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सिवनी में गौमाताओं की हत्या पर प्रशासन का एक्शन: शादाब के घर को ध्वस्त किया गया

सिवनी, मध्य प्रदेश: सिवनी जिले में हाल ही में हुई गौमाताओं की हत्या ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए ग्वारी गांव में स्थित आरोपी शादाब के घर को ध्वस्त कर दिया है। प्रशासन ने शादाब पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्यवाही की है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

घटना का विवरण

घटना की शुरुआत तब हुई जब सिवनी जिले में कुछ स्थानों पर गौमाताओं की हत्या की खबरें सामने आईं। इसके बाद, स्थानीय निवासियों और गौ-रक्षकों ने इसका कड़ा विरोध किया और प्रशासन से त्वरित कार्यवाही की मांग की। प्रारंभिक जांच में, शादाब का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।

प्रशासन का एक्शन मोड

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के बाद, शादाब को मुख्य आरोपी मानते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की गई। उम्मीद है की बाक़ी आरोपियों के घर भी प्रशासन ध्वस्त कर सकता है.

प्रशासन ने शादाब पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्यवाही की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस प्रकार के मामलों में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। शादाब के घर को ध्वस्त करना भी प्रशासन की उसी सख्ती का हिस्सा था।

स्थानीय प्रतिक्रिया

गौमाताओं की हत्या और उसके बाद की कार्यवाही ने स्थानीय निवासियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। कई लोगों ने प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही का समर्थन किया है और इसे न्याय की दिशा में एक कदम बताया है। वहीं, कुछ लोग प्रशासन के इस कदम को कठोर मानते हैं और उनके अनुसार, इस प्रकार की कार्यवाही में संतुलन होना चाहिए।

सिवनी में गौमाताओं की हत्या के मामले में प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्यवाही कर यह संदेश दिया है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शादाब पर NSA के तहत कार्यवाही और उसके घर को ध्वस्त करना प्रशासन की उस सख्ती का प्रतीक है, जो भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को रोकने में सहायक हो सकती है।

इस घटना ने न केवल सिवनी बल्कि पूरे प्रदेश में एक महत्वपूर्ण संदेश भेजा है कि गौहत्या जैसे मामलों में सरकार और प्रशासन कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेंगे।

सिवनी कलेक्टर के रूप में आज संस्कृति जैन ने पदभार ग्रहण किया

सिवनी: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2015 बैच की अधिकारी सुश्री संस्कृति जैन ने सोमवार, 24 जून को सिवनी जिले के कलेक्टर के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया।

सुश्री जैन अपनी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती हैं। वे अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुकी हैं और अपनी सूझ-बूझ से प्रशासनिक कार्यों को कुशलतापूर्वक संपन्न करने में सक्षम रही हैं।

कलेक्ट्रेट में स्वागत और परिचय

सुश्री जैन ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचकर पदभार ग्रहण करने की औपचारिकता पूरी की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने कर्मचारियों के साथ बैठक कर कार्य की रणनीतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

प्राथमिकताएँ और कार्य योजना

नवीन कलेक्टर के रूप में सुश्री जैन ने सिवनी जिले के विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी है। उनकी प्राथमिकताएँ निम्नलिखित हैं:

शिक्षा क्षेत्र में सुधार

सुश्री जैन ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उनका उद्देश्य सिवनी जिले के स्कूलों और शैक्षिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी विद्यालयों की नियमित जांच करें और समस्याओं का समाधान शीघ्रता से करें।

स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी सुधार सुश्री जैन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य जिले के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है।

कृषि और किसान कल्याण

सुश्री जैन ने किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि के उन्नयन के लिए विशेष योजनाएँ बनाई हैं। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसानों की समस्याओं को समझें और उन्हें वैज्ञानिक पद्धतियों के बारे में जागरूक करें। उनका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना है।

जनसुनवाई और समस्या समाधान

सुश्री जैन ने जनसुनवाई कार्यक्रम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे स्वयं प्रत्येक सोमवार को जनसुनवाई करेंगी और नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेंगी। उनके अनुसार, जनसुनवाई के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को सीधे तौर पर समझने और उन्हें शीघ्रता से सुलझाने में मदद मिलेगी।

सुश्री जैन का संदेश

पदभार ग्रहण करने के बाद सुश्री जैन ने कहा कि वे जिले के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर कार्य करेंगी। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की और कहा कि वे सभी की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने का प्रयास करेंगी।

