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MP Board Result 2026: 10वीं-12वीं के नतीजे 15 अप्रैल से पहले! CM मोहन यादव करेंगे घोषणा, 16 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

MP Board Result 2026। मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। Madhya Pradesh Board of Secondary Education (MPBSE) जल्द ही कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम जारी करने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बोर्ड 15 अप्रैल से पहले परिणाम घोषित कर सकता है और इसकी आधिकारिक तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक राज्य के मुख्यमंत्री Mohan Yadav स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बोर्ड के नतीजे जारी कर सकते हैं। इस साल लगभग 16 लाख से अधिक छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में भाग लिया था, इसलिए रिजल्ट को लेकर पूरे प्रदेश में उत्सुकता बनी हुई है।

MP Board Result 2026: 16 लाख छात्रों ने दी परीक्षा

इस वर्ष मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

  • कक्षा 10वीं: लगभग 9.07 लाख छात्र
  • कक्षा 12वीं: करीब 7 लाख छात्र

बोर्ड के अनुसार कॉपी मूल्यांकन (Evaluation Process) पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अभी टॉपर वेरिफिकेशन और डेटा अपलोडिंग की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।

पिछले साल ऐसा रहा था रिजल्ट

पिछले वर्ष बोर्ड परीक्षा में छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा था।

  • कक्षा 10वीं पास प्रतिशत: 76.22%
  • कक्षा 12वीं पास प्रतिशत: 74.28%

इस साल भी बोर्ड को उम्मीद है कि रिजल्ट बेहतर रहेगा। कई स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का दावा है कि इस बार छात्रों का प्रदर्शन और अच्छा हो सकता है।

MP Board Result 2026: 7 मई से होगी सेकंड परीक्षा

मध्य प्रदेश बोर्ड ने छात्रों को एक और बड़ा मौका देते हुए सेकंड परीक्षा (Second Exam) की तारीख भी घोषित कर दी है।

  • कक्षा 12वीं परीक्षा: 7 मई से 25 मई
  • कक्षा 10वीं परीक्षा: 7 मई से 19 मई

छात्र मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित होने के सात दिन के भीतर आवेदन फॉर्म और फीस जमा करके इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

अब पास छात्र भी दे सकेंगे सुधार परीक्षा

इस साल बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले सेकंड परीक्षा में केवल वही छात्र शामिल हो सकते थे जो:

  • कक्षा 10वीं में अधिकतम दो विषयों में फेल हुए हों
  • कक्षा 12वीं में एक विषय में फेल हुए हों

लेकिन अब नए नियम के अनुसार:

  • फेल छात्र अनिवार्य रूप से परीक्षा देंगे
  • पास छात्र भी अपने अंक सुधारने के लिए परीक्षा दे सकते हैं

इससे छात्रों को मार्क्स सुधारने का एक और मौका मिलेगा।

मार्कशीट में बेहतर परिणाम को मिलेगी प्राथमिकता

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सेकंड परीक्षा देने वाले छात्रों की मार्कशीट में वही अंक दर्ज किए जाएंगे जो बेहतर होंगे

यानी अगर किसी छात्र के मुख्य परीक्षा के अंक ज्यादा हैं तो वही मान्य होंगे, और अगर सेकंड परीक्षा में ज्यादा अंक आते हैं तो वही परिणाम अंतिम माना जाएगा।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

रिजल्ट आने से पहले बोर्ड ने छात्रों को कुछ जरूरी सलाह भी दी है:

  • रिजल्ट की आधिकारिक घोषणा के बाद ही वेबसाइट पर परिणाम देखें
  • अफवाहों और फर्जी लिंक से बचें
  • सुधार परीक्षा के लिए समय सीमा के भीतर आवेदन जरूर करें

विशेषज्ञों का कहना है कि सेकंड परीक्षा की सुविधा से छात्रों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

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MP WEATHER UPDATE: 45°C के पार पहुंचा पारा, 18 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, तेज आंधी से मौसम में बड़ा बदलाव

