध में इंडिगो एयरलाइंस ने एक बयान जारी किया. “इंडिगो की उड़ान 6E5188 चेन्नई से मुंबई जा रही थी।

इस विमान में बम होने की धमकी दी गई थी. उसके बाद, सभी आवश्यक उपाय किए गए और कुछ प्रक्रियाएं अपनाई गईं। इंडिगो के एक बयान में कहा गया, “यह धमकी मिलने के बाद विमान को दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।”

नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने स्वैच्छिक इच्छामृत्यु स्वीकारी! एक-दूसरे का हाथ थामकर दुनिया को अलविदा कहा

पूर्व डच प्रधान मंत्री ड्रीस वैन ईगेट और उनकी पत्नी यूजिनी दोनों ने 93 वर्ष की आयु में इच्छामृत्यु स्वीकार कर ली है। ये दोनों लंबे समय से बीमार थे.

इसलिए उन्होंने डॉक्टरों की मदद और हाथों-हाथ इच्छामृत्यु स्वीकार कर दुनिया को अलविदा कह दिया है। नीदरलैंड की एक कानूनी संस्था के मुताबिक, दोनों के शवों को एक साथ दफनाया गया है।

ड्रीस एग्ट और उनकी पत्नी का 5 फरवरी को निधन हो गया

ड्रीस वेजट अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था। यूजीन ने कुछ साल पहले कहा था कि एग्ट अब भी मुझे ‘माई गर्ल’ कहकर बुलाते हैं।ड्रीस एग्ट 1977 से 1982 तक नीदरलैंड के प्रधान मंत्री थे। वह क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य थे।

नीदरलैंड वह देश है जिसने 2000 में इच्छामृत्यु को वैध बनाया था। इसलिए, यहां रहने वाले नीदरलैंड के नागरिक इच्छामृत्यु का अनुरोध कर सकते हैं। जो लोग बहुत बीमार हैं, लाइलाज हैं, या जिनकी हालत में सुधार होने की संभावना नहीं है, वे इच्छामृत्यु का अनुरोध कर सकते हैं।

68 साल पुरानी दो लोगों की दुनिया

एग्ट और यूजीन 68 साल तक एक साथ रहे। इसके बाद उन्होंने इच्छामृत्यु का फैसला किया. उसके लिए 5 फरवरी 2023 की तारीख भी तय की गई थी. 2019 में एक सेमिनार में भाषण देते वक्त एग्ट को ब्रेन हैमरेज हो गया था. उन्होंने अक्सर पार्टी विरोधी रुख अपनाया और उनकी आलोचना की गई। 2017 में उन्होंने ये पार्टी छोड़ दी. एग्ट इसराइल विरोधी और फ़िलिस्तीन का कट्टर समर्थक था। दोनों के तीन बच्चे हैं.

नीदरलैंड में इच्छामृत्यु कानून

नीदरलैंड में इच्छामृत्यु वैध है। इच्छामृत्यु चाहने वालों के पास डॉक्टर आते हैं। अंतिम प्रक्रिया संबंधित व्यक्ति के घर पर की जाती है। इस समय डॉक्टर मरीज को एक विशेष प्रकार का इंजेक्शन देते हैं। जिसके बाद कुछ ही मिनटों में मरीज की मौत हो जाती है.

मामले में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति की मृत्यु की इच्छा पर सवाल उठाता है और डॉक्टर की लापरवाही या ढिलाई पाई जाती है, तो डॉक्टर को 12 साल तक की सज़ा हो सकती है। 2022 में नीदरलैंड में 8 हजार 500 लोगों ने इच्छामृत्यु स्वीकार की. टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह खबर दी है.

Pakistan New PM: पाकिस्तान में PMLN-PPP के बीच गठबंधन, नवाज शरीफ नहीं बल्कि ‘ये’ होंगे नए प्रधानमंत्री?

0

पाकिस्तान के राष्ट्रीय चुनावों में किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला। इसलिए, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) सरकार बनाने के लिए एक साथ आए हैं।

अब संभावना है कि पाकिस्तान में जल्द ही गठबंधन सरकार बनेगी. दिलचस्प बात यह है कि इस गठबंधन में पीएमएल-एन पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है।

प्रधानमंत्री पद के लिए शाहबाज शरीफ का चयन

पाकिस्तान चुनाव में अच्छी पंचायत हुई क्योंकि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला. हालांकि, नवाज शरीफ की पीएमएल-एन ने सरकार बनाने के लिए बिलावल भुट्टो-जरदारी की पीपीपी के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

इसके बाद दोनों पार्टियां गठबंधन के लिए राजी हो गई हैं. ऐसी भविष्यवाणी की गई थी कि नवाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री होंगे। लेकिन पीएमएल-एन पार्टी ने आश्चर्यजनक रूप से नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना है.

इमरान खान के चुनाव लड़ने पर लगा बैन

दूसरी ओर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय जेल में हैं। इस चुनाव में उनके समर्थित कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

इसलिए नवाज शरीफ की पार्टी बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाई. इमरान खान के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया. साथ ही उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह भी फ्रीज कर दिया गया. इसलिए, पीटीआई पार्टी के उम्मीदवारों को यह चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ना पड़ा।

चुनाव का नतीजा क्या है?

पाकिस्तान के राष्ट्रीय चुनाव में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने कुल 53 सीटें और पीएमएल-एन पार्टी ने 75 सीटें जीती हैं. मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान ने 17 सीटों पर जीत हासिल की है. बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए 265 जन प्रतिनिधियों में से 133 का समर्थन हासिल करना जरूरी है. इस चुनाव में पीटीआई पार्टी समर्थित कुल 101 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है.

अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया स्थित घर में भारतीय परिवार बंदूक की गोली के घाव के साथ मृत पाया गया

0

अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक पूरा परिवार मृत पाए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। ये परिवार केरल का रहने वाला है. कैलिफोर्निया के एक घर में मंगलवार को चार लोगों के शव मिले.

आनंद हेनरी, उनकी पत्नी एलिस प्रियंका और दो जुड़वां लड़के मृत पाए गए हैं। चारों शव 13 फरवरी को सैन मेटो के एक घर में पाए गए थे। दोनों के शरीर पर गोली के निशान हैं.

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस के मुताबिक इनमें से दो शवों पर गोली के निशान हैं. अन्य दो मौतों का कारण अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है.

क्या ये मौतें एसी या हीटर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता के कारण हैं? ऐसा संदेह परिजनों ने जताया है. इसी के तहत पुलिस ने जांच की. लेकिन पुलिस को घर में गैस रिसाव या उपकरण क्षति का कोई सबूत नहीं मिला।

सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास भारत में परिवारों के संपर्क में हैं। दूतावास ने शोक संतप्त परिवार और भारतीय अमेरिकी समुदाय के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सब कुछ सामने आ जाएगा. ऐसा पुलिस ने भी कहा है. इस बारे में एनडीटीवी ने खबर दी है.