MP WEATHER UPDATE: भोपाल, इंदौर के साथ 24 जिलों में आया मानसून झूम के, पूरे MP में बारिश, गरज के साथ बौछारों का अलर्ट

MP WEATHER UPDATE: दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार को भोपाल, इंदौर और अन्य जिलों में प्रवेश कर गया। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक मानसून अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, शहडोल, उमरिया, सीधी और सिंगरौली जिलों में पहुंच चुका है।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले तीन-चार दिनों में कुछ और जिलों में आगे बढ़ेगा।

बैतूल, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांडुर्ना जैसे जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुर, बैतूल, हरदा, अशोक नगर, शिवपुरी, झाबुआ, ग्वालियर, दतिया, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, भोपाल, खंडवा, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में मध्यम बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

तापमान की बात करें तो भोपाल में दिन का तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 35.3 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के बिजावर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे अधिक था।

सिवनी में हुई गौहत्या के लिए नागपुर से हुई फंडिंग: 5 गिरफ्तार, 6 फरार अब तक 3 पर लगी रासुका और 2 आरोपियों पर रासुका की तैयारी

सिवनी: दिनांक 19.06.2024 को थाना धूमा में ग्राम गरघटिया चिन्टा नाला जामुन झिर के पास के जंगल में 28 मृत गायें पाई गईं। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर वैधानिक कार्यवाही की। पशु चिकित्सक ने मौके पर ही मृत गायों का पोस्टमॉर्टम किया और उनका अंतिम संस्कार किया गया।

थाना धूमा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अप.क. 214/2024 धारा 4, 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004, एवं 11(1)(1) पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 153ए भादवि. का इजाफा किया गया।

दिनांक 19.06.2024 को चौकी सुनवारा थाना धनौरा में ग्राम पिण्डरई बैनगंगा नदी के कुरकु घाट में 22 मृत गायें पाई गईं। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर वैधानिक कार्यवाही की। पशु चिकित्सक ने मौके पर ही पोस्टमॉर्टम किया और मृत गायों का अंतिम संस्कार किया गया।

थाना धनौरा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अप.क. 211/2024 धारा 4, 9 गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं 11(1)(1) पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 153ए भादवि. का इजाफा किया गया।

दिनांक 19.06.2024 को चौकी पलारी में बैनगंगा नदी देवघाट में कुछ गायें मृत अवस्था में पड़ी होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 07 मृत गायें पाईं। पशु चिकित्सक ने मौके पर ही पोस्टमॉर्टम किया और मृत गायों का अंतिम संस्कार किया गया।

थाना केवलारी में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अप.क. 271/2024 धारा 429 भादवि, 4, 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004, एवं 11(1)(1) पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 153ए भादवि. का इजाफा किया गया।

दिनांक 21.06.2024 को थाना धनौरा ग्राम कडवे थावरी के पास भसूड़ा नाले की झोड़ी में कुछ गायों के शव पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 08 मृत गायें पाईं। पशु चिकित्सक ने मौके पर ही पोस्टमॉर्टम किया।

अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध थाना धनौरा में दिनांक 21.06.2024 को अप.क. 216/2024 धारा 4, 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं 11(1)(1) पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 153ए भादवि. का इजाफा किया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

जिला सिवनी में गौवंश की घटनाओं का मास्टरमाइंड वाहिद खान पिता वाजिद खान उम्र 28 वर्ष निवासी ग्वारी चौकी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी का है।

उसने नागपुर निवासी आरोपी ईसरार अंसारी से घटना से पूर्व 30,000/- रुपये गौवंश खरीदने हेतु लिए थे। आरोपी वाहिद ने अपने साथियों शादाब खान, संतोष कवरेती, रामदास उइके के साथ मिलकर गौवंश उपलब्ध कराया और घटना को अंजाम दिया।

उपरोक्त समस्त प्रकरणों में आरोपी

  • 1. वाहिद खान पिता वाजिद खान उम्र 27 वर्ष निवासी ग्वारी चौकी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी,
  • 2. शादाब खान पिता इसराईल खान उम्र 27 वर्ष निवासी ग्वारी चौकी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी,
  • 3. संतोष कवरेती पिता बृजलाल कवरेती उम्र 40 वर्ष निवासी गरघटिया थाना धूमा,
  • 4. रामदास पिता महेन्द्र उर्फ कारू उइके उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम पुतर्रा थाना धूमा जिला सिवनी,
  • 5. इरफान मोहम्मद पिता फैज मोहम्मद उम्र 58 वर्ष निवासी खैरी चौकी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी को गिरफ्तार किया गया।