भोपाल, 8 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बेहद बदलता हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर तीन चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हैं, जिसके कारण कई जिलों में मौसम अचानक खराब हो गया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मंगलवार से ही मौसम का रुख बदल गया है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।

18 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

मौसम विभाग भोपाल ने बुधवार के लिए ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओले गिरने की संभावना है।

इसके साथ ही अगले 24 घंटों के लिए 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ग्वालियर
  • भिंड
  • मुरैना
  • पन्ना
  • सतना
  • रीवा
  • मऊगंज
  • सीधी
  • सिंगरौली
  • मैहर
  • कटनी
  • उमरिया
  • शहडोल
  • अनूपपुर

मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में अचानक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

कई जिलों में बदला मौसम, कहीं तेज बारिश तो कहीं धूलभरी आंधी

मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। भिंड, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, सतना, चित्रकूट और रीवा जैसे जिलों में मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया।

कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलीं, जबकि कई जगहों पर भारी बारिश हुई।

  • शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश दर्ज की गई।
  • वहीं रतलाम में धूलभरी आंधी ने लोगों को परेशान कर दिया।

मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव वायुमंडल में बन रही अस्थिरता और सक्रिय मौसम प्रणालियों की वजह से हो रहा है।

11 अप्रैल से सक्रिय होगा नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 11 अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने वाला है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।

इस सिस्टम के सक्रिय होने से:

  • बादल बढ़ सकते हैं
  • कई जिलों में बारिश की संभावना बनेगी
  • तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वजह से अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी मौसम अस्थिर बना रह सकता है।

60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं तेज हवाएं

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की है।

  • कुछ जिलों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
  • अन्य क्षेत्रों में हवाएं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

विशेष रूप से दोपहर बाद मौसम के अचानक बदलने की संभावना अधिक बताई जा रही है।

गर्मी भी दिखा रही तेवर, कई शहरों में पारा 45°C के करीब

एक तरफ जहां बारिश और आंधी का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में अप्रैल के महीने में प्रदेश के कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया है।

पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार:

  • भोपाल और इंदौर में तापमान 43°C तक पहुंच चुका है
  • जबलपुर में 44°C तक रिकॉर्ड हुआ
  • ग्वालियर में पारा 45°C के पार चला गया

इस साल भी तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

इंदौर और भोपाल में पहले भी टूट चुके हैं तापमान के रिकॉर्ड

मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में अप्रैल के दौरान तापमान 44°C से ऊपर जा चुका है। यहां 25 अप्रैल 1958 को 44.6°C का उच्चतम तापमान दर्ज किया गया था।

वहीं भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को 44.4°C का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था। अप्रैल का महीना अक्सर गर्मी के साथ-साथ अचानक बारिश और आंधी के लिए भी जाना जाता है।

अप्रैल में क्यों बदलता रहता है मौसम?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल का महीना गर्मी और प्री-मानसून गतिविधियों का संक्रमण काल होता है। इस दौरान:

  • गर्म हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ता है
  • वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ती है
  • बादल बनने और अचानक बारिश होने की संभावना रहती है

इसी कारण अप्रैल में कई बार गर्मी के बीच अचानक बारिश और आंधी देखने को मिलती है।

लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि:

  • तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें
  • किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है
  • दोपहर के समय तेज गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं

आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम गर्मी, आंधी और बारिश के मिश्रण के रूप में देखने को मिल सकता है।

सिवनी के गांव-गांव महिलाओं का ‘एक्शन मोड’! जुर्माने से जमा हुए लाखों, शराब माफिया में मचा हड़कंप

सिवनी/बरघाट/धारनाकला। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड में इन दिनों एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। यहां ग्राम पंचायत स्तर पर गठित महिला नशा मुक्ति समितियों ने ऐसा प्रभाव दिखाया है कि गांव-गांव में अवैध शराब कारोबार लगभग ठप पड़ गया है।

गांवों में महिलाओं की एकजुटता और साहस ने न सिर्फ शराब माफियाओं की कमर तोड़ी है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी रख दी है।

महिला संगठनों का खौफ, शराब बिक्री पर ब्रेक

बरघाट क्षेत्र के अधिकांश गांवों में अब कच्ची और अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण विराम लग चुका है। इसका मुख्य कारण है महिलाओं का संगठित आंदोलन, जिसमें सैकड़ों महिलाएं एक साथ मिलकर शराब के खिलाफ अभियान चला रही हैं।

महिलाओं के इस सशक्त समूह ने गांवों में छापेमारी कर अवैध शराब को पकड़ना शुरू किया और शराब बेचने व पीने वालों पर भारी जुर्माना भी लगाया।

जुर्माने से मजबूत हो रहे महिला संगठन

इस अभियान का सबसे खास पहलू यह है कि शराबियों और अवैध कारोबारियों से वसूली गई जुर्माने की राशि अब महिला संगठनों को आर्थिक रूप से भी मजबूत बना रही है।

सूत्रों के अनुसार, अब तक हजारों रुपये की वसूली की जा चुकी है, जिससे महिला समूहों के पास एक मजबूत फंड तैयार हो गया है। इस राशि का उपयोग सामाजिक कार्यों और जागरूकता अभियानों में किया जा रहा है।

जो काम पुलिस नहीं कर पाई, महिलाओं ने कर दिखाया

यह बात उल्लेखनीय है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन उस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा था।

हालांकि, जब महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाला, तो हालात पूरी तरह बदल गए।
अब गांवों में शराब बेचने और पीने वालों में डर का माहौल है, और लोग खुद ही इससे दूरी बनाने लगे हैं।

पुलिस प्रशासन का भी मिल रहा सहयोग

महिला समितियों के इस अभियान को पुलिस प्रशासन का भी समर्थन मिल रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के ठिकानों पर दबिश दे रही है।

महिलाओं द्वारा पकड़े गए मामलों में जुर्माना वसूला जाता है और उसे संगठन के पास जमा किया जाता है, जिससे अभियान को और मजबूती मिल रही है।

नशा मुक्त समाज की ओर बढ़ता कदम

बरघाट और आसपास के गांवों में यह पहल अब एक आंदोलन का रूप ले चुकी है।
महिलाओं की जागरूकता और एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि अगर समाज ठान ले, तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

यह अभियान न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की भी मिसाल बनता जा रहा है।

सिवनी में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे पर बड़ा एक्शन: IPL मैच पर दांव लगाते युवक गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

सिवनी, मध्यप्रदेश | 6 अप्रैल 2026: सिवनी जिले में अवैध ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के सख्त निर्देशों के बाद की गई, जिसमें कोतवाली पुलिस को अहम सफलता हाथ लगी है।

घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी

रविवार, 5 अप्रैल 2026 को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे, बिंझावाड़ा रोड पर एक युवक मोबाइल के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। बताया गया कि वह IPL मैच देखते हुए ऑनलाइन पैसों का लेनदेन कर रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी ने मोबाइल छिपाने की कोशिश की, लेकिन सतर्क टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

🏏 CSK vs RCB मैच पर लगाया जा रहा था सट्टा

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभय तिडके (36 वर्ष) निवासी सिवनी के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह Chennai Super Kings (CSK) और Royal Challengers Bangalore (RCB) के बीच चल रहे मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहा था।

आरोपी ने बताया कि उसे सट्टा खेलने के लिए ऑनलाइन ID सागर सुराना नामक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी, जो इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है।

💰 नकदी और मोबाइल जब्त, मास्टरमाइंड फरार

पुलिस ने आरोपी के पास से:

  • ₹5000 नगद
  • एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹15,000)