विवेचना के दौरान यह प्रकाश में आया कि अब्दुल मजीज निवासी कामठी तवेरा गाड़ी से दिनांक 17.06.2024 को इसरार अहमद के आदेश पर इन आरोपियों को लेकर आया था

  • 1. वसिउल्ला अब्दुल लतीफ अन्सारी निवासी मौमिनपुरा नागपुर,
  • 2. मोहम्मद वकील अहमद पिता वली अहमद निवासी मौमिनपुरा नागपुर,
  • 3. मोईनुद्दीन पिता मोहम्मद इसराईल निवासी मौमिनपुरा नागपुर,
  • 4. कलंदर अन्सारी पिता मन्जूर अन्सारी निवासी मौमिनपुरा नागपुर,
  • 5. मुईन अन्सारी निवासी मौमिनपुरा नागपुर

इनका पता लगा कर दबिश दी गई लेकिन आरोपी फरार हैं। प्रत्येक फरार आरोपी पर 10,000/- रुपये का इनाम पुलिस अधीक्षक द्वारा घोषित किया गया।

शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। 3 आरोपी वाहिद खान, शादाब खान, इरफान खान के खिलाफ एनएसए किया गया है। संतोष और रामदास के खिलाफ एनएसए की कार्यवाही पृथक से की जा रही है। आरोपियों से एक गाड़ी शिफ्ट डिजायर (एमपी 09 सीएफ 3827) जप्त की गई है।

सिवनी: जमीन खरीदी-बिक्री में जमकर हो रही राजस्व चोरी, जमीन की संरचना छिपाकर की जा रही है रजिस्ट्री

सिवनी: जिले में और खासकर बरघाट विकासखंड में रजिस्ट्री में हो रही राजस्व चोरी रोकने की कवायद विभागीय स्तर पर न होने के कारण भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं और यही कारण है कि जमीन का वर्गीकरण एवं उस पर स्थित संरचनाओं को छिपाकर भूमाफिया जमीन की खरीद-फरोख्त कर खुलेआम राजस्व की चोरी करते नजर आ रहे हैं।

अवैध रूप से जानबूझकर देय करों का भुगतान न करना या कम भुगतान करना और जो लोग इसमें शामिल होते हैं, उन पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है और उन्हें जेल भी हो सकती है, किन्तु बनाए गए नियमों में ढील के चलते यह बरघाट में आम हो गया है और यही कारण है लाखों रुपये मूल्य में बिकने वाली जमीन की रजिस्ट्री में यहाँ जमकर राजस्व चोरी का खेल चल रहा है।

22 लाख रुपये प्रति एकड़ के भाव में हुई जमीन की बिक्री

उल्लेखनीय है कि वैसे तो जमीन की खरीदी-बिक्री में धारनाकला का नाम कुछ भूमाफियाओं के चक्कर में सुर्खियाँ बटोर रहा है। हद तो तब हो गई जब एक भूमाफिया ने खेतिहर जमीन को प्लॉट का रूप देने के लिए 22 लाख रुपये प्रति एकड़ के दर में जमीन की खरीदी की।

जबकि उपरोक्त जमीन को खरीदने के सपने संजोए बैठे किसान की उम्मीद पर तब पानी फिर गया जब भूमाफिया ने बनते सौदे में अपनी टांग अड़ाते हुए जमीन की खरीदी की और एक बार फिर धारनाकला में खेतिहर जमीन 10 लाख से ऊपर उठकर दोगुनी से ज्यादा कीमत को पार कर गई।

3500 से 4000 रुपये प्रति वर्ग फीट में बिक रहे प्लॉट

यहाँ यह बताना भी लाजिमी है कि धारनाकला जमीन की खरीद-फरोख्त में भूमाफियाओं के चलते जिले को भी पीछे छोड़ते नजर आ रहा है। यही कारण है कि सिवनी-बालाघाट मेन रोड से लगी जमीन के भाव भूमाफियाओं की देन के चलते आसमान छू रहे हैं और 3500 से 4000 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर में जमीन बिक्री के बाद भी राजस्व का रिकॉर्ड देखा जाए तो राजस्व चोरी अपने आप सामने आ जाएगी। जबकि अभी कुछ माह पूर्व ही भूमाफिया द्वारा 15×60 = 900 वर्ग फीट का मेन रोड से लगा प्लॉट जमीन 32 लाख रुपये में विक्रय किया गया है, किन्तु रजिस्टर्ड बयनामा तथा बिक्री कुछ और ही बयां कर रही है।

भूमाफियाओं के कारण सामान्य व्यक्ति का जमीन खरीदना हुआ मुश्किल

यहाँ यह बताना भी लाजिमी है कि भूमाफियाओं की जमीन खरीद-फरोख्त के चलते आम आदमी का जमीन खरीदना धारनाकला में मुश्किल हो गया है। चूंकि जरूरतमंद व्यक्ति चाहकर भी भूमाफियाओं के बीच में आने से प्लॉट तो दूर खेतिहर जमीन भी नहीं खरीद पा रहा है, जिसकी ठोस जांच तथा कार्यवाई होना नितांत आवश्यक है। चूंकि जब तक विभागीय रूप से ठोस कार्रवाई सामने नहीं आएगी, तब आम आदमी के लिए भूमाफिया नासूर बनते चले जाएँगे।

धारनाकला में चर्चित भूमाफिया इतना सक्रिय है कि लोग असमंजस में हैं और यह कहते नहीं थक रहे हैं कि इस भूमाफिया को ऐसा कौन सा कुबेर का खजाना हाथ लगा है जो धारनाकला से हटकर भी अन्य गाँवों में जमीन तथा दर्जनों प्लॉट का मालिक बन बैठा है। जिसकी निष्पक्ष जांच हो जाए तो जमीन खरीद-बिक्री और राजस्व चोरी तथा आयकर चोरी की कहानी सामने होगी।

भूमाफियाओं का प्रभाव और उनकी रणनीतियाँ

भूमाफियाओं ने अपनी पकड़ इतनी मजबूत बना ली है कि वे न केवल जमीन की रजिस्ट्री में हेराफेरी करते हैं बल्कि विभिन्न सरकारी अधिकारियों को भी अपने प्रभाव में रखते हैं। इनके प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जमीन की वास्तविक कीमत को छुपाकर कम कीमत पर रजिस्ट्री की जाती है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है। भूमाफिया अपनी रणनीतियों में इतनी कुशलता से काम करते हैं कि उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इसके तहत, वे फर्जी दस्तावेज, बेनामी संपत्ति और गलत वर्गीकरण का सहारा लेते हैं।

सरकारी नियमों और कानूनों का उल्लंघन

भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे इस अवैध कार्य में सबसे बड़ी भूमिका सरकारी नियमों और कानूनों के उल्लंघन की है। वे जानबूझकर जमीन की सही जानकारी छुपाते हैं और अधिकारियों के साथ मिलकर रजिस्ट्री प्रक्रिया में हेराफेरी करते हैं। यही कारण है कि ज़मीन की खरीदी-बिक्री में वास्तविक मूल्य और रजिस्ट्री मूल्य में भारी अंतर होता है। सरकारी नियमों का पालन न करने और कानूनों का उल्लंघन करने के बावजूद इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती, जिससे भूमाफियाओं का हौसला बढ़ता है।

भूमाफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उपाय

राजस्व चोरी और भूमाफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक है कि सरकारी तंत्र को मजबूत बनाया जाए। इसके लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  1. सख्त कानूनों का निर्माण और उनका पालन: भूमाफियाओं पर सख्त कानूनों का निर्माण और उनका कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे उनके हौसले पस्त होंगे और वे अवैध गतिविधियों से दूर रहेंगे।
  2. समुचित जाँच और निगरानी: जमीन की खरीदी-बिक्री प्रक्रिया की समुचित जाँच और निगरानी की जानी चाहिए। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया जा सकता है जो भूमि रजिस्ट्री और बिक्री प्रक्रिया पर नजर रखें।
  3. प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही: प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यदि कोई अधिकारी भूमाफियाओं के साथ संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
  4. जनता की जागरूकता: जनता को भूमाफियाओं के खिलाफ जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक संगोष्ठियों और अभियानों का आयोजन किया जा सकता है, जिससे लोग सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई का असर