जब्त किया है।

इस मामले का मुख्य आरोपी सागर सुराना (37 वर्ष), निवासी गायत्री मंदिर के पास, फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार, वह एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही जुआ एवं सट्टा एक्ट के तहत 4 मामले दर्ज हैं।

👮‍♂️ पुलिस टीम की मुस्तैदी से मिली सफलता

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, सउनि जयवंत ठाकुर, प्रधान आरक्षक मनोज पाल सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।

पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

⚖️ कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ऑनलाइन सट्टा और जुआ के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पंचायत में ताला, सचिव शहर में! सिवनी से अपडाउन कर रहे अधिकारी, ग्रामीण परेशान — खुला लापरवाही का खेल

सिवनी (धारना कलां): प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दावे भले ही बड़े-बड़े किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। सिवनी जिले की ग्राम पंचायत धारना कलां में इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही का आलम ऐसा है कि पंचायत भवन में अक्सर ताला लटका रहता है

सचिव सिवनी से करते हैं अपडाउन, पंचायत रहती है बंद

जानकारी के अनुसार, पंचायत में पदस्थ सचिव महोदय सिवनी शहर से अपडाउन करते हैं, जिसके कारण पंचायत कार्यालय नियमित रूप से नहीं खुल पाता।

ग्रामीणों का कहना है कि:

  • कई बार जरूरी कार्यों के लिए पंचायत पहुंचने पर कार्यालय बंद मिलता है
  • प्रमाण पत्र, योजनाओं के आवेदन और अन्य कामों के लिए लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं
  • समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है

5–6 कर्मचारी होने के बावजूद नहीं मिल रही सुविधा

चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम पंचायत में 5 से 6 कर्मचारी पदस्थ हैं और नियमित वेतन भी ले रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार:

  • कर्मचारियों की मौजूदगी कागजों तक सीमित है
  • समस्याओं के समाधान में कोई गंभीरता नहीं दिखाई देती
  • पंचायत व्यवस्था पूरी तरह लचर नजर आ रही है

बिल भुगतान में तेजी, समस्याओं में देरी

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जहां एक ओर विकास कार्यों के बिलों के भुगतान में तेजी दिखाई जाती है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जाता है।

बताया जा रहा है कि:

  • सचिव के हस्ताक्षर से बिलों का भुगतान समय पर हो जाता है
  • लेकिन ग्रामीणों के जरूरी कामों में देरी या अनदेखी होती है

यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

ग्रामीणों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग

लगातार हो रही इस लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।

👉 ग्रामीणों की मुख्य मांगें:

  • पंचायत कार्यालय नियमित रूप से खुले
  • सचिव और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
  • आम जनता के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए

क्या पंचायत सिर्फ कागजों तक सीमित?

धारना कलां पंचायत की यह स्थिति बताती है कि योजनाओं और दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रशासनिक ढांचा कमजोर पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है और क्या ग्रामीणों को उनकी समस्याओं से राहत मिल पाती है या नहीं।

सिवनी: स्वच्छता अभियान के नाम पर खेल! सड़क पर गंदगी, नाली के 4 लाख रु. गायब – पंचायत की लापरवाही उजागर

सिवनी (धारना कलां): देशभर में स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सरकार स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। सिवनी जिले के धारना कलां ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आ रही है, जहां लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गंदगी का अंबार लगा हुआ है

सड़क बनी कीचड़ का तालाब, ग्रामीण परेशान

गांव की बस्ती की ओर जाने वाली मुख्य सड़क आज कीचड़ और गंदे पानी से लबालब भरी हुई है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का जमा पानी मिलकर रास्ते को दलदल बना देता है।

ग्रामीणों का कहना है कि:

  • रोजाना इसी रास्ते से गुजरना मजबूरी है
  • बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है
  • कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं

स्थिति यह है कि स्वच्छता अभियान के दावों के बीच गांव में गंदगी का साम्राज्य कायम है

मंदिर के पास गंदगी, पानी की टंकी भी बेकार

चौंकाने वाली बात यह है कि जहां यह गंदा पानी भरा रहता है, वहीं पास में आस्था का मंदिर भी स्थित है। इसके अलावा लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी भी इसी क्षेत्र में मौजूद है, लेकिन आसपास की सफाई पूरी तरह नजरअंदाज की जा रही है।

यह दृश्य साफ तौर पर दर्शाता है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

4 लाख की नाली स्वीकृत, लेकिन निर्माण ठप

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल नाली निर्माण को लेकर उठ रहा है। जानकारी के अनुसार:

  • करीब 4 लाख रुपये की राशि नाली निर्माण के लिए स्वीकृत हो चुकी है
  • स्वीकृति मिले 3 महीने से अधिक समय बीत चुका है
  • इसके बावजूद आज तक नाली निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और विकास कार्य केवल कागजों में ही पूरे दिखाए जा रहे हैं।

अधिकारी का बयान — “पंचायत जिम्मेदार”

जब इस मामले में संबंधित उपयंत्री से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि:

  • नाली निर्माण का वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है
  • कार्य कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंचायत काम नहीं करवा रही है, तो इसमें विभाग की कोई सीधी भूमिका नहीं है।

स्वच्छता अभियान सिर्फ दिखावा?

धारना कलां की यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है:

  • क्या स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है?
  • क्या विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी है?
  • क्या ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है?

👉 अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और स्वच्छता अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।

सिवनी: 1000 बच्चों पर सिर्फ 8 कमरे और पेयजल संकट: प्रवेश उत्सव में फूट पड़ा शिक्षकों का दर्द – बरघाट के इस स्कूल की हकीकत कर देगी हैरान

सिवनी (बरघाट, धारनाकला): मध्य प्रदेश में स्कूल चले हम अभियान के तहत 1 अप्रैल 2026 से प्रवेश उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है।

01 से 04 अप्रैल तक चले इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, स्कूल किट, साइकिल वितरण और “भविष्य से भेंट” जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।

लेकिन इसी उत्सव के बीच शिक्षकों का दर्द भी खुलकर सामने आ गया, जिसने सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी।

🎓 1000 छात्र-छात्राएं, सिर्फ 8 कमरे — कैसे बनेगा भविष्य?

धारनाकला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में करीब 1000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके लिए केवल 8 कमरे (हाल) उपलब्ध हैं।

जहां एक कक्षा में अधिकतम 40–50 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए, वहीं यहां 100 से अधिक बच्चों को एक ही हाल में बैठाया जा रहा है

स्थिति इतनी खराब है कि:

  • एक ही बेंच पर 3–4 छात्र बैठने को मजबूर हैं
  • कक्षाओं में घुटन और ऑक्सीजन की कमी महसूस होती है
  • पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है

विद्यालय प्रबंधन द्वारा कई बार अतिरिक्त कमरों की मांग की गई, लेकिन वर्षों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई

पेयजल संकट: बच्चों को नहीं मिल रहा साफ पानी

विद्यालय में सिर्फ बैठने की ही नहीं, बल्कि पेयजल की भी गंभीर समस्या बनी हुई है।

करीब 1000 छात्रों और 35 शिक्षकों वाले इस विद्यालय में लंबे समय से पानी की उचित व्यवस्था नहीं है।
छात्र या तो घर से पानी लाते हैं या फिर अस्थायी और असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर रहते हैं।

प्रवेश उत्सव में छलका दर्द, शिक्षकों की आंखें हुई नम

प्रवेश उत्सव के दौरान जहां एक ओर कार्यक्रमों में उत्साह दिखा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों ने मंच से अपनी समस्याएं दर्द भरे शब्दों में साझा कीं

कई शिक्षक भावुक हो गए और उन्होंने बताया कि:

  • संसाधनों की कमी के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना मुश्किल हो रहा है
  • बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है
  • प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा

सांसद-विधायक निधि पर सवाल — शिक्षा में क्यों नहीं हो रहा उपयोग?