यदि उपरोक्त उपायों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए तो भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई का असर साफ दिखाई देगा। इससे न केवल राजस्व चोरी पर अंकुश लगेगा बल्कि आम जनता का जमीन खरीदना भी आसान होगा। इसके साथ ही, जमीन की खरीदी-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी। ऐसे में जरूरी है कि विभागीय स्तर पर ठोस कार्रवाई की जाए और भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

सिवनी: 24 जून को प्रातः 10 बजे श्रीराम मंदिर शुक्रवारी से पैदल मार्च कलेक्टर ऑफिस तक, गौहत्या के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन

सिवनी: सिवनी में गौहत्या के विरोध में एक महत्वपूर्ण पैदल मार्च का आयोजन किया जा रहा है। यह मार्च श्रीराम मंदिर शुक्रवारी से प्रारंभ होकर कलेक्टर ऑफिस तक जाएगा। इस मार्च का उद्देश्य राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपना है, जिसमें गौहत्या के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस पैदल मार्च में सर्व हिन्दू, जैन, बौद्ध और सिख समाज के लोग उपस्थित रहेंगे.

मार्च की शुरुआत और उद्देश्य

सिवनी में लगभग 100 गौ हत्या के विरोध में और देश में गौ हत्या के बढ़ते मामलों के प्रति लोगों की नाराजगी और असंतोष को दर्शाने के लिए यह पैदल मार्च आयोजित किया गया है। इस मार्च का उद्देश्य न केवल गौहत्या के खिलाफ आवाज उठाना है, बल्कि सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करना भी है। इस मार्च में शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के सदस्य, स्थानीय नागरिक और गौ प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

मार्ग और कार्यक्रम की रूपरेखा

मार्ग विवरण:
यह पैदल मार्च सुबह 10 बजे श्रीराम मंदिर शुक्रवारी से प्रारंभ होगा। यहां से सभी सहभागी संगठनों और नागरिकों का एकत्रित होना प्रारंभ होगा। अंत में यह कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर संपन्न होगा।

कार्यक्रम की रूपरेखा:

  1. शुभारंभ: श्रीराम मंदिर शुक्रवारी में प्रातः 9:30 बजे सभी सहभागी एकत्रित होंगे।
  2. मार्च प्रारंभ: 10:00 बजे मार्च का औपचारिक शुभारंभ होगा।
  3. कलेक्टर ऑफिस पहुंचना: लगभग 10:30 – 10:45 बजे मार्च कलेक्टर ऑफिस पहुंचेगा।
  4. ज्ञापन सौंपना: 11:00 बजे राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

सर्व हिन्दू, जैन, बौद्ध और सिख समाज की भूमिका

इस मार्च के आयोजन में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सर्व हिन्दू, जैन, बौद्ध और सिख समाज ने इस आयोजन में सक्रिय योगदान देगा।

नागरिकों की प्रतिक्रिया

सिवनी के नागरिकों ने इस मार्च के प्रति उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। बड़ी संख्या में लोग इस मार्च में भाग लेने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि गौहत्या जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कई नागरिकों ने यह भी कहा कि इस प्रकार के मार्च और विरोध प्रदर्शन से प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर अधिक गंभीरता से जाएगा।

गौहत्या की समस्या और समाधान

गौहत्या एक गंभीर सामाजिक और धार्मिक समस्या है, जो समाज में तनाव और असंतोष का कारण बनती है। इस समस्या का समाधान सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है:

  1. कठोर कानून और सख्त कार्रवाई: गौहत्या के खिलाफ कठोर कानून बनाए जाएं और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
  2. जन जागरूकता: लोगों को गौहत्या के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए और उन्हें इसके खिलाफ संगठित किया जाए।
  3. गौशालाओं की स्थापना: अधिक से अधिक गौशालाओं की स्थापना कर गौमाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  4. सामाजिक सहयोग: समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सिवनी गौहत्या अपडेट: 24 जून को 12 बजे तक बंद रहेंगे व्यापारिक प्रतिष्ठान, चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का समर्थन

सिवनी जिले में हाल ही में हुई गौकशी की घटनाओं ने पूरे जिले में रोष का माहौल उत्पन्न कर दिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने 24 जून को सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इस विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों का बंद और रैली का आयोजन

चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सोमवार, 24 जून को प्रात: 10 बजे गांधी चौक शुक्रवारी में एकत्रित होकर एक विशाल रैली का आयोजन किया है। इस रैली का उद्देश्य जिले में शांति और सद्भावना का माहौल बनाए रखना है। रैली के माध्यम से जिले के कलेक्टरेट कार्यालय तक पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

सामाजिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन

सिवनी जिले के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। वे सभी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर इस रैली में भाग लेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। इस संयुक्त प्रयास का मुख्य उद्देश्य गौकशी की घटनाओं में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी और उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

ज्ञापन सौंपने का उद्देश्य

इस ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की जाएगी कि वे सिवनी जिले में हुई गौकशी की घटनाओं की कड़ी निंदा करें और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं। चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कहा है कि यदि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया और उन पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जिले में शांति और सौहार्द्रता बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।

व्यापारी बंधुओं से निवेदन

चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के जिला अध्यक्ष संजय कुमार मालू और सचिव दौलत सेवलानी ने सभी व्यापारी बंधुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे 24 जून को अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को ज्ञापन सौंपे जाने तक बंद रखें। उन्होंने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में सभी व्यापारी बंधुओं की अधिकतम संख्या में भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

व्यापारियों का समर्थन

जिले के सभी व्यापारिक संगठन, व्यापारी बंधु और चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यगण इस रैली में सम्मिलित होंगे। उनका उद्देश्य है कि जिले में शांति और सौहार्द्रता का वातावरण बनाए रखा जाए और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

शांति और सद्भावना का संदेश

इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज यह संदेश देना चाहता है कि जिले में शांति और सद्भावना का माहौल बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गौकशी की घटनाएं जिले की शांति और सौहार्द्रता को भंग कर रही हैं और इन पर सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है।

समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग

इस रैली और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जिले में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की अपील

चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सभी जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जिले में शांति और सद्भावना बनाए रखने में सहयोग करें। उनका कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन जिले के सभी वर्गों के सहयोग से ही सफल हो सकेगा।

दोषियों की गिरफ्तारी की मांग

चेंबर ने राज्यपाल से अपील की है कि वे गौकशी की घटनाओं में शामिल सभी दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करें और उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करें। उनका कहना है कि यदि दोषियों को सजा नहीं मिली तो जिले में शांति और सौहार्द्रता कायम रखना मुश्किल होगा।

सिवनी जिले के बरघाट में एक दर्दनाक सड़क हादसा: 24 वर्षीय अर्जुन की ट्रक की चपेट में आने से मौत

सिवनी: आज 23 जून को प्रातः लगभग 8 बजे, सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र में बलाघाट रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसमें 24 वर्षीय अर्जुन बंजारा की जान चली गई। यह हादसा एक ट्रक और मोटरसाइकिल की टक्कर के कारण हुआ।

ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर MH 45 7619 है और हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। मृतक अर्जुन बंजारा जिला अगर के निवासी थे और इस दुर्घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बरघाट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

सिवनी: बरघाट क्षेत्र में बालाघाट रोड में हुआ हादसा

यह दर्दनाक हादसा 23 जून को सुबह 8 बजे के करीब बरघाट क्षेत्र में बलाघाट रोड पर हुआ। यह क्षेत्र व्यस्त सड़कों में से एक है और यहाँ पर ट्रैफिक की भारी भीड़ रहती है।

मृतक की पहचान

अर्जुन बंजारा, पुत्र मानसिंह बंजारा, जिला आगर के निवासी थे। उनकी उम्र 24 वर्ष थी और वे अपने परिवार के लिए प्रमुख सहारा थे। उनके निधन से उनके परिवार पर गहरा आघात हुआ है। अर्जुन एक मेहनती और जिम्मेदार युवक थे, जो अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

पुलिस की कार्यवाही

धारा 304ए के तहत मामला दर्ज

बरघाट पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह धारा उन मामलों में लगाई जाती है जहां व्यक्ति की मृत्यु किसी अन्य व्यक्ति की लापरवाही के कारण होती है।

आरोपी चालक की खोज

हादसे के बाद से ट्रक चालक फरार है। पुलिस द्वारा आरोपी की खोजबीन जारी है और उसके गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को इस बारे में कोई जानकारी हो तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

MP MONSOON UPDATE: भोपाल, इंदौर और कई जगहों पर भारी बारिश के साथ मध्यप्रदेश में हुआ मानसून का आगमन

MP MONSOON UPDATE: भारत के मध्य प्रदेश में मानसून दो दिन के अंदर दस्तक देने वाला है। मध्य प्रदेश में तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं- पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र और ट्रफ लाइन। इसके चलते कुछ जगहों पर भारी बारिश तो कुछ जगहों पर आंधी और तेज हवाएं चल रही हैं।

भोपाल में रविवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। कुछ जिलों में बादल छाए हुए हैं। इससे पहले शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सीहोर समेत कई शहरों में तेज बारिश हुई थी।

शनिवार को भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, रायसेन, सतना, हरदा, सिवनी, सीहोर, इटारसी, महू और राजगढ़ जिले के सारंगपुर में बारिश हुई। सतना में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। हरदा जिले के हीरापुर गांव में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। भोपाल में भी रात को बिजली गिरी।

मौसम विभाग क्या कहता है?

आईएमडी भोपाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र और ट्रफ लाइन के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां हो रही हैं। 25-26 जून को बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम सक्रिय हो रहा है। मानसून की बात करें तो अगले 2 से 3 दिनों में भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, गुना, सतना, सागर, छतरपुर और रीवा में मानसून के पहुंचने की संभावना है। मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है।

कई शहरों में गर्मी बरकरार

कई शहरों में उमस और गर्मी का असर देखने को मिला। निवाड़ी का पृथ्वीपुर सबसे गर्म रहा, यहां दिन का तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शिवपुरी में तापमान 41 डिग्री रहा। सिवनी में सबसे कम तापमान 28 डिग्री रहा। खंडवा और छिंदवाड़ा में 29.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.6 डिग्री, जबलपुर में 35.8 डिग्री और उज्जैन में 36.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

अगले दो दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान:

24 जून: इंदौर, उज्जैन, आगर मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा, देवास, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, श्योपुर कलां, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, दतिया, छतरपुर, पन्ना, रीवा, मऊगंज और सीधी जिलों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भोपाल, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया, मेहर, शहडोल एवं अनूपपुर जिलों में मौसम साफ रहेगा।

25 जून: इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और कई अन्य जिलों के लिए बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

जबलपुर, टीकमगढ़, दमोह, कटनी एवं नरसिंहपुर जिलों में मौसम साफ रहेगा।

सिवनी में हुई गौहत्या के विरोध में 24 जून को छिंदवाडा बंद का आव्हान

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हाल ही में हुई गौहत्या की घटना ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। इस घटना के विरोध में 24 जून को छिंदवाडा बंद का आव्हान किया गया है।

गौहत्या की घटना का विवरण

सिवनी: मध्यप्रदेश के  सिवनी जिले में पिछले एक सप्ताह में लगभग 100 गायों के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इन गायों में से ज्यादातर की गला रेतकर हत्या की गई है, जिससे स्थानीय हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। इन संगठनों ने इस जघन्य अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।

घटना का स्थान और समय

सिवनी जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में यह दुखद घटना घटी, जहां कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने लगभग 80 से 100 गाय की हत्या कर दी। अभी तक इस मामले में 4 से 5 आरोपियों को पकड़ा गया है और 3 आरोपियों पर रासुका (NSA) लगाईं गयी है. जिनमे शादाब खान, वाहिद और इरफान शामिल है.

प्रारंभिक जांच और पुलिस कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि गौहत्या का यह कृत्य सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

विरोध प्रदर्शन की योजनाएं

24 जून को छिंदवाडा बंद

गौहत्या की इस घटना के विरोध में सिवनी और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश व्याप्त है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर 24 जून को छिंदवाडा बंद का आव्हान किया है। इस बंद के तहत सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रखने की अपील की गयी है।

प्रदर्शन और रैलियां

इस बंद के दौरान विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। इन रैलियों में विभिन्न संगठनों के नेता और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

सामाजिक प्रभाव

गौहत्या की इस घटना ने समाज में असंतोष और भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपनी गायों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसके साथ ही, विभिन्न धार्मिक संगठनों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है।

राजनीतिक प्रभाव

इस घटना का राजनीतिक प्रभाव भी देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने घटना की निंदा करते हुए कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सरकार द्वारा कड़े कानून और नीतियों को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इससे ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी और दोषियों को सख्त सजा मिल सकेगी।