कार्यक्रम के दौरान यह सवाल भी जोरदार तरीके से उठा कि आखिर सांसद निधि और विधायक निधि का उपयोग शिक्षा क्षेत्र में क्यों नहीं किया जा रहा?

जबकि:

  • पंचायतों में लाखों रुपए के निर्माण कार्य होते दिखते हैं
  • कई बार इन कार्यों में गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठते हैं

ऐसे में सवाल यह है कि क्या इन निधियों का उपयोग स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं सुधारने में नहीं किया जा सकता?

क्या सिर्फ नामांकन से सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था?

धारनाकला का यह मामला सिर्फ एक स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की बड़ी सच्चाई है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो:

  • बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित होगी
  • स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ेंगे
  • “शिक्षा का अधिकार” सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा

👉 अब सबसे बड़ा सवाल यही है — “क्या हम सिर्फ बच्चों को स्कूल ला रहे हैं, या उन्हें बेहतर भविष्य भी दे रहे हैं?”

SEONI: 5 अप्रैल को 8 घंटे बिजली रहेगी गुल! सिवनी के इन इलाकों में सुबह से दोपहर तक अंधेरा – देखें पूरी लिस्ट

सिवनी शहर के हजारों उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। अगर आप भी शहर के इन क्षेत्रों में रहते हैं, तो कल यानी 04 अप्रैल 2026 को अपनी दिनचर्या पहले से प्लान कर लें, क्योंकि बिजली सप्लाई कई घंटों तक बंद रहने वाली है।

क्यों होगी बिजली कटौती? जानिए वजह

बिजली विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 11 केवी फीडर टाउन-13 (मठ मंदिर) पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। यह कार्य बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए किया जा रहा है।

इसी कारण सुबह 6:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी

कितने समय तक रहेगी बिजली बंद?

  • दिनांक: 04 अप्रैल 2026
  • समय: सुबह 06:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
  • कुल अवधि: लगभग 8 घंटे

⚠️ ध्यान दें: कार्य की प्रगति के अनुसार समयावधि घट या बढ़ भी सकती है।

इन क्षेत्रों में रहेगा बिजली संकट

इस बिजली कटौती से अनेकों  उपभोक्ता प्रभावित होंगे। जिन क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी, उनमें शामिल हैं:

  • बींझावाडा रोड,
  • ज्यारत नाका,
  • नंदन पेट्रोल पम्प,
  • हॉस्पीटल क्षेत्र,
  • कंचन बिहार कॉलोनी,
  • कलेक्टर बंगला,
  • सिंधी कैम्प,
  • पुलिस कन्ट्रोल रूम,
  • सोमवारी चौक,
  • चमारी मोहल्ला,
  • कर्वे कॉलोनी,
  • बसस्टैण्ड,
  • गुरूनानक वार्ड,
  • मालू पेट्रोल पम्प,
  • हड्डी गोदाम,
  • भैरोगंज के आसपास का क्षेत्र।

शिकायत या सहायता के लिए क्या करें?

अगर बिजली से संबंधित कोई समस्या आती है, तो उपभोक्ता सीधे 1912 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

इसके अलावा, बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना e-KYC अपने नजदीकी विद्युत कार्यालय में जाकर पूरा कर लें।

बिजली विभाग ने मांगी असुविधा के लिए माफी

विभाग ने कहा है कि यह कार्य शहर की बेहतर विद्युत व्यवस्था के लिए जरूरी है और उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा के लिए खेद जताया गया है।

अगर आप सिवनी शहर के इन क्षेत्रों में रहते हैं, तो कल के लिए जरूरी काम पहले ही निपटा लें। मोबाइल चार्ज, पानी स्टोरेज और जरूरी उपकरणों की तैयारी अभी से कर लